संवाद न्यूज एजेंसीबिलासपुर। स्वामी विवेकानंद राजकीय महाविद्यालय घुमारवीं के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) द्वारा संपादित पुस्तक फ्रंटियर्स ऑफ लर्निंग: इंटीग्रेटिंग ऑल स्ट्रीम्स ऑफ नॉलेज का भव्य विमोचन प्रदेश के तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने किया। यह विशेष प्रकाशन महाविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध, नवाचार और विभिन्न विषयों के बीच अकादमिक सहयोग को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। इस पुस्तक के माध्यम से विभिन्न शैक्षणिक विषयों और प्रतिष्ठित संस्थानों से जुड़े शिक्षकों व शोधकर्ताओं के शोध कार्यों को एक साझा मंच प्रदान किया गया है। पुस्तक का मूल उद्देश्य ज्ञान की विभिन्न धाराओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और शोध व नवाचार की संस्कृति को सुदृढ़ करना है। विमोचन के दौरान तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने आईक्यूएसी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान समय की जटिल चुनौतियों का समाधान विभिन्न विषयों के ज्ञान को एकीकृत करके ही संभव है। उन्होंने कहा कि विद्वानों का यह संयुक्त प्रयास अकादमिक सहयोग को नई दिशा देगा। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. प्रीतम लाल ने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों का मुख्य दायित्व केवल पढ़ाना ही नहीं, बल्कि शोध, ज्ञान सृजन और समाजोपयोगी विचारों का प्रसार करना भी है। पुस्तक के संपादक एवं आईक्यूएसी समन्वयक डॉ. अतुल गुप्ता व डॉ. अनित कुमार ने बताया कि यह महाविद्यालय के आईक्यूएसी का पहला पुस्तक प्रकाशन प्रयास है, जिसमें विभिन्न शोधपरक लेखों को शामिल किया गया है। उन्होंने इस अवसर पर सभी लेखकों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

मुख्य पुष्ट तथ्य और जांच के अहम बिंदु

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  • •संवाद न्यूज एजेंसीबिलासपुर। स्वामी विवेकानंद राजकीय महाविद्यालय घुमारवीं के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) द्वारा संपादित पुस्तक फ्रंटियर्स ऑफ लर्निंग: इंटीग्रेटिंग ऑल स्ट्रीम्स ऑफ नॉलेज का भव्य विमोचन प्रदेश के तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने किया। यह विशेष प्रकाशन महाविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध, नवाचार और विभिन्न विषयों के बीच अकादमिक सहयोग को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। इस पुस्तक के माध्यम से विभिन्न शैक्षणिक विषयों और प्रतिष्ठित संस्थानों से जुड़े शिक्षकों व शोधकर्ताओं के शोध कार्यों को एक साझा मंच प्रदान किया गया है। पुस्तक का मूल उद्देश्य ज्ञान की विभिन्न धाराओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और शोध व नवाचार की संस्कृति को सुदृढ़ करना है। विमोचन के दौरान तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने आईक्यूएसी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान समय की जटिल चुनौतियों का समाधान विभिन्न विषयों के ज्ञान को एकीकृत करके ही संभव है। उन्होंने कहा कि विद्वानों का यह संयुक्त प्रयास अकादमिक सहयोग को नई दिशा देगा। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. प्रीतम लाल ने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों का मुख्य दायित्व केवल पढ़ाना ही नहीं, बल्कि शोध, ज्ञान सृजन और समाजोपयोगी विचारों का प्रसार करना भी है। पुस्तक के संपादक एवं आईक्यूएसी समन्वयक डॉ. अतुल गुप्ता व डॉ. अनित कुमार ने बताया कि यह महाविद्यालय के आईक्यूएसी का पहला पुस्तक प्रकाशन प्रयास है, जिसमें विभिन्न शोधपरक लेखों को शामिल किया गया है। उन्होंने इस अवसर पर सभी लेखकों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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