पुलिस के अनुसार, डाहिनी गांव निवासी नीतेश पुत्र राजपति और सिरसागंज थाना क्षेत्र के नंदपुर निवासी रामवती उर्फ प्रीति के खिलाफ शिकोहाबाद थाने में मुकदमा अपराध संख्या 604/2021 दर्ज किया गया था। आरोप था कि दोनों ने खाना बनाते समय अपनी भाभी पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी थी। इस घटना में महिला की मौत हो गई थी। मामले की विवेचना तत्कालीन क्षेत्राधिकारी शिकोहाबाद अनिवेश कुमार सिंह ने की थी। पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत मामले की विवेचना और मॉनिटरिंग सेल के जरिए निगरानी की गई। अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के बाद 10 अक्टूबर 2026 को अदालत ने नीतेश और रामवती उर्फ प्रीति को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से मनोज कुमार शर्मा ने पैरवी की। दोषियों को सजा दिलाने में विवेचक अनिवेश कुमार सिंह और कोर्ट पैरोकार कांस्टेबल संदीप कुमार की विशेष भूमिका रही।

वारदात कैसे हुई और कैसे खुला राज

पुलिस के अनुसार, डाहिनी गांव निवासी नीतेश पुत्र राजपति और सिरसागंज थाना क्षेत्र के नंदपुर निवासी रामवती उर्फ प्रीति के खिलाफ शिकोहाबाद थाने में मुकदमा अपराध संख्या 604/2021 दर्ज किया गया था। आरोप था कि दोनों ने खाना बनाते समय अपनी भाभी पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी थी। इस घटना में महिला की मौत हो गई थी। मामले की विवेचना तत्कालीन क्षेत्राधिकारी शिकोहाबाद अनिवेश कुमार सिंह ने की थी।

पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत मामले की विवेचना और मॉनिटरिंग सेल के जरिए निगरानी की गई। अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के बाद 10 अक्टूबर 2026 को अदालत ने नीतेश और रामवती उर्फ प्रीति को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से मनोज कुमार शर्मा ने पैरवी की। दोषियों को सजा दिलाने में विवेचक अनिवेश कुमार सिंह और कोर्ट पैरोकार कांस्टेबल संदीप कुमार की विशेष भूमिका रही।

पुलिस जांच व बरामदगी: क्या आया सामने

  • •पुलिस के अनुसार, डाहिनी गांव निवासी नीतेश पुत्र राजपति और सिरसागंज थाना क्षेत्र के नंदपुर निवासी रामवती उर्फ प्रीति के खिलाफ शिकोहाबाद थाने में मुकदमा अपराध संख्या 604/2021 दर्ज किया गया था। आरोप था कि दोनों ने खाना बनाते समय अपनी भाभी पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी थी। इस घटना में महिला की मौत हो गई थी। मामले की विवेचना तत्कालीन क्षेत्राधिकारी शिकोहाबाद अनिवेश कुमार सिंह ने की थी।
  • •पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत मामले की विवेचना और मॉनिटरिंग सेल के जरिए निगरानी की गई। अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के बाद 10 अक्टूबर 2026 को अदालत ने नीतेश और रामवती उर्फ प्रीति को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से मनोज कुमार शर्मा ने पैरवी की। दोषियों को सजा दिलाने में विवेचक अनिवेश कुमार सिंह और कोर्ट पैरोकार कांस्टेबल संदीप कुमार की विशेष भूमिका रही।

ताजा स्थिति व आगे का अपडेट

इस घटनाक्रम पर संबंधित अधिकारियों और प्रशासनिक स्तर पर निरंतर समीक्षा जारी है। ताजा आधिकारिक सूचना के आधार पर विवरण को अद्यतन किया जाएगा।