Cancer Cause by Infection: क्या इंफेक्शन से कैंसर हो सकता है? आप भी सोचेंगे कि यह कौन सा सवाल है. ऐसा तो कभी सुना नहीं था लेकिन ध्यान से अगर इन बातों पर गौर करेंगे तो कुछ कैंसर ऐसे होते हैं जो सिर्फ इंफेक्शन की वजह से होता है. अगर इन इंफेक्शन वाले बैक्टीरिया या वायरस शरीर में ज्यादा दिनों तक रह जाए तो यह कोशिकाएं के डीएनए को बदल देता है और समय के साथ यह कैंसर कोशिकाओं में बदल जाता है. यही कारण है कि 2024 में 12 प्रतिशत कैंसर के मामले इंफेक्शन की वजह से आए. इन कैंसर को आसानी से होने से रोका जा सकता था. द लैंसेट ऑन्कोलॉजी में प्रकाशित इस रिपोर्ट के मुताबिक 2024 में 23 लाख कैंसर का संबंध किसी न किसी इंफेक्शन से ही था. इंफेक्शन में मुख्य रूप से 5 तरह के इंफेक्शन इन कैंसर की सबसे बड़ी वजह थे. लैंसेट की रिपोर्ट के मुताबिक सबसे ज्यादा हेलिबैक्टर पाइलोरी बैक्टीरिया के इंफेक्शन से कैंसर के मामले देखे गए. हेलिबैक्टर पाइलोरी बैक्टीरिया आंत में पाए जाते हैं. अगर ये ज्यादा दिनों तक आंतों में अपना घर बना लें तो इससे पेट के कैंसर का खतरा कई गुना बढ़ जाता है. हेलिबैक्टीरिया के बाद ह्यूमन पैपिलोमावायरस या एचपीवी का नंबर आता है. एचपीवी जननांगों में पाए जाने वाला वायरस है. एचपीवी का कुछ रूप खतरनाक होता है और अगर ये गर्भाशय में बहुत दिनों तक रह जाए तो इससे कैंसर की बीमारी होती है. इस कारण महिलाओं के गर्भाशय ग्रीवा में सर्वाइकल कैंसर होता है. हेपटाइटिस बी और हेपटाइटिस सी वायरस के कारण लिवर में कैंसर हो सकता है. इसके बाद एपस्टीन वार वायरस भी कैंसर का कारण बन सकता है. कुछ मिलाकर पेट, लिवर, ब्लड, सर्वाइकल कैंसर की सबसे बड़ी वजह ये इंफेक्शन ही होते हैं. इसके साथ ही ओरल कैंसर के कुछ मामले भी एचपीवी वायरस के इंफेक्शन से होते हैं.
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Cancer Cause by Infection: क्या इंफेक्शन से कैंसर हो सकता है? आप भी सोचेंगे कि यह कौन सा सवाल है. ऐसा तो कभी सुना नहीं था लेकिन ध्यान से अगर इन बातों पर गौर करेंगे तो कुछ कैंसर ऐसे होते हैं जो सिर्फ इंफेक्शन की वजह से होता है. अगर इन इंफेक्शन वाले बैक्टीरिया या वायरस शरीर में ज्यादा दिनों तक रह जाए तो यह कोशिकाएं के डीएनए को बदल देता है और समय के साथ यह कैंसर कोशिकाओं में बदल जाता है. यही कारण है कि 2024 में 12 प्रतिशत कैंसर के मामले इंफेक्शन की वजह से आए. इन कैंसर को आसानी से होने से रोका जा सकता था. द लैंसेट ऑन्कोलॉजी में प्रकाशित इस रिपोर्ट के मुताबिक 2024 में 23 लाख कैंसर का संबंध किसी न किसी इंफेक्शन से ही था. इंफेक्शन में मुख्य रूप से 5 तरह के इंफेक्शन इन कैंसर की सबसे बड़ी वजह थे.
लैंसेट की रिपोर्ट के मुताबिक सबसे ज्यादा हेलिबैक्टर पाइलोरी बैक्टीरिया के इंफेक्शन से कैंसर के मामले देखे गए. हेलिबैक्टर पाइलोरी बैक्टीरिया आंत में पाए जाते हैं. अगर ये ज्यादा दिनों तक आंतों में अपना घर बना लें तो इससे पेट के कैंसर का खतरा कई गुना बढ़ जाता है. हेलिबैक्टीरिया के बाद ह्यूमन पैपिलोमावायरस या एचपीवी का नंबर आता है. एचपीवी जननांगों में पाए जाने वाला वायरस है. एचपीवी का कुछ रूप खतरनाक होता है और अगर ये गर्भाशय में बहुत दिनों तक रह जाए तो इससे कैंसर की बीमारी होती है. इस कारण महिलाओं के गर्भाशय ग्रीवा में सर्वाइकल कैंसर होता है. हेपटाइटिस बी और हेपटाइटिस सी वायरस के कारण लिवर में कैंसर हो सकता है. इसके बाद एपस्टीन वार वायरस भी कैंसर का कारण बन सकता है. कुछ मिलाकर पेट, लिवर, ब्लड, सर्वाइकल कैंसर की सबसे बड़ी वजह ये इंफेक्शन ही होते हैं. इसके साथ ही ओरल कैंसर के कुछ मामले भी एचपीवी वायरस के इंफेक्शन से होते हैं.
