वैज्ञानिक अब तक मानते थे कि सफेद बौने तारे भी तापमान के इसी नियम का पालन करते हैं. नए अध्ययन से पता चला है कि यह मृत तारे हरा, गुलाबी, पीला और बैंगनी रंग भी ले सकते हैं. यूनिवर्सिटी ऑफ वारविक के टीम लीडर मार्क हालैंड्स ने कहा, ‘ज्यादातर तारे और सफेद बौने परफेक्ट रेडिएटर की तरह व्यवहार करते हैं. उनका रंग पूरी तरह तापमान से तय होता है लेकिन किसी ने यह नहीं देखा था कि इनमें और क्या संभावनाएं हो सकती हैं.’
घटना कैसे हुई और क्या है पूरा मामला
वैज्ञानिक अब तक मानते थे कि सफेद बौने तारे भी तापमान के इसी नियम का पालन करते हैं. नए अध्ययन से पता चला है कि यह मृत तारे हरा, गुलाबी, पीला और बैंगनी रंग भी ले सकते हैं.
यूनिवर्सिटी ऑफ वारविक के टीम लीडर मार्क हालैंड्स ने कहा, ‘ज्यादातर तारे और सफेद बौने परफेक्ट रेडिएटर की तरह व्यवहार करते हैं. उनका रंग पूरी तरह तापमान से तय होता है लेकिन किसी ने यह नहीं देखा था कि इनमें और क्या संभावनाएं हो सकती हैं.’
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मुख्य पुष्ट तथ्य और जांच के अहम बिंदु
- •वैज्ञानिक अब तक मानते थे कि सफेद बौने तारे भी तापमान के इसी नियम का पालन करते हैं. नए अध्ययन से पता चला है कि यह मृत तारे हरा, गुलाबी, पीला और बैंगनी रंग भी ले सकते हैं.
- •यूनिवर्सिटी ऑफ वारविक के टीम लीडर मार्क हालैंड्स ने कहा, ‘ज्यादातर तारे और सफेद बौने परफेक्ट रेडिएटर की तरह व्यवहार करते हैं. उनका रंग पूरी तरह तापमान से तय होता है लेकिन किसी ने यह नहीं देखा था कि इनमें और क्या संभावनाएं हो सकती हैं.’
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ताजा स्थिति व आगे का अपडेट
इस विकास का सीधा प्रभाव संबंधित क्षेत्र और हितधारकों पर देखा जा रहा है। घटनाक्रम पर पैनी नजर बनी हुई है।






