इस अभियान में डिजिटल अरेस्ट, सोशल मीडिया फ्रॉड, फर्जी लिंक, निवेश व क्रिप्टोकरेंसी के नाम पर ठगी, फर्जी केवाईसी और सेक्सटॉर्शन जैसे अपराधों के बारे में जानकारी दी गई। पुलिसकर्मियों ने बताया कि साइबर अपराधी फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर पैसे मांगते हैं, संदिग्ध लिंक भेजते हैं और वीडियो कॉल के जरिए ब्लैकमेल करते हैं। पुलिस ने कहा कि अगर साइबर ठगी होती है, तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें या www.cybercrime.gov.in पोर्टल का इस्तेमाल करें। इस अभियान में साइबर क्राइम थाना पुलिस के अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे।

वारदात कैसे हुई और कैसे खुला राज

इस अभियान में डिजिटल अरेस्ट, सोशल मीडिया फ्रॉड, फर्जी लिंक, निवेश व क्रिप्टोकरेंसी के नाम पर ठगी, फर्जी केवाईसी और सेक्सटॉर्शन जैसे अपराधों के बारे में जानकारी दी गई। पुलिसकर्मियों ने बताया कि साइबर अपराधी फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर पैसे मांगते हैं, संदिग्ध लिंक भेजते हैं और वीडियो कॉल के जरिए ब्लैकमेल करते हैं।

पुलिस ने कहा कि अगर साइबर ठगी होती है, तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें या www.cybercrime.gov.in पोर्टल का इस्तेमाल करें। इस अभियान में साइबर क्राइम थाना पुलिस के अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे।

पुलिस जांच व बरामदगी: क्या आया सामने

  • •इस अभियान में डिजिटल अरेस्ट, सोशल मीडिया फ्रॉड, फर्जी लिंक, निवेश व क्रिप्टोकरेंसी के नाम पर ठगी, फर्जी केवाईसी और सेक्सटॉर्शन जैसे अपराधों के बारे में जानकारी दी गई। पुलिसकर्मियों ने बताया कि साइबर अपराधी फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर पैसे मांगते हैं, संदिग्ध लिंक भेजते हैं और वीडियो कॉल के जरिए ब्लैकमेल करते हैं।
  • •पुलिस ने कहा कि अगर साइबर ठगी होती है, तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें या www.cybercrime.gov.in पोर्टल का इस्तेमाल करें। इस अभियान में साइबर क्राइम थाना पुलिस के अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे।

ताजा स्थिति व आगे का अपडेट

इस विकास का सीधा प्रभाव संबंधित क्षेत्र और हितधारकों पर देखा जा रहा है। घटनाक्रम पर पैनी नजर बनी हुई है।