ईरान युद्ध ने डोनाल्ड ट्रंप का खेल खराब कर दिया है और इसके जंग से एक के बाद एक बड़ा संकट अमेरिका पर खड़ा होता दिख रहा है. US-Iran War के चलते दुनिया के तमाम ऐसे देशों में तेल-गैस संकट गहराया, जो इसके आयात पर निर्भर हैं. तो वहीं अमेरिका में भी महंगाई दर से लेकर पेट्रोल के दाम बढ़ने तक ने ट्रंप की टेंशन बढ़ा दी है. अब एक नई परेशानी देखने को मिली है. दरअसल, अमेरिका के स्ट्रेटिजिक रिजर्व में कच्चे तेल का भंडार 1982 के बाद से अपने सबसे निचले स्तर पर आ गया है. कच्चे तेल की कीमत में उछाल जारी सबसे पहले बात कर लेते हैं कच्चे तेल की लेटेस्ट कीमत के बारे में, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल वायदा में 52 सेंट या 0.47% की वृद्धि हुई और यह 0628 GMT तक 110.07 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि पिछले सत्र में यह 110.70 डॉलर तक पहुंचा था, जो 20 मई के बाद का इसका उच्चतम स्तर है. इसके अलावा WTI Crude Oil Price 100 डॉलर पर ट्रेड कर रहा है, तो वहीं मर्बन क्रूड का दाम 111 डॉलर प्रति बैरल का स्तर पार कर गया है.

घटना कैसे हुई और क्या है पूरा मामला

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ईरान युद्ध ने डोनाल्ड ट्रंप का खेल खराब कर दिया है और इसके जंग से एक के बाद एक बड़ा संकट अमेरिका पर खड़ा होता दिख रहा है. US-Iran War के चलते दुनिया के तमाम ऐसे देशों में तेल-गैस संकट गहराया, जो इसके आयात पर निर्भर हैं. तो वहीं अमेरिका में भी महंगाई दर से लेकर पेट्रोल के दाम बढ़ने तक ने ट्रंप की टेंशन बढ़ा दी है. अब एक नई परेशानी देखने को मिली है. दरअसल, अमेरिका के स्ट्रेटिजिक रिजर्व में कच्चे तेल का भंडार 1982 के बाद से अपने सबसे निचले स्तर पर आ गया है.

कच्चे तेल की कीमत में उछाल जारी सबसे पहले बात कर लेते हैं कच्चे तेल की लेटेस्ट कीमत के बारे में, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल वायदा में 52 सेंट या 0.47% की वृद्धि हुई और यह 0628 GMT तक 110.07 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि पिछले सत्र में यह 110.70 डॉलर तक पहुंचा था, जो 20 मई के बाद का इसका उच्चतम स्तर है. इसके अलावा WTI Crude Oil Price 100 डॉलर पर ट्रेड कर रहा है, तो वहीं मर्बन क्रूड का दाम 111 डॉलर प्रति बैरल का स्तर पार कर गया है.

मुख्य पुष्ट तथ्य और जांच के अहम बिंदु

  • •ईरान युद्ध ने डोनाल्ड ट्रंप का खेल खराब कर दिया है और इसके जंग से एक के बाद एक बड़ा संकट अमेरिका पर खड़ा होता दिख रहा है. US-Iran War के चलते दुनिया के तमाम ऐसे देशों में तेल-गैस संकट गहराया, जो इसके आयात पर निर्भर हैं. तो वहीं अमेरिका में भी महंगाई दर से लेकर पेट्रोल के दाम बढ़ने तक ने ट्रंप की टेंशन बढ़ा दी है. अब एक नई परेशानी देखने को मिली है. दरअसल, अमेरिका के स्ट्रेटिजिक रिजर्व में कच्चे तेल का भंडार 1982 के बाद से अपने सबसे निचले स्तर पर आ गया है.
  • •कच्चे तेल की कीमत में उछाल जारी सबसे पहले बात कर लेते हैं कच्चे तेल की लेटेस्ट कीमत के बारे में, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल वायदा में 52 सेंट या 0.47% की वृद्धि हुई और यह 0628 GMT तक 110.07 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि पिछले सत्र में यह 110.70 डॉलर तक पहुंचा था, जो 20 मई के बाद का इसका उच्चतम स्तर है. इसके अलावा WTI Crude Oil Price 100 डॉलर पर ट्रेड कर रहा है, तो वहीं मर्बन क्रूड का दाम 111 डॉलर प्रति बैरल का स्तर पार कर गया है.

ताजा स्थिति व आगे का अपडेट

इस विकास का सीधा प्रभाव संबंधित क्षेत्र और हितधारकों पर देखा जा रहा है। घटनाक्रम पर पैनी नजर बनी हुई है।