एमएलसी चुनाव: 'सपा और शिक्षा कभी न मिलने वाले नदी के दो छोर', गोरखपुर में शिक्षक मतदाता संवाद में बोले सीएम
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द न्यूज़ 100 संपादकीय डेस्क
प्रकाशित: 12 Oct 2026, 4:08 pm IST• अपडेट: 5:19 pm IST
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर उसके शासनकाल के दौरान शिक्षा व्यवस्था की चौपट करने का तंज कसते हुए कहा कि सपा और शिक्षा नदी के दो छोर हैं जो कभी मिलते नहीं हैं। समाजवादी पार्टी शिक्षा की धुर विरोधी है और जो शिक्षा का विरोधी होगा वह शिक्षक का हितैषी कभी नहीं हो सकता है। सीएम योगी सोमवार को महंत दिग्विजयनाथ पार्क में आयोजित शिक्षक मतदाता संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन खंड विधान परिषद सदस्य (शिक्षक एमएलसी) चुनाव को लेकर भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी के पक्ष में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि एक तरफ भाजपा है जो शिक्षा, शिक्षण संस्थान, शिक्षक, सुरक्षा सबके लिए कार्य कर रही है और दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी है। उन्होंने कहा कि सपा की सरकार में शिक्षक तक सुरक्षित नहीं थे, कई शिक्षकों को तो अपनी सुरक्षा के लिए बंदूक लेकर विद्यालय जाना पड़ता था। उनके सपा के आचरण को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि जो धुर शिक्षा विरोधी हैं, वे आज शिक्षा के कायाकल्प की बात कर रहे हैं। जिनको शिक्षा से लेना-देना नहीं, वे शिक्षा के बारे में बोल रहे हैं, शिक्षकों को उपदेश दे रहे हैं। सीएम योगी ने कहा कि एक वह समय भी था जब प्रदेश और यहां के युवाओं के सामने पहचान का संकट। छात्र चिंतित रहता था, कोई दिशा नहीं थी। नकल यहां की पहचान बन गई थी। विद्यालयों के भवन जर्जर थे, कोई पुरसाहाल नहीं था। युवा के सामने भविष्य का संकट था और समाजवादी पार्टी की उस समय की सरकार कान में तेल डाल करके सोती थी। उन्होंने कहा कि जो गुंडे शिक्षा व्यवस्था को चौपट करते थे, अराजकता फैलाते थे, बेटी-बहनों और शिक्षकों की सुरक्षा के लिए खतरा बने हुए थे, उनको तबकी सरकार प्रश्रय देती थी। दंगाइयों को मुख्यमंत्री आवास में बुलाकर के सम्मानित किया जाता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज शिक्षण संस्थान हो, शिक्षक हो, कोई बेटी-बहन हो, कोई सुरक्षा में सेंध नहीं लगा पाएगा। अगर सेंध लगाएगा तो तय है कि उसको जेल या जहन्नुम में से एक रास्ता चुनना पड़ेगा। सपा के लोग नंबर एक के धोखेबाज और झूठे समाजवादी पार्टी पर करारा शाब्दिक प्रहार जारी रखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सपा के लोग नंबर एक के धोखेबाज और झूठे हैं। जिन्होंने राम भक्तों पर गोली चलाई, आज वे अयोध्या आकर भी राम मंदिर में नहीं आते हैं। अयोध्या आकर मनगढ़ंत बातों से दुष्प्रचार करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन्होंने राम मंदिर के विरोध में पैरवी की, राम भक्तों पर गोलियां चलाईं, वे आज कालनेमि की तरह राम नाम जप करने का काम कर रहे हैं। चार बार सपा के मुख्यमंत्री बने, शिक्षकों क्यों नहीं दे पाए कैशलेश इलाज मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सपा शिक्षक हितैषी होने का ढोंग रच रही है। उसे यह बताना चाहिए कि चार बार सपा के मुख्यमंत्री बनने के बाद भी वह शिक्षकों को कैशलेस इलाज क्यों नहीं दे पाई? क्यों नहीं उन्होंने शिक्षा जगत से जुड़ी हुई समस्या का समाधान किया? पीडीए मतलब परिवार डेवलपमेंट ऑथोरिटी और पराया धन अपना मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी के पीडीए के नारे का वास्तविक अर्थ ‘परिवार डेवलपमेंट ऑथोरिटी’ और ‘पराया धन अपना’ बताते हुए कहा कि यह राज्यसभा के चुनाव में भी साबित हुआ। एक प्रत्याशी परिवार डेवलपमेंट ऑथोरिटी से के चचा जान बने तो दूसरे पराया धन अपना फॉर्मूले से मुंबई के एक धन्नासेठ। उनके पीडीए में शेष समाज के लिए कोई जगह नहीं है। सीएम ने कहा कि सपा के बार गिरगिट की तरह रंग बदलने से आज गिरगिट भी खुश हो रहा होगा कि चलो सपा के रूप में मेरा एक नया साथी मिल गया है जो मेरे साथ कंपटीटर के रूप में काम करेगा। आखिर उसकी तरह रंग बदलने वाला कोई जीव तो चाहिए, वो सपा के रूप में आ गया है। सपा का उपदेश मगरमच्छ की तरह मुख्यमंत्री ने कहा कि आज समाजवादी पार्टी अगर यह उपदेश करे कि उसके आने पर अमन-चैन आएगा, शांति मिलेगी, सुरक्षा होगी, तो यह वही उसी प्रकार का है जैसे कोई मगरमच्छ पानी के किनारे आकर उपदेश दे रहा हो कि अब मैंने शिकार करना बंद कर दिया है। सीएम ने कहा कि सपा के लोग नौका पार कराने वाले नहीं, नौका डुबाने वाले लोग हैं। इन पर कभी विश्वास करने की आवश्यकता नहीं। ये शिक्षा की नौका को डुबाने वाले हैं, शिक्षकों का अपमान करने वाले हैं, शिक्षा जगत को पूरी तरह कलंकित करने वाले लोग हैं। इन लोगों पर विश्वास कतई नहीं करना है। गुरु ऋण से कोई व्यक्ति कभी उऋण नहीं होता सीएम योगी ने कहा कि शिक्षक समाज का मार्गदर्शक होता है। वह व्यवस्था का संचालन करता है, देश का भविष्य तय करता है। शिक्षकों और उनके हितों के लिए जितना भी किया जाए, वह कम है क्योंकि गुरु ऋण से कोई व्यक्ति कभी उऋण नहीं होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु सम्मान की भारत के विशिष्ट परंपरा रही है। श्रीराम और श्रीकृष्ण के व्यक्तित्व को निखारने में उनके गुरुओं महर्षि वशिष्ठ और महर्षि संदीपनी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसी तरह भारत का स्वर्ण युग तब बनता है, जब किसी चंद्रगुप्त को चाणक्य जैसे गुरु का मार्गदर्शन प्राप्त होता है। सीएम योगी ने कहा कि एक शिक्षक का सम्मान तब होता है जब उसके पढ़ाए छात्र स्वतः शिक्षा के मंदिरों से आगे बढ़कर प्रदेश और देश का नाम रोशन करता है। तब लोग भी पूछते हैं, कौन इनका गुरु है? कहां से पढ़े हैं, कहां से आए हैं? शिक्षा, शिक्षक, शिक्षण संस्थान और विद्यार्थी भाजपा के एजेंडे में सीएम योगी ने कहा कि शिक्षा, शिक्षक, शिक्षण संस्थान और विद्यार्थियों के हित में कार्य केवल और केवल भारतीय जनता पार्टी कर सकती है, क्योंकि भाजपा के एजेंडे में शिक्षा भी है, शिक्षण संस्थान भी है, शिक्षक भी है और छात्र भी हैं। इसके साथ युवा, विकास और विरासत भी भाजपा के एजेंडे के हिस्से हैं। बिना धरना प्रदर्शन पूरी हुईं शिक्षकों की अपेक्षाएं मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ कि शिक्षकों की अपेक्षाओं को सरकार ने बिना शिक्षकों के धरना प्रदर्शन किए पूर्ण किया। मांग रही या नहीं रही, उनकी सरकार ने बेसिक से लेकर विश्वविद्यालय स्तर तक, शिक्षकों से लेकर शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सभी कार्मिकों व उनके परिजनों को पांच लाख रुपये कैशलेश इलाज की सुविधा दी। इसके साथ ही बिना वेतन कटौती शिक्षकों को सुरक्षा बीमा का कवर भी उपलब्ध करवाया गया है। सरकार के द्वारा संचालित या अनुदानित विद्यालय का कोई शिक्षक दुर्भाग्य से यदि दुर्घटना का शिकार होता है, 80 लाख से लेकर के 1 करोड़ 20 लाख रुपये उस परिवार को उपलब्ध करवाने की व्यवस्था कर दी गई। शिक्षामित्रों, अन्य शिक्षकों और रसोइयों को भी सुरक्षा बीमा का कवर उपलब्ध करवाया गया है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने शिक्षामित्रों का मानदेय 10,000 से बढ़ाकर 18,000 और अनुदेशकों का मानदेय 9000 से बढ़ाकर 17,000 रुपये किया। महिला शिक्षक के कंधे पर बंदूक, सीएम ने सुनाया रोचक संस्करण कार्यक्रम में सीएम योगी ने अपने संसदीय कार्यकाल के दौरान वर्ष 2004 का एक रोचक संस्करण सुनाया। कहा कि तब एक दिन अपने संसदीय क्षेत्र में जाते वक्त उन्हें साइकिल से जाती एक महिला शिक्षक मिली जो कंधे पर बंदूक लटकाए थी। पूछने पर उसने कहा, ‘सरकार कैसी है आप जान रहे हैं, इसलिए मुझे अपनी और स्कूल के बच्चों की सुरक्षा के लिए स्वयं कंधे पर बंदूक लेकर साइकिल जा रही हूं।’ अच्छी शिक्षा व्यवस्था, शिक्षक का सबसे बड़ा सम्मान मुख्यमंत्री ने कहा कि एक शिक्षक का सबसे बड़ा सम्मान यह है कि शिक्षा व्यवस्था अच्छी हो। सरकार इसी दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने ऑपरेशन कायाकल्प के और प्रोजेक्ट अलंकार के अंतर्गत हर विद्यालय के भव्य और अच्छे आलीशान भवन बनाकर उन्हें सुविधा संपन्न करने का काम किया है। अकेले माध्यमिक शिक्षा से जुड़े हुए 2300 राजकीय और अनुदानित विद्यालयों को बिना भेदभाव धनराशि उपलब्ध करवाई गई। सीएम ने कहा कि शिक्षक अच्छे भवन के नीचे बैठें, छात्र अच्छे भवन के नीचे पढ़ें, उन्हें बुनियादी सुविधाएं मिलें, स्मार्ट क्लास बनें, कंप्यूटर लैब बनें, डिजिटल लाइब्रेरी बने ये सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में कार्य आगे बढ़े हैं। मुलायम सिंह यादव ने लागू की थी न्यू पेंशन स्कीम, पैसा भी जमा नहीं किया मुख्यमंत्री ने कहा कि जब मुलायम सिंह यादव मुख्यमंत्री थे तब 2005 में उन्होंने न्यू पेंशन स्कीम लागू की थी। वे चाहते तो नहीं लागू करते, लेकिन ये सब मीठा-मीठा गप और कड़वा-कड़वा थू वाले हैं। उन्होंने कहा कि सपा आज झूठे वादे इसलिए करती है कि उसे भी पता है कि उसकी सरकार कभी आनी नहीं है, इसलिए कुछ भी बोल दो। सीएम ने कहा कि आज समाजवादी पार्टी धोखा दे रही है। 2005 में स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव जी ने जब न्यू पेंशन स्कीम लागू की तो उस समय की शर्त थी कि जो भी व्यक्ति न्यू पेंशन स्कीम में आएगा, उसका एक अकाउंट खुलेगा। सरकार का शेयर 10 प्रतिशत, कर्मचारी का प्रतिशत 10 प्रतिशत होगा और दोनों मिलाकर अकाउंट में पैसा जाएगा। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी सपाचट करने वाली पार्टी है। इसने एक भी सरकारी कर्मचारी या शिक्षक का अकाउंट नहीं खोला, एक भी पैसा जमा नहीं किया। जब 2017 में भाजपा की सरकार बनी तो मैंने 2018 में कमेटी गठित की। और, 2019 के प्रारंभ में 10 हजार करोड़ रुपया फिर से अलग से उपलब्ध करवाया और 14 लाख सरकारी कर्मचारियों के अकाउंट खुलवाकर पैसा भेजने का काम किया। मुलायम सिंह के बाद अखिलेश यादव भी मुख्यमंत्री बने थे लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों और कर्मचारियों के हित के लिए जो अच्छा होगा, सरकार उस प्रकार का कदम उठाने में कोई हिचक नहीं दिखाएगी। हम आपके साथ हैं, आपके हितों का संरक्षण करेंगे क्योंकि हमारा प्रदेश अब बीमारू राज्य नहीं बल्कि रेवेन्यू सरप्लस राज्य है। सारा पैसा खा जाते थे सपाई सीएम योगी ने कहा कि 2017 के पहले सफाई सारा पैसा खा जाते थे, लूट-खसोट कर लेते थे। सैफई सिंडिकेट इस प्रकार की अराजकता फैलाता था कि प्रदेश के अंदर विकास चौपट था। नौजवान को नौकरी नहीं मिलती थी। शिक्षा आयोग में सैफई सिंडिकेट ने सारे अपने रिश्तेदार भर दिए थे। सबको पता है कि भर्तियों में क्या होता था। पैसा लेकर सबकुछ सैफई के माध्यम से तय होता था। उन्होंने कहा कि 2017 में जब हम लोग आए तो प्रदेश के अंदर डेढ़ लाख से अधिक शिक्षकों के पद खाली थे। हम लोगों ने नियुक्ति निकाली और फेयर सलेक्शन हुआ, हर जिले से सिलेक्शन हुआ। हर आयोग में हमने शिक्षकों को मेंबर के रूप में रखा है। उन्होंने कहा कि आपने प्रदेश और केंद्र में अच्छी सरकार बनाई बनाई है तो देश विकास कर रहा है। प्रदेश भी अब बीमारू राज्य नहीं है, पहचान के लिए मोहताज नहीं है। अब तो उत्तर प्रदेश का वासी कहीं भी जाता है तो सामने वाला व्यक्ति का चेहरा खिल जाता है, वह उसको गले लगाने के लिए उतावला दिखाई देता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के पूर्व अराजकता और उपद्रव के कारण प्रदेश के सामने एक बदनुमा दाग जो लगा था। उस दाग के कारण पहचान का संकट था। पहचान का संकट था तो कोई निवेश भी नहीं करता था, कोई विकास भी नहीं होता था। आज पहचान का संकट नहीं है, आज तो विकास है, विरासत है, निवेश है, रोजगार भी है। समाज का जागरूक प्रहरी है शिक्षक मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक समाज का जागरूक प्रहरी है। वह व्यवस्था का निर्माता है, राष्ट्र की समृद्धि का आधार है। उन्होंने कहा कि और शिक्षकजनों को शिक्षकों के हितों में कार्य करने वाले अपने प्रतिनिधि को इसीलिए चुनाव भी उसी प्रकार का करना है। उन्होंने शिक्षक एमएलसी चुनाव में ध्रुव कुमार त्रिपाठी को भारी मतों से जिताने की अपील करते हुए उन्हें माध्यमिक शिक्षक संघ के बड़े नेता स्वर्गीय ओमप्रकाश शर्मा, पंचानन राय की परंपरा का वाहक बताया। सीएम ने जनप्रतिनिधियों से भी अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्र में मोर्चा लेकर के ध्रुव त्रिपाठी के पक्ष में एक-एक वोट पोल करवाकर उन्हें भारी मतों से विजयी बनवाएं। कहा कि