उरई। बदलते मौसम में ठंडा पानी और कोल्ड ड्रिंक से बचें। भीड़-भाड़ वाली जगह पर मास्क लगाएं। खांसी-जुकाम होने पर खुद से एंटीबायोटिक न लें, डॉक्टर की सलाह लें।ताजा और हल्का भोजन करें, पानी उबालकर पिएं। बच्चों को बासी खाना न दें, हाथ धोकर खाना खिलाएं, बुखार आने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। -डॉ शिवम पचौरी ,चिकित्साधिकारी ,जिला अस्पताल, उरई भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN
मौसम का ताजा हाल: किन इलाकों में दिखा बड़ा असर?
उरई। बदलते मौसम में ठंडा पानी और कोल्ड ड्रिंक से बचें। भीड़-भाड़ वाली जगह पर मास्क लगाएं। खांसी-जुकाम होने पर खुद से एंटीबायोटिक न लें, डॉक्टर की सलाह लें।ताजा और हल्का भोजन करें, पानी उबालकर पिएं। बच्चों को बासी खाना न दें, हाथ धोकर खाना खिलाएं, बुखार आने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। -डॉ शिवम पचौरी ,चिकित्साधिकारी ,जिला अस्पताल, उरई
भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN
Orai News: उरई, संवाददाता। मौसम में बदलाव के साथ ही अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ने लगी है। रविवार अवकाश के बाद सोमवार को जिला अस्पताल में मरीजों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही ओपीडी काउंटरों पर लंबी-लंबी लाइनें लगी रहीं। बदलते मौसम के चलते खांसी, जुकाम और वायरल फीवर के मरीजों की भरमार रही। जिला अस्पताल प्रशासन के अनुसार सोमवार को विभिन्न बीमारियों के कुल 1406 मरीजों ने ओपीडी में रजिस्ट्रेशन कराया। इनमें सबसे ज्यादा संख्या बुखार, खांसी-जुकाम के मरीजों की रही। भीड़ को देखते हुए अस्पताल प्रशासन को अतिरिक्त काउंटर खोलने पड़े। अस्पताल के सीएमएस डॉ. जगजीवन राम ने बताया कि बदलते मौसम में वायरल इंफेक्शन तेजी से फैलता है। सुबह-शाम हल्की ठंड और दिन में तेज धूप के कारण लोग बीमार हो रहे हैं। सभी बुखार के मरीजों की पैथोलॉजी में जांच कराई गई ताकि डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड जैसी बीमारियों का पता लगाया जा सके। वहीं एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल के कारण ओपीडी के ए और बी ब्लॉक में मरीजों की भारी भीड़ रही। जबकि तकनीशियन और स्टाफ की कमी के कारण मारामारी रही। वहीं इमरजेंसी में भी ओपीडी के बाद मरीज की अच्छी खासी संख्या नजर आई।मौसम बदलने से मरीजों की भीड़ बढ़ीबीमारी से बचाव को डॉक्टर के टिप्सउरई। बदलते मौसम में ठंडा पानी और कोल्ड ड्रिंक से बचें। भीड़-भाड़ वाली जगह पर मास्क लगाएं। खांसी-जुकाम होने पर खुद से एंटीबायोटिक न लें, डॉक्टर की सलाह लें।ताजा और हल्का भोजन करें, पानी उबालकर पिएं। बच्चों को बासी खाना न दें, हाथ धोकर खाना खिलाएं, बुखार आने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। -डॉ शिवम पचौरी ,चिकित्साधिकारी ,जिला अस्पताल, उरई
तापमान, बारिश और मौसम विभाग के आंकड़े
- •उरई। बदलते मौसम में ठंडा पानी और कोल्ड ड्रिंक से बचें। भीड़-भाड़ वाली जगह पर मास्क लगाएं। खांसी-जुकाम होने पर खुद से एंटीबायोटिक न लें, डॉक्टर की सलाह लें।ताजा और हल्का भोजन करें, पानी उबालकर पिएं। बच्चों को बासी खाना न दें, हाथ धोकर खाना खिलाएं, बुखार आने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। -डॉ शिवम पचौरी ,चिकित्साधिकारी ,जिला अस्पताल, उरई
- •भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN
- •Orai News: उरई, संवाददाता। मौसम में बदलाव के साथ ही अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ने लगी है। रविवार अवकाश के बाद सोमवार को जिला अस्पताल में मरीजों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही ओपीडी काउंटरों पर लंबी-लंबी लाइनें लगी रहीं। बदलते मौसम के चलते खांसी, जुकाम और वायरल फीवर के मरीजों की भरमार रही। जिला अस्पताल प्रशासन के अनुसार सोमवार को विभिन्न बीमारियों के कुल 1406 मरीजों ने ओपीडी में रजिस्ट्रेशन कराया। इनमें सबसे ज्यादा संख्या बुखार, खांसी-जुकाम के मरीजों की रही। भीड़ को देखते हुए अस्पताल प्रशासन को अतिरिक्त काउंटर खोलने पड़े। अस्पताल के सीएमएस डॉ. जगजीवन राम ने बताया कि बदलते मौसम में वायरल इंफेक्शन तेजी से फैलता है। सुबह-शाम हल्की ठंड और दिन में तेज धूप के कारण लोग बीमार हो रहे हैं। सभी बुखार के मरीजों की पैथोलॉजी में जांच कराई गई ताकि डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड जैसी बीमारियों का पता लगाया जा सके। वहीं एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल के कारण ओपीडी के ए और बी ब्लॉक में मरीजों की भारी भीड़ रही। जबकि तकनीशियन और स्टाफ की कमी के कारण मारामारी रही। वहीं इमरजेंसी में भी ओपीडी के बाद मरीज की अच्छी खासी संख्या नजर आई।मौसम बदलने से मरीजों की भीड़ बढ़ीबीमारी से बचाव को डॉक्टर के टिप्सउरई। बदलते मौसम में ठंडा पानी और कोल्ड ड्रिंक से बचें। भीड़-भाड़ वाली जगह पर मास्क लगाएं। खांसी-जुकाम होने पर खुद से एंटीबायोटिक न लें, डॉक्टर की सलाह लें।ताजा और हल्का भोजन करें, पानी उबालकर पिएं। बच्चों को बासी खाना न दें, हाथ धोकर खाना खिलाएं, बुखार आने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। -डॉ शिवम पचौरी ,चिकित्साधिकारी ,जिला अस्पताल, उरई
ताजा स्थिति व आगे का अपडेट
इस विकास का सीधा प्रभाव संबंधित क्षेत्र और हितधारकों पर देखा जा रहा है। घटनाक्रम पर पैनी नजर बनी हुई है।




