पटना हाई कोर्ट ने सीतामढ़ी जमीन बैन पर सरकार से जवाब मांगा। ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप परियोजना के लिए लगी थी रोक।
वारदात कैसे हुई और कैसे खुला राज
पटना हाई कोर्ट ने सीतामढ़ी जमीन बैन पर सरकार से जवाब मांगा।
ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप परियोजना के लिए लगी थी रोक।
सरकार को 12 अक्टूबर तक स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश।
पुलिस जांच व बरामदगी: क्या आया सामने
- •पटना हाई कोर्ट ने सीतामढ़ी जमीन बैन पर सरकार से जवाब मांगा।
- •ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप परियोजना के लिए लगी थी रोक।
- •सरकार को 12 अक्टूबर तक स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश।
- •विधि संवाददाता, पटना। पटना हाई कोर्ट ने ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप परियोजना के नाम पर सीतामढ़ी क्षेत्र की जमीनों के हस्तांतरण (खरीद-बिक्री) पर लगाई गई पूर्ण रोक के मामले में बिहार सरकार से जवाब तलब किया है।
- •न्यायाधीश अजीत कुमार की एकल पीठ ने मामले पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को 12 अक्टूबर तक स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया है।
- •याचिकाकर्ता वैद्यनाथ हाथी की ओर से दायर सिविल रिट याचिका का पक्ष रखते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता बसंत चौधरी ने अदालत को बताया कि प्रशासन ने बिना किसी विस्तृत जमीनी मूल्यांकन या सामाजिक प्रभाव का आकलन किए, पूरे क्षेत्र को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित कर दिया है।
- •उन्होंने ने बताया कि जमीन के वैधानिक मालिक होने के बावजूद स्थानीय लोग अपने आपातकालीन खर्चों और वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए जमीन बेचने से वंचित हैं। सब-रजिस्ट्रार, सीतामढ़ी के पास आवश्यक दस्तावेज जमा होने के बाद भी रजिस्ट्री प्रक्रिया बाधित है।
- •याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि यह पूरी भूमि मुख्य रूप से कृषि योग्य है। खेती पर निर्भर स्थानीय आबादी के सामाजिक और आर्थिक हितों को ध्यान में रखे बिना यह नीतिगत फैसला लिया गया है।
- •याचिका में राज्य सरकार के इस शहरी विकास संबंधी नीतिगत फैसले पर कानून के तहत पुनर्विचार करने का अनुरोध किया गया है।
- •अदालत ने याचिकाकर्ताओं की शिकायतों पर ध्यान देते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह अगली सुनवाई तक इस समस्या के समाधान के लिए बनाई गई व्यवस्था प्रस्तुत करे।
ताजा स्थिति व आगे का अपडेट
इस घटनाक्रम पर संबंधित अधिकारियों और प्रशासनिक स्तर पर निरंतर समीक्षा जारी है। ताजा आधिकारिक सूचना के आधार पर विवरण को अद्यतन किया जाएगा।
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