बरेली में दो दोस्तों विक्रम और गोपाल को 29 साल पहले ठगी के झूठे आरोप में फंसाया गया था, जिससे उनका सेना में जाने का सपना टूट गया। अब जाकर उन्हें न्याय मिला और कोर्ट ने पुलिस की लापरवाही के चलते दोषमु़क्त कर दिया। बरेली में दो दोस्तों विक्रम और गोपाल को 29 साल पहले ठगी के झूठे आरोप में फंसाया गया था, जिससे और पढ़ें
वारदात कैसे हुई और कैसे खुला राज
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बरेली में दो दोस्तों विक्रम और गोपाल को 29 साल पहले ठगी के झूठे आरोप में फंसाया गया था, जिससे उनका सेना में जाने का सपना टूट गया। अब जाकर उन्हें न्याय मिला और कोर्ट ने पुलिस की लापरवाही के चलते दोषमु़क्त कर दिया।
बरेली में दो दोस्तों विक्रम और गोपाल को 29 साल पहले ठगी के झूठे आरोप में फंसाया गया था, जिससे और पढ़ें
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बरेली में 29 वर्ष पहले ठगी के आरोप में पकड़े गए थे विक्रम और गोपाल
नाहर खान, बरेली। तारीख पे तारीख। विक्रम और गोपाल की जिंदगी के 29 वर्ष इसी में गुजर गए। उन पर जवानी में ठगी का दाग लगा, जिसके धुलते-धुलते बुढ़ापे की चौखट आ गई। वे तारीखों पर कोर्ट पहुंचते, मगर उन्हें जेल भेजने वाले पुलिसकर्मी कभी पलटकर नहीं आए। गुरुवार को सिविल जज (सीनियर डिवीजन) त्वरित न्यायालय की न्यायाधीश अंकिता चौधरी ने दोषमुक्त किया तो दोनों ने ठंडी सांस लीअब तारीखों पर नहीं आना पड़ेगा।
पुलिस जांच व बरामदगी: क्या आया सामने
- •बरेली में दो दोस्तों विक्रम और गोपाल को 29 साल पहले ठगी के झूठे आरोप में फंसाया गया था, जिससे उनका सेना में जाने का सपना टूट गया। अब जाकर उन्हें न्याय मिला और कोर्ट ने पुलिस की लापरवाही के चलते दोषमु़क्त कर दिया।
- •बरेली में दो दोस्तों विक्रम और गोपाल को 29 साल पहले ठगी के झूठे आरोप में फंसाया गया था, जिससे और पढ़ें
- •बरेली में 29 वर्ष पहले ठगी के आरोप में पकड़े गए थे विक्रम और गोपाल
- •नाहर खान, बरेली। तारीख पे तारीख। विक्रम और गोपाल की जिंदगी के 29 वर्ष इसी में गुजर गए। उन पर जवानी में ठगी का दाग लगा, जिसके धुलते-धुलते बुढ़ापे की चौखट आ गई। वे तारीखों पर कोर्ट पहुंचते, मगर उन्हें जेल भेजने वाले पुलिसकर्मी कभी पलटकर नहीं आए। गुरुवार को सिविल जज (सीनियर डिवीजन) त्वरित न्यायालय की न्यायाधीश अंकिता चौधरी ने दोषमुक्त किया तो दोनों ने ठंडी सांस लीअब तारीखों पर नहीं आना पड़ेगा।
ताजा स्थिति व आगे का अपडेट
इस विकास का सीधा प्रभाव संबंधित क्षेत्र और हितधारकों पर देखा जा रहा है। घटनाक्रम पर पैनी नजर बनी हुई है।