ध्रुव कुमार त्रिपाठी की विजय शिक्षा जगत में एक नई क्रांति का कारण बनेगा। सीएम ने कहा कि 23 अक्टूबर को मतदान है और माध्यमिक शिक्षा से जुड़े हुए या जो भी शिक्षक मतदाता है, उस सभी मतदाता का उस दिन अवकाश का भी दिन हमने घोषित कर रखा है। अवकाश रहेगा, आराम से जाइए, मतदान करिए, ध्रुव कुमार त्रिपाठी को विजयी बनाइए और फिर शिक्षा जगत की समस्या का समाधान हाथों-हाथ करवाइए। शिक्षा क्षेत्र का कायाकल्प किया सीएम योगी ने : सूर्य प्रताप शाही कार्यक्रम में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि पिछले करीब दस वर्षों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षा के समग्र क्षेत्र का कायाकल्प किया है। उन्होंने शिक्षकों के मान सम्मान के लिए वेतनमान लागू करने के साथ ही उन्हें और उनके परिवार को कैशलेश इलाज की सुविधा दी। भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि शिक्षक संगठनों की चालीस वर्ष पुरानी निशुल्क इलाज की मांग को स्वीकार कर सीएम योगी ने शिक्षकों पर बड़ी कृपा की है। श्री त्रिपाठी ने शिक्षकों के हित में योगी सरकार की तरफ से उठाए गए कदमों और लिए गए निर्णयों की विस्तार से चर्चा की। इस अवसर पर कारागर मंत्री दारा सिंह चौहान, अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री दानिश आजाद, ग्रामीण विकास राज्यमंत्री विजयलक्ष्मी गौतम, सांसद रविकिशन शुक्ल, जगदम्बिका पाल, विजय दूबे, गोरखपुर के महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, भाजपा के प्रदेश महामंत्री एवं गोरखपुर क्षेत्र प्रभारी अभिजात मिश्रा, क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय, भाजपा प्रत्यशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, रमेश सिंह, कामेश्वर सिंह, उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के बृजेश राय, जय नारायण दूबे, संजीव राय, अवधेश सिंह, ज्ञानेश राय, शैलेंद्र शुक्ल, अजय शाही आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर उसके शासनकाल के दौरान शिक्षा व्यवस्था की चौपट करने का तंज कसते हुए कहा कि सपा और शिक्षा नदी के दो छोर हैं जो कभी मिलते नहीं हैं। समाजवादी पार्टी शिक्षा की धुर विरोधी है और जो शिक्षा का विरोधी होगा वह शिक्षक का हितैषी कभी नहीं हो सकता है। सीएम योगी सोमवार को महंत दिग्विजयनाथ पार्क में आयोजित शिक्षक मतदाता संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन खंड विधान परिषद सदस्य (शिक्षक एमएलसी) चुनाव को लेकर भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी के पक्ष में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि एक तरफ भाजपा है जो शिक्षा, शिक्षण संस्थान, शिक्षक, सुरक्षा सबके लिए कार्य कर रही है और दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी है। उन्होंने कहा कि सपा की सरकार में शिक्षक तक सुरक्षित नहीं थे, कई शिक्षकों को तो अपनी सुरक्षा के लिए बंदूक लेकर विद्यालय जाना पड़ता था। उनके सपा के आचरण को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि जो धुर शिक्षा विरोधी हैं, वे आज शिक्षा के कायाकल्प की बात कर रहे हैं। जिनको शिक्षा से लेना-देना नहीं, वे शिक्षा के बारे में बोल रहे हैं, शिक्षकों को उपदेश दे रहे हैं। सीएम योगी ने कहा कि एक वह समय भी था जब प्रदेश और यहां के युवाओं के सामने पहचान का संकट। छात्र चिंतित रहता था, कोई दिशा नहीं थी। नकल यहां की पहचान बन गई थी। विद्यालयों के भवन जर्जर थे, कोई पुरसाहाल नहीं था। युवा के सामने भविष्य का संकट था और समाजवादी पार्टी की उस समय की सरकार कान में तेल डाल करके सोती थी। उन्होंने कहा कि जो गुंडे शिक्षा व्यवस्था को चौपट करते थे, अराजकता फैलाते थे, बेटी-बहनों और शिक्षकों की सुरक्षा के लिए खतरा बने हुए थे, उनको तबकी सरकार प्रश्रय देती थी। दंगाइयों को मुख्यमंत्री आवास में बुलाकर के सम्मानित किया जाता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज शिक्षण संस्थान हो, शिक्षक हो, कोई बेटी-बहन हो, कोई सुरक्षा में सेंध नहीं लगा पाएगा। अगर सेंध लगाएगा तो तय है कि उसको जेल या जहन्नुम में से एक रास्ता चुनना पड़ेगा। सपा के लोग नंबर एक के धोखेबाज और झूठे समाजवादी पार्टी पर करारा शाब्दिक प्रहार जारी रखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सपा के लोग नंबर एक के धोखेबाज और झूठे हैं। जिन्होंने राम भक्तों पर गोली चलाई, आज वे अयोध्या आकर भी राम मंदिर में नहीं आते हैं। अयोध्या आकर मनगढ़ंत बातों से दुष्प्रचार करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन्होंने राम मंदिर के विरोध में पैरवी की, राम भक्तों पर गोलियां चलाईं, वे आज कालनेमि की तरह राम नाम जप करने का काम कर रहे हैं। चार बार सपा के मुख्यमंत्री बने, शिक्षकों क्यों नहीं दे पाए कैशलेश इलाज मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सपा शिक्षक हितैषी होने का ढोंग रच रही है। उसे यह बताना चाहिए कि चार बार सपा के मुख्यमंत्री बनने के बाद भी वह शिक्षकों को कैशलेस इलाज क्यों नहीं दे पाई? क्यों नहीं उन्होंने शिक्षा जगत से जुड़ी हुई समस्या का समाधान किया? पीडीए मतलब परिवार डेवलपमेंट ऑथोरिटी और पराया धन अपना मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी के पीडीए के नारे का वास्तविक अर्थ ‘परिवार डेवलपमेंट ऑथोरिटी’ और ‘पराया धन अपना’ बताते हुए कहा कि यह राज्यसभा के चुनाव में भी साबित हुआ। एक प्रत्याशी परिवार डेवलपमेंट ऑथोरिटी से के चचा जान बने तो दूसरे पराया धन अपना फॉर्मूले से मुंबई के एक धन्नासेठ। उनके पीडीए में शेष समाज के लिए कोई जगह नहीं है। सीएम ने कहा कि सपा के बार गिरगिट की तरह रंग बदलने से आज गिरगिट भी खुश हो रहा होगा कि चलो सपा के रूप में मेरा एक नया साथी मिल गया है जो मेरे साथ कंपटीटर के रूप में काम करेगा। आखिर उसकी तरह रंग बदलने वाला कोई जीव तो चाहिए, वो सपा के रूप में आ गया है। सपा का उपदेश मगरमच्छ की तरह मुख्यमंत्री ने कहा कि आज समाजवादी पार्टी अगर यह उपदेश करे कि उसके आने पर अमन-चैन आएगा, शांति मिलेगी, सुरक्षा होगी, तो यह वही उसी प्रकार का है जैसे कोई मगरमच्छ पानी के किनारे आकर उपदेश दे रहा हो कि अब मैंने शिकार करना बंद कर दिया है। सीएम ने कहा कि सपा के लोग नौका पार कराने वाले नहीं, नौका डुबाने वाले लोग हैं। इन पर कभी विश्वास करने की आवश्यकता नहीं। ये शिक्षा की नौका को डुबाने वाले हैं, शिक्षकों का अपमान करने वाले हैं, शिक्षा जगत को पूरी तरह कलंकित करने वाले लोग हैं। इन लोगों पर विश्वास कतई नहीं करना है। गुरु ऋण से कोई व्यक्ति कभी उऋण नहीं होता सीएम योगी ने कहा कि शिक्षक समाज का मार्गदर्शक होता है। वह व्यवस्था का संचालन करता है, देश का भविष्य तय करता है। शिक्षकों और उनके हितों के लिए जितना भी किया जाए, वह कम है क्योंकि गुरु ऋण से कोई व्यक्ति कभी उऋण नहीं होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु सम्मान की भारत के विशिष्ट परंपरा रही है। श्रीराम और श्रीकृष्ण के व्यक्तित्व को निखारने में उनके गुरुओं महर्षि वशिष्ठ और महर्षि संदीपनी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसी तरह भारत का स्वर्ण युग तब बनता है, जब किसी चंद्रगुप्त को चाणक्य जैसे गुरु का मार्गदर्शन प्राप्त होता है। सीएम योगी ने कहा कि एक शिक्षक का सम्मान तब होता है जब उसके पढ़ाए छात्र स्वतः शिक्षा के मंदिरों से आगे बढ़कर प्रदेश और देश का नाम रोशन करता है। तब लोग भी पूछते हैं, कौन इनका गुरु है? कहां से पढ़े हैं, कहां से आए हैं? शिक्षा, शिक्षक, शिक्षण संस्थान और विद्यार्थी भाजपा के एजेंडे में सीएम योगी ने कहा कि शिक्षा, शिक्षक, शिक्षण संस्थान और विद्यार्थियों के हित में कार्य केवल और केवल भारतीय जनता पार्टी कर सकती है, क्योंकि भाजपा के एजेंडे में शिक्षा भी है, शिक्षण संस्थान भी है, शिक्षक भी है और छात्र भी हैं। इसके साथ युवा, विकास और विरासत भी भाजपा के एजेंडे के हिस्से हैं। बिना धरना प्रदर्शन पूरी हुईं शिक्षकों की अपेक्षाएं मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ कि शिक्षकों की अपेक्षाओं को सरकार ने बिना शिक्षकों के धरना प्रदर्शन किए पूर्ण किया। मांग रही या नहीं रही, उनकी सरकार ने बेसिक से लेकर विश्वविद्यालय स्तर तक, शिक्षकों से लेकर शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सभी कार्मिकों व उनके परिजनों को पांच लाख रुपये कैशलेश इलाज की सुविधा दी। इसके साथ ही बिना वेतन कटौती शिक्षकों को सुरक्षा बीमा का कवर भी उपलब्ध करवाया गया है। सरकार के द्वारा संचालित या अनुदानित विद्यालय का कोई शिक्षक दुर्भाग्य से यदि दुर्घटना का शिकार होता है, 80 लाख से लेकर के 1 करोड़ 20 लाख रुपये उस परिवार को उपलब्ध करवाने की व्यवस्था कर दी गई। शिक्षामित्रों, अन्य शिक्षकों और रसोइयों को भी सुरक्षा बीमा का कवर उपलब्ध करवाया गया है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने शिक्षामित्रों का मानदेय 10,000 से बढ़ाकर 18,000 और अनुदेशकों का मानदेय 9000 से बढ़ाकर 17,000 रुपये किया। महिला शिक्षक के कंधे पर बंदूक, सीएम ने सुनाया रोचक संस्करण कार्यक्रम में सीएम योगी ने अपने संसदीय कार्यकाल के दौरान वर्ष 2004 का एक रोचक संस्करण सुनाया। कहा कि तब एक दिन अपने संसदीय क्षेत्र में जाते वक्त उन्हें साइकिल से जाती एक महिला शिक्षक मिली जो कंधे पर बंदूक लटकाए थी। पूछने पर उसने कहा, ‘सरकार कैसी है आप जान रहे हैं, इसलिए मुझे अपनी और स्कूल के बच्चों की सुरक्षा के लिए स्वयं कंधे पर बंदूक लेकर साइकिल जा रही हूं।’ अच्छी शिक्षा व्यवस्था, शिक्षक का सबसे बड़ा सम्मान मुख्यमंत्री ने कहा कि एक शिक्षक का सबसे बड़ा सम्मान यह है कि शिक्षा व्यवस्था अच्छी हो। सरकार इसी दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने ऑपरेशन कायाकल्प के और प्रोजेक्ट अलंकार के अंतर्गत हर विद्यालय के भव्य और अच्छे आलीशान भवन बनाकर उन्हें सुविधा संपन्न करने का काम किया है। अकेले माध्यमिक शिक्षा से जुड़े हुए 2300 राजकीय और अनुदानित विद्यालयों को बिना भेदभाव धनराशि उपलब्ध करवाई गई। सीएम ने कहा कि शिक्षक अच्छे भवन के नीचे बैठें, छात्र अच्छे भवन के नीचे पढ़ें, उन्हें बुनियादी सुविधाएं मिलें, स्मार्ट क्लास बनें, कंप्यूटर लैब बनें, डिजिटल लाइब्रेरी बने ये सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में कार्य आगे बढ़े हैं। मुलायम सिंह यादव ने लागू की थी न्यू पेंशन स्कीम, पैसा भी जमा नहीं किया मुख्यमंत्री ने कहा कि जब मुलायम सिंह यादव मुख्यमंत्री थे तब 2005 में उन्होंने न्यू पेंशन स्कीम लागू की थी। वे चाहते तो नहीं लागू करते, लेकिन ये सब मीठा-मीठा गप और कड़वा-कड़वा थू वाले हैं। उन्होंने कहा कि सपा आज झूठे वादे इसलिए करती है कि उसे भी पता है कि उसकी सरकार कभी आनी नहीं है, इसलिए कुछ भी बोल दो। सीएम ने कहा कि आज समाजवादी पार्टी धोखा दे रही है। 2005 में स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव जी ने जब न्यू पेंशन स्कीम लागू की तो उस समय की शर्त थी कि जो भी व्यक्ति न्यू पेंशन स्कीम में आएगा, उसका एक अकाउंट खुलेगा। सरकार का शेयर 10 प्रतिशत, कर्मचारी का प्रतिशत 10 प्रतिशत होगा और दोनों मिलाकर अकाउंट में पैसा जाएगा। