इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है। सभी 1.77 लाख पोलिंग बूथों पर सीसीटीवी कैमरे लगेंगे।

## घटना कैसे हुई और क्या है पूरा मामला

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

सभी 1.77 लाख पोलिंग बूथों पर सीसीटीवी कैमरे लगेंगे।

मतदान में गड़बड़ी रोकने और पारदर्शिता बढ़ाने का लक्ष्य।

मतदाता सूची दुरुस्त करने, पोस्टल बैलेट पर भी जोर।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। अगले वर्ष होने वाले विधान सभा चुनाव में मतदान की हर गतिविधि कैमरे की निगरानी में होगी। चुनाव आयोग ने इस बार प्रदेश के सभी पोलिंग बूथों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। अभी तक केवल 50 प्रतिशत बूथों पर ही सीसीटीवी कैमरे लगाने की व्यवस्था थी, लेकिन अब सभी 1.77 लाख पोलिंग बूथों पर शत-प्रतिशत कैमरे लगेंगे।

## मुख्य पुष्ट तथ्य और जांच के अहम बिंदु

• इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है। • सभी 1.77 लाख पोलिंग बूथों पर सीसीटीवी कैमरे लगेंगे। • मतदान में गड़बड़ी रोकने और पारदर्शिता बढ़ाने का लक्ष्य। • मतदाता सूची दुरुस्त करने, पोस्टल बैलेट पर भी जोर। • राज्य ब्यूरो, लखनऊ। अगले वर्ष होने वाले विधान सभा चुनाव में मतदान की हर गतिविधि कैमरे की निगरानी में होगी। चुनाव आयोग ने इस बार प्रदेश के सभी पोलिंग बूथों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। अभी तक केवल 50 प्रतिशत बूथों पर ही सीसीटीवी कैमरे लगाने की व्यवस्था थी, लेकिन अब सभी 1.77 लाख पोलिंग बूथों पर शत-प्रतिशत कैमरे लगेंगे। • इससे मतदान में गड़बड़ी, फर्जी मतदान या किसी अन्य शिकायत की स्थिति में चुनाव आयोग रिकार्डिंग के जरिये तत्काल सत्यापन कर सकेगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा विधान सभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा में जुट गए हैं। बूथों पर कैमरों के साथ ही इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए हैं। • चुनाव आयोग का जोर मतदान प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने पर है। चुनाव तैयारियों का जायजा लेने के लिए भारत निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त मनीष गर्ग नवंबर में यहां आ रहे हैं। दिसंबर में आयोग की पूरी टीम प्रदेश का भ्रमण कर तैयारियों को परखेगी। वर्ष 2022 के विधान सभा चुनाव की तरह ही 2027 के चुनाव की घोषणा भी जनवरी में ही होने की उम्मीद है। • छूटे मतदाताओं को जोड़ने के लिए बीएलओ हर सप्ताह पहुंचेंगे 20-25 घर • विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के बाद अब मतदाता सूची को और दुरुस्त करने के लिए घर-घर अभियान चलेगा। बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) हर सप्ताह कम से कम 20 से 25 ऐसे मतदाताओं के घर जाकर उनसे संपर्क करेंगे, जिनका नाम वर्ष 2025 की मतदाता सूची में था, लेकिन इस वर्ष 10 अप्रैल को प्रकाशित अंतिम सूची में नहीं है। ऐसे पात्र मतदाताओं से फार्म-6 भरवाकर उनका नाम सूची में शामिल कराया जाएगा। • विधान सभा चुनाव में आवश्यक सेवाओं से जुड़े उन कर्मचारियों और अधिकारियों को पोस्टल बैलेट से मतदान की सुविधा दी जाएगी, जो मतदान के दिन ड्यूटी के कारण अपने मतदेय स्थल पर पहुंचकर मतदान नहीं कर सकेंगे। इसकी तैयारियों को लेकर नवदीप रिणवा ने गुरुवार को विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की।

## आधिकारिक कार्रवाई और आगे की स्थिति

इससे मतदान में गड़बड़ी, फर्जी मतदान या किसी अन्य शिकायत की स्थिति में चुनाव आयोग रिकार्डिंग के जरिये तत्काल सत्यापन कर सकेगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा विधान सभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा में जुट गए हैं। बूथों पर कैमरों के साथ ही इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए हैं।

चुनाव आयोग का जोर मतदान प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने पर है। चुनाव तैयारियों का जायजा लेने के लिए भारत निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त मनीष गर्ग नवंबर में यहां आ रहे हैं। दिसंबर में आयोग की पूरी टीम प्रदेश का भ्रमण कर तैयारियों को परखेगी। वर्ष 2022 के विधान सभा चुनाव की तरह ही 2027 के चुनाव की घोषणा भी जनवरी में ही होने की उम्मीद है।

छूटे मतदाताओं को जोड़ने के लिए बीएलओ हर सप्ताह पहुंचेंगे 20-25 घर

विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के बाद अब मतदाता सूची को और दुरुस्त करने के लिए घर-घर अभियान चलेगा। बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) हर सप्ताह कम से कम 20 से 25 ऐसे मतदाताओं के घर जाकर उनसे संपर्क करेंगे, जिनका नाम वर्ष 2025 की मतदाता सूची में था, लेकिन इस वर्ष 10 अप्रैल को प्रकाशित अंतिम सूची में नहीं है। ऐसे पात्र मतदाताओं से फार्म-6 भरवाकर उनका नाम सूची में शामिल कराया जाएगा।

विधान सभा चुनाव में आवश्यक सेवाओं से जुड़े उन कर्मचारियों और अधिकारियों को पोस्टल बैलेट से मतदान की सुविधा दी जाएगी, जो मतदान के दिन ड्यूटी के कारण अपने मतदेय स्थल पर पहुंचकर मतदान नहीं कर सकेंगे। इसकी तैयारियों को लेकर नवदीप रिणवा ने गुरुवार को विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की।

उन्होंने सभी विभागों को ऐसे कर्मचारियों व अधिकारियों की सूची जल्द उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कहा कि जिन विभागों को पोस्टल बैलेट की सुविधा की आवश्यकता नहीं है, वे भी इसकी जानकारी दे दें।

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## ताजा स्थिति व आगे का अपडेट

इस घटनाक्रम पर संबंधित अधिकारियों और प्रशासनिक स्तर पर निरंतर समीक्षा जारी है। ताजा आधिकारिक सूचना के आधार पर विवरण को अद्यतन किया जाएगा।