मौसम विभाग ने दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में 17 अक्तूबर और उससे आगे कुछ दिनों तक बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD)ने ताजा बुलेटिन में कहा है कि उत्तर भारत में मौसम करवट ले रहा है। विभाग ने कहा है कि आने वाले दिनों में तापमान में गिरावट आने की संभावना है, जिससे ठंड का असर बढ़ सकता है। मौसम विभाग ने कहा है कि आने वाले दिनों में उत्तर, उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में बारिश की संभावना कम है। मौसम विभाग ने ये भी कहा है कि देश के मध्य, पूर्व और उत्तर-पूर्व के राज्यों में इस दौरान मौसम सामान्य रहेगा और किसी बड़े बदलाव का अनुमान नहीं है। हालांकि, 17 अक्तूबर (शनिवार) को पंजाब और राजस्थान के कुछ इलाकों में छिटपुट बारिश होने की संभावना जताई गई है। इन राज्यों में हाल ही में मॉनसून की वापसी के बावजूद बारिश हुई है। इसका कारण पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) बताया जा रहा है। मौसम विभाग ने कहा है कि आने वाले दिनों में मौसम धीरे-धीरे साफ होता जाएगा और पहाड़ी और मैदानी इलाकों में तापमान गिरने लगेगा। खासकर रात में तापमान लुढ़क सकता है, जो सर्दी की दस्तक है। फिलहाल एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पंजाब और उससे सटे क्षेत्रों के ऊपर समुद्र तल से 3.1 से 4.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण के रूप में बना हुआ है। वहीं दूसरा चक्रवाती परिसंचरण दक्षिण हरियाणा और उससे सटे उत्तरी राजस्थान के ऊपर बना हुआ है। इसके अलावा एक अन्य चक्रवाती परिसंचरण दक्षिणी राजस्थान और उससे सटे उत्तरी गुजरात के निचले स्तरों पर बना हुआ है।

मौसम का ताजा हाल: किन इलाकों में दिखा बड़ा असर?

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मौसम विभाग ने दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में 17 अक्तूबर और उससे आगे कुछ दिनों तक बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD)ने ताजा बुलेटिन में कहा है कि उत्तर भारत में मौसम करवट ले रहा है। विभाग ने कहा है कि आने वाले दिनों में तापमान में गिरावट आने की संभावना है, जिससे ठंड का असर बढ़ सकता है। मौसम विभाग ने कहा है कि आने वाले दिनों में उत्तर, उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में बारिश की संभावना कम है। मौसम विभाग ने ये भी कहा है कि देश के मध्य, पूर्व और उत्तर-पूर्व के राज्यों में इस दौरान मौसम सामान्य रहेगा और किसी बड़े बदलाव का अनुमान नहीं है। हालांकि, 17 अक्तूबर (शनिवार) को पंजाब और राजस्थान के कुछ इलाकों में छिटपुट बारिश होने की संभावना जताई गई है। इन राज्यों में हाल ही में मॉनसून की वापसी के बावजूद बारिश हुई है। इसका कारण पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) बताया जा रहा है।

मौसम विभाग ने कहा है कि आने वाले दिनों में मौसम धीरे-धीरे साफ होता जाएगा और पहाड़ी और मैदानी इलाकों में तापमान गिरने लगेगा। खासकर रात में तापमान लुढ़क सकता है, जो सर्दी की दस्तक है। फिलहाल एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पंजाब और उससे सटे क्षेत्रों के ऊपर समुद्र तल से 3.1 से 4.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण के रूप में बना हुआ है। वहीं दूसरा चक्रवाती परिसंचरण दक्षिण हरियाणा और उससे सटे उत्तरी राजस्थान के ऊपर बना हुआ है। इसके अलावा एक अन्य चक्रवाती परिसंचरण दक्षिणी राजस्थान और उससे सटे उत्तरी गुजरात के निचले स्तरों पर बना हुआ है।

