भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN व्यावसायिक शिक्षा केंद्रों का संचालन

घटना कैसे हुई और क्या है पूरा मामला

भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN

व्यावसायिक शिक्षा केंद्रों का संचालन

व्यावसायिक शिक्षा : 555 विद्यालयों के लिए चयनित 394 प्रशिक्षकों के प्रमाण पत्र जांच में सही परिषद ने जिलों को दिया आदेश, अब बिना बाधा हो केंद्रों का संचालन त्रि-सदस्यीय जांच समिति ने शैक्षणिक, तकनीकी प्रमाण पत्र और बुनियादी कौशल परखा सीतामढ़ी में सबसे ज्यादा 35 और मुजफ्फरपुर में 26 प्रशिक्षक तो राजधानी पटना में सिर्फ 6 सोलर, टूरिज्म, रिटेल, कृषि, टेलीकॉम से लेकर आईटी, प्लंबिंग और सिलाई तक 20 से ज्यादा ट्रेड बिहारशरीफ, कार्यालय संवाददाता। नालंदा के 20 समेत राज्य के 555 माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा शुरू करने की राह अब साफ होती दिख रही है। बिहार शिक्षा परियोजना परिषद ने जिला स्तर की त्रि-सदस्यीय जांच समिति द्वारा प्रमाण पत्र सत्यापन के बाद नालंदा के 14 समेत सूबे के 394 व्यावसायिक प्रशिक्षकों (वीटी) की सूची जारी कर सभी डीईओ और डीपीओ को आदेश दिया है कि इन्हीं के माध्यम से व्यावसायिक केंद्रों का संचालन बिना किसी बाधा के कराया जाए। समिति ने प्रशिक्षकों के शैक्षणिक और तकनीकी प्रमाण पत्रों की जांच और बुनियादी कौशल की जानकारी के बाद इन्हें संतोषजनक पाया है। सूची में सीतामढ़ी (35 प्रशिक्षक) और मुजफ्फरपुर (26) सबसे आगे हैं, जबकि पटना में मात्र छह और अरवल में सिर्फ एक प्रशिक्षक हैं। कौन-कौन से ट्रेड : सोलर सिस्टम, टूरिज्म एवं हॉस्पिटैलिटी, रिटेल, कृषि, टेलीकॉम, आईटी-आईटीज, इलेक्ट्रॉनिक एवं हार्डवेयर, अपैरल, मेड-अप्स एवं होम फर्निशिंग, प्लंबिंग, होम अप्लायंसेज, कंप्यूटिंग एवं पेरिफेरल्स, वेब डेवलपर, सेल्फ एम्प्लॉयड टेलर और स्पेशलाइज्ड सिविंग मशीन ऑपरेटर जैसे ट्रेडों की पढ़ाई होनी है। प्रशिक्षकों का चयन: प्रशिक्षकों का चयन दो एजेंसियों के जरिए हुआ है। रेलटेल के 240 और केंद्रीय भंडार के 128 प्रशिक्षक चयनित हुए हैं। मधेपुरा में दोनों एजेंसियों के प्रशिक्षक हैं। दरभंगा, गया, जमुई, कैमूर, कटिहार, खगड़िया, किशनगंज, लखीसराय, बेगूसराय और भागलपुर में केंद्रीय भंडार का नाम दर्ज है। मुंगेर से लेकर वैशाली तक के शेष जिलों में रेलटेल है।

मुख्य पुष्ट तथ्य और जांच के अहम बिंदु

  • •भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN
  • •व्यावसायिक शिक्षा केंद्रों का संचालन
  • •व्यावसायिक शिक्षा : 555 विद्यालयों के लिए चयनित 394 प्रशिक्षकों के प्रमाण पत्र जांच में सही परिषद ने जिलों को दिया आदेश, अब बिना बाधा हो केंद्रों का संचालन त्रि-सदस्यीय जांच समिति ने शैक्षणिक, तकनीकी प्रमाण पत्र और बुनियादी कौशल परखा सीतामढ़ी में सबसे ज्यादा 35 और मुजफ्फरपुर में 26 प्रशिक्षक तो राजधानी पटना में सिर्फ 6 सोलर, टूरिज्म, रिटेल, कृषि, टेलीकॉम से लेकर आईटी, प्लंबिंग और सिलाई तक 20 से ज्यादा ट्रेड बिहारशरीफ, कार्यालय संवाददाता। नालंदा के 20 समेत राज्य के 555 माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा शुरू करने की राह अब साफ होती दिख रही है। बिहार शिक्षा परियोजना परिषद ने जिला स्तर की त्रि-सदस्यीय जांच समिति द्वारा प्रमाण पत्र सत्यापन के बाद नालंदा के 14 समेत सूबे के 394 व्यावसायिक प्रशिक्षकों (वीटी) की सूची जारी कर सभी डीईओ और डीपीओ को आदेश दिया है कि इन्हीं के माध्यम से व्यावसायिक केंद्रों का संचालन बिना किसी बाधा के कराया जाए। समिति ने प्रशिक्षकों के शैक्षणिक और तकनीकी प्रमाण पत्रों की जांच और बुनियादी कौशल की जानकारी के बाद इन्हें संतोषजनक पाया है। सूची में सीतामढ़ी (35 प्रशिक्षक) और मुजफ्फरपुर (26) सबसे आगे हैं, जबकि पटना में मात्र छह और अरवल में सिर्फ एक प्रशिक्षक हैं। कौन-कौन से ट्रेड : सोलर सिस्टम, टूरिज्म एवं हॉस्पिटैलिटी, रिटेल, कृषि, टेलीकॉम, आईटी-आईटीज, इलेक्ट्रॉनिक एवं हार्डवेयर, अपैरल, मेड-अप्स एवं होम फर्निशिंग, प्लंबिंग, होम अप्लायंसेज, कंप्यूटिंग एवं पेरिफेरल्स, वेब डेवलपर, सेल्फ एम्प्लॉयड टेलर और स्पेशलाइज्ड सिविंग मशीन ऑपरेटर जैसे ट्रेडों की पढ़ाई होनी है। प्रशिक्षकों का चयन: प्रशिक्षकों का चयन दो एजेंसियों के जरिए हुआ है। रेलटेल के 240 और केंद्रीय भंडार के 128 प्रशिक्षक चयनित हुए हैं। मधेपुरा में दोनों एजेंसियों के प्रशिक्षक हैं। दरभंगा, गया, जमुई, कैमूर, कटिहार, खगड़िया, किशनगंज, लखीसराय, बेगूसराय और भागलपुर में केंद्रीय भंडार का नाम दर्ज है। मुंगेर से लेकर वैशाली तक के शेष जिलों में रेलटेल है।

ताजा स्थिति व आगे का अपडेट

संबंधित विभाग और जांच एजेंसियां मामले के सभी पहलुओं का अध्ययन कर रही हैं। किसी भी नए आधिकारिक अपडेट की पुष्टि होते ही जानकारी साझा की जाएगी।