## भारतीय क्रिकेट के भविष्य पर हनुमा विहारी की खरी-खरी

भारतीय टेस्ट टीम के अनुभवी मध्यक्रम बल्लेबाज हनुमा विहारी ने एक विशेष क्रिकेट विश्लेषण में टीम इंडिया की आगामी विश्व कप रणनीति पर खुलकर बात की है। विहारी का मानना है कि 2027 एकदिवसीय विश्व कप अभी दूर लग सकता है, लेकिन जिस तरह से दुनिया की अन्य टीमें बदलाव के दौर से गुजर रही हैं, भारत उस गति से तैयारी नहीं कर पा रहा है।

विहारी ने कहा कि टीम चयन में निरंतरता का अभाव खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को प्रभावित करता है।

## विहारी द्वारा उठाए गए मुख्य बिंदु

### 1. मध्यक्रम में निरंतरता की कमी विहारी ने रेखांकित किया कि पिछले कुछ सालों में नंबर 4 और नंबर 5 पर लगातार प्रयोग किए गए हैं। जब तक खिलाड़ियों को यह भरोसा नहीं मिलेगा कि 3-4 खराब पारियों के बाद उन्हें बाहर नहीं किया जाएगा, तब तक वे बेखौफ होकर नहीं खेल पाएंगे।

### 2. ऑलराउंडर्स का सीमित विकल्प हार्दिक पांड्या और रवींद्र जडेजा के अलावा भारत के पास विश्वस्तरीय तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर का गहरा बैकअप नहीं है। आधुनिक वनडे क्रिकेट में 8वें नंबर तक बल्लेबाजी और 6-7 गेंदबाजी विकल्पों की जरूरत होती है।

### 3. स्पष्ट रोल क्लैरिटी की जरूरत विहारी के अनुसार टीम प्रबंधन को अभी से 15-18 खिलाड़ियों का पूल बना लेना चाहिए और उन्हें आगामी द्विपक्षीय सीरीज में उन्हीं भूमिकाओं में खिलाना चाहिए जो उन्हें विश्व कप में निभानी हैं।