वाराणसी के गंजारी में बन रहे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की खासियत इसकी थीम है. यहां भगवान शिव से जुड़ी कई आकृतियां देखने को मिल रही हैं. स्टेडियम में भगवान शिव के हाथों में नजर आने वाले त्रिशूल के आकार की विशाल लाइट लगाई गई है. इसके अलावा, स्टेडियम की बाहरी दीवारों पर बेलपत्र की आकृतियां भी बनाई गई हैं. वहीं, यहां डमरू के आकार का मीडिया सेंटर बनाया जा रहा है. फिलहाल इस पर ग्लास लगाने का काम तेजी से चल रहा है. मीडिया सेंटर का काम पूरा होने के बाद स्टेडियम के निर्माण का काम भी पूरा हो जाएगा. फ़िलहाल इसका लगभग 97 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है. गंजारी में बन रहे इस स्टेडियम को तैयार करने वाली कंपनी एलएंडटी इसी साल दिसंबर में इसे BCCI को सौंप सकती है. इसके बाद यहां क्रिकेट मैचों की शुरुआत होने की उम्मीद है. शुरुआत में इस स्टेडियम में ट्रायल मैच खेले जाएंगे. इसके लिए फिलहाल तैयारियां की जा रही हैं. दिसंबर महीने में यहां खिलाड़ियों को बल्ले से चौके-छक्के लगाते हुए भी देखा जा सकता है.
मैदान पर क्या हुआ: मुख्य घटनाक्रम और खेल का रुख
वाराणसी के गंजारी में बन रहे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की खासियत इसकी थीम है. यहां भगवान शिव से जुड़ी कई आकृतियां देखने को मिल रही हैं. स्टेडियम में भगवान शिव के हाथों में नजर आने वाले त्रिशूल के आकार की विशाल लाइट लगाई गई है. इसके अलावा, स्टेडियम की बाहरी दीवारों पर बेलपत्र की आकृतियां भी बनाई गई हैं. वहीं, यहां डमरू के आकार का मीडिया सेंटर बनाया जा रहा है. फिलहाल इस पर ग्लास लगाने का काम तेजी से चल रहा है. मीडिया सेंटर का काम पूरा होने के बाद स्टेडियम के निर्माण का काम भी पूरा हो जाएगा. फ़िलहाल इसका लगभग 97 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है.
गंजारी में बन रहे इस स्टेडियम को तैयार करने वाली कंपनी एलएंडटी इसी साल दिसंबर में इसे BCCI को सौंप सकती है. इसके बाद यहां क्रिकेट मैचों की शुरुआत होने की उम्मीद है. शुरुआत में इस स्टेडियम में ट्रायल मैच खेले जाएंगे. इसके लिए फिलहाल तैयारियां की जा रही हैं. दिसंबर महीने में यहां खिलाड़ियों को बल्ले से चौके-छक्के लगाते हुए भी देखा जा सकता है.
वाराणसी के गंजारी में बन रहे इस स्टेडियम को भगवान शिव की थीम पर तैयार किया जा रहा है. इसे आध्यात्मिक थीम पर बना दुनिया का पहला क्रिकेट स्टेडियम बताया जा रहा है. स्टेडियम तक पहुंचने वाले रास्ते पर भी डमरू और त्रिशूल की झलक देखने को मिलेगी. इसके लिए पूरे मार्ग पर खास स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं. साथ ही, सड़कों पर भी थीम के अनुसार पेंटिंग की गई है. इस स्टेडियम के निर्माण पर लगभग 450-51 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं.
इस स्टेडियम को इस तरह डिजाइन किया गया है कि भारी बारिश के बाद भी मैदान को दोबारा खेलने के लिए तैयार करने में ज्यादा समय नहीं लगेगा. प्रोजेक्ट डायरेक्टर सरोज शुक्ला के मुताबिक, बारिश के बाद महज 30 मिनट में मैदान को फिर से खेलने के लिए तैयार किया जा सकता है. इसके लिए यहां हाईटेक सीवेज सिस्टम तैयार किया गया है. इसके अलावा, स्टेडियम में एसटीपी प्लांट भी बनाया गया है. इसकी मदद से इस्तेमाल किए गए पानी को रिसाइकिल करके दोबारा उपयोग में लाया जाएगा.
खिलाड़ियों का प्रदर्शन और मैच के अहम आंकड़े
- •वाराणसी के गंजारी में बन रहे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की खासियत इसकी थीम है. यहां भगवान शिव से जुड़ी कई आकृतियां देखने को मिल रही हैं. स्टेडियम में भगवान शिव के हाथों में नजर आने वाले त्रिशूल के आकार की विशाल लाइट लगाई गई है. इसके अलावा, स्टेडियम की बाहरी दीवारों पर बेलपत्र की आकृतियां भी बनाई गई हैं. वहीं, यहां डमरू के आकार का मीडिया सेंटर बनाया जा रहा है. फिलहाल इस पर ग्लास लगाने का काम तेजी से चल रहा है. मीडिया सेंटर का काम पूरा होने के बाद स्टेडियम के निर्माण का काम भी पूरा हो जाएगा. फ़िलहाल इसका लगभग 97 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है.
- •गंजारी में बन रहे इस स्टेडियम को तैयार करने वाली कंपनी एलएंडटी इसी साल दिसंबर में इसे BCCI को सौंप सकती है. इसके बाद यहां क्रिकेट मैचों की शुरुआत होने की उम्मीद है. शुरुआत में इस स्टेडियम में ट्रायल मैच खेले जाएंगे. इसके लिए फिलहाल तैयारियां की जा रही हैं. दिसंबर महीने में यहां खिलाड़ियों को बल्ले से चौके-छक्के लगाते हुए भी देखा जा सकता है.
- •वाराणसी के गंजारी में बन रहे इस स्टेडियम को भगवान शिव की थीम पर तैयार किया जा रहा है. इसे आध्यात्मिक थीम पर बना दुनिया का पहला क्रिकेट स्टेडियम बताया जा रहा है. स्टेडियम तक पहुंचने वाले रास्ते पर भी डमरू और त्रिशूल की झलक देखने को मिलेगी. इसके लिए पूरे मार्ग पर खास स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं. साथ ही, सड़कों पर भी थीम के अनुसार पेंटिंग की गई है. इस स्टेडियम के निर्माण पर लगभग 450-51 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं.
- •इस स्टेडियम को इस तरह डिजाइन किया गया है कि भारी बारिश के बाद भी मैदान को दोबारा खेलने के लिए तैयार करने में ज्यादा समय नहीं लगेगा. प्रोजेक्ट डायरेक्टर सरोज शुक्ला के मुताबिक, बारिश के बाद महज 30 मिनट में मैदान को फिर से खेलने के लिए तैयार किया जा सकता है. इसके लिए यहां हाईटेक सीवेज सिस्टम तैयार किया गया है. इसके अलावा, स्टेडियम में एसटीपी प्लांट भी बनाया गया है. इसकी मदद से इस्तेमाल किए गए पानी को रिसाइकिल करके दोबारा उपयोग में लाया जाएगा.
ताजा स्थिति व आगे का अपडेट
इस घटनाक्रम पर संबंधित अधिकारियों और प्रशासनिक स्तर पर निरंतर समीक्षा जारी है। ताजा आधिकारिक सूचना के आधार पर विवरण को अद्यतन किया जाएगा।