जब ये वायरस शरीर में घुसता है तो समय के साथ उसमें अपना घर बना लेता है. इसके बाद यह किसी कोशिका में घुस जाता है और उस कोशिका में तरह-तरह से बदलाव को जन्म देता है. अगर कोशिका में डीएनए को बदल दिया तो यही कोशिका कैंसर कोशिका में बदल जाता है. इन कोशिकाओं में खुद को नष्ट करने की क्षमता होती है, दूसरा यह कोशिका विभाजन को रोक देती है या तेज कर देती है. वायरस के कैंसर पैदा करने का दूसरा तरीका होस्ट कोशिका के डीएनए में अपना खुद का डीएनए डालना है. इसका तीसरा तरीका तब होता है जब वायरस खुद ऐसा जीन लेकर चलता है जो कैंसर का कारण बनता है. कई मामलों में वायरस ने दुर्घटनावश किसी अन्य जीव से इन जीनों को हासिल कर लिया होता है.
बैक्टीरिया और परजीवियों का कैंसर से कनेक्शन
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- •Cancer Cause by Infection: क्या इंफेक्शन से कैंसर हो सकता है? आप भी सोचेंगे कि यह कौन सा सवाल है. ऐसा तो कभी सुना नहीं था लेकिन ध्यान से अगर इन बातों पर गौर करेंगे तो कुछ कैंसर ऐसे होते हैं जो सिर्फ इंफेक्शन की वजह से होता है. अगर इन इंफेक्शन वाले बैक्टीरिया या वायरस शरीर में ज्यादा दिनों तक रह जाए तो यह कोशिकाएं के डीएनए को बदल देता है और समय के साथ यह कैंसर कोशिकाओं में बदल जाता है. यही कारण है कि 2024 में 12 प्रतिशत कैंसर के मामले इंफेक्शन की वजह से आए. इन कैंसर को आसानी से होने से रोका जा सकता था. द लैंसेट ऑन्कोलॉजी में प्रकाशित इस रिपोर्ट के मुताबिक 2024 में 23 लाख कैंसर का संबंध किसी न किसी इंफेक्शन से ही था. इंफेक्शन में मुख्य रूप से 5 तरह के इंफेक्शन इन कैंसर की सबसे बड़ी वजह थे.
- •लैंसेट की रिपोर्ट के मुताबिक सबसे ज्यादा हेलिबैक्टर पाइलोरी बैक्टीरिया के इंफेक्शन से कैंसर के मामले देखे गए. हेलिबैक्टर पाइलोरी बैक्टीरिया आंत में पाए जाते हैं. अगर ये ज्यादा दिनों तक आंतों में अपना घर बना लें तो इससे पेट के कैंसर का खतरा कई गुना बढ़ जाता है. हेलिबैक्टीरिया के बाद ह्यूमन पैपिलोमावायरस या एचपीवी का नंबर आता है. एचपीवी जननांगों में पाए जाने वाला वायरस है. एचपीवी का कुछ रूप खतरनाक होता है और अगर ये गर्भाशय में बहुत दिनों तक रह जाए तो इससे कैंसर की बीमारी होती है. इस कारण महिलाओं के गर्भाशय ग्रीवा में सर्वाइकल कैंसर होता है. हेपटाइटिस बी और हेपटाइटिस सी वायरस के कारण लिवर में कैंसर हो सकता है. इसके बाद एपस्टीन वार वायरस भी कैंसर का कारण बन सकता है. कुछ मिलाकर पेट, लिवर, ब्लड, सर्वाइकल कैंसर की सबसे बड़ी वजह ये इंफेक्शन ही होते हैं. इसके साथ ही ओरल कैंसर के कुछ मामले भी एचपीवी वायरस के इंफेक्शन से होते हैं.
- •जब ये वायरस शरीर में घुसता है तो समय के साथ उसमें अपना घर बना लेता है. इसके बाद यह किसी कोशिका में घुस जाता है और उस कोशिका में तरह-तरह से बदलाव को जन्म देता है. अगर कोशिका में डीएनए को बदल दिया तो यही कोशिका कैंसर कोशिका में बदल जाता है. इन कोशिकाओं में खुद को नष्ट करने की क्षमता होती है, दूसरा यह कोशिका विभाजन को रोक देती है या तेज कर देती है. वायरस के कैंसर पैदा करने का दूसरा तरीका होस्ट कोशिका के डीएनए में अपना खुद का डीएनए डालना है. इसका तीसरा तरीका तब होता है जब वायरस खुद ऐसा जीन लेकर चलता है जो कैंसर का कारण बनता है. कई मामलों में वायरस ने दुर्घटनावश किसी अन्य जीव से इन जीनों को हासिल कर लिया होता है.
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ताजा स्थिति व आगे का अपडेट
विशेषज्ञों और पर्यवेक्षकों के अनुसार इस कदम के महत्वपूर्ण परिणाम सामने आ सकते हैं। आगे की आधिकारिक घोषणाओं की प्रतीक्षा है।