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी सपाचट करने वाली पार्टी है। इसने एक भी सरकारी कर्मचारी या शिक्षक का अकाउंट नहीं खोला, एक भी पैसा जमा नहीं किया। जब 2017 में भाजपा की सरकार बनी तो मैंने 2018 में कमेटी गठित की। और, 2019 के प्रारंभ में 10 हजार करोड़ रुपया फिर से अलग से उपलब्ध करवाया और 14 लाख सरकारी कर्मचारियों के अकाउंट खुलवाकर पैसा भेजने का काम किया। मुलायम सिंह के बाद अखिलेश यादव भी मुख्यमंत्री बने थे लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों और कर्मचारियों के हित के लिए जो अच्छा होगा, सरकार उस प्रकार का कदम उठाने में कोई हिचक नहीं दिखाएगी। हम आपके साथ हैं, आपके हितों का संरक्षण करेंगे क्योंकि हमारा प्रदेश अब बीमारू राज्य नहीं बल्कि रेवेन्यू सरप्लस राज्य है। सारा पैसा खा जाते थे सपाई सीएम योगी ने कहा कि 2017 के पहले सफाई सारा पैसा खा जाते थे, लूट-खसोट कर लेते थे। सैफई सिंडिकेट इस प्रकार की अराजकता फैलाता था कि प्रदेश के अंदर विकास चौपट था। नौजवान को नौकरी नहीं मिलती थी। शिक्षा आयोग में सैफई सिंडिकेट ने सारे अपने रिश्तेदार भर दिए थे। सबको पता है कि भर्तियों में क्या होता था। पैसा लेकर सबकुछ सैफई के माध्यम से तय होता था। उन्होंने कहा कि 2017 में जब हम लोग आए तो प्रदेश के अंदर डेढ़ लाख से अधिक शिक्षकों के पद खाली थे। हम लोगों ने नियुक्ति निकाली और फेयर सलेक्शन हुआ, हर जिले से सिलेक्शन हुआ। हर आयोग में हमने शिक्षकों को मेंबर के रूप में रखा है। उन्होंने कहा कि आपने प्रदेश और केंद्र में अच्छी सरकार बनाई बनाई है तो देश विकास कर रहा है। प्रदेश भी अब बीमारू राज्य नहीं है, पहचान के लिए मोहताज नहीं है। अब तो उत्तर प्रदेश का वासी कहीं भी जाता है तो सामने वाला व्यक्ति का चेहरा खिल जाता है, वह उसको गले लगाने के लिए उतावला दिखाई देता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के पूर्व अराजकता और उपद्रव के कारण प्रदेश के सामने एक बदनुमा दाग जो लगा था। उस दाग के कारण पहचान का संकट था। पहचान का संकट था तो कोई निवेश भी नहीं करता था, कोई विकास भी नहीं होता था। आज पहचान का संकट नहीं है, आज तो विकास है, विरासत है, निवेश है, रोजगार भी है। समाज का जागरूक प्रहरी है शिक्षक मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक समाज का जागरूक प्रहरी है। वह व्यवस्था का निर्माता है, राष्ट्र की समृद्धि का आधार है। उन्होंने कहा कि और शिक्षकजनों को शिक्षकों के हितों में कार्य करने वाले अपने प्रतिनिधि को इसीलिए चुनाव भी उसी प्रकार का करना है। उन्होंने शिक्षक एमएलसी चुनाव में ध्रुव कुमार त्रिपाठी को भारी मतों से जिताने की अपील करते हुए उन्हें माध्यमिक शिक्षक संघ के बड़े नेता स्वर्गीय ओमप्रकाश शर्मा, पंचानन राय की परंपरा का वाहक बताया। सीएम ने जनप्रतिनिधियों से भी अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्र में मोर्चा लेकर के ध्रुव त्रिपाठी के पक्ष में एक-एक वोट पोल करवाकर उन्हें भारी मतों से विजयी बनवाएं। कहा कि ध्रुव कुमार त्रिपाठी की विजय शिक्षा जगत में एक नई क्रांति का कारण बनेगा। सीएम ने कहा कि 23 अक्टूबर को मतदान है और माध्यमिक शिक्षा से जुड़े हुए या जो भी शिक्षक मतदाता है, उस सभी मतदाता का उस दिन अवकाश का भी दिन हमने घोषित कर रखा है। अवकाश रहेगा, आराम से जाइए, मतदान करिए, ध्रुव कुमार त्रिपाठी को विजयी बनाइए और फिर शिक्षा जगत की समस्या का समाधान हाथों-हाथ करवाइए। शिक्षा क्षेत्र का कायाकल्प किया सीएम योगी ने : सूर्य प्रताप शाही कार्यक्रम में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि पिछले करीब दस वर्षों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षा के समग्र क्षेत्र का कायाकल्प किया है। उन्होंने शिक्षकों के मान सम्मान के लिए वेतनमान लागू करने के साथ ही उन्हें और उनके परिवार को कैशलेश इलाज की सुविधा दी। भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि शिक्षक संगठनों की चालीस वर्ष पुरानी निशुल्क इलाज की मांग को स्वीकार कर सीएम योगी ने शिक्षकों पर बड़ी कृपा की है। श्री त्रिपाठी ने शिक्षकों के हित में योगी सरकार की तरफ से उठाए गए कदमों और लिए गए निर्णयों की विस्तार से चर्चा की। इस अवसर पर कारागर मंत्री दारा सिंह चौहान, अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री दानिश आजाद, ग्रामीण विकास राज्यमंत्री विजयलक्ष्मी गौतम, सांसद रविकिशन शुक्ल, जगदम्बिका पाल, विजय दूबे, गोरखपुर के महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, भाजपा के प्रदेश महामंत्री एवं गोरखपुर क्षेत्र प्रभारी अभिजात मिश्रा, क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय, भाजपा प्रत्यशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, रमेश सिंह, कामेश्वर सिंह, उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के बृजेश राय, जय नारायण दूबे, संजीव राय, अवधेश सिंह, ज्ञानेश राय, शैलेंद्र शुक्ल, अजय शाही आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
मुख्य सार / Quick Take
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर उसके शासनकाल के दौरान शिक्षा व्यवस्था की चौपट करने का तंज कसते हुए कहा कि सपा और शिक्षा नदी के दो छोर हैं जो कभी मिलते नहीं हैं। समाजवादी पार्टी शिक्षा की धुर विरोधी है और जो शिक्षा का विरोधी होगा वह शिक्षक का हितैषी कभी नहीं हो सकता है। सीएम योगी सोमवार को महंत दिग्विजयनाथ पार्क में आयोजित शिक्षक मतदाता संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन खंड विधान परिषद सदस्य (शिक्षक एमएलसी) चुनाव को लेकर भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी के पक्ष में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि एक तरफ भाजपा है जो शिक्षा, शिक्षण संस्थान, शिक्षक, सुरक्षा सबके लिए कार्य कर रही है और दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी है। उन्होंने कहा कि सपा की सरकार में शिक्षक तक सुरक्षित नहीं थे, कई शिक्षकों को तो अपनी सुरक्षा के लिए बंदूक लेकर विद्यालय जाना पड़ता था। उनके सपा के आचरण को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि जो धुर शिक्षा विरोधी हैं, वे आज शिक्षा के कायाकल्प की बात कर रहे हैं। जिनको शिक्षा से लेना-देना नहीं, वे शिक्षा के बारे में बोल रहे हैं, शिक्षकों को उपदेश दे रहे हैं। सीएम योगी ने कहा कि एक वह समय भी था जब प्रदेश और यहां के युवाओं के सामने पहचान का संकट। छात्र चिंतित रहता था, कोई दिशा नहीं थी। नकल यहां की पहचान बन गई थी। विद्यालयों के भवन जर्जर थे, कोई पुरसाहाल नहीं था। युवा के सामने भविष्य का संकट था और समाजवादी पार्टी की उस समय की सरकार कान में तेल डाल करके सोती थी। उन्होंने कहा कि जो गुंडे शिक्षा व्यवस्था को चौपट करते थे, अराजकता फैलाते थे, बेटी-बहनों और शिक्षकों की सुरक्षा के लिए खतरा बने हुए थे, उनको तबकी सरकार प्रश्रय देती थी। दंगाइयों को मुख्यमंत्री आवास में बुलाकर के सम्मानित किया जाता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज शिक्षण संस्थान हो, शिक्षक हो, कोई बेटी-बहन हो, कोई सुरक्षा में सेंध नहीं लगा पाएगा। अगर सेंध लगाएगा तो तय है कि उसको जेल या जहन्नुम में से एक रास्ता चुनना पड़ेगा। सपा के लोग नंबर एक के धोखेबाज और झूठे समाजवादी पार्टी पर करारा शाब्दिक प्रहार जारी रखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सपा के लोग नंबर एक के धोखेबाज और झूठे हैं। जिन्होंने राम भक्तों पर गोली चलाई, आज वे अयोध्या आकर भी राम मंदिर में नहीं आते हैं। अयोध्या आकर मनगढ़ंत बातों से दुष्प्रचार करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन्होंने राम मंदिर के विरोध में पैरवी की, राम भक्तों पर गोलियां चलाईं, वे आज कालनेमि की तरह राम नाम जप करने का काम कर रहे हैं। चार बार सपा के मुख्यमंत्री बने, शिक्षकों क्यों नहीं दे पाए कैशलेश इलाज मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सपा शिक्षक हितैषी होने का ढोंग रच रही है। उसे यह बताना चाहिए कि चार बार सपा के मुख्यमंत्री बनने के बाद भी वह शिक्षकों को कैशलेस इलाज क्यों नहीं दे पाई? क्यों नहीं उन्होंने शिक्षा जगत से जुड़ी हुई समस्या का समाधान किया? पीडीए मतलब परिवार डेवलपमेंट ऑथोरिटी और पराया धन अपना मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी के पीडीए के नारे का वास्तविक अर्थ ‘परिवार डेवलपमेंट ऑथोरिटी’ और ‘पराया धन अपना’ बताते हुए कहा कि यह राज्यसभा के चुनाव में भी साबित हुआ। एक प्रत्याशी परिवार डेवलपमेंट ऑथोरिटी से के चचा जान बने तो दूसरे पराया धन अपना फॉर्मूले से मुंबई के एक धन्नासेठ। उनके पीडीए में शेष समाज के लिए कोई जगह नहीं है। सीएम ने कहा कि सपा के बार गिरगिट की तरह रंग बदलने से आज गिरगिट भी खुश हो रहा होगा कि चलो सपा के रूप में मेरा एक नया साथी मिल गया है जो मेरे साथ कंपटीटर के रूप में काम करेगा। आखिर उसकी तरह रंग बदलने वाला कोई जीव तो चाहिए, वो सपा के रूप में आ गया है। सपा का उपदेश मगरमच्छ की तरह मुख्यमंत्री ने कहा कि आज समाजवादी पार्टी अगर यह उपदेश करे कि उसके आने पर अमन-चैन आएगा, शांति मिलेगी, सुरक्षा होगी, तो यह वही उसी प्रकार का है जैसे कोई मगरमच्छ पानी के किनारे आकर उपदेश दे रहा हो कि अब मैंने शिकार करना बंद कर दिया है। सीएम ने कहा कि सपा के लोग नौका पार कराने वाले नहीं, नौका डुबाने वाले लोग हैं। इन पर कभी विश्वास करने की आवश्यकता नहीं। ये शिक्षा की नौका को डुबाने वाले हैं, शिक्षकों का अपमान करने वाले हैं, शिक्षा जगत को पूरी तरह कलंकित करने वाले लोग हैं। इन लोगों पर विश्वास कतई नहीं करना है। गुरु ऋण से कोई व्यक्ति कभी उऋण नहीं होता सीएम योगी ने कहा कि शिक्षक समाज का मार्गदर्शक होता है। वह व्यवस्था का संचालन करता है, देश का भविष्य तय करता है। शिक्षकों और उनके हितों के लिए जितना भी किया जाए, वह कम है क्योंकि गुरु ऋण से कोई व्यक्ति कभी उऋण नहीं होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु सम्मान की भारत के विशिष्ट परंपरा रही है। श्रीराम और श्रीकृष्ण के व्यक्तित्व को निखारने में उनके गुरुओं महर्षि वशिष्ठ और महर्षि संदीपनी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसी तरह भारत का स्वर्ण युग तब बनता है, जब किसी चंद्रगुप्त को चाणक्य जैसे गुरु का मार्गदर्शन प्राप्त होता है। सीएम योगी ने कहा कि एक शिक्षक का सम्मान तब होता है जब उसके पढ़ाए छात्र स्वतः शिक्षा के मंदिरों से आगे बढ़कर प्रदेश और देश का नाम रोशन करता है। तब लोग भी पूछते हैं, कौन इनका गुरु है? कहां से पढ़े हैं, कहां से आए हैं? शिक्षा, शिक्षक, शिक्षण संस्थान और विद्यार्थी भाजपा के एजेंडे में सीएम योगी ने कहा कि शिक्षा, शिक्षक, शिक्षण संस्थान और विद्यार्थियों के हित में कार्य केवल और केवल भारतीय जनता पार्टी कर सकती है, क्योंकि भाजपा के एजेंडे में शिक्षा भी है, शिक्षण संस्थान भी है, शिक्षक भी है और छात्र भी हैं। इसके साथ युवा, विकास और विरासत भी भाजपा के एजेंडे के हिस्से हैं। बिना धरना प्रदर्शन पूरी हुईं शिक्षकों की अपेक्षाएं मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ कि शिक्षकों की अपेक्षाओं को सरकार ने बिना शिक्षकों के धरना प्रदर्शन किए पूर्ण किया। मांग रही या नहीं रही, उनकी सरकार ने बेसिक से लेकर विश्वविद्यालय स्तर तक, शिक्षकों से लेकर शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सभी कार्मिकों व उनके परिजनों को पांच लाख रुपये कैशलेश इलाज की सुविधा दी। इसके साथ ही बिना वेतन कटौती शिक्षकों को सुरक्षा बीमा का कवर भी उपलब्ध करवाया गया है। सरकार के द्वारा संचालित या अनुदानित विद्यालय का कोई शिक्षक दुर्भाग्य से यदि दुर्घटना का शिकार होता है, 80 लाख से लेकर के 1 करोड़ 20 लाख रुपये उस परिवार को उपलब्ध करवाने की व्यवस्था कर दी गई। शिक्षामित्रों, अन्य शिक्षकों और रसोइयों को भी सुरक्षा बीमा का कवर उपलब्ध करवाया गया है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने शिक्षामित्रों का मानदेय 10,000 से बढ़ाकर 18,000 और अनुदेशकों का मानदेय 9000 से बढ़ाकर 17,000 रुपये किया। महिला शिक्षक के कंधे पर बंदूक, सीएम ने सुनाया रोचक संस्करण कार्यक्रम में सीएम योगी ने अपने संसदीय कार्यकाल के दौरान वर्ष 2004 का एक रोचक संस्करण सुनाया। कहा कि तब एक दिन अपने संसदीय क्षेत्र में जाते वक्त उन्हें साइकिल से जाती एक महिला शिक्षक मिली जो कंधे पर बंदूक लटकाए थी। पूछने पर उसने कहा, ‘सरकार कैसी है आप जान रहे हैं, इसलिए मुझे अपनी और स्कूल के बच्चों की सुरक्षा के लिए स्वयं कंधे पर बंदूक लेकर साइकिल जा रही हूं।’ अच्छी शिक्षा व्यवस्था, शिक्षक का सबसे बड़ा सम्मान मुख्यमंत्री ने कहा कि एक शिक्षक का सबसे बड़ा सम्मान यह है कि शिक्षा व्यवस्था अच्छी हो। सरकार इसी दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने ऑपरेशन कायाकल्प के और प्रोजेक्ट अलंकार के अंतर्गत हर विद्यालय के भव्य और अच्छे आलीशान भवन बनाकर उन्हें सुविधा संपन्न करने का काम किया है। अकेले माध्यमिक शिक्षा से जुड़े हुए 2300 राजकीय और अनुदानित विद्यालयों को बिना भेदभाव धनराशि उपलब्ध करवाई गई। सीएम ने कहा कि शिक्षक अच्छे भवन के नीचे बैठें, छात्र अच्छे भवन के नीचे पढ़ें, उन्हें बुनियादी सुविधाएं मिलें, स्मार्ट क्लास बनें, कंप्यूटर लैब बनें, डिजिटल लाइब्रेरी बने ये सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में कार्य आगे बढ़े हैं। मुलायम सिंह यादव ने लागू की थी न्यू पेंशन स्कीम, पैसा भी जमा नहीं किया मुख्यमंत्री ने कहा कि जब मुलायम सिंह यादव मुख्यमंत्री थे तब 2005 में उन्होंने न्यू पेंशन स्कीम लागू की थी। वे चाहते तो नहीं लागू करते, लेकिन ये सब मीठा-मीठा गप और कड़वा-कड़वा थू वाले हैं। उन्होंने कहा कि सपा आज झूठे वादे इसलिए करती है कि उसे भी पता है कि उसकी सरकार कभी आनी नहीं है, इसलिए कुछ भी बोल दो। सीएम ने कहा कि आज समाजवादी पार्टी धोखा दे रही है। 