जरा सोचिए, कोई बच्चा आज पैदा हो और अगले ही दिन उसकी उम्र 2 साल हो जाए. सुनने में यह अजीब लग सकता है, लेकिन चीन की एक पुरानी परंपरा में ऐसा हो सकता है. यहां उम्र गिनने का एक पारंपरिक तरीका है, जिसमें बच्चा जन्म लेते ही 1 साल का माना जाता है. इसके बाद उसकी उम्र जन्मदिन पर नहीं, बल्कि चीनी नववर्ष आने पर बढ़ जाती है. इसी वजह से इस तरीके से गिनी गई उम्र किसी व्यक्ति की असली उम्र से 1 या 2 साल ज्यादा हो सकती है. चीन में उम्र गिनने के इस तरीके को 'शू सुई' (Xu Sui) कहा जाता है. यह परंपरा आज भी कुछ ग्रामीण इलाकों और बुजुर्गों के बीच देखने को मिलती है. जन्म के समय ही 1 साल का क्यों माना जाता है बच्चा? आमतौर पर भारत समेत दुनिया के कई देशों में बच्चे की उम्र जन्म के समय शून्य मानी जाती है. उसका पहला जन्मदिन आने पर वह 1 साल का होता है. लेकिन चीन की पारंपरिक उम्र गिनने की व्यवस्था इससे अलग है. इस परंपरा में जन्म लेते ही बच्चे की उम्र 1 साल मान ली जाती है. इसके बाद चीनी नववर्ष आते ही उसकी उम्र में एक साल और जुड़ जाता है. यानी उम्र बढ़ने के लिए बच्चे के जन्मदिन का इंतजार नहीं किया जाता.

Detailed Chronological Breakdown

जरा सोचिए, कोई बच्चा आज पैदा हो और अगले ही दिन उसकी उम्र 2 साल हो जाए. सुनने में यह अजीब लग सकता है, लेकिन चीन की एक पुरानी परंपरा में ऐसा हो सकता है. यहां उम्र गिनने का एक पारंपरिक तरीका है, जिसमें बच्चा जन्म लेते ही 1 साल का माना जाता है. इसके बाद उसकी उम्र जन्मदिन पर नहीं, बल्कि चीनी नववर्ष आने पर बढ़ जाती है. इसी वजह से इस तरीके से गिनी गई उम्र किसी व्यक्ति की असली उम्र से 1 या 2 साल ज्यादा हो सकती है. चीन में उम्र गिनने के इस तरीके को 'शू सुई' (Xu Sui) कहा जाता है. यह परंपरा आज भी कुछ ग्रामीण इलाकों और बुजुर्गों के बीच देखने को मिलती है.

जन्म के समय ही 1 साल का क्यों माना जाता है बच्चा? आमतौर पर भारत समेत दुनिया के कई देशों में बच्चे की उम्र जन्म के समय शून्य मानी जाती है. उसका पहला जन्मदिन आने पर वह 1 साल का होता है. लेकिन चीन की पारंपरिक उम्र गिनने की व्यवस्था इससे अलग है. इस परंपरा में जन्म लेते ही बच्चे की उम्र 1 साल मान ली जाती है. इसके बाद चीनी नववर्ष आते ही उसकी उम्र में एक साल और जुड़ जाता है. यानी उम्र बढ़ने के लिए बच्चे के जन्मदिन का इंतजार नहीं किया जाता.

इसका मतलब यह है कि अगर कोई बच्चा चीनी नववर्ष से ठीक एक दिन पहले पैदा होता है, तो जन्म के समय उसकी उम्र 1 साल मानी जाएगी. अगले दिन नया साल आते ही उसकी उम्र 2 साल हो सकती है, भले ही उसने दुनिया में सिर्फ एक दिन ही बिताया हो.

Key Verified Facts

  • •जरा सोचिए, कोई बच्चा आज पैदा हो और अगले ही दिन उसकी उम्र 2 साल हो जाए. सुनने में यह अजीब लग सकता है, लेकिन चीन की एक पुरानी परंपरा में ऐसा हो सकता है. यहां उम्र गिनने का एक पारंपरिक तरीका है, जिसमें बच्चा जन्म लेते ही 1 साल का माना जाता है. इसके बाद उसकी उम्र जन्मदिन पर नहीं, बल्कि चीनी नववर्ष आने पर बढ़ जाती है. इसी वजह से इस तरीके से गिनी गई उम्र किसी व्यक्ति की असली उम्र से 1 या 2 साल ज्यादा हो सकती है. चीन में उम्र गिनने के इस तरीके को 'शू सुई' (Xu Sui) कहा जाता है. यह परंपरा आज भी कुछ ग्रामीण इलाकों और बुजुर्गों के बीच देखने को मिलती है.
  • •जन्म के समय ही 1 साल का क्यों माना जाता है बच्चा? आमतौर पर भारत समेत दुनिया के कई देशों में बच्चे की उम्र जन्म के समय शून्य मानी जाती है. उसका पहला जन्मदिन आने पर वह 1 साल का होता है. लेकिन चीन की पारंपरिक उम्र गिनने की व्यवस्था इससे अलग है. इस परंपरा में जन्म लेते ही बच्चे की उम्र 1 साल मान ली जाती है. इसके बाद चीनी नववर्ष आते ही उसकी उम्र में एक साल और जुड़ जाता है. यानी उम्र बढ़ने के लिए बच्चे के जन्मदिन का इंतजार नहीं किया जाता.
  • •इसका मतलब यह है कि अगर कोई बच्चा चीनी नववर्ष से ठीक एक दिन पहले पैदा होता है, तो जन्म के समय उसकी उम्र 1 साल मानी जाएगी. अगले दिन नया साल आते ही उसकी उम्र 2 साल हो सकती है, भले ही उसने दुनिया में सिर्फ एक दिन ही बिताया हो.
  • •उम्र गिनने का यह तरीका शुरू कैसे हुआ? इस परंपरा की जड़ें चीन की पुरानी संस्कृति और समय को समझने के पारंपरिक तरीके में मिलती हैं. पुराने समय में उम्र को सिर्फ जन्मदिन से जोड़कर नहीं देखा जाता था. चीनी चंद्र कैलेंडर के नए साल को भी उम्र बढ़ने से जोड़ा गया. इस व्यवस्था में बच्चे के जन्म के साथ ही उसे एक साल का मान लिया जाता था. इसके बाद हर चीनी नववर्ष पर सभी की उम्र एक साल बढ़ जाती थी. यानी किसी व्यक्ति का जन्म साल के किस समय हुआ है, इससे उसकी गिनी जाने वाली उम्र में फर्क पड़ सकता था.

Background, Context & Disclosures

उम्र गिनने का यह तरीका शुरू कैसे हुआ? इस परंपरा की जड़ें चीन की पुरानी संस्कृति और समय को समझने के पारंपरिक तरीके में मिलती हैं. पुराने समय में उम्र को सिर्फ जन्मदिन से जोड़कर नहीं देखा जाता था. चीनी चंद्र कैलेंडर के नए साल को भी उम्र बढ़ने से जोड़ा गया. इस व्यवस्था में बच्चे के जन्म के साथ ही उसे एक साल का मान लिया जाता था. इसके बाद हर चीनी नववर्ष पर सभी की उम्र एक साल बढ़ जाती थी. यानी किसी व्यक्ति का जन्म साल के किस समय हुआ है, इससे उसकी गिनी जाने वाली उम्र में फर्क पड़ सकता था.

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