कासगंज/ढोलना। ढोलना क्षेत्र में सोमवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ले ली। आसमान में काले बादल छा गए और ठंडी हवाओं के साथ हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई। इससे मौसम सुहावना हो गया और लोगों को गर्मी से राहत मिली।सुबह घने बादलों के चलते बारिश के आसार बने रहे। बूंदाबांदी और ठंडी हवाओं से वातावरण में नमी बढ़ गई तथा तापमान में गिरावट महसूस की गई। अचानक बदले मौसम ने लोगों का ध्यान खींचा। दिन की शुरुआत ठंडे और नम वातावरण के साथ हुई, जिससे लोगों को मौसम में ठंडक का एहसास हुआ।हालांकि, दोपहर बाद धूप निकलने से मौसम फिर बदल गया। अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।---------------बूंदाबांदी से बढ़ी किसानों की चिंतामोहनपुरा। सोमवार सुबह करीब 8 बजे मोहनपुरा और आसपास के क्षेत्रों में काले बादल छाने के साथ बूंदाबांदी शुरू हो गई। इससे बाजरा और धान की फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ गई है। पहले ही बारिश, तूफान और ओलावृष्टि की मार झेल चुके किसान अब फसल सुरक्षित रखने में जुट गए हैं।खेतों में खरीफ की फसल पककर तैयार है। कई किसानों ने कटी फसल सुखाने के लिए खेतों में छोड़ रखी है, जिसके भीगने से गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। कृषि विज्ञान केंद्र मोहनपुरा के कृषि प्रसार वैज्ञानिक डॉ. आकाश कुमार ने किसानों को मौसम पर नजर रखने और कटी फसल को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी। संवाद

तापमान, बारिश और मौसम विभाग के आंकड़े

  • •कासगंज/ढोलना। ढोलना क्षेत्र में सोमवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ले ली। आसमान में काले बादल छा गए और ठंडी हवाओं के साथ हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई। इससे मौसम सुहावना हो गया और लोगों को गर्मी से राहत मिली।सुबह घने बादलों के चलते बारिश के आसार बने रहे। बूंदाबांदी और ठंडी हवाओं से वातावरण में नमी बढ़ गई तथा तापमान में गिरावट महसूस की गई। अचानक बदले मौसम ने लोगों का ध्यान खींचा। दिन की शुरुआत ठंडे और नम वातावरण के साथ हुई, जिससे लोगों को मौसम में ठंडक का एहसास हुआ।हालांकि, दोपहर बाद धूप निकलने से मौसम फिर बदल गया। अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।---------------बूंदाबांदी से बढ़ी किसानों की चिंतामोहनपुरा। सोमवार सुबह करीब 8 बजे मोहनपुरा और आसपास के क्षेत्रों में काले बादल छाने के साथ बूंदाबांदी शुरू हो गई। इससे बाजरा और धान की फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ गई है। पहले ही बारिश, तूफान और ओलावृष्टि की मार झेल चुके किसान अब फसल सुरक्षित रखने में जुट गए हैं।खेतों में खरीफ की फसल पककर तैयार है। कई किसानों ने कटी फसल सुखाने के लिए खेतों में छोड़ रखी है, जिसके भीगने से गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। कृषि विज्ञान केंद्र मोहनपुरा के कृषि प्रसार वैज्ञानिक डॉ. आकाश कुमार ने किसानों को मौसम पर नजर रखने और कटी फसल को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी। संवाद

ताजा स्थिति व आगे का अपडेट

इस घटनाक्रम पर संबंधित अधिकारियों और प्रशासनिक स्तर पर निरंतर समीक्षा जारी है। ताजा आधिकारिक सूचना के आधार पर विवरण को अद्यतन किया जाएगा।