संवाद न्यूज एजेंसीजगाधरी। जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग की ओर से 382 स्कूलों में लिए गए पानी के नमूनों में से 90 जांच में फेल पाए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इन स्कूलों का पानी पीने योग्य नहीं है। नमूनों के फेल होने की रिपोर्ट जिला शिक्षा विभाग को मिलने के बाद विभाग ने सभी स्कूल मुखियाओं को पानी की दोबारा जांच कराने के निर्देश दिए हैं। अब हर विद्यालय के पानी के नमूने प्रयोगशालाओं में दो बार जांचे जाएंगे, ताकि दोनों जांच रिपोर्ट का मिलान कर स्थिति स्पष्ट की जा सके। इसके साथ जिलास्तर पर विशेष निगरानी टीम बनाई जा रही है, जो विद्यालयों का औचक निरीक्षण करेगी। जिला शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार जिन स्कूलों के नाम जनस्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में शामिल हैं, उनमें से अधिकतर शहर के विद्यालय हैं। इन स्कूलों में नियमित रूप से सफाई और अन्य व्यवस्थाओं की जांच होती रहती है। विभागीय के अलावा अन्य अधिकारियों का भी यहां आना होता है। ऐसे में नमूने लेने की प्रक्रिया में किसी तरह की चूक की आशंका को भी नकारा नहीं जा रहा है। इसी वजह से दोबारा जांच कराने का निर्णय लिया गया है। शिक्षा विभाग ने स्कूल मुखियाओं को पानी की टंकियों की तत्काल सफाई कराने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही सभी स्कूलों को पानी की गुणवत्ता जांचने के लिए मीटर खरीदने को कहा है। विभाग के अनुसार हर माह पानी के नमूने लेकर उनकी जांच की जाए, ताकि दूषित पानी की समस्या का समय रहते पता लगाया जा सके। विद्यालयों में विद्यार्थियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाना इस प्रक्रिया का प्रमुख उद्देश्य है।जांच रिपोर्ट के मिलान से स्पष्ट होगी स्थिति जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग की ओर से भेजी रिपोर्ट के आधार पर अब स्कूल स्तर पर दोबारा नमूने लिए जाएंगे। दोनों प्रयोगशालाओं की रिपोर्ट का मिलान करने के बाद पानी की गुणवत्ता की वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी। यदि किसी स्कूल में पानी पीने योग्य नहीं पाया जाता है, तो वहां सफाई और जरूरी सुधारात्मक कदम उठाने की आवश्यकता होगी।जनस्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट के अनुसार 90 विद्यालयों के पानी की गुणवत्ता अच्छी नहीं है। ऐसे में शिक्षा विभाग की ओर से दोबारा पानी के नमूनों की जांच करवाई जा रही है। अधिकारियों की टीम विद्यालयों का औचक निरीक्षण करेगी। - प्रेमलता बक्शी, जिला शिक्षा अधिकारी।

मुख्य पुष्ट तथ्य और जांच के अहम बिंदु

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  • •संवाद न्यूज एजेंसीजगाधरी। जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग की ओर से 382 स्कूलों में लिए गए पानी के नमूनों में से 90 जांच में फेल पाए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इन स्कूलों का पानी पीने योग्य नहीं है। नमूनों के फेल होने की रिपोर्ट जिला शिक्षा विभाग को मिलने के बाद विभाग ने सभी स्कूल मुखियाओं को पानी की दोबारा जांच कराने के निर्देश दिए हैं। अब हर विद्यालय के पानी के नमूने प्रयोगशालाओं में दो बार जांचे जाएंगे, ताकि दोनों जांच रिपोर्ट का मिलान कर स्थिति स्पष्ट की जा सके। इसके साथ जिलास्तर पर विशेष निगरानी टीम बनाई जा रही है, जो विद्यालयों का औचक निरीक्षण करेगी। जिला शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार जिन स्कूलों के नाम जनस्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में शामिल हैं, उनमें से अधिकतर शहर के विद्यालय हैं। इन स्कूलों में नियमित रूप से सफाई और अन्य व्यवस्थाओं की जांच होती रहती है। विभागीय के अलावा अन्य अधिकारियों का भी यहां आना होता है। ऐसे में नमूने लेने की प्रक्रिया में किसी तरह की चूक की आशंका को भी नकारा नहीं जा रहा है। इसी वजह से दोबारा जांच कराने का निर्णय लिया गया है। शिक्षा विभाग ने स्कूल मुखियाओं को पानी की टंकियों की तत्काल सफाई कराने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही सभी स्कूलों को पानी की गुणवत्ता जांचने के लिए मीटर खरीदने को कहा है। विभाग के अनुसार हर माह पानी के नमूने लेकर उनकी जांच की जाए, ताकि दूषित पानी की समस्या का समय रहते पता लगाया जा सके। विद्यालयों में विद्यार्थियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाना इस प्रक्रिया का प्रमुख उद्देश्य है।जांच रिपोर्ट के मिलान से स्पष्ट होगी स्थिति जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग की ओर से भेजी रिपोर्ट के आधार पर अब स्कूल स्तर पर दोबारा नमूने लिए जाएंगे। दोनों प्रयोगशालाओं की रिपोर्ट का मिलान करने के बाद पानी की गुणवत्ता की वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी। यदि किसी स्कूल में पानी पीने योग्य नहीं पाया जाता है, तो वहां सफाई और जरूरी सुधारात्मक कदम उठाने की आवश्यकता होगी।जनस्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट के अनुसार 90 विद्यालयों के पानी की गुणवत्ता अच्छी नहीं है। ऐसे में शिक्षा विभाग की ओर से दोबारा पानी के नमूनों की जांच करवाई जा रही है। अधिकारियों की टीम विद्यालयों का औचक निरीक्षण करेगी। - प्रेमलता बक्शी, जिला शिक्षा अधिकारी।

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विशेषज्ञों और पर्यवेक्षकों के अनुसार इस कदम के महत्वपूर्ण परिणाम सामने आ सकते हैं। आगे की आधिकारिक घोषणाओं की प्रतीक्षा है।