आईआईटी बीएचयू वाराणसी, प्रमुख संवाददाता। आईआईटी जैसी संस्थानों में नशे पर रोक लगाने के लिए शिक्षा मंत्रालय पहल की है। इसी क्रम में युवाओं में नशे की लत की रोकथाम के लिए आईआईटी बीएचयू में नए छात्रों का ड्रग टेस्ट कराया जाएगा। देश के सभी आईआईटी और आईआईएम के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की तरफ से जारी आदेश के बाद आईआईटी बीएचयू ने नौ सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया है। कमेटी बीटेक, एमटेक, आईडीडी और पीएचडी में प्रवेश लेने वाले नए छात्रों का ‘यूरीन बेस्ड ड्रग टेस्ट’ कराएगी। आईआईटी बीएचयू में पहली बार इस तरह की किसी कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी में आईआईटी और बीएचयू के आचार्यों और चिकित्सकों को शामिल किया गया है। छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रोफेसर राजेश कुमार की अध्यक्षता में गठित कमेटी में प्रोफेसर देवेंद्र सिंह, प्रोफेसर मेधा झा, प्रो. अभिषेक कुमार श्रीवास्तव, डॉक्टर अजीत कुमार मिश्रा, आईएमएस बीएचयू के फार्माकोलॉजी विभाग की प्रो. किरण गिरी, पैथोलॉजी विभाग की डॉक्टर दीपा रानी, बीएचयू जैव रसायन विभागाध्यक्ष प्रो. कमलेश पालंदुरकर और तुषार कुमार सदस्य हैं।
घटना कैसे हुई और क्या है पूरा मामला
आईआईटी बीएचयू वाराणसी, प्रमुख संवाददाता। आईआईटी जैसी संस्थानों में नशे पर रोक लगाने के लिए शिक्षा मंत्रालय पहल की है। इसी क्रम में युवाओं में नशे की लत की रोकथाम के लिए आईआईटी बीएचयू में नए छात्रों का ड्रग टेस्ट कराया जाएगा। देश के सभी आईआईटी और आईआईएम के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की तरफ से जारी आदेश के बाद आईआईटी बीएचयू ने नौ सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया है। कमेटी बीटेक, एमटेक, आईडीडी और पीएचडी में प्रवेश लेने वाले नए छात्रों का ‘यूरीन बेस्ड ड्रग टेस्ट’ कराएगी।
आईआईटी बीएचयू में पहली बार इस तरह की किसी कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी में आईआईटी और बीएचयू के आचार्यों और चिकित्सकों को शामिल किया गया है। छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रोफेसर राजेश कुमार की अध्यक्षता में गठित कमेटी में प्रोफेसर देवेंद्र सिंह, प्रोफेसर मेधा झा, प्रो. अभिषेक कुमार श्रीवास्तव, डॉक्टर अजीत कुमार मिश्रा, आईएमएस बीएचयू के फार्माकोलॉजी विभाग की प्रो. किरण गिरी, पैथोलॉजी विभाग की डॉक्टर दीपा रानी, बीएचयू जैव रसायन विभागाध्यक्ष प्रो. कमलेश पालंदुरकर और तुषार कुमार सदस्य हैं।
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की तरफ से जारी निर्देशों में यूरीन बेस्ड जांच से पहले छात्रों से स्वीकृति पत्र भरवाने की भी व्यवस्था की गई है। यानी ड्रग्स की यह जांच इच्छित होगी। आईआईटी बीएचयू के उप कुलसचिव प्रशासन की तरफ से शनिवार को यह आदेश जारी किया गया।
आईआईटी बीएचयू में हर साल बीटेक और आईडीडी में लगभग 1500 नए छात्रों का प्रवेश होता है। इसके अलावा एमटेक और एमफार्मा में 400 और पीएचडी में 300 छात्र प्रवेश लेते हैं। मंत्रालय के निर्देश पर देशभर की आईआईटी, आईआईएम और उच्च शिक्षण संस्थानों में इस तरह की पहल शुरू हो चुकी है। युवाओं में ड्रग्स की लत की जांच और रोकथाम के लिए इस तरह की तैयारी की गई है।
मुख्य पुष्ट तथ्य और जांच के अहम बिंदु
- •आईआईटी बीएचयू वाराणसी, प्रमुख संवाददाता। आईआईटी जैसी संस्थानों में नशे पर रोक लगाने के लिए शिक्षा मंत्रालय पहल की है। इसी क्रम में युवाओं में नशे की लत की रोकथाम के लिए आईआईटी बीएचयू में नए छात्रों का ड्रग टेस्ट कराया जाएगा। देश के सभी आईआईटी और आईआईएम के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की तरफ से जारी आदेश के बाद आईआईटी बीएचयू ने नौ सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया है। कमेटी बीटेक, एमटेक, आईडीडी और पीएचडी में प्रवेश लेने वाले नए छात्रों का ‘यूरीन बेस्ड ड्रग टेस्ट’ कराएगी।
- •आईआईटी बीएचयू में पहली बार इस तरह की किसी कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी में आईआईटी और बीएचयू के आचार्यों और चिकित्सकों को शामिल किया गया है। छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रोफेसर राजेश कुमार की अध्यक्षता में गठित कमेटी में प्रोफेसर देवेंद्र सिंह, प्रोफेसर मेधा झा, प्रो. अभिषेक कुमार श्रीवास्तव, डॉक्टर अजीत कुमार मिश्रा, आईएमएस बीएचयू के फार्माकोलॉजी विभाग की प्रो. किरण गिरी, पैथोलॉजी विभाग की डॉक्टर दीपा रानी, बीएचयू जैव रसायन विभागाध्यक्ष प्रो. कमलेश पालंदुरकर और तुषार कुमार सदस्य हैं।
- •केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की तरफ से जारी निर्देशों में यूरीन बेस्ड जांच से पहले छात्रों से स्वीकृति पत्र भरवाने की भी व्यवस्था की गई है। यानी ड्रग्स की यह जांच इच्छित होगी। आईआईटी बीएचयू के उप कुलसचिव प्रशासन की तरफ से शनिवार को यह आदेश जारी किया गया।
- •आईआईटी बीएचयू में हर साल बीटेक और आईडीडी में लगभग 1500 नए छात्रों का प्रवेश होता है। इसके अलावा एमटेक और एमफार्मा में 400 और पीएचडी में 300 छात्र प्रवेश लेते हैं। मंत्रालय के निर्देश पर देशभर की आईआईटी, आईआईएम और उच्च शिक्षण संस्थानों में इस तरह की पहल शुरू हो चुकी है। युवाओं में ड्रग्स की लत की जांच और रोकथाम के लिए इस तरह की तैयारी की गई है।
ताजा स्थिति व आगे का अपडेट
इस घटनाक्रम पर संबंधित अधिकारियों और प्रशासनिक स्तर पर निरंतर समीक्षा जारी है। ताजा आधिकारिक सूचना के आधार पर विवरण को अद्यतन किया जाएगा।

