Mainpuri News: मौसम में बदलाव का दौर शुरू हो गया है। रविवार सुबह जिले में हल्का कोहरा छाया रहा। सुबह के समय सड़कों पर धुंध जैसी स्थिति नजर आई। इसके चलते वाहन चालकों को कुछ परेशानी का सामना करना पड़ा। कई वाहन चालक लाइटें जलाकर सड़कों पर निकलते दिखाई दिए। हालांकि, कुछ देर बाद धूप निकल आई। इससे मौसम साफ हो गया। सुबह कोहरा और दिन में धूप निकलने से मौसम में बदलाव महसूस किया जा रहा है। लोगों का मानना है कि अब धीरे-धीरे गर्मी की विदाई होने लगी है और सर्दी की आहट मिलने लगी है। रविवार सुबह आसमान में धुंध छाई रही। इसे कोई हल्का कोहरा तो कोई धुंध बता रहा था। सुबह के समय दृश्यता कुछ कम होने से सड़क पर चलने वाले वाहन चालकों को सतर्कता बरतनी पड़ी। धूप निकलने के बाद मौसम सामान्य हो गया। मौसम में हो रहे इस बदलाव का असर अब खेती-किसानी पर भी दिखाई देने लगा है। खेतों में धान की कटाई का काम चल रहा है। वहीं, गेहूं, लहसुन और आलू की फसल की तैयारी भी तेज हो गई है। किसान खेतों की जुताई और अन्य जरूरी काम निपटाने में लगे हैं। कई क्षेत्रों में अगैती आलू की बुवाई भी शुरू हो गई है। किसान समय से बुवाई और रोपाई पूरी करने की तैयारी कर रहे हैं।
मौसम का ताजा हाल: किन इलाकों में दिखा बड़ा असर?
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Mainpuri News: मौसम में बदलाव का दौर शुरू हो गया है। रविवार सुबह जिले में हल्का कोहरा छाया रहा। सुबह के समय सड़कों पर धुंध जैसी स्थिति नजर आई। इसके चलते वाहन चालकों को कुछ परेशानी का सामना करना पड़ा। कई वाहन चालक लाइटें जलाकर सड़कों पर निकलते दिखाई दिए। हालांकि, कुछ देर बाद धूप निकल आई। इससे मौसम साफ हो गया। सुबह कोहरा और दिन में धूप निकलने से मौसम में बदलाव महसूस किया जा रहा है। लोगों का मानना है कि अब धीरे-धीरे गर्मी की विदाई होने लगी है और सर्दी की आहट मिलने लगी है। रविवार सुबह आसमान में धुंध छाई रही। इसे कोई हल्का कोहरा तो कोई धुंध बता रहा था। सुबह के समय दृश्यता कुछ कम होने से सड़क पर चलने वाले वाहन चालकों को सतर्कता बरतनी पड़ी। धूप निकलने के बाद मौसम सामान्य हो गया।
मौसम में हो रहे इस बदलाव का असर अब खेती-किसानी पर भी दिखाई देने लगा है। खेतों में धान की कटाई का काम चल रहा है। वहीं, गेहूं, लहसुन और आलू की फसल की तैयारी भी तेज हो गई है। किसान खेतों की जुताई और अन्य जरूरी काम निपटाने में लगे हैं। कई क्षेत्रों में अगैती आलू की बुवाई भी शुरू हो गई है। किसान समय से बुवाई और रोपाई पूरी करने की तैयारी कर रहे हैं।
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धान की कटाई के बाद खेतों को अगली फसल के लिए तैयार किया जा रहा है। इसी बीच कुछ क्षेत्रों में पराली जलाने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। खेतों में फसल अवशेष जलने से पर्यावरण प्रदूषण की आशंका बनी रहती है। ऐसे में किसानों को पराली का उचित प्रबंधन करने और उसे जलाने से बचने की जरूरत है। मौसम में बदलाव के बीच अब जिले में रबी सीजन की खेती की गतिविधियां तेज होने लगी हैं।
भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN
तापमान, बारिश और मौसम विभाग के आंकड़े
- •Mainpuri News: मौसम में बदलाव का दौर शुरू हो गया है। रविवार सुबह जिले में हल्का कोहरा छाया रहा। सुबह के समय सड़कों पर धुंध जैसी स्थिति नजर आई। इसके चलते वाहन चालकों को कुछ परेशानी का सामना करना पड़ा। कई वाहन चालक लाइटें जलाकर सड़कों पर निकलते दिखाई दिए। हालांकि, कुछ देर बाद धूप निकल आई। इससे मौसम साफ हो गया। सुबह कोहरा और दिन में धूप निकलने से मौसम में बदलाव महसूस किया जा रहा है। लोगों का मानना है कि अब धीरे-धीरे गर्मी की विदाई होने लगी है और सर्दी की आहट मिलने लगी है। रविवार सुबह आसमान में धुंध छाई रही। इसे कोई हल्का कोहरा तो कोई धुंध बता रहा था। सुबह के समय दृश्यता कुछ कम होने से सड़क पर चलने वाले वाहन चालकों को सतर्कता बरतनी पड़ी। धूप निकलने के बाद मौसम सामान्य हो गया।
- •मौसम में हो रहे इस बदलाव का असर अब खेती-किसानी पर भी दिखाई देने लगा है। खेतों में धान की कटाई का काम चल रहा है। वहीं, गेहूं, लहसुन और आलू की फसल की तैयारी भी तेज हो गई है। किसान खेतों की जुताई और अन्य जरूरी काम निपटाने में लगे हैं। कई क्षेत्रों में अगैती आलू की बुवाई भी शुरू हो गई है। किसान समय से बुवाई और रोपाई पूरी करने की तैयारी कर रहे हैं।
- •धान की कटाई के बाद खेतों को अगली फसल के लिए तैयार किया जा रहा है। इसी बीच कुछ क्षेत्रों में पराली जलाने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। खेतों में फसल अवशेष जलने से पर्यावरण प्रदूषण की आशंका बनी रहती है। ऐसे में किसानों को पराली का उचित प्रबंधन करने और उसे जलाने से बचने की जरूरत है। मौसम में बदलाव के बीच अब जिले में रबी सीजन की खेती की गतिविधियां तेज होने लगी हैं।
- •भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN
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