2005 में स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव जी ने जब न्यू पेंशन स्कीम लागू की तो उस समय की शर्त थी कि जो भी व्यक्ति न्यू पेंशन स्कीम में आएगा, उसका एक अकाउंट खुलेगा। सरकार का शेयर 10 प्रतिशत, कर्मचारी का प्रतिशत 10 प्रतिशत होगा और दोनों मिलाकर अकाउंट में पैसा जाएगा। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी सपाचट करने वाली पार्टी है। इसने एक भी सरकारी कर्मचारी या शिक्षक का अकाउंट नहीं खोला, एक भी पैसा जमा नहीं किया। जब 2017 में भाजपा की सरकार बनी तो मैंने 2018 में कमेटी गठित की। और, 2019 के प्रारंभ में 10 हजार करोड़ रुपया फिर से अलग से उपलब्ध करवाया और 14 लाख सरकारी कर्मचारियों के अकाउंट खुलवाकर पैसा भेजने का काम किया। मुलायम सिंह के बाद अखिलेश यादव भी मुख्यमंत्री बने थे लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों और कर्मचारियों के हित के लिए जो अच्छा होगा, सरकार उस प्रकार का कदम उठाने में कोई हिचक नहीं दिखाएगी। हम आपके साथ हैं, आपके हितों का संरक्षण करेंगे क्योंकि हमारा प्रदेश अब बीमारू राज्य नहीं बल्कि रेवेन्यू सरप्लस राज्य है। सारा पैसा खा जाते थे सपाई सीएम योगी ने कहा कि 2017 के पहले सफाई सारा पैसा खा जाते थे, लूट-खसोट कर लेते थे। सैफई सिंडिकेट इस प्रकार की अराजकता फैलाता था कि प्रदेश के अंदर विकास चौपट था। नौजवान को नौकरी नहीं मिलती थी। शिक्षा आयोग में सैफई सिंडिकेट ने सारे अपने रिश्तेदार भर दिए थे। सबको पता है कि भर्तियों में क्या होता था। पैसा लेकर सबकुछ सैफई के माध्यम से तय होता था। उन्होंने कहा कि 2017 में जब हम लोग आए तो प्रदेश के अंदर डेढ़ लाख से अधिक शिक्षकों के पद खाली थे। हम लोगों ने नियुक्ति निकाली और फेयर सलेक्शन हुआ, हर जिले से सिलेक्शन हुआ। हर आयोग में हमने शिक्षकों को मेंबर के रूप में रखा है। उन्होंने कहा कि आपने प्रदेश और केंद्र में अच्छी सरकार बनाई बनाई है तो देश विकास कर रहा है। प्रदेश भी अब बीमारू राज्य नहीं है, पहचान के लिए मोहताज नहीं है। अब तो उत्तर प्रदेश का वासी कहीं भी जाता है तो सामने वाला व्यक्ति का चेहरा खिल जाता है, वह उसको गले लगाने के लिए उतावला दिखाई देता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के पूर्व अराजकता और उपद्रव के कारण प्रदेश के सामने एक बदनुमा दाग जो लगा था। उस दाग के कारण पहचान का संकट था। पहचान का संकट था तो कोई निवेश भी नहीं करता था, कोई विकास भी नहीं होता था। आज पहचान का संकट नहीं है, आज तो विकास है, विरासत है, निवेश है, रोजगार भी है। समाज का जागरूक प्रहरी है शिक्षक मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक समाज का जागरूक प्रहरी है। वह व्यवस्था का निर्माता है, राष्ट्र की समृद्धि का आधार है। उन्होंने कहा कि और शिक्षकजनों को शिक्षकों के हितों में कार्य करने वाले अपने प्रतिनिधि को इसीलिए चुनाव भी उसी प्रकार का करना है। उन्होंने शिक्षक एमएलसी चुनाव में ध्रुव कुमार त्रिपाठी को भारी मतों से जिताने की अपील करते हुए उन्हें माध्यमिक शिक्षक संघ के बड़े नेता स्वर्गीय ओमप्रकाश शर्मा, पंचानन राय की परंपरा का वाहक बताया। सीएम ने जनप्रतिनिधियों से भी अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्र में मोर्चा लेकर के ध्रुव त्रिपाठी के पक्ष में एक-एक वोट पोल करवाकर उन्हें भारी मतों से विजयी बनवाएं। कहा कि ध्रुव कुमार त्रिपाठी की विजय शिक्षा जगत में एक नई क्रांति का कारण बनेगा। सीएम ने कहा कि 23 अक्टूबर को मतदान है और माध्यमिक शिक्षा से जुड़े हुए या जो भी शिक्षक मतदाता है, उस सभी मतदाता का उस दिन अवकाश का भी दिन हमने घोषित कर रखा है। अवकाश रहेगा, आराम से जाइए, मतदान करिए, ध्रुव कुमार त्रिपाठी को विजयी बनाइए और फिर शिक्षा जगत की समस्या का समाधान हाथों-हाथ करवाइए। शिक्षा क्षेत्र का कायाकल्प किया सीएम योगी ने : सूर्य प्रताप शाही कार्यक्रम में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि पिछले करीब दस वर्षों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षा के समग्र क्षेत्र का कायाकल्प किया है। उन्होंने शिक्षकों के मान सम्मान के लिए वेतनमान लागू करने के साथ ही उन्हें और उनके परिवार को कैशलेश इलाज की सुविधा दी। भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि शिक्षक संगठनों की चालीस वर्ष पुरानी निशुल्क इलाज की मांग को स्वीकार कर सीएम योगी ने शिक्षकों पर बड़ी कृपा की है। श्री त्रिपाठी ने शिक्षकों के हित में योगी सरकार की तरफ से उठाए गए कदमों और लिए गए निर्णयों की विस्तार से चर्चा की। इस अवसर पर कारागर मंत्री दारा सिंह चौहान, अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री दानिश आजाद, ग्रामीण विकास राज्यमंत्री विजयलक्ष्मी गौतम, सांसद रविकिशन शुक्ल, जगदम्बिका पाल, विजय दूबे, गोरखपुर के महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, भाजपा के प्रदेश महामंत्री एवं गोरखपुर क्षेत्र प्रभारी अभिजात मिश्रा, क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय, भाजपा प्रत्यशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, रमेश सिंह, कामेश्वर सिंह, उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के बृजेश राय, जय नारायण दूबे, संजीव राय, अवधेश सिंह, ज्ञानेश राय, शैलेंद्र शुक्ल, अजय शाही आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
📌क्या हुआ? / What Happened?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर उसके शासनकाल के दौरान शिक्षा व्यवस्था की चौपट करने का तंज कसते हुए कहा कि सपा और शिक्षा नदी के दो छोर हैं जो कभी मिलते नहीं हैं। समाजवादी पार्टी शिक्षा की धुर विरोधी है और जो शिक्षा का विरोधी होगा वह शिक्षक का हितैषी कभी नहीं हो सकता है। सीएम योगी सोमवार को महंत दिग्विजयनाथ पार्क में आयोजित शिक्षक मतदाता संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन खंड विधान परिषद सदस्य (शिक्षक एमएलसी) चुनाव को लेकर भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी के पक्ष में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि एक तरफ भाजपा है जो शिक्षा, शिक्षण संस्थान, शिक्षक, सुरक्षा सबके लिए कार्य कर रही है और दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी है। उन्होंने कहा कि सपा की सरकार में शिक्षक तक सुरक्षित नहीं थे, कई शिक्षकों को तो अपनी सुरक्षा के लिए बंदूक लेकर विद्यालय जाना पड़ता था। उनके सपा के आचरण को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि जो धुर शिक्षा विरोधी हैं, वे आज शिक्षा के कायाकल्प की बात कर रहे हैं। जिनको शिक्षा से लेना-देना नहीं, वे शिक्षा के बारे में बोल रहे हैं, शिक्षकों को उपदेश दे रहे हैं। सीएम योगी ने कहा कि एक वह समय भी था जब प्रदेश और यहां के युवाओं के सामने पहचान का संकट। छात्र चिंतित रहता था, कोई दिशा नहीं थी। नकल यहां की पहचान बन गई थी। विद्यालयों के भवन जर्जर थे, कोई पुरसाहाल नहीं था। युवा के सामने भविष्य का संकट था और समाजवादी पार्टी की उस समय की सरकार कान में तेल डाल करके सोती थी। उन्होंने कहा कि जो गुंडे शिक्षा व्यवस्था को चौपट करते थे, अराजकता फैलाते थे, बेटी-बहनों और शिक्षकों की सुरक्षा के लिए खतरा बने हुए थे, उनको तबकी सरकार प्रश्रय देती थी। दंगाइयों को मुख्यमंत्री आवास में बुलाकर के सम्मानित किया जाता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज शिक्षण संस्थान हो, शिक्षक हो, कोई बेटी-बहन हो, कोई सुरक्षा में सेंध नहीं लगा पाएगा। अगर सेंध लगाएगा तो तय है कि उसको जेल या जहन्नुम में से एक रास्ता चुनना पड़ेगा। सपा के लोग नंबर एक के धोखेबाज और झूठे समाजवादी पार्टी पर करारा शाब्दिक प्रहार जारी रखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सपा के लोग नंबर एक के धोखेबाज और झूठे हैं। जिन्होंने राम भक्तों पर गोली चलाई, आज वे अयोध्या आकर भी राम मंदिर में नहीं आते हैं। अयोध्या आकर मनगढ़ंत बातों से दुष्प्रचार करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन्होंने राम मंदिर के विरोध में पैरवी की, राम भक्तों पर गोलियां चलाईं, वे आज कालनेमि की तरह राम नाम जप करने का काम कर रहे हैं। चार बार सपा के मुख्यमंत्री बने, शिक्षकों क्यों नहीं दे पाए कैशलेश इलाज मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सपा शिक्षक हितैषी होने का ढोंग रच रही है। उसे यह बताना चाहिए कि चार बार सपा के मुख्यमंत्री बनने के बाद भी वह शिक्षकों को कैशलेस इलाज क्यों नहीं दे पाई? क्यों नहीं उन्होंने शिक्षा जगत से जुड़ी हुई समस्या का समाधान किया? पीडीए मतलब परिवार डेवलपमेंट ऑथोरिटी और पराया धन अपना मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी के पीडीए के नारे का वास्तविक अर्थ ‘परिवार डेवलपमेंट ऑथोरिटी’ और ‘पराया धन अपना’ बताते हुए कहा कि यह राज्यसभा के चुनाव में भी साबित हुआ। एक प्रत्याशी परिवार डेवलपमेंट ऑथोरिटी से के चचा जान बने तो दूसरे पराया धन अपना फॉर्मूले से मुंबई के एक धन्नासेठ। उनके पीडीए में शेष समाज के लिए कोई जगह नहीं है। सीएम ने कहा कि सपा के बार गिरगिट की तरह रंग बदलने से आज गिरगिट भी खुश हो रहा होगा कि चलो सपा के रूप में मेरा एक नया साथी मिल गया है जो मेरे साथ कंपटीटर के रूप में काम करेगा। आखिर उसकी तरह रंग बदलने वाला कोई जीव तो चाहिए, वो सपा के रूप में आ गया है। सपा का उपदेश मगरमच्छ की तरह मुख्यमंत्री ने कहा कि आज समाजवादी पार्टी अगर यह उपदेश करे कि उसके आने पर अमन-चैन आएगा, शांति मिलेगी, सुरक्षा होगी, तो यह वही उसी प्रकार का है जैसे कोई मगरमच्छ पानी के किनारे आकर उपदेश दे रहा हो कि अब मैंने शिकार करना बंद कर दिया है। सीएम ने कहा कि सपा के लोग नौका पार कराने वाले नहीं, नौका डुबाने वाले लोग हैं। इन पर कभी विश्वास करने की आवश्यकता नहीं। ये शिक्षा की नौका को डुबाने वाले हैं, शिक्षकों का अपमान करने वाले हैं, शिक्षा जगत को पूरी तरह कलंकित करने वाले लोग हैं। इन लोगों पर विश्वास कतई नहीं करना है। गुरु ऋण से कोई व्यक्ति कभी उऋण नहीं होता सीएम योगी ने कहा कि शिक्षक समाज का मार्गदर्शक होता है। वह व्यवस्था का संचालन करता है, देश का भविष्य तय करता है। शिक्षकों और उनके हितों के लिए जितना भी किया जाए, वह कम है क्योंकि गुरु ऋण से कोई व्यक्ति कभी उऋण नहीं होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु सम्मान की भारत के विशिष्ट परंपरा रही है। श्रीराम और श्रीकृष्ण के व्यक्तित्व को निखारने में उनके गुरुओं महर्षि वशिष्ठ और महर्षि संदीपनी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसी तरह भारत का स्वर्ण युग तब बनता है, जब किसी चंद्रगुप्त को चाणक्य जैसे गुरु का मार्गदर्शन प्राप्त होता है। सीएम योगी ने कहा कि एक शिक्षक का सम्मान तब होता है जब उसके पढ़ाए छात्र स्वतः शिक्षा के मंदिरों से आगे बढ़कर प्रदेश और देश का नाम रोशन करता है। तब लोग भी पूछते हैं, कौन इनका गुरु है? कहां से पढ़े हैं, कहां से आए हैं? शिक्षा, शिक्षक, शिक्षण संस्थान और विद्यार्थी भाजपा के एजेंडे में सीएम योगी ने कहा कि शिक्षा, शिक्षक, शिक्षण संस्थान और विद्यार्थियों के हित में कार्य केवल और केवल भारतीय जनता पार्टी कर सकती है, क्योंकि भाजपा के एजेंडे में शिक्षा भी है, शिक्षण संस्थान भी है, शिक्षक भी है और छात्र भी हैं। इसके साथ युवा, विकास और विरासत भी भाजपा के एजेंडे के हिस्से हैं। बिना धरना प्रदर्शन पूरी हुईं शिक्षकों की अपेक्षाएं मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ कि शिक्षकों की अपेक्षाओं को सरकार ने बिना शिक्षकों के धरना प्रदर्शन किए पूर्ण किया। मांग रही या नहीं रही, उनकी सरकार ने बेसिक से लेकर विश्वविद्यालय स्तर तक, शिक्षकों से लेकर शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सभी कार्मिकों व उनके परिजनों को पांच लाख रुपये कैशलेश इलाज की सुविधा दी। इसके साथ ही बिना वेतन कटौती शिक्षकों को सुरक्षा बीमा का कवर भी उपलब्ध करवाया गया है। सरकार के द्वारा संचालित या अनुदानित विद्यालय का कोई शिक्षक दुर्भाग्य से यदि दुर्घटना का शिकार होता है, 80 लाख से लेकर के 1 करोड़ 20 लाख रुपये उस परिवार को उपलब्ध करवाने की व्यवस्था कर दी गई। शिक्षामित्रों, अन्य शिक्षकों और रसोइयों को भी सुरक्षा बीमा का कवर उपलब्ध करवाया गया है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने शिक्षामित्रों का मानदेय 10,000 से बढ़ाकर 18,000 और अनुदेशकों का मानदेय 9000 से बढ़ाकर 17,000 रुपये किया। महिला शिक्षक के कंधे पर बंदूक, सीएम ने सुनाया रोचक संस्करण कार्यक्रम में सीएम योगी ने अपने संसदीय कार्यकाल के दौरान वर्ष 2004 का एक रोचक संस्करण सुनाया। कहा कि तब एक दिन अपने संसदीय क्षेत्र में जाते वक्त उन्हें साइकिल से जाती एक महिला शिक्षक मिली जो कंधे पर बंदूक लटकाए थी। पूछने पर उसने कहा, ‘सरकार कैसी है आप जान रहे हैं, इसलिए मुझे अपनी और स्कूल के बच्चों की सुरक्षा के लिए स्वयं कंधे पर बंदूक लेकर साइकिल जा रही हूं।’ अच्छी शिक्षा व्यवस्था, शिक्षक का सबसे बड़ा सम्मान मुख्यमंत्री ने कहा कि एक शिक्षक का सबसे बड़ा सम्मान यह है कि शिक्षा व्यवस्था अच्छी हो। सरकार इसी दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने ऑपरेशन कायाकल्प के और प्रोजेक्ट अलंकार के अंतर्गत हर विद्यालय के भव्य और अच्छे आलीशान भवन बनाकर उन्हें सुविधा संपन्न करने का काम किया है। अकेले माध्यमिक शिक्षा से जुड़े हुए 2300 राजकीय और अनुदानित विद्यालयों को बिना भेदभाव धनराशि उपलब्ध करवाई गई। सीएम ने कहा कि शिक्षक अच्छे भवन के नीचे बैठें, छात्र अच्छे भवन के नीचे पढ़ें, उन्हें बुनियादी सुविधाएं मिलें, स्मार्ट क्लास बनें, कंप्यूटर लैब बनें, डिजिटल लाइब्रेरी बने ये सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में कार्य आगे बढ़े हैं। मुलायम सिंह यादव ने लागू की थी न्यू पेंशन स्कीम, पैसा भी जमा नहीं किया मुख्यमंत्री ने कहा कि जब मुलायम सिंह यादव मुख्यमंत्री थे तब 2005 में उन्होंने न्यू पेंशन स्कीम लागू की थी। वे चाहते तो नहीं लागू करते, लेकिन ये सब मीठा-मीठा गप और कड़वा-कड़वा थू वाले हैं। उन्होंने कहा कि सपा आज झूठे वादे इसलिए करती है कि उसे भी पता है कि उसकी सरकार कभी आनी नहीं है, इसलिए कुछ भी बोल दो। सीएम ने कहा कि आज समाजवादी पार्टी धोखा दे रही है। 2005 में स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव जी ने जब न्यू पेंशन स्कीम लागू की तो उस समय की शर्त थी कि जो भी व्यक्ति न्यू पेंशन स्कीम में आएगा, उसका एक अकाउंट खुलेगा। सरकार का शेयर 10 प्रतिशत, कर्मचारी का प्रतिशत 10 प्रतिशत होगा और दोनों मिलाकर अकाउंट में पैसा जाएगा। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी सपाचट करने वाली पार्टी है। इसने एक भी सरकारी कर्मचारी या शिक्षक का अकाउंट नहीं खोला, एक भी पैसा जमा नहीं किया। जब 2017 में भाजपा की सरकार बनी तो मैंने 2018 में कमेटी गठित की। और, 2019 के प्रारंभ में 10 हजार करोड़ रुपया फिर से अलग से उपलब्ध करवाया और 14 लाख सरकारी कर्मचारियों के अकाउंट खुलवाकर पैसा भेजने का काम किया। मुलायम सिंह के बाद अखिलेश यादव भी मुख्यमंत्री बने थे लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों और कर्मचारियों के हित के लिए जो अच्छा होगा, सरकार उस प्रकार का कदम उठाने में कोई हिचक नहीं दिखाएगी। हम आपके साथ हैं, आपके हितों का संरक्षण करेंगे क्योंकि हमारा प्रदेश अब बीमारू राज्य नहीं बल्कि रेवेन्यू सरप्लस राज्य है। सारा पैसा खा जाते थे सपाई सीएम योगी ने कहा कि 2017 के पहले सफाई सारा पैसा खा जाते थे, लूट-खसोट कर लेते थे। सैफई सिंडिकेट इस प्रकार की अराजकता फैलाता था कि प्रदेश के अंदर विकास चौपट था। नौजवान को नौकरी नहीं मिलती थी। शिक्षा आयोग में सैफई सिंडिकेट ने सारे अपने रिश्तेदार भर दिए थे। सबको पता है कि भर्तियों में क्या होता था। पैसा लेकर सबकुछ सैफई के माध्यम से तय होता था। उन्होंने कहा कि 2017 में जब हम लोग आए तो प्रदेश के अंदर डेढ़ लाख से अधिक शिक्षकों के पद खाली थे। हम लोगों ने नियुक्ति निकाली और फेयर सलेक्शन हुआ, हर जिले से सिलेक्शन हुआ। हर आयोग में हमने शिक्षकों को मेंबर के रूप में रखा है। उन्होंने कहा कि आपने प्रदेश और केंद्र में अच्छी सरकार बनाई बनाई है तो देश विकास कर रहा है। प्रदेश भी अब बीमारू राज्य नहीं है, पहचान के लिए मोहताज नहीं है। अब तो उत्तर प्रदेश का वासी कहीं भी जाता है तो सामने वाला व्यक्ति का चेहरा खिल जाता है, वह उसको गले लगाने के लिए उतावला दिखाई देता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के पूर्व अराजकता और उपद्रव के कारण प्रदेश के सामने एक बदनुमा दाग जो लगा था। उस दाग के कारण पहचान का संकट था। पहचान का संकट था तो कोई निवेश भी नहीं करता था, कोई विकास भी नहीं होता था। आज पहचान का संकट नहीं है, आज तो विकास है, विरासत है, निवेश है, रोजगार भी है। समाज का जागरूक प्रहरी है शिक्षक मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक समाज का जागरूक प्रहरी है। वह व्यवस्था का निर्माता है, राष्ट्र की समृद्धि का आधार है। उन्होंने कहा कि और शिक्षकजनों को शिक्षकों के हितों में कार्य करने वाले अपने प्रतिनिधि को इसीलिए चुनाव भी उसी प्रकार का करना है। उन्होंने शिक्षक एमएलसी चुनाव में ध्रुव कुमार त्रिपाठी को भारी मतों से जिताने की अपील करते हुए उन्हें माध्यमिक शिक्षक संघ के बड़े नेता स्वर्गीय ओमप्रकाश शर्मा, पंचानन राय की परंपरा का वाहक बताया। सीएम ने जनप्रतिनिधियों से भी अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्र में मोर्चा लेकर के ध्रुव त्रिपाठी के पक्ष में एक-एक वोट पोल करवाकर उन्हें भारी मतों से विजयी बनवाएं। कहा कि ध्रुव कुमार त्रिपाठी की विजय शिक्षा जगत में एक नई क्रांति का कारण बनेगा। सीएम ने कहा कि 23 अक्टूबर को मतदान है और माध्यमिक शिक्षा से जुड़े हुए या जो भी शिक्षक मतदाता है, उस सभी मतदाता का उस दिन अवकाश का भी दिन हमने घोषित कर रखा है। अवकाश रहेगा, आराम से जाइए, मतदान करिए, ध्रुव कुमार त्रिपाठी को विजयी बनाइए और फिर शिक्षा जगत की समस्या का समाधान हाथों-हाथ करवाइए। शिक्षा क्षेत्र का कायाकल्प किया सीएम योगी ने : सूर्य प्रताप शाही कार्यक्रम में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि पिछले करीब दस वर्षों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षा के समग्र क्षेत्र का कायाकल्प किया है। उन्होंने शिक्षकों के मान सम्मान के लिए वेतनमान लागू करने के साथ ही उन्हें और उनके परिवार को कैशलेश इलाज की सुविधा दी। भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि शिक्षक संगठनों की चालीस वर्ष पुरानी निशुल्क इलाज की मांग को स्वीकार कर सीएम योगी ने शिक्षकों पर बड़ी कृपा की है। श्री त्रिपाठी ने शिक्षकों के हित में योगी सरकार की तरफ से उठाए गए कदमों और लिए गए निर्णयों की विस्तार से चर्चा की। इस अवसर पर कारागर मंत्री दारा सिंह चौहान, अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री दानिश आजाद, ग्रामीण विकास राज्यमंत्री विजयलक्ष्मी गौतम, सांसद रविकिशन शुक्ल, जगदम्बिका पाल, विजय दूबे, गोरखपुर के महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, भाजपा के प्रदेश महामंत्री एवं गोरखपुर क्षेत्र प्रभारी अभिजात मिश्रा, क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय, भाजपा प्रत्यशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, रमेश सिंह, कामेश्वर सिंह, उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के बृजेश राय, जय नारायण दूबे, संजीव राय, अवधेश सिंह, ज्ञानेश राय, शैलेंद्र शुक्ल, अजय शाही आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
✓प्रमुख सत्यापित तथ्य / What We Know
✓मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर उसके शासनकाल के दौरान शिक्षा व्यवस्था की चौपट करने का तंज कसते हुए कहा कि सपा और शिक्षा नदी के दो छोर हैं जो कभी मिलते नहीं हैं। समाजवादी पार्टी शिक्षा की धुर विरोधी है और जो शिक्षा का विरोधी होगा वह शिक्षक का हितैषी कभी नहीं हो सकता है। सीएम योगी सोमवार को महंत दिग्विजयनाथ पार्क में आयोजित शिक्षक मतदाता संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन खंड विधान परिषद सदस्य (शिक्षक एमएलसी) चुनाव को लेकर भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी के पक्ष में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि एक तरफ भाजपा है जो शिक्षा, शिक्षण संस्थान, शिक्षक, सुरक्षा सबके लिए कार्य कर रही है और दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी है। उन्होंने कहा कि सपा की सरकार में शिक्षक तक सुरक्षित नहीं थे, कई शिक्षकों को तो अपनी सुरक्षा के लिए बंदूक लेकर विद्यालय जाना पड़ता था। उनके सपा के आचरण को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि जो धुर शिक्षा विरोधी हैं, वे आज शिक्षा के कायाकल्प की बात कर रहे हैं। जिनको शिक्षा से लेना-देना नहीं, वे शिक्षा के बारे में बोल रहे हैं, शिक्षकों को उपदेश दे रहे हैं। सीएम योगी ने कहा कि एक वह समय भी था जब प्रदेश और यहां के युवाओं के सामने पहचान का संकट। छात्र चिंतित रहता था, कोई दिशा नहीं थी। नकल यहां की पहचान बन गई थी। विद्यालयों के भवन जर्जर थे, कोई पुरसाहाल नहीं था। युवा के सामने भविष्य का संकट था और समाजवादी पार्टी की उस समय की सरकार कान में तेल डाल करके सोती थी। उन्होंने कहा कि जो गुंडे शिक्षा व्यवस्था को चौपट करते थे, अराजकता फैलाते थे, बेटी-बहनों और शिक्षकों की सुरक्षा के लिए खतरा बने हुए थे, उनको तबकी सरकार प्रश्रय देती थी। दंगाइयों को मुख्यमंत्री आवास में बुलाकर के सम्मानित किया जाता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज शिक्षण संस्थान हो, शिक्षक हो, कोई बेटी-बहन हो, कोई सुरक्षा में सेंध नहीं लगा पाएगा। अगर सेंध लगाएगा तो तय है कि उसको जेल या जहन्नुम में से एक रास्ता चुनना पड़ेगा। सपा के लोग नंबर एक के धोखेबाज और झूठे समाजवादी पार्टी पर करारा शाब्दिक प्रहार जारी रखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सपा के लोग नंबर एक के धोखेबाज और झूठे हैं। जिन्होंने राम भक्तों पर गोली चलाई, आज वे अयोध्या आकर भी राम मंदिर में नहीं आते हैं। अयोध्या आकर मनगढ़ंत बातों से दुष्प्रचार करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन्होंने राम मंदिर के विरोध में पैरवी की, राम भक्तों पर गोलियां चलाईं, वे आज कालनेमि की तरह राम नाम जप करने का काम कर रहे हैं। चार बार सपा के मुख्यमंत्री बने, शिक्षकों क्यों नहीं दे पाए कैशलेश इलाज मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सपा शिक्षक हितैषी होने का ढोंग रच रही है। उसे यह बताना चाहिए कि चार बार सपा के मुख्यमंत्री बनने के बाद भी वह शिक्षकों को कैशलेस इलाज क्यों नहीं दे पाई? क्यों नहीं उन्होंने शिक्षा जगत से जुड़ी हुई समस्या का समाधान किया? पीडीए मतलब परिवार डेवलपमेंट ऑथोरिटी और पराया धन अपना मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी के पीडीए के नारे का वास्तविक अर्थ ‘परिवार डेवलपमेंट ऑथोरिटी’ और ‘पराया धन अपना’ बताते हुए कहा कि यह राज्यसभा के चुनाव में भी साबित हुआ। एक प्रत्याशी परिवार डेवलपमेंट ऑथोरिटी से के चचा जान बने तो दूसरे पराया धन अपना फॉर्मूले से मुंबई के एक धन्नासेठ। उनके पीडीए में शेष समाज के लिए कोई जगह नहीं है। सीएम ने कहा कि सपा के बार गिरगिट की तरह रंग बदलने से आज गिरगिट भी खुश हो रहा होगा कि चलो सपा के रूप में मेरा एक नया साथी मिल गया है जो मेरे साथ कंपटीटर के रूप में काम करेगा। आखिर उसकी तरह रंग बदलने वाला कोई जीव तो चाहिए, वो सपा के रूप में आ गया है। सपा का उपदेश मगरमच्छ की तरह मुख्यमंत्री ने कहा कि आज समाजवादी पार्टी अगर यह उपदेश करे कि उसके आने पर अमन-चैन आएगा, शांति मिलेगी, सुरक्षा होगी, तो यह वही उसी प्रकार का है जैसे कोई मगरमच्छ पानी के किनारे आकर उपदेश दे रहा हो कि अब मैंने शिकार करना बंद कर दिया है। सीएम ने कहा कि सपा के लोग नौका पार कराने वाले नहीं, नौका डुबाने वाले लोग हैं। इन पर कभी विश्वास करने की आवश्यकता नहीं। ये शिक्षा की नौका को डुबाने वाले हैं, शिक्षकों का अपमान करने वाले हैं, शिक्षा जगत को पूरी तरह कलंकित करने वाले लोग हैं। इन लोगों पर विश्वास कतई नहीं करना है। गुरु ऋण से कोई व्यक्ति कभी उऋण नहीं होता सीएम योगी ने कहा कि शिक्षक समाज का मार्गदर्शक होता है। वह व्यवस्था का संचालन करता है, देश का भविष्य तय करता है। शिक्षकों और उनके हितों के लिए जितना भी किया जाए, वह कम है क्योंकि गुरु ऋण से कोई व्यक्ति कभी उऋण नहीं होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु सम्मान की भारत के विशिष्ट परंपरा रही है। श्रीराम और श्रीकृष्ण के व्यक्तित्व को निखारने में उनके गुरुओं महर्षि वशिष्ठ और महर्षि संदीपनी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसी तरह भारत का स्वर्ण युग तब बनता है, जब किसी चंद्रगुप्त को चाणक्य जैसे गुरु का मार्गदर्शन प्राप्त होता है। सीएम योगी ने कहा कि एक शिक्षक का सम्मान तब होता है जब उसके पढ़ाए