Published : October 14, 2026 at 4:12 PM IST: इस घटनाक्रम पर आधिकारिक अपडेट दर्ज किया गया है। पंचकूला: राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, पंचकूला (एनआईए) में अब आयुर्वेद शिक्षा और चिकित्सा का दायरा बढ़ाने के मद्देनजर विशेषज्ञ डॉक्टर तैयार होंगे. इससे शोध, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा. दरअसल, भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग (एनसीआईएसएम) द्वारा एनआईए को 14 स्नातकोत्तर (पीजी पाठ्यक्रम) में 70 सीटों की मंजूरी दी गई है. शैक्षणिक सत्र 2026-27 में पीजी पाठ्यक्रम में नए दाखिले शुरू होंगे.

घटना कैसे हुई और क्या है पूरा मामला

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Published : October 14, 2026 at 4:12 PM IST

पंचकूला: राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, पंचकूला (एनआईए) में अब आयुर्वेद शिक्षा और चिकित्सा का दायरा बढ़ाने के मद्देनजर विशेषज्ञ डॉक्टर तैयार होंगे. इससे शोध, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा. दरअसल, भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग (एनसीआईएसएम) द्वारा एनआईए को 14 स्नातकोत्तर (पीजी पाठ्यक्रम) में 70 सीटों की मंजूरी दी गई है. शैक्षणिक सत्र 2026-27 में पीजी पाठ्यक्रम में नए दाखिले शुरू होंगे.

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14 पीजी पाठ्यक्रम के लिए (एलओपी) जारी: एनसीआईएसएम ने एनआईए पंचकूला में 70 सीटों के साथ 14 पीजी पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए अनुमति पत्र (एलओपी) जारी किया है. राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, जयपुर के डीम्ड विश्वविद्यालय के ऑफ-कैंपस के रूप में संचालित एनआईए, पंचकूला में आयुर्वेद की 14 विधाओं में उच्च शिक्षा के नए रास्ते खुले हैं. फिलहाल संस्थान में बीएएमएस (बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एवं सर्जरी) में 100 सीटें निर्धारित हैं. वर्ष 2024-25 में पहला बैच शुरू हुआ था, जिसके बाद 2025-26 के बैच में विद्यार्थियों ने दाखिला लिया और अब 2026-27 में तीसरे बैच के लिए काउंसलिंग जारी है. इस काउंसलिंग के दो राउंड पूरे हो चुके हैं.

प्रशिक्षण और शोध-अनुसंधान को नई गति: इस बारे में डीन प्रोफेसर गुलाब चंद पमनानी ने बताया कि, "आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वाधान में संस्थान के कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) संजीव शर्मा के प्रयासों से यह उपलब्धि हासिल हुई है. 14 पीजी पाठ्यक्रमों की मंजूरी से आयुर्वेद शिक्षा, विशेषज्ञ चिकित्सकों के प्रशिक्षण और शोध-अनुसंधान को नई गति मिलेगी." वहीं, संस्थान के डीन इंचार्ज प्रोफेसर सतीश गंधर्व ने एनआईए को पीजी कोर्सों की मान्यता मिलने पर कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) संजीव शर्मा का आभार प्रकट करते हुए कहा कि, "एनआईए उत्तर भारत में आयुर्वेद शिक्षा और चिकित्सा एवं अनुसंधान में नए केंद्र के तौर पर अलग पहचान बना रहा है. अब पीजी कोर्स शुरू होने से आयुर्वेद चिकित्सा को बढ़ावा मिलने सहित उच्च शिक्षा में विशेषज्ञता हासिल करने वाले युवाओं का सपना भी पूरा हो सकेगा."

मुख्य पुष्ट तथ्य और जांच के अहम बिंदु

  • •Published : October 14, 2026 at 4:12 PM IST
  • •पंचकूला: राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, पंचकूला (एनआईए) में अब आयुर्वेद शिक्षा और चिकित्सा का दायरा बढ़ाने के मद्देनजर विशेषज्ञ डॉक्टर तैयार होंगे. इससे शोध, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा. दरअसल, भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग (एनसीआईएसएम) द्वारा एनआईए को 14 स्नातकोत्तर (पीजी पाठ्यक्रम) में 70 सीटों की मंजूरी दी गई है. शैक्षणिक सत्र 2026-27 में पीजी पाठ्यक्रम में नए दाखिले शुरू होंगे.
  • •14 पीजी पाठ्यक्रम के लिए (एलओपी) जारी: एनसीआईएसएम ने एनआईए पंचकूला में 70 सीटों के साथ 14 पीजी पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए अनुमति पत्र (एलओपी) जारी किया है. राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, जयपुर के डीम्ड विश्वविद्यालय के ऑफ-कैंपस के रूप में संचालित एनआईए, पंचकूला में आयुर्वेद की 14 विधाओं में उच्च शिक्षा के नए रास्ते खुले हैं. फिलहाल संस्थान में बीएएमएस (बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एवं सर्जरी) में 100 सीटें निर्धारित हैं. वर्ष 2024-25 में पहला बैच शुरू हुआ था, जिसके बाद 2025-26 के बैच में विद्यार्थियों ने दाखिला लिया और अब 2026-27 में तीसरे बैच के लिए काउंसलिंग जारी है. इस काउंसलिंग के दो राउंड पूरे हो चुके हैं.
  • •प्रशिक्षण और शोध-अनुसंधान को नई गति: इस बारे में डीन प्रोफेसर गुलाब चंद पमनानी ने बताया कि, "आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वाधान में संस्थान के कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) संजीव शर्मा के प्रयासों से यह उपलब्धि हासिल हुई है. 14 पीजी पाठ्यक्रमों की मंजूरी से आयुर्वेद शिक्षा, विशेषज्ञ चिकित्सकों के प्रशिक्षण और शोध-अनुसंधान को नई गति मिलेगी." वहीं, संस्थान के डीन इंचार्ज प्रोफेसर सतीश गंधर्व ने एनआईए को पीजी कोर्सों की मान्यता मिलने पर कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) संजीव शर्मा का आभार प्रकट करते हुए कहा कि, "एनआईए उत्तर भारत में आयुर्वेद शिक्षा और चिकित्सा एवं अनुसंधान में नए केंद्र के तौर पर अलग पहचान बना रहा है. अब पीजी कोर्स शुरू होने से आयुर्वेद चिकित्सा को बढ़ावा मिलने सहित उच्च शिक्षा में विशेषज्ञता हासिल करने वाले युवाओं का सपना भी पूरा हो सकेगा."

ताजा स्थिति व आगे का अपडेट

इस घटनाक्रम पर संबंधित अधिकारियों और प्रशासनिक स्तर पर निरंतर समीक्षा जारी है। ताजा आधिकारिक सूचना के आधार पर विवरण को अद्यतन किया जाएगा।