सीजेआई ने किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015 के दस साल पूरे होने पर आयोजित राष्ट्रीय वार्षिक सम्मेलन में अत्यंत संवेदनशील और भावपूर्ण विचार व्यक्त किए। 'कानून के संघर्ष में फंसे बच्चे' जैसी शब्दावली किसी बच्चे की स्थायी पहचान नहीं : सीजेआई

फैसले की बड़ी बातें: क्या लिए गए अहम निर्णय

सीजेआई ने किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015 के दस साल पूरे होने पर आयोजित राष्ट्रीय वार्षिक सम्मेलन में अत्यंत संवेदनशील और भावपूर्ण विचार व्यक्त किए।

'कानून के संघर्ष में फंसे बच्चे' जैसी शब्दावली किसी बच्चे की स्थायी पहचान नहीं : सीजेआई

प्रधान न्यायाधीश (सीजेआइ) सूर्यकांत बोले - यह शब्दावली उसकी कठिन परिस्थितियों को दर्शाती है

'पुनर्वास केवल संस्था के दरवाजों तक सीमित न हो, समाज एवं परिवार में हो सम्मानजनक पुनर्स्थापन'

नियम, शर्तें और संबंधित वर्ग पर सीधा असर

  • •सीजेआई ने किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015 के दस साल पूरे होने पर आयोजित राष्ट्रीय वार्षिक सम्मेलन में अत्यंत संवेदनशील और भावपूर्ण विचार व्यक्त किए।
  • •'कानून के संघर्ष में फंसे बच्चे' जैसी शब्दावली किसी बच्चे की स्थायी पहचान नहीं : सीजेआई
  • •प्रधान न्यायाधीश (सीजेआइ) सूर्यकांत बोले - यह शब्दावली उसकी कठिन परिस्थितियों को दर्शाती है
  • •'पुनर्वास केवल संस्था के दरवाजों तक सीमित न हो, समाज एवं परिवार में हो सम्मानजनक पुनर्स्थापन'

ताजा स्थिति व आगे का अपडेट

विशेषज्ञों और पर्यवेक्षकों के अनुसार इस कदम के महत्वपूर्ण परिणाम सामने आ सकते हैं। आगे की आधिकारिक घोषणाओं की प्रतीक्षा है।