जब आप अपने Android या iPhone को रीस्टार्ट करते हैं, तो ऑपरेटिंग सिस्टम बंद हो जाता है और नए सिरे से स्टार्ट होता है। स्मार्टफोन अब लाइफस्टाइल का एक अहम हिस्सा बन गया और हम सभी फोन पर इस कदर निर्भर हो गए हैं कि यह छोड़ा सा भी धीमा पड़ जाए, तो बीपी बढ़ने लगता है। बाजार जा रहे हैं या फिर और कहीं, जेब में पर्स हो न हो, लेकिन अगर फोन हाथ में ही तो टेंशन नहीं रहती। लेकिन कभी-कभी मोबाइल पर ऐप्स फ्रीज हो जाते हैं, टचस्क्रीन आपके टैप को रिस्पॉन्स नहीं देती, या सब कुछ बहुत धीमा लगने लगता है। ऐसे में ज्यादातर लोग फोन को तुरंत रीस्टार्ट करने की सलाह देते हैं। लेकिन असली सवाल वही है: क्या बार-बार फोन को रीस्टार्ट करने से फोन की परफॉर्मेंस सच में बेहतर होती है? चलिए आज इसी बारे में बात करते हैं असल में, सच तो यह है कि फोन को रीस्टार्ट करने से कुछ गड़बड़ियां थोड़े समय के लिए ठीक हो सकती हैं, लेकिन बार-बार रीस्टार्ट करने से फोन तेज नहीं चलता। उल्टा इससे बैटरी ज्यादा खर्च होती है।
नए फीचर्स और तकनीकी बदलाव: क्या है खास?
जब आप अपने Android या iPhone को रीस्टार्ट करते हैं, तो ऑपरेटिंग सिस्टम बंद हो जाता है और नए सिरे से स्टार्ट होता है। स्मार्टफोन अब लाइफस्टाइल का एक अहम हिस्सा बन गया और हम सभी फोन पर इस कदर निर्भर हो गए हैं कि यह छोड़ा सा भी धीमा पड़ जाए, तो बीपी बढ़ने लगता है। बाजार जा रहे हैं या फिर और कहीं, जेब में पर्स हो न हो, लेकिन अगर फोन हाथ में ही तो टेंशन नहीं रहती। लेकिन कभी-कभी मोबाइल पर ऐप्स फ्रीज हो जाते हैं, टचस्क्रीन आपके टैप को रिस्पॉन्स नहीं देती, या सब कुछ बहुत धीमा लगने लगता है। ऐसे में ज्यादातर लोग फोन को तुरंत रीस्टार्ट करने की सलाह देते हैं। लेकिन असली सवाल वही है: क्या बार-बार फोन को रीस्टार्ट करने से फोन की परफॉर्मेंस सच में बेहतर होती है? चलिए आज इसी बारे में बात करते हैं
असल में, सच तो यह है कि फोन को रीस्टार्ट करने से कुछ गड़बड़ियां थोड़े समय के लिए ठीक हो सकती हैं, लेकिन बार-बार रीस्टार्ट करने से फोन तेज नहीं चलता। उल्टा इससे बैटरी ज्यादा खर्च होती है।
जब आप अपने Android या iPhone को रीस्टार्ट करते हैं, तो ऑपरेटिंग सिस्टम बंद हो जाता है और नए सिरे से स्टार्ट होता है। बैकग्राउंड में चल रहे सभी ऐप्स बंद हो जाते हैं, और कोर सिस्टम की प्रोसेस दोबारा लोड हो जाती हैं। इसलिए यदि कोई ऐप बार-बार क्रैश हो रहा है या आपका फोन अजीब काम कर रहा है, तो रीस्टार्ट करने से चीजें ठीक हो सकती हैं। यह आपके फोन को छोटी-मोटी गड़बड़ियों और हैंग हो रहे ऐप्स से छुटकारा पाने का मौका देता है।
फिर भी, इससे कितना फायदा होगा, यह इस बात पर निर्भर करता है कि असल में समस्या क्या है। अगर फोन में किसी एक खराब ऐप की वजह से दिक्कत आ रही है, तो उसे रीस्टार्ट करने से बहुत फायदा हो सकता है। लेकिन अगर समस्या बड़ी है, जैसे बैटरी का खराब होना या हार्डवेयर का बहुत पुराना होना, तो सिर्फ रीबूट करने से काम नहीं चलेगा।
स्पेसिफिकेशंस और मुख्य आंकड़े
- •जब आप अपने Android या iPhone को रीस्टार्ट करते हैं, तो ऑपरेटिंग सिस्टम बंद हो जाता है और नए सिरे से स्टार्ट होता है। स्मार्टफोन अब लाइफस्टाइल का एक अहम हिस्सा बन गया और हम सभी फोन पर इस कदर निर्भर हो गए हैं कि यह छोड़ा सा भी धीमा पड़ जाए, तो बीपी बढ़ने लगता है। बाजार जा रहे हैं या फिर और कहीं, जेब में पर्स हो न हो, लेकिन अगर फोन हाथ में ही तो टेंशन नहीं रहती। लेकिन कभी-कभी मोबाइल पर ऐप्स फ्रीज हो जाते हैं, टचस्क्रीन आपके टैप को रिस्पॉन्स नहीं देती, या सब कुछ बहुत धीमा लगने लगता है। ऐसे में ज्यादातर लोग फोन को तुरंत रीस्टार्ट करने की सलाह देते हैं। लेकिन असली सवाल वही है: क्या बार-बार फोन को रीस्टार्ट करने से फोन की परफॉर्मेंस सच में बेहतर होती है? चलिए आज इसी बारे में बात करते हैं
- •असल में, सच तो यह है कि फोन को रीस्टार्ट करने से कुछ गड़बड़ियां थोड़े समय के लिए ठीक हो सकती हैं, लेकिन बार-बार रीस्टार्ट करने से फोन तेज नहीं चलता। उल्टा इससे बैटरी ज्यादा खर्च होती है।
- •जब आप अपने Android या iPhone को रीस्टार्ट करते हैं, तो ऑपरेटिंग सिस्टम बंद हो जाता है और नए सिरे से स्टार्ट होता है। बैकग्राउंड में चल रहे सभी ऐप्स बंद हो जाते हैं, और कोर सिस्टम की प्रोसेस दोबारा लोड हो जाती हैं। इसलिए यदि कोई ऐप बार-बार क्रैश हो रहा है या आपका फोन अजीब काम कर रहा है, तो रीस्टार्ट करने से चीजें ठीक हो सकती हैं। यह आपके फोन को छोटी-मोटी गड़बड़ियों और हैंग हो रहे ऐप्स से छुटकारा पाने का मौका देता है।
- •फिर भी, इससे कितना फायदा होगा, यह इस बात पर निर्भर करता है कि असल में समस्या क्या है। अगर फोन में किसी एक खराब ऐप की वजह से दिक्कत आ रही है, तो उसे रीस्टार्ट करने से बहुत फायदा हो सकता है। लेकिन अगर समस्या बड़ी है, जैसे बैटरी का खराब होना या हार्डवेयर का बहुत पुराना होना, तो सिर्फ रीबूट करने से काम नहीं चलेगा।
ताजा स्थिति व आगे का अपडेट
विशेषज्ञों और पर्यवेक्षकों के अनुसार इस कदम के महत्वपूर्ण परिणाम सामने आ सकते हैं। आगे की आधिकारिक घोषणाओं की प्रतीक्षा है।