छात्र स्वतः शिक्षा के मंदिरों से आगे बढ़कर प्रदेश और देश का नाम रोशन करता है। तब लोग भी पूछते हैं, कौन इनका गुरु है? कहां से पढ़े हैं, कहां से आए हैं? शिक्षा, शिक्षक, शिक्षण संस्थान और विद्यार्थी भाजपा के एजेंडे में सीएम योगी ने कहा कि शिक्षा, शिक्षक, शिक्षण संस्थान और विद्यार्थियों के हित में कार्य केवल और केवल भारतीय जनता पार्टी कर सकती है, क्योंकि भाजपा के एजेंडे में शिक्षा भी है, शिक्षण संस्थान भी है, शिक्षक भी है और छात्र भी हैं। इसके साथ युवा, विकास और विरासत भी भाजपा के एजेंडे के हिस्से हैं। बिना धरना प्रदर्शन पूरी हुईं शिक्षकों की अपेक्षाएं मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ कि शिक्षकों की अपेक्षाओं को सरकार ने बिना शिक्षकों के धरना प्रदर्शन किए पूर्ण किया। मांग रही या नहीं रही, उनकी सरकार ने बेसिक से लेकर विश्वविद्यालय स्तर तक, शिक्षकों से लेकर शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सभी कार्मिकों व उनके परिजनों को पांच लाख रुपये कैशलेश इलाज की सुविधा दी। इसके साथ ही बिना वेतन कटौती शिक्षकों को सुरक्षा बीमा का कवर भी उपलब्ध करवाया गया है। सरकार के द्वारा संचालित या अनुदानित विद्यालय का कोई शिक्षक दुर्भाग्य से यदि दुर्घटना का शिकार होता है, 80 लाख से लेकर के 1 करोड़ 20 लाख रुपये उस परिवार को उपलब्ध करवाने की व्यवस्था कर दी गई। शिक्षामित्रों, अन्य शिक्षकों और रसोइयों को भी सुरक्षा बीमा का कवर उपलब्ध करवाया गया है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने शिक्षामित्रों का मानदेय 10,000 से बढ़ाकर 18,000 और अनुदेशकों का मानदेय 9000 से बढ़ाकर 17,000 रुपये किया। महिला शिक्षक के कंधे पर बंदूक, सीएम ने सुनाया रोचक संस्करण कार्यक्रम में सीएम योगी ने अपने संसदीय कार्यकाल के दौरान वर्ष 2004 का एक रोचक संस्करण सुनाया। कहा कि तब एक दिन अपने संसदीय क्षेत्र में जाते वक्त उन्हें साइकिल से जाती एक महिला शिक्षक मिली जो कंधे पर बंदूक लटकाए थी। पूछने पर उसने कहा, ‘सरकार कैसी है आप जान रहे हैं, इसलिए मुझे अपनी और स्कूल के बच्चों की सुरक्षा के लिए स्वयं कंधे पर बंदूक लेकर साइकिल जा रही हूं।’ अच्छी शिक्षा व्यवस्था, शिक्षक का सबसे बड़ा सम्मान मुख्यमंत्री ने कहा कि एक शिक्षक का सबसे बड़ा सम्मान यह है कि शिक्षा व्यवस्था अच्छी हो। सरकार इसी दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने ऑपरेशन कायाकल्प के और प्रोजेक्ट अलंकार के अंतर्गत हर विद्यालय के भव्य और अच्छे आलीशान भवन बनाकर उन्हें सुविधा संपन्न करने का काम किया है। अकेले माध्यमिक शिक्षा से जुड़े हुए 2300 राजकीय और अनुदानित विद्यालयों को बिना भेदभाव धनराशि उपलब्ध करवाई गई। सीएम ने कहा कि शिक्षक अच्छे भवन के नीचे बैठें, छात्र अच्छे भवन के नीचे पढ़ें, उन्हें बुनियादी सुविधाएं मिलें, स्मार्ट क्लास बनें, कंप्यूटर लैब बनें, डिजिटल लाइब्रेरी बने ये सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में कार्य आगे बढ़े हैं। मुलायम सिंह यादव ने लागू की थी न्यू पेंशन स्कीम, पैसा भी जमा नहीं किया मुख्यमंत्री ने कहा कि जब मुलायम सिंह यादव मुख्यमंत्री थे तब 2005 में उन्होंने न्यू पेंशन स्कीम लागू की थी। वे चाहते तो नहीं लागू करते, लेकिन ये सब मीठा-मीठा गप और कड़वा-कड़वा थू वाले हैं। उन्होंने कहा कि सपा आज झूठे वादे इसलिए करती है कि उसे भी पता है कि उसकी सरकार कभी आनी नहीं है, इसलिए कुछ भी बोल दो। सीएम ने कहा कि आज समाजवादी पार्टी धोखा दे रही है। 2005 में स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव जी ने जब न्यू पेंशन स्कीम लागू की तो उस समय की शर्त थी कि जो भी व्यक्ति न्यू पेंशन स्कीम में आएगा, उसका एक अकाउंट खुलेगा। सरकार का शेयर 10 प्रतिशत, कर्मचारी का प्रतिशत 10 प्रतिशत होगा और दोनों मिलाकर अकाउंट में पैसा जाएगा। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी सपाचट करने वाली पार्टी है। इसने एक भी सरकारी कर्मचारी या शिक्षक का अकाउंट नहीं खोला, एक भी पैसा जमा नहीं किया। जब 2017 में भाजपा की सरकार बनी तो मैंने 2018 में कमेटी गठित की। और, 2019 के प्रारंभ में 10 हजार करोड़ रुपया फिर से अलग से उपलब्ध करवाया और 14 लाख सरकारी कर्मचारियों के अकाउंट खुलवाकर पैसा भेजने का काम किया। मुलायम सिंह के बाद अखिलेश यादव भी मुख्यमंत्री बने थे लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों और कर्मचारियों के हित के लिए जो अच्छा होगा, सरकार उस प्रकार का कदम उठाने में कोई हिचक नहीं दिखाएगी। हम आपके साथ हैं, आपके हितों का संरक्षण करेंगे क्योंकि हमारा प्रदेश अब बीमारू राज्य नहीं बल्कि रेवेन्यू सरप्लस राज्य है। सारा पैसा खा जाते थे सपाई सीएम योगी ने कहा कि 2017 के पहले सफाई सारा पैसा खा जाते थे, लूट-खसोट कर लेते थे। सैफई सिंडिकेट इस प्रकार की अराजकता फैलाता था कि प्रदेश के अंदर विकास चौपट था। नौजवान को नौकरी नहीं मिलती थी। शिक्षा आयोग में सैफई सिंडिकेट ने सारे अपने रिश्तेदार भर दिए थे। सबको पता है कि भर्तियों में क्या होता था। पैसा लेकर सबकुछ सैफई के माध्यम से तय होता था। उन्होंने कहा कि 2017 में जब हम लोग आए तो प्रदेश के अंदर डेढ़ लाख से अधिक शिक्षकों के पद खाली थे। हम लोगों ने नियुक्ति निकाली और फेयर सलेक्शन हुआ, हर जिले से सिलेक्शन हुआ। हर आयोग में हमने शिक्षकों को मेंबर के रूप में रखा है। उन्होंने कहा कि आपने प्रदेश और केंद्र में अच्छी सरकार बनाई बनाई है तो देश विकास कर रहा है। प्रदेश भी अब बीमारू राज्य नहीं है, पहचान के लिए मोहताज नहीं है। अब तो उत्तर प्रदेश का वासी कहीं भी जाता है तो सामने वाला व्यक्ति का चेहरा खिल जाता है, वह उसको गले लगाने के लिए उतावला दिखाई देता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के पूर्व अराजकता और उपद्रव के कारण प्रदेश के सामने एक बदनुमा दाग जो लगा था। उस दाग के कारण पहचान का संकट था। पहचान का संकट था तो कोई निवेश भी नहीं करता था, कोई विकास भी नहीं होता था। आज पहचान का संकट नहीं है, आज तो विकास है, विरासत है, निवेश है, रोजगार भी है। समाज का जागरूक प्रहरी है शिक्षक मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक समाज का जागरूक प्रहरी है। वह व्यवस्था का निर्माता है, राष्ट्र की समृद्धि का आधार है। उन्होंने कहा कि और शिक्षकजनों को शिक्षकों के हितों में कार्य करने वाले अपने प्रतिनिधि को इसीलिए चुनाव भी उसी प्रकार का करना है। उन्होंने शिक्षक एमएलसी चुनाव में ध्रुव कुमार त्रिपाठी को भारी मतों से जिताने की अपील करते हुए उन्हें माध्यमिक शिक्षक संघ के बड़े नेता स्वर्गीय ओमप्रकाश शर्मा, पंचानन राय की परंपरा का वाहक बताया। सीएम ने जनप्रतिनिधियों से भी अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्र में मोर्चा लेकर के ध्रुव त्रिपाठी के पक्ष में एक-एक वोट पोल करवाकर उन्हें भारी मतों से विजयी बनवाएं। कहा कि ध्रुव कुमार त्रिपाठी की विजय शिक्षा जगत में एक नई क्रांति का कारण बनेगा। सीएम ने कहा कि 23 अक्टूबर को मतदान है और माध्यमिक शिक्षा से जुड़े हुए या जो भी शिक्षक मतदाता है, उस सभी मतदाता का उस दिन अवकाश का भी दिन हमने घोषित कर रखा है। अवकाश रहेगा, आराम से जाइए, मतदान करिए, ध्रुव कुमार त्रिपाठी को विजयी बनाइए और फिर शिक्षा जगत की समस्या का समाधान हाथों-हाथ करवाइए। शिक्षा क्षेत्र का कायाकल्प किया सीएम योगी ने : सूर्य प्रताप शाही कार्यक्रम में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि पिछले करीब दस वर्षों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षा के समग्र क्षेत्र का कायाकल्प किया है। उन्होंने शिक्षकों के मान सम्मान के लिए वेतनमान लागू करने के साथ ही उन्हें और उनके परिवार को कैशलेश इलाज की सुविधा दी। भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि शिक्षक संगठनों की चालीस वर्ष पुरानी निशुल्क इलाज की मांग को स्वीकार कर सीएम योगी ने शिक्षकों पर बड़ी कृपा की है। श्री त्रिपाठी ने शिक्षकों के हित में योगी सरकार की तरफ से उठाए गए कदमों और लिए गए निर्णयों की विस्तार से चर्चा की। इस अवसर पर कारागर मंत्री दारा सिंह चौहान, अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री दानिश आजाद, ग्रामीण विकास राज्यमंत्री विजयलक्ष्मी गौतम, सांसद रविकिशन शुक्ल, जगदम्बिका पाल, विजय दूबे, गोरखपुर के महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, भाजपा के प्रदेश महामंत्री एवं गोरखपुर क्षेत्र प्रभारी अभिजात मिश्रा, क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय, भाजपा प्रत्यशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, रमेश सिंह, कामेश्वर सिंह, उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के बृजेश राय, जय नारायण दूबे, संजीव राय, अवधेश सिंह, ज्ञानेश राय, शैलेंद्र शुक्ल, अजय शाही आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर उसके शासनकाल के दौरान शिक्षा व्यवस्था की चौपट करने का तंज कसते हुए कहा कि सपा और शिक्षा नदी के दो छोर हैं जो कभी मिलते नहीं हैं। समाजवादी पार्टी शिक्षा की धुर विरोधी है और जो शिक्षा का विरोधी होगा वह शिक्षक का हितैषी कभी नहीं हो सकता है। सीएम योगी सोमवार को महंत दिग्विजयनाथ पार्क में आयोजित शिक्षक मतदाता संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन खंड विधान परिषद सदस्य (शिक्षक एमएलसी) चुनाव को लेकर भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी के पक्ष में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि एक तरफ भाजपा है जो शिक्षा, शिक्षण संस्थान, शिक्षक, सुरक्षा सबके लिए कार्य कर रही है और दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी है। उन्होंने कहा कि सपा की सरकार में शिक्षक तक सुरक्षित नहीं थे, कई शिक्षकों को तो अपनी सुरक्षा के लिए बंदूक लेकर विद्यालय जाना पड़ता था। उनके सपा के आचरण को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि जो धुर शिक्षा विरोधी हैं, वे आज शिक्षा के कायाकल्प की बात कर रहे हैं। जिनको शिक्षा से लेना-देना नहीं, वे शिक्षा के बारे में बोल रहे हैं, शिक्षकों को उपदेश दे रहे हैं। सीएम योगी ने कहा कि एक वह समय भी था जब प्रदेश और यहां के युवाओं के सामने पहचान का संकट। छात्र चिंतित रहता था, कोई दिशा नहीं थी। नकल यहां की पहचान बन गई थी। विद्यालयों के भवन जर्जर थे, कोई पुरसाहाल नहीं था। युवा के सामने भविष्य का संकट था और समाजवादी पार्टी की उस समय की सरकार कान में तेल डाल करके सोती थी। उन्होंने कहा कि जो गुंडे शिक्षा व्यवस्था को चौपट करते थे, अराजकता फैलाते थे, बेटी-बहनों और शिक्षकों की सुरक्षा के लिए खतरा बने हुए थे, उनको तबकी सरकार प्रश्रय देती थी। दंगाइयों को मुख्यमंत्री आवास में बुलाकर के सम्मानित किया जाता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज शिक्षण संस्थान हो, शिक्षक हो, कोई बेटी-बहन हो, कोई सुरक्षा में सेंध नहीं लगा पाएगा। अगर सेंध लगाएगा तो तय है कि उसको जेल या जहन्नुम में से एक रास्ता चुनना पड़ेगा। सपा के लोग नंबर एक के धोखेबाज और झूठे समाजवादी पार्टी पर करारा शाब्दिक प्रहार जारी रखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सपा के लोग नंबर एक के धोखेबाज और झूठे हैं। जिन्होंने राम भक्तों पर गोली चलाई, आज वे अयोध्या आकर भी राम मंदिर में नहीं आते हैं। अयोध्या आकर मनगढ़ंत बातों से दुष्प्रचार करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन्होंने राम मंदिर के विरोध में पैरवी की, राम भक्तों पर गोलियां चलाईं, वे आज कालनेमि की तरह राम नाम जप करने का काम कर रहे हैं। चार बार सपा के मुख्यमंत्री बने, शिक्षकों क्यों नहीं दे पाए कैशलेश इलाज मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सपा शिक्षक हितैषी होने का ढोंग रच रही है। उसे यह बताना चाहिए कि चार बार सपा के मुख्यमंत्री बनने के बाद भी वह शिक्षकों को कैशलेस इलाज क्यों नहीं दे पाई? क्यों नहीं उन्होंने शिक्षा जगत से जुड़ी हुई समस्या का समाधान किया? पीडीए मतलब परिवार डेवलपमेंट ऑथोरिटी और पराया धन अपना मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी के पीडीए के नारे का वास्तविक अर्थ ‘परिवार डेवलपमेंट ऑथोरिटी’ और ‘पराया धन अपना’ बताते हुए कहा कि यह राज्यसभा के चुनाव में भी साबित हुआ। एक प्रत्याशी परिवार डेवलपमेंट ऑथोरिटी से के चचा जान बने तो दूसरे पराया धन अपना फॉर्मूले से मुंबई के एक धन्नासेठ। उनके पीडीए में शेष समाज के लिए कोई जगह नहीं है। सीएम ने कहा कि सपा के बार गिरगिट की तरह रंग बदलने से आज