कॉलेज में 13वां अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित प्राप्त आधिकारिक विवरण के अनुसार नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी इरविन कॉलेज के शिक्षा विभाग ने शुक्रवार को 13वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ऑन लर्निंग (आईसीएल) का आयोजन किया। यह सम्मेलन एजुकेशन फॉर ए सस्टेनेबल फ्यूचर एजेंडा 2047-पॉलिसी, प्रैक्टिस एंड पेडागॉजी विषय पर केंद्रित था। इसमें शिक्षा में नैतिकता, मूल्यों और नवाचार पर विशेष जोर दिया गया।सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन लेडी इरविन कॉलेज की निदेशक नीलिमा अस्थाना ने किया। विशिष्ट अतिथि मोजाम्बिक गणराज्य के उच्चायोग के कांसुलर अटैची डोमिंगोस राउल एसक्रेवर क्वाल्कर ने शिक्षा को नवाचार, नैतिकता और समानता के दृष्टिकोण से नए सिरे से समझने की आवश्यकता पर बल दिया। मुख्य अतिथि गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ एजुकेशन के डीन धनंजय जोशी ने कहा कि वास्तविक ज्ञान केवल सूचनाओं तक सीमित नहीं है। इसमें विवेक और शिक्षकों के मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने सोशल मीडिया पर उपलब्ध सूचनाओं और प्रामाणिक ज्ञान के बीच अंतर को रेखांकित किया। सम्मेलन के दौरान पांच समानांतर सत्र आयोजित किए गए, जिनमें शिक्षा के विभिन्न विषयों पर शोधपत्र प्रस्तुत किए गए।

मुख्य पुष्ट तथ्य और जांच के अहम बिंदु

  • •कॉलेज में 13वां अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित प्राप्त आधिकारिक विवरण के अनुसार नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी इरविन कॉलेज के शिक्षा विभाग ने शुक्रवार को 13वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ऑन लर्निंग (आईसीएल) का आयोजन किया। यह सम्मेलन एजुकेशन फॉर ए सस्टेनेबल फ्यूचर एजेंडा 2047-पॉलिसी, प्रैक्टिस एंड पेडागॉजी विषय पर केंद्रित था। इसमें शिक्षा में नैतिकता, मूल्यों और नवाचार पर विशेष जोर दिया गया।सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन लेडी इरविन कॉलेज की निदेशक नीलिमा अस्थाना ने किया। विशिष्ट अतिथि मोजाम्बिक गणराज्य के उच्चायोग के कांसुलर अटैची डोमिंगोस राउल एसक्रेवर क्वाल्कर ने शिक्षा को नवाचार, नैतिकता और समानता के दृष्टिकोण से नए सिरे से समझने की आवश्यकता पर बल दिया। मुख्य अतिथि गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ एजुकेशन के डीन धनंजय जोशी ने कहा कि वास्तविक ज्ञान केवल सूचनाओं तक सीमित नहीं है। इसमें विवेक और शिक्षकों के मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने सोशल मीडिया पर उपलब्ध सूचनाओं और प्रामाणिक ज्ञान के बीच अंतर को रेखांकित किया। सम्मेलन के दौरान पांच समानांतर सत्र आयोजित किए गए, जिनमें शिक्षा के विभिन्न विषयों पर शोधपत्र प्रस्तुत किए गए।

ताजा स्थिति व आगे का अपडेट

विशेषज्ञों और पर्यवेक्षकों के अनुसार इस कदम के महत्वपूर्ण परिणाम सामने आ सकते हैं। आगे की आधिकारिक घोषणाओं की प्रतीक्षा है।