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IMD ने कहा है कि इस मौसमी सिस्टम की वजह से 17-18 अक्टूबर और 21-22 अक्टूबर के दौरान जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-बाल्टिस्तान और हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में भी शनिवार को छिटपुट बारिश के आसार जताए गए हैं। हालांकि, IMD ने उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में आंधी-तूफान, बिजली गिरने और 60 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी है। वहीं, दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने और तीन राज्यों में अचानक बाढ़ (फ्लैश-फ्लड) आने का अनुमान जताया है।

मौसम विभाग ने दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में 17 अक्तूबर और उससे आगे कुछ दिनों तक बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई है और तेज हवाओं की चेतावनी है। IMD ने कहा है कि तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल, माहे, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और लक्षद्वीप में 17 अक्तूबर को व्यापक बारिश होने का अनुमान है। इसके अलावा दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश (Very Heavy Rainfall) होने की संभावना है। तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में भी अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

तापमान, बारिश और मौसम विभाग के आंकड़े

  • •मौसम विभाग ने दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में 17 अक्तूबर और उससे आगे कुछ दिनों तक बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD)ने ताजा बुलेटिन में कहा है कि उत्तर भारत में मौसम करवट ले रहा है। विभाग ने कहा है कि आने वाले दिनों में तापमान में गिरावट आने की संभावना है, जिससे ठंड का असर बढ़ सकता है। मौसम विभाग ने कहा है कि आने वाले दिनों में उत्तर, उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में बारिश की संभावना कम है। मौसम विभाग ने ये भी कहा है कि देश के मध्य, पूर्व और उत्तर-पूर्व के राज्यों में इस दौरान मौसम सामान्य रहेगा और किसी बड़े बदलाव का अनुमान नहीं है। हालांकि, 17 अक्तूबर (शनिवार) को पंजाब और राजस्थान के कुछ इलाकों में छिटपुट बारिश होने की संभावना जताई गई है। इन राज्यों में हाल ही में मॉनसून की वापसी के बावजूद बारिश हुई है। इसका कारण पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) बताया जा रहा है।
  • •मौसम विभाग ने कहा है कि आने वाले दिनों में मौसम धीरे-धीरे साफ होता जाएगा और पहाड़ी और मैदानी इलाकों में तापमान गिरने लगेगा। खासकर रात में तापमान लुढ़क सकता है, जो सर्दी की दस्तक है। फिलहाल एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पंजाब और उससे सटे क्षेत्रों के ऊपर समुद्र तल से 3.1 से 4.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण के रूप में बना हुआ है। वहीं दूसरा चक्रवाती परिसंचरण दक्षिण हरियाणा और उससे सटे उत्तरी राजस्थान के ऊपर बना हुआ है। इसके अलावा एक अन्य चक्रवाती परिसंचरण दक्षिणी राजस्थान और उससे सटे उत्तरी गुजरात के निचले स्तरों पर बना हुआ है।
  • •IMD ने कहा है कि इस मौसमी सिस्टम की वजह से 17-18 अक्टूबर और 21-22 अक्टूबर के दौरान जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-बाल्टिस्तान और हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में भी शनिवार को छिटपुट बारिश के आसार जताए गए हैं। हालांकि, IMD ने उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में आंधी-तूफान, बिजली गिरने और 60 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी है। वहीं, दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने और तीन राज्यों में अचानक बाढ़ (फ्लैश-फ्लड) आने का अनुमान जताया है।
  • •मौसम विभाग ने दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में 17 अक्तूबर और उससे आगे कुछ दिनों तक बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई है और तेज हवाओं की चेतावनी है। IMD ने कहा है कि तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल, माहे, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और लक्षद्वीप में 17 अक्तूबर को व्यापक बारिश होने का अनुमान है। इसके अलावा दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश (Very Heavy Rainfall) होने की संभावना है। तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में भी अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

ताजा स्थिति व आगे का अपडेट

इस घटनाक्रम पर संबंधित अधिकारियों और प्रशासनिक स्तर पर निरंतर समीक्षा जारी है। ताजा आधिकारिक सूचना के आधार पर विवरण को अद्यतन किया जाएगा।