मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मां स्कंदमाता की आराधना के अवसर पर महिलाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और सशक्तीकरण को राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य का आधार बताया। उन्होंने विद्यालयों में सुविधाओं के विस्तार, ड्रॉपआउट दर में कमी और बालिका शिक्षा के प्रयासों का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों की शिक्षा में निवेश प्रदेश के भविष्य को मजबूत बनाता है। मुख्यमंत्री ने लिखा कि विगत साढ़े 9 वर्षों में डबल इंजन सरकार ने इस स्थिति को बदला है। पहले सुविधाओं के अभाव में प्रदेश की लाखों बेटियां पढ़ाई छोड़ने को मजबूर थीं, लेकिन विगत 9.5 वर्षों में डबल इंजन सरकार ने बेटी के जन्म से लेकर उसकी शिक्षा और सुरक्षित मातृत्व तक समग्र सुरक्षा एवं कल्याण चक्र तैयार किया है।

घटना कैसे हुई और क्या है पूरा मामला

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मां स्कंदमाता की आराधना के अवसर पर महिलाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और सशक्तीकरण को राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य का आधार बताया। उन्होंने विद्यालयों में सुविधाओं के विस्तार, ड्रॉपआउट दर में कमी और बालिका शिक्षा के प्रयासों का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों की शिक्षा में निवेश प्रदेश के भविष्य को मजबूत बनाता है।

मुख्यमंत्री ने लिखा कि विगत साढ़े 9 वर्षों में डबल इंजन सरकार ने इस स्थिति को बदला है। पहले सुविधाओं के अभाव में प्रदेश की लाखों बेटियां पढ़ाई छोड़ने को मजबूर थीं, लेकिन विगत 9.5 वर्षों में डबल इंजन सरकार ने बेटी के जन्म से लेकर उसकी शिक्षा और सुरक्षित मातृत्व तक समग्र सुरक्षा एवं कल्याण चक्र तैयार किया है।

मुख्यमंत्री ने 2017 के बाद बदले परिदृश्य पर भी ध्यानाकर्षण कराया। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन कायाकल्प से प्राथमिक विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं का सैचुरेशन 36 से बढ़कर 96 फीसदी से अधिक हो गया है। स्कूल ड्रॉपआउट रेट 20 से घटकर 3 प्रतिशत से भी कम रह गया है। अटल आवासीय विद्यालयों के माध्यम से श्रमिक व वंचित वर्ग की बेटियों को आधुनिक, विश्वस्तरीय आवासीय शिक्षा मिल रही है। कस्तूरबा बालिका विद्यालयों में कक्षा 12 तक पढ़ाई की सुविधा के विस्तार से बेटियों को अपनी शिक्षा पूरी करने के अवसर मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों की शिक्षा में निवेश, उनके आत्मविश्वास और प्रदेश के भविष्य को सशक्त बनाने का निवेश है।

मुख्य पुष्ट तथ्य और जांच के अहम बिंदु

  • •मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मां स्कंदमाता की आराधना के अवसर पर महिलाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और सशक्तीकरण को राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य का आधार बताया। उन्होंने विद्यालयों में सुविधाओं के विस्तार, ड्रॉपआउट दर में कमी और बालिका शिक्षा के प्रयासों का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों की शिक्षा में निवेश प्रदेश के भविष्य को मजबूत बनाता है।
  • •मुख्यमंत्री ने लिखा कि विगत साढ़े 9 वर्षों में डबल इंजन सरकार ने इस स्थिति को बदला है। पहले सुविधाओं के अभाव में प्रदेश की लाखों बेटियां पढ़ाई छोड़ने को मजबूर थीं, लेकिन विगत 9.5 वर्षों में डबल इंजन सरकार ने बेटी के जन्म से लेकर उसकी शिक्षा और सुरक्षित मातृत्व तक समग्र सुरक्षा एवं कल्याण चक्र तैयार किया है।
  • •मुख्यमंत्री ने 2017 के बाद बदले परिदृश्य पर भी ध्यानाकर्षण कराया। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन कायाकल्प से प्राथमिक विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं का सैचुरेशन 36 से बढ़कर 96 फीसदी से अधिक हो गया है। स्कूल ड्रॉपआउट रेट 20 से घटकर 3 प्रतिशत से भी कम रह गया है। अटल आवासीय विद्यालयों के माध्यम से श्रमिक व वंचित वर्ग की बेटियों को आधुनिक, विश्वस्तरीय आवासीय शिक्षा मिल रही है। कस्तूरबा बालिका विद्यालयों में कक्षा 12 तक पढ़ाई की सुविधा के विस्तार से बेटियों को अपनी शिक्षा पूरी करने के अवसर मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों की शिक्षा में निवेश, उनके आत्मविश्वास और प्रदेश के भविष्य को सशक्त बनाने का निवेश है।

ताजा स्थिति व आगे का अपडेट

संबंधित विभाग और जांच एजेंसियां मामले के सभी पहलुओं का अध्ययन कर रही हैं। किसी भी नए आधिकारिक अपडेट की पुष्टि होते ही जानकारी साझा की जाएगी।