गिरगिट भी खुश हो रहा होगा कि चलो सपा के रूप में मेरा एक नया साथी मिल गया है जो मेरे साथ कंपटीटर के रूप में काम करेगा। आखिर उसकी तरह रंग बदलने वाला कोई जीव तो चाहिए, वो सपा के रूप में आ गया है। सपा का उपदेश मगरमच्छ की तरह मुख्यमंत्री ने कहा कि आज समाजवादी पार्टी अगर यह उपदेश करे कि उसके आने पर अमन-चैन आएगा, शांति मिलेगी, सुरक्षा होगी, तो यह वही उसी प्रकार का है जैसे कोई मगरमच्छ पानी के किनारे आकर उपदेश दे रहा हो कि अब मैंने शिकार करना बंद कर दिया है। सीएम ने कहा कि सपा के लोग नौका पार कराने वाले नहीं, नौका डुबाने वाले लोग हैं। इन पर कभी विश्वास करने की आवश्यकता नहीं। ये शिक्षा की नौका को डुबाने वाले हैं, शिक्षकों का अपमान करने वाले हैं, शिक्षा जगत को पूरी तरह कलंकित करने वाले लोग हैं। इन लोगों पर विश्वास कतई नहीं करना है। गुरु ऋण से कोई व्यक्ति कभी उऋण नहीं होता सीएम योगी ने कहा कि शिक्षक समाज का मार्गदर्शक होता है। वह व्यवस्था का संचालन करता है, देश का भविष्य तय करता है। शिक्षकों और उनके हितों के लिए जितना भी किया जाए, वह कम है क्योंकि गुरु ऋण से कोई व्यक्ति कभी उऋण नहीं होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु सम्मान की भारत के विशिष्ट परंपरा रही है। श्रीराम और श्रीकृष्ण के व्यक्तित्व को निखारने में उनके गुरुओं महर्षि वशिष्ठ और महर्षि संदीपनी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसी तरह भारत का स्वर्ण युग तब बनता है, जब किसी चंद्रगुप्त को चाणक्य जैसे गुरु का मार्गदर्शन प्राप्त होता है। सीएम योगी ने कहा कि एक शिक्षक का सम्मान तब होता है जब उसके पढ़ाए छात्र स्वतः शिक्षा के मंदिरों से आगे बढ़कर प्रदेश और देश का नाम रोशन करता है। तब लोग भी पूछते हैं, कौन इनका गुरु है? कहां से पढ़े हैं, कहां से आए हैं? शिक्षा, शिक्षक, शिक्षण संस्थान और विद्यार्थी भाजपा के एजेंडे में सीएम योगी ने कहा कि शिक्षा, शिक्षक, शिक्षण संस्थान और विद्यार्थियों के हित में कार्य केवल और केवल भारतीय जनता पार्टी कर सकती है, क्योंकि भाजपा के एजेंडे में शिक्षा भी है, शिक्षण संस्थान भी है, शिक्षक भी है और छात्र भी हैं। इसके साथ युवा, विकास और विरासत भी भाजपा के एजेंडे के हिस्से हैं। बिना धरना प्रदर्शन पूरी हुईं शिक्षकों की अपेक्षाएं मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ कि शिक्षकों की अपेक्षाओं को सरकार ने बिना शिक्षकों के धरना प्रदर्शन किए पूर्ण किया। मांग रही या नहीं रही, उनकी सरकार ने बेसिक से लेकर विश्वविद्यालय स्तर तक, शिक्षकों से लेकर शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सभी कार्मिकों व उनके परिजनों को पांच लाख रुपये कैशलेश इलाज की सुविधा दी। इसके साथ ही बिना वेतन कटौती शिक्षकों को सुरक्षा बीमा का कवर भी उपलब्ध करवाया गया है। सरकार के द्वारा संचालित या अनुदानित विद्यालय का कोई शिक्षक दुर्भाग्य से यदि दुर्घटना का शिकार होता है, 80 लाख से लेकर के 1 करोड़ 20 लाख रुपये उस परिवार को उपलब्ध करवाने की व्यवस्था कर दी गई। शिक्षामित्रों, अन्य शिक्षकों और रसोइयों को भी सुरक्षा बीमा का कवर उपलब्ध करवाया गया है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने शिक्षामित्रों का मानदेय 10,000 से बढ़ाकर 18,000 और अनुदेशकों का मानदेय 9000 से बढ़ाकर 17,000 रुपये किया। महिला शिक्षक के कंधे पर बंदूक, सीएम ने सुनाया रोचक संस्करण कार्यक्रम में सीएम योगी ने अपने संसदीय कार्यकाल के दौरान वर्ष 2004 का एक रोचक संस्करण सुनाया। कहा कि तब एक दिन अपने संसदीय क्षेत्र में जाते वक्त उन्हें साइकिल से जाती एक महिला शिक्षक मिली जो कंधे पर बंदूक लटकाए थी। पूछने पर उसने कहा, ‘सरकार कैसी है आप जान रहे हैं, इसलिए मुझे अपनी और स्कूल के बच्चों की सुरक्षा के लिए स्वयं कंधे पर बंदूक लेकर साइकिल जा रही हूं।’ अच्छी शिक्षा व्यवस्था, शिक्षक का सबसे बड़ा सम्मान मुख्यमंत्री ने कहा कि एक शिक्षक का सबसे बड़ा सम्मान यह है कि शिक्षा व्यवस्था अच्छी हो। सरकार इसी दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने ऑपरेशन कायाकल्प के और प्रोजेक्ट अलंकार के अंतर्गत हर विद्यालय के भव्य और अच्छे आलीशान भवन बनाकर उन्हें सुविधा संपन्न करने का काम किया है। अकेले माध्यमिक शिक्षा से जुड़े हुए 2300 राजकीय और अनुदानित विद्यालयों को बिना भेदभाव धनराशि उपलब्ध करवाई गई। सीएम ने कहा कि शिक्षक अच्छे भवन के नीचे बैठें, छात्र अच्छे भवन के नीचे पढ़ें, उन्हें बुनियादी सुविधाएं मिलें, स्मार्ट क्लास बनें, कंप्यूटर लैब बनें, डिजिटल लाइब्रेरी बने ये सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में कार्य आगे बढ़े हैं। मुलायम सिंह यादव ने लागू की थी न्यू पेंशन स्कीम, पैसा भी जमा नहीं किया मुख्यमंत्री ने कहा कि जब मुलायम सिंह यादव मुख्यमंत्री थे तब 2005 में उन्होंने न्यू पेंशन स्कीम लागू की थी। वे चाहते तो नहीं लागू करते, लेकिन ये सब मीठा-मीठा गप और कड़वा-कड़वा थू वाले हैं। उन्होंने कहा कि सपा आज झूठे वादे इसलिए करती है कि उसे भी पता है कि उसकी सरकार कभी आनी नहीं है, इसलिए कुछ भी बोल दो। सीएम ने कहा कि आज समाजवादी पार्टी धोखा दे रही है। 2005 में स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव जी ने जब न्यू पेंशन स्कीम लागू की तो उस समय की शर्त थी कि जो भी व्यक्ति न्यू पेंशन स्कीम में आएगा, उसका एक अकाउंट खुलेगा। सरकार का शेयर 10 प्रतिशत, कर्मचारी का प्रतिशत 10 प्रतिशत होगा और दोनों मिलाकर अकाउंट में पैसा जाएगा। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी सपाचट करने वाली पार्टी है। इसने एक भी सरकारी कर्मचारी या शिक्षक का अकाउंट नहीं खोला, एक भी पैसा जमा नहीं किया। जब 2017 में भाजपा की सरकार बनी तो मैंने 2018 में कमेटी गठित की। और, 2019 के प्रारंभ में 10 हजार करोड़ रुपया फिर से अलग से उपलब्ध करवाया और 14 लाख सरकारी कर्मचारियों के अकाउंट खुलवाकर पैसा भेजने का काम किया। मुलायम सिंह के बाद अखिलेश यादव भी मुख्यमंत्री बने थे लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों और कर्मचारियों के हित के लिए जो अच्छा होगा, सरकार उस प्रकार का कदम उठाने में कोई हिचक नहीं दिखाएगी। हम आपके साथ हैं, आपके हितों का संरक्षण करेंगे क्योंकि हमारा प्रदेश अब बीमारू राज्य नहीं बल्कि रेवेन्यू सरप्लस राज्य है। सारा पैसा खा जाते थे सपाई सीएम योगी ने कहा कि 2017 के पहले सफाई सारा पैसा खा जाते थे, लूट-खसोट कर लेते थे। सैफई सिंडिकेट इस प्रकार की अराजकता फैलाता था कि प्रदेश के अंदर विकास चौपट था। नौजवान को नौकरी नहीं मिलती थी। शिक्षा आयोग में सैफई सिंडिकेट ने सारे अपने रिश्तेदार भर दिए थे। सबको पता है कि भर्तियों में क्या होता था। पैसा लेकर सबकुछ सैफई के माध्यम से तय होता था। उन्होंने कहा कि 2017 में जब हम लोग आए तो प्रदेश के अंदर डेढ़ लाख से अधिक शिक्षकों के पद खाली थे। हम लोगों ने नियुक्ति निकाली और फेयर सलेक्शन हुआ, हर जिले से सिलेक्शन हुआ। हर आयोग में हमने शिक्षकों को मेंबर के रूप में रखा है। उन्होंने कहा कि आपने प्रदेश और केंद्र में अच्छी सरकार बनाई बनाई है तो देश विकास कर रहा है। प्रदेश भी अब बीमारू राज्य नहीं है, पहचान के लिए मोहताज नहीं है। अब तो उत्तर प्रदेश का वासी कहीं भी जाता है तो सामने वाला व्यक्ति का चेहरा खिल जाता है, वह उसको गले लगाने के लिए उतावला दिखाई देता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के पूर्व अराजकता और उपद्रव के कारण प्रदेश के सामने एक बदनुमा दाग जो लगा था। उस दाग के कारण पहचान का संकट था। पहचान का संकट था तो कोई निवेश भी नहीं करता था, कोई विकास भी नहीं होता था। आज पहचान का संकट नहीं है, आज तो विकास है, विरासत है, निवेश है, रोजगार भी है। समाज का जागरूक प्रहरी है शिक्षक मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक समाज का जागरूक प्रहरी है। वह व्यवस्था का निर्माता है, राष्ट्र की समृद्धि का आधार है। उन्होंने कहा कि और शिक्षकजनों को शिक्षकों के हितों में कार्य करने वाले अपने प्रतिनिधि को इसीलिए चुनाव भी उसी प्रकार का करना है। उन्होंने शिक्षक एमएलसी चुनाव में ध्रुव कुमार त्रिपाठी को भारी मतों से जिताने की अपील करते हुए उन्हें माध्यमिक शिक्षक संघ के बड़े नेता स्वर्गीय ओमप्रकाश शर्मा, पंचानन राय की परंपरा का वाहक बताया। सीएम ने जनप्रतिनिधियों से भी अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्र में मोर्चा लेकर के ध्रुव त्रिपाठी के पक्ष में एक-एक वोट पोल करवाकर उन्हें भारी मतों से विजयी बनवाएं। कहा कि ध्रुव कुमार त्रिपाठी की विजय शिक्षा जगत में एक नई क्रांति का कारण बनेगा। सीएम ने कहा कि 23 अक्टूबर को मतदान है और माध्यमिक शिक्षा से जुड़े हुए या जो भी शिक्षक मतदाता है, उस सभी मतदाता का उस दिन अवकाश का भी दिन हमने घोषित कर रखा है। अवकाश रहेगा, आराम से जाइए, मतदान करिए, ध्रुव कुमार त्रिपाठी को विजयी बनाइए और फिर शिक्षा जगत की समस्या का समाधान हाथों-हाथ करवाइए। शिक्षा क्षेत्र का कायाकल्प किया सीएम योगी ने : सूर्य प्रताप शाही कार्यक्रम में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि पिछले करीब दस वर्षों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षा के समग्र क्षेत्र का कायाकल्प किया है। उन्होंने शिक्षकों के मान सम्मान के लिए वेतनमान लागू करने के साथ ही उन्हें और उनके परिवार को कैशलेश इलाज की सुविधा दी। भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि शिक्षक संगठनों की चालीस वर्ष पुरानी निशुल्क इलाज की मांग को स्वीकार कर सीएम योगी ने शिक्षकों पर बड़ी कृपा की है। श्री त्रिपाठी ने शिक्षकों के हित में योगी सरकार की तरफ से उठाए गए कदमों और लिए गए निर्णयों की विस्तार से चर्चा की। इस अवसर पर कारागर मंत्री दारा सिंह चौहान, अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री दानिश आजाद, ग्रामीण विकास राज्यमंत्री विजयलक्ष्मी गौतम, सांसद रविकिशन शुक्ल, जगदम्बिका पाल, विजय दूबे, गोरखपुर के महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, भाजपा के प्रदेश महामंत्री एवं गोरखपुर क्षेत्र प्रभारी अभिजात मिश्रा, क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय, भाजपा प्रत्यशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, रमेश सिंह, कामेश्वर सिंह, उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के बृजेश राय, जय नारायण दूबे, संजीव राय, अवधेश सिंह, ज्ञानेश राय, शैलेंद्र शुक्ल, अजय शाही आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
राहत-बचाव कार्य, घायलों की स्थिति और मदद
•मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर उसके शासनकाल के दौरान शिक्षा व्यवस्था की चौपट करने का तंज कसते हुए कहा कि सपा और शिक्षा नदी के दो छोर हैं जो कभी मिलते नहीं हैं। समाजवादी पार्टी शिक्षा की धुर विरोधी है और जो शिक्षा का विरोधी होगा वह शिक्षक का हितैषी कभी नहीं हो सकता है। सीएम योगी सोमवार को महंत दिग्विजयनाथ पार्क में आयोजित शिक्षक मतदाता संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन खंड विधान परिषद सदस्य (शिक्षक एमएलसी) चुनाव को लेकर भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी के पक्ष में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि एक तरफ भाजपा है जो शिक्षा, शिक्षण संस्थान, शिक्षक, सुरक्षा सबके लिए कार्य कर रही है और दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी है। उन्होंने कहा कि सपा की सरकार में शिक्षक तक सुरक्षित नहीं थे, कई शिक्षकों को तो अपनी सुरक्षा के लिए बंदूक लेकर विद्यालय जाना पड़ता था। उनके सपा के आचरण को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि जो धुर शिक्षा विरोधी हैं, वे आज शिक्षा के कायाकल्प की बात कर रहे हैं। जिनको शिक्षा से लेना-देना नहीं, वे शिक्षा के बारे में बोल रहे हैं, शिक्षकों को उपदेश दे रहे हैं। सीएम योगी ने कहा कि एक वह समय भी था जब प्रदेश और यहां के युवाओं के सामने पहचान का संकट। छात्र चिंतित रहता था, कोई दिशा नहीं थी। नकल यहां की पहचान बन गई थी। विद्यालयों के भवन जर्जर थे, कोई पुरसाहाल नहीं था। युवा के सामने भविष्य का संकट था और समाजवादी पार्टी की उस समय की सरकार कान में तेल डाल करके सोती थी। उन्होंने कहा कि जो गुंडे शिक्षा व्यवस्था को चौपट करते थे, अराजकता फैलाते थे, बेटी-बहनों और शिक्षकों की सुरक्षा के लिए खतरा बने हुए थे, उनको तबकी सरकार प्रश्रय देती थी। दंगाइयों को मुख्यमंत्री आवास में बुलाकर के सम्मानित किया