जयंती समारोह का शुभारंभ कॉलेज परिसर स्थित लंगट सिंह की प्रतिमा पर प्राचार्या प्रो. कनुप्रिया व अन्य अतिथियों के माल्यार्पण से हुआ। इसके बाद परिचर्चा का आयोजन किया गया। प्राचार्या ने कहा कि लंगट बाबू एक ऐसे युगद्रष्टा थे, जो समय से आगे की सोच रखते थे। मुख्य वक्ता प्रो. भोजनंदन प्रसाद सिंह ने कहा कि बाबू लंगट सिंह ने शिक्षा को साधन बनाकर नयी पीढ़ी को जागरूक एवं सशक्त बनाने का जो मार्ग प्रशस्त किया, वह आज भी सबके लिए प्रेरणास्रोत है।
मुख्य पुष्ट तथ्य और जांच के अहम बिंदु
- •जयंती समारोह का शुभारंभ कॉलेज परिसर स्थित लंगट सिंह की प्रतिमा पर प्राचार्या प्रो. कनुप्रिया व अन्य अतिथियों के माल्यार्पण से हुआ। इसके बाद परिचर्चा का आयोजन किया गया। प्राचार्या ने कहा कि लंगट बाबू एक ऐसे युगद्रष्टा थे, जो समय से आगे की सोच रखते थे। मुख्य वक्ता प्रो. भोजनंदन प्रसाद सिंह ने कहा कि बाबू लंगट सिंह ने शिक्षा को साधन बनाकर नयी पीढ़ी को जागरूक एवं सशक्त बनाने का जो मार्ग प्रशस्त किया, वह आज भी सबके लिए प्रेरणास्रोत है।
ताजा स्थिति व आगे का अपडेट
इस घटनाक्रम पर संबंधित अधिकारियों और प्रशासनिक स्तर पर निरंतर समीक्षा जारी है। ताजा आधिकारिक सूचना के आधार पर विवरण को अद्यतन किया जाएगा।




