बागेश्वर के ओलखसों गांव में मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के तहत एक करोड़ की लागत से 200 किलोवाट का सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया जा रहा है। यह परियोजना गांव में रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को गति प्रदान करेगी, जिसमें 50% अनुदान भी मिलेगा। बागेश्वर के ओलखसों गांव में मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के तहत एक करोड़ की लागत से 200 किलोवाट का सौर ...और पढ़ें

## घटनाक्रम का विस्तृत विवरण

बागेश्वर के ओलखसों गांव में मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के तहत एक करोड़ की लागत से 200 किलोवाट का सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया जा रहा है। यह परियोजना गांव में रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को गति प्रदान करेगी, जिसमें 50% अनुदान भी मिलेगा।

बागेश्वर के ओलखसों गांव में मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के तहत एक करोड़ की लागत से 200 किलोवाट का सौर ...और पढ़ें

200 किलोवाट क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया जा रहा है।

## मुख्य सत्यापित तथ्य व बिंदु

• जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में • घनश्याम जोशी, बागेश्वर । पहाड़ के गांवों में रोजगार के सीमित अवसरों के बीच अब सूरज की रोशनी स्वरोजगार का नया जरिया बन रही है। जिले के ओलखसों गांव में 200 किलोवाट क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया जा रहा है। • करीब एक करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना से गांव में ही रोजगार के अवसर सृजित होने के साथ स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। परियोजना मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के तहत स्थापित की जाएगी। योजना में परियोजना लागत पर 50 प्रतिशत अनुदान उद्योग विभाग की ओर से दिया जाता है। • सौर ऊर्जा के क्षेत्र में बढ़ते कदम पहाड़ के युवाओं के लिए गांव में रहकर स्वरोजगार की नई संभावनाएं खोल रहे हैं। ओलखसों में प्रस्तावित संयंत्र भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इससे न केवल स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर आय का स्थायी स्रोत तैयार करने में मदद मिलेगी। • योजना का लाभ लेने के लिए जिले में उरेडा कार्यालय के माध्यम से आनलाइन आवेदन किया जाता है। आवेदन की तकनीकी जांच के लिए उरेडा इसे ऊर्जा निगम को भेजता है। ऊर्जा निगम की संस्तुति के बाद पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर उरेडा की ओर से स्वीकृति प्रदान की जाती है। स्वीकृति पत्र मिलने के बाद लाभार्थी बैंक से ऋण के लिए संपर्क करता है। • यह भी पढ़ें- सौर ऊर्जा से रोशन होंगे जम्मू मंडल के रेलवे स्टेशन, कटड़ा और ऊधमपुर स्टेशनों पर लगेंगे 18 नए सोलर प्लांट • ऋण स्वीकृत होने पर ऊर्जा निगम के साथ एमओयू किया जाता है। बैंक से धनराशि मिलने के बाद सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने वाली पंजीकृत कंपनी के साथ करार होता है। लीज अथवा नाप भूमि का पंजीकरण रजिस्ट्रार कार्यालय में कराने के बाद संयंत्र स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू होती है। परियोजना लागत पर सरकार की ओर से 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है।

## पृष्ठभूमि, असर व आधिकारिक विवरण

मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के तहत जिले में 250 किलोवाट का एक, 200 किलोवाट के पांच, 100 किलोवाट का एक तथा 25 किलोवाट क्षमता का एक सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित हो चुका है। इन संयंत्रों से वर्तमान में करीब 5600 यूनिट बिजली प्रतिदिन उत्पादित हो रही है। उत्पादित बिजली को यूपीसीएल 4.64 रुपये प्रति यूनिट की दर से खरीद रहा है। बिजली खरीद का यह करार 25 वर्ष तक के लिए है।

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जिले को सौर ऊर्जा के क्षेत्र में आगे बढ़ाया जा रहा है। मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के तहत अधिकाधिक युवाओं को लाभाविंत किया जा रहा है। सौर ऊर्जा के क्षेत्र में जिला आत्मनिर्भर हो सकेगा। सौर ऊर्जा परियोजनाएं पहाड़ में केवल बिजली उत्पादन का माध्यम नहीं, बल्कि युवाओं के लिए दीर्घकालिक स्वरोजगार और आय का जरिया भी बन रही हैं। - अपूर्वा पांडे, जिलाधिकारी, बागेश्वर।

## तथ्यात्मक संदर्भ व पुष्टि

यह विशेष रिपोर्ट आधिकारिक सार्वजनिक दस्तावेजों और पुष्ट सूचनाओं के आधार पर तैयार की गई है। संपादकीय सत्यापन मानकों के अनुसार राज्य समाचार द्वारा जारी सत्यापित तथ्यों को बिना किसी अनुमान या अप्रमाणित दावों के प्रस्तुत किया गया है।