जाता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज शिक्षण संस्थान हो, शिक्षक हो, कोई बेटी-बहन हो, कोई सुरक्षा में सेंध नहीं लगा पाएगा। अगर सेंध लगाएगा तो तय है कि उसको जेल या जहन्नुम में से एक रास्ता चुनना पड़ेगा। सपा के लोग नंबर एक के धोखेबाज और झूठे समाजवादी पार्टी पर करारा शाब्दिक प्रहार जारी रखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सपा के लोग नंबर एक के धोखेबाज और झूठे हैं। जिन्होंने राम भक्तों पर गोली चलाई, आज वे अयोध्या आकर भी राम मंदिर में नहीं आते हैं। अयोध्या आकर मनगढ़ंत बातों से दुष्प्रचार करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन्होंने राम मंदिर के विरोध में पैरवी की, राम भक्तों पर गोलियां चलाईं, वे आज कालनेमि की तरह राम नाम जप करने का काम कर रहे हैं। चार बार सपा के मुख्यमंत्री बने, शिक्षकों क्यों नहीं दे पाए कैशलेश इलाज मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सपा शिक्षक हितैषी होने का ढोंग रच रही है। उसे यह बताना चाहिए कि चार बार सपा के मुख्यमंत्री बनने के बाद भी वह शिक्षकों को कैशलेस इलाज क्यों नहीं दे पाई? क्यों नहीं उन्होंने शिक्षा जगत से जुड़ी हुई समस्या का समाधान किया? पीडीए मतलब परिवार डेवलपमेंट ऑथोरिटी और पराया धन अपना मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी के पीडीए के नारे का वास्तविक अर्थ ‘परिवार डेवलपमेंट ऑथोरिटी’ और ‘पराया धन अपना’ बताते हुए कहा कि यह राज्यसभा के चुनाव में भी साबित हुआ। एक प्रत्याशी परिवार डेवलपमेंट ऑथोरिटी से के चचा जान बने तो दूसरे पराया धन अपना फॉर्मूले से मुंबई के एक धन्नासेठ। उनके पीडीए में शेष समाज के लिए कोई जगह नहीं है। सीएम ने कहा कि सपा के बार गिरगिट की तरह रंग बदलने से आज गिरगिट भी खुश हो रहा होगा कि चलो सपा के रूप में मेरा एक नया साथी मिल गया है जो मेरे साथ कंपटीटर के रूप में काम करेगा। आखिर उसकी तरह रंग बदलने वाला कोई जीव तो चाहिए, वो सपा के रूप में आ गया है। सपा का उपदेश मगरमच्छ की तरह मुख्यमंत्री ने कहा कि आज समाजवादी पार्टी अगर यह उपदेश करे कि उसके आने पर अमन-चैन आएगा, शांति मिलेगी, सुरक्षा होगी, तो यह वही उसी प्रकार का है जैसे कोई मगरमच्छ पानी के किनारे आकर उपदेश दे रहा हो कि अब मैंने शिकार करना बंद कर दिया है। सीएम ने कहा कि सपा के लोग नौका पार कराने वाले नहीं, नौका डुबाने वाले लोग हैं। इन पर कभी विश्वास करने की आवश्यकता नहीं। ये शिक्षा की नौका को डुबाने वाले हैं, शिक्षकों का अपमान करने वाले हैं, शिक्षा जगत को पूरी तरह कलंकित करने वाले लोग हैं। इन लोगों पर विश्वास कतई नहीं करना है। गुरु ऋण से कोई व्यक्ति कभी उऋण नहीं होता सीएम योगी ने कहा कि शिक्षक समाज का मार्गदर्शक होता है। वह व्यवस्था का संचालन करता है, देश का भविष्य तय करता है। शिक्षकों और उनके हितों के लिए जितना भी किया जाए, वह कम है क्योंकि गुरु ऋण से कोई व्यक्ति कभी उऋण नहीं होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु सम्मान की भारत के विशिष्ट परंपरा रही है। श्रीराम और श्रीकृष्ण के व्यक्तित्व को निखारने में उनके गुरुओं महर्षि वशिष्ठ और महर्षि संदीपनी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसी तरह भारत का स्वर्ण युग तब बनता है, जब किसी चंद्रगुप्त को चाणक्य जैसे गुरु का मार्गदर्शन प्राप्त होता है। सीएम योगी ने कहा कि एक शिक्षक का सम्मान तब होता है जब उसके पढ़ाए छात्र स्वतः शिक्षा के मंदिरों से आगे बढ़कर प्रदेश और देश का नाम रोशन करता है। तब लोग भी पूछते हैं, कौन इनका गुरु है? कहां से पढ़े हैं, कहां से आए हैं? शिक्षा, शिक्षक, शिक्षण संस्थान और विद्यार्थी भाजपा के एजेंडे में सीएम योगी ने कहा कि शिक्षा, शिक्षक, शिक्षण संस्थान और विद्यार्थियों के हित में कार्य केवल और केवल भारतीय जनता पार्टी कर सकती है, क्योंकि भाजपा के एजेंडे में शिक्षा भी है, शिक्षण संस्थान भी है, शिक्षक भी है और छात्र भी हैं। इसके साथ युवा, विकास और विरासत भी भाजपा के एजेंडे के हिस्से हैं। बिना धरना प्रदर्शन पूरी हुईं शिक्षकों की अपेक्षाएं मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ कि शिक्षकों की अपेक्षाओं को सरकार ने बिना शिक्षकों के धरना प्रदर्शन किए पूर्ण किया। मांग रही या नहीं रही, उनकी सरकार ने बेसिक से लेकर विश्वविद्यालय स्तर तक, शिक्षकों से लेकर शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सभी कार्मिकों व उनके परिजनों को पांच लाख रुपये कैशलेश इलाज की सुविधा दी। इसके साथ ही बिना वेतन कटौती शिक्षकों को सुरक्षा बीमा का कवर भी उपलब्ध करवाया गया है। सरकार के द्वारा संचालित या अनुदानित विद्यालय का कोई शिक्षक दुर्भाग्य से यदि दुर्घटना का शिकार होता है, 80 लाख से लेकर के 1 करोड़ 20 लाख रुपये उस परिवार को उपलब्ध करवाने की व्यवस्था कर दी गई। शिक्षामित्रों, अन्य शिक्षकों और रसोइयों को भी सुरक्षा बीमा का कवर उपलब्ध करवाया गया है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने शिक्षामित्रों का मानदेय 10,000 से बढ़ाकर 18,000 और अनुदेशकों का मानदेय 9000 से बढ़ाकर 17,000 रुपये किया। महिला शिक्षक के कंधे पर बंदूक, सीएम ने सुनाया रोचक संस्करण कार्यक्रम में सीएम योगी ने अपने संसदीय कार्यकाल के दौरान वर्ष 2004 का एक रोचक संस्करण सुनाया। कहा कि तब एक दिन अपने संसदीय क्षेत्र में जाते वक्त उन्हें साइकिल से जाती एक महिला शिक्षक मिली जो कंधे पर बंदूक लटकाए थी। पूछने पर उसने कहा, ‘सरकार कैसी है आप जान रहे हैं, इसलिए मुझे अपनी और स्कूल के बच्चों की सुरक्षा के लिए स्वयं कंधे पर बंदूक लेकर साइकिल जा रही हूं।’ अच्छी शिक्षा व्यवस्था, शिक्षक का सबसे बड़ा सम्मान मुख्यमंत्री ने कहा कि एक शिक्षक का सबसे बड़ा सम्मान यह है कि शिक्षा व्यवस्था अच्छी हो। सरकार इसी दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने ऑपरेशन कायाकल्प के और प्रोजेक्ट अलंकार के अंतर्गत हर विद्यालय के भव्य और अच्छे आलीशान भवन बनाकर उन्हें सुविधा संपन्न करने का काम किया है। अकेले माध्यमिक शिक्षा से जुड़े हुए 2300 राजकीय और अनुदानित विद्यालयों को बिना भेदभाव धनराशि उपलब्ध करवाई गई। सीएम ने कहा कि शिक्षक अच्छे भवन के नीचे बैठें, छात्र अच्छे भवन के नीचे पढ़ें, उन्हें बुनियादी सुविधाएं मिलें, स्मार्ट क्लास बनें, कंप्यूटर लैब बनें, डिजिटल लाइब्रेरी बने ये सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में कार्य आगे बढ़े हैं। मुलायम सिंह यादव ने लागू की थी न्यू पेंशन स्कीम, पैसा भी जमा नहीं किया मुख्यमंत्री ने कहा कि जब मुलायम सिंह यादव मुख्यमंत्री थे तब 2005 में उन्होंने न्यू पेंशन स्कीम लागू की थी। वे चाहते तो नहीं लागू करते, लेकिन ये सब मीठा-मीठा गप और कड़वा-कड़वा थू वाले हैं। उन्होंने कहा कि सपा आज झूठे वादे इसलिए करती है कि उसे भी पता है कि उसकी सरकार कभी आनी नहीं है, इसलिए कुछ भी बोल दो। सीएम ने कहा कि आज समाजवादी पार्टी धोखा दे रही है। 2005 में स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव जी ने जब न्यू पेंशन स्कीम लागू की तो उस समय की शर्त थी कि जो भी व्यक्ति न्यू पेंशन स्कीम में आएगा, उसका एक अकाउंट खुलेगा। सरकार का शेयर 10 प्रतिशत, कर्मचारी का प्रतिशत 10 प्रतिशत होगा और दोनों मिलाकर अकाउंट में पैसा जाएगा। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी सपाचट करने वाली पार्टी है। इसने एक भी सरकारी कर्मचारी या शिक्षक का अकाउंट नहीं खोला, एक भी पैसा जमा नहीं किया। जब 2017 में भाजपा की सरकार बनी तो मैंने 2018 में कमेटी गठित की। और, 2019 के प्रारंभ में 10 हजार करोड़ रुपया फिर से अलग से उपलब्ध करवाया और 14 लाख सरकारी कर्मचारियों के अकाउंट खुलवाकर पैसा भेजने का काम किया। मुलायम सिंह के बाद अखिलेश यादव भी मुख्यमंत्री बने थे लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों और कर्मचारियों के हित के लिए जो अच्छा होगा, सरकार उस प्रकार का कदम उठाने में कोई हिचक नहीं दिखाएगी। हम आपके साथ हैं, आपके हितों का संरक्षण करेंगे क्योंकि हमारा प्रदेश अब बीमारू राज्य नहीं बल्कि रेवेन्यू सरप्लस राज्य है। सारा पैसा खा जाते थे सपाई सीएम योगी ने कहा कि 2017 के पहले सफाई सारा पैसा खा जाते थे, लूट-खसोट कर लेते थे। सैफई सिंडिकेट इस प्रकार की अराजकता फैलाता था कि प्रदेश के अंदर विकास चौपट था। नौजवान को नौकरी नहीं मिलती थी। शिक्षा आयोग में सैफई सिंडिकेट ने सारे अपने रिश्तेदार भर दिए थे। सबको पता है कि भर्तियों में क्या होता था। पैसा लेकर सबकुछ सैफई के माध्यम से तय होता था। उन्होंने कहा कि 2017 में जब हम लोग आए तो प्रदेश के अंदर डेढ़ लाख से अधिक शिक्षकों के पद खाली थे। हम लोगों ने नियुक्ति निकाली और फेयर सलेक्शन हुआ, हर जिले से सिलेक्शन हुआ। हर आयोग में हमने शिक्षकों को मेंबर के रूप में रखा है। उन्होंने कहा कि आपने प्रदेश और केंद्र में अच्छी सरकार बनाई बनाई है तो देश विकास कर रहा है। प्रदेश भी अब बीमारू राज्य नहीं है, पहचान के लिए मोहताज नहीं है। अब तो उत्तर प्रदेश का वासी कहीं भी जाता है तो सामने वाला व्यक्ति का चेहरा खिल जाता है, वह उसको गले लगाने के लिए उतावला दिखाई देता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के पूर्व अराजकता और उपद्रव के कारण प्रदेश के सामने एक बदनुमा दाग जो लगा था। उस दाग के कारण पहचान का संकट था। पहचान का संकट था तो कोई निवेश भी नहीं करता था, कोई विकास भी नहीं होता था। आज पहचान का संकट नहीं है, आज तो विकास है, विरासत है, निवेश है, रोजगार भी है। समाज का जागरूक प्रहरी है शिक्षक मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक समाज का जागरूक प्रहरी है। वह व्यवस्था का निर्माता है, राष्ट्र की समृद्धि का आधार है। उन्होंने कहा कि और शिक्षकजनों को शिक्षकों के हितों में कार्य करने वाले अपने प्रतिनिधि को इसीलिए चुनाव भी उसी प्रकार का करना है। उन्होंने शिक्षक एमएलसी चुनाव में ध्रुव कुमार त्रिपाठी को भारी मतों से जिताने की अपील करते हुए उन्हें माध्यमिक शिक्षक संघ के बड़े नेता स्वर्गीय ओमप्रकाश शर्मा, पंचानन राय की परंपरा का वाहक बताया। सीएम ने जनप्रतिनिधियों से भी अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्र में मोर्चा लेकर के ध्रुव त्रिपाठी के पक्ष में एक-एक वोट पोल करवाकर उन्हें भारी मतों से विजयी बनवाएं। कहा कि ध्रुव कुमार त्रिपाठी की विजय शिक्षा जगत में एक नई क्रांति का कारण बनेगा। सीएम ने कहा कि 23 अक्टूबर को मतदान है और माध्यमिक शिक्षा से जुड़े हुए या जो भी शिक्षक मतदाता है, उस सभी मतदाता का उस दिन अवकाश का भी दिन हमने घोषित कर रखा है। अवकाश रहेगा, आराम से जाइए, मतदान करिए, ध्रुव कुमार त्रिपाठी को विजयी बनाइए और फिर शिक्षा जगत की समस्या का समाधान हाथों-हाथ करवाइए। शिक्षा क्षेत्र का कायाकल्प किया सीएम योगी ने : सूर्य प्रताप शाही कार्यक्रम में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि पिछले करीब दस वर्षों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षा के समग्र क्षेत्र का कायाकल्प किया है। उन्होंने शिक्षकों के मान सम्मान के लिए वेतनमान लागू करने के साथ ही उन्हें और उनके परिवार को कैशलेश इलाज की सुविधा दी। भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि शिक्षक संगठनों की चालीस वर्ष पुरानी निशुल्क इलाज की मांग को स्वीकार कर सीएम योगी ने शिक्षकों पर बड़ी कृपा की है। श्री त्रिपाठी ने शिक्षकों के हित में योगी सरकार की तरफ से उठाए गए कदमों और लिए गए निर्णयों की विस्तार से चर्चा की। इस अवसर पर कारागर मंत्री दारा सिंह चौहान, अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री दानिश आजाद, ग्रामीण विकास राज्यमंत्री विजयलक्ष्मी गौतम, सांसद रविकिशन शुक्ल, जगदम्बिका पाल, विजय दूबे, गोरखपुर के महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, भाजपा के प्रदेश महामंत्री एवं गोरखपुर क्षेत्र प्रभारी अभिजात मिश्रा, क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय, भाजपा प्रत्यशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, रमेश सिंह, कामेश्वर सिंह, उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के बृजेश राय, जय नारायण दूबे, संजीव राय, अवधेश सिंह, ज्ञानेश राय, शैलेंद्र शुक्ल, अजय शाही आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
ताजा स्थिति व आगे का अपडेट
विशेषज्ञों और पर्यवेक्षकों के अनुसार इस कदम के महत्वपूर्ण परिणाम सामने आ सकते हैं। आगे की आधिकारिक घोषणाओं की प्रतीक्षा है।
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