नई दिल्ली: रणजी ट्रॉफी 2026-27 सीजन में बड़ौदा के 21 साल के युवा बल्लेबाज प्रियांशु मोलिया ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। डिफेंडिंग चैंपियन जम्मू-कश्मीर के खिलाफ वडोदरा के रिलायंस क्रिकेट ग्राउंड पर खेले जा रहे मुकाबले में प्रियांशु ने 492 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 321 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली। अपनी इस शतकीय पारी के दौरान दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने 36 चौके और 1 छक्का जमाया। मोलिया के इस नाबाद ट्रिपल सेंचुरी की बदौलत बड़ौदा ने अपनी पहली पारी में 616 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया।फर्स्ट-क्लास में ट्रिपल सेंचुरी जड़ने वाले 7वें सबसे युवा भारतीय बल्लेबाजइस ट्रिपल सेंचुरी के साथ ही प्रियांशु मोलिया फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में तिहरा शतक लगाने वाले बड़ौदा के दूसरे और भारत के 7वें सबसे युवा बल्लेबाज बन गए हैं। फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में सबसे कम उम्र में तिहरा शतक जड़ने का रिकॉर्ड पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज वसीम जाफर (18 वर्ष, 262 दिन) के नाम दर्ज है।फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में सबसे युवा भारतीय जिन्होंने जड़े तिहरा शतक वसीम जाफर: 18 वर्ष, 262 दिन अभिनव मुकुंद: 18 वर्ष, 302 दिन ऋषभ पंत: 19 वर्ष, 92 दिन अर्जुन कृपाल सिंह: 19 वर्ष, 342 दिन चेतेश्वर पुजारा: 20 वर्ष, 290 दिन श्रीकर भरत (केएस भरत): 21 वर्ष, 126 दिन प्रियांशु मोलिया: 21 वर्ष, 132 दिनप्रियांशु मोलिया ने तिहरा शतक जड़ने के बाद क्या कहा?दिन का खेल खत्म होने के बाद बीसीसीआई (BCCI) को दिए साक्षात्कार में प्रियांशु मोलिया ने अपनी इस ऐतिहासिक पारी के पीछे की रणनीति साझा की। मोलिया ने बताया कि शुरुआत में टीम के कुछ जल्दी विकेट गिर जाने के बाद उनका मुख्य उद्देश्य क्रीज पर ज्यादा से ज्यादा समय बिताना और मजबूत साझेदारियां बनाना था। उन्होंने कहा कि विकेट बल्लेबाजी के लिए काफी अच्छा था और तेज गेंदबाजों की मदद को देखते हुए वह शरीर के करीब खेलने का प्रयास कर रहे थे। मोलिया ने अपना शतक एक शानदार छक्का लगाकर पूरा किया था।जिम्मेदारी के अहसास ने दिलाई सफलतालगातार गिरते विकटों के बीच जिम्मेदारी उठाने को लेकर प्रियांशु ने कहा कि जब दूसरी तरफ से विकेट गिर रहे हों, तो क्रीज पर मौजूद बल्लेबाज पर लंबी पारी खेलने और साझेदारियां बनाने की बड़ी जिम्मेदारी होती है। इसी जिम्मेदारी और संयम के अहसास ने उन्हें इस ऐतिहासिक मुकाम तक पहुंचने में मदद की।
खिलाड़ियों का प्रदर्शन और मैच के अहम आंकड़े
💡 यह भी पढ़ें: क्रिकेट: अभिषेक शर्मा के रिकॉर्डतोड़ शतक पर गदगद हुए युवराज सिंह; युवा बल्लेबाज के तगड़े मजे लिए - yuvraj singh reaction on abhishek sharma century against new zealand in third t20i
- •नई दिल्ली: रणजी ट्रॉफी 2026-27 सीजन में बड़ौदा के 21 साल के युवा बल्लेबाज प्रियांशु मोलिया ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। डिफेंडिंग चैंपियन जम्मू-कश्मीर के खिलाफ वडोदरा के रिलायंस क्रिकेट ग्राउंड पर खेले जा रहे मुकाबले में प्रियांशु ने 492 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 321 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली। अपनी इस शतकीय पारी के दौरान दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने 36 चौके और 1 छक्का जमाया। मोलिया के इस नाबाद ट्रिपल सेंचुरी की बदौलत बड़ौदा ने अपनी पहली पारी में 616 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया।फर्स्ट-क्लास में ट्रिपल सेंचुरी जड़ने वाले 7वें सबसे युवा भारतीय बल्लेबाजइस ट्रिपल सेंचुरी के साथ ही प्रियांशु मोलिया फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में तिहरा शतक लगाने वाले बड़ौदा के दूसरे और भारत के 7वें सबसे युवा बल्लेबाज बन गए हैं। फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में सबसे कम उम्र में तिहरा शतक जड़ने का रिकॉर्ड पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज वसीम जाफर (18 वर्ष, 262 दिन) के नाम दर्ज है।फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में सबसे युवा भारतीय जिन्होंने जड़े तिहरा शतक वसीम जाफर: 18 वर्ष, 262 दिन अभिनव मुकुंद: 18 वर्ष, 302 दिन ऋषभ पंत: 19 वर्ष, 92 दिन अर्जुन कृपाल सिंह: 19 वर्ष, 342 दिन चेतेश्वर पुजारा: 20 वर्ष, 290 दिन श्रीकर भरत (केएस भरत): 21 वर्ष, 126 दिन प्रियांशु मोलिया: 21 वर्ष, 132 दिनप्रियांशु मोलिया ने तिहरा शतक जड़ने के बाद क्या कहा?दिन का खेल खत्म होने के बाद बीसीसीआई (BCCI) को दिए साक्षात्कार में प्रियांशु मोलिया ने अपनी इस ऐतिहासिक पारी के पीछे की रणनीति साझा की। मोलिया ने बताया कि शुरुआत में टीम के कुछ जल्दी विकेट गिर जाने के बाद उनका मुख्य उद्देश्य क्रीज पर ज्यादा से ज्यादा समय बिताना और मजबूत साझेदारियां बनाना था। उन्होंने कहा कि विकेट बल्लेबाजी के लिए काफी अच्छा था और तेज गेंदबाजों की मदद को देखते हुए वह शरीर के करीब खेलने का प्रयास कर रहे थे। मोलिया ने अपना शतक एक शानदार छक्का लगाकर पूरा किया था।जिम्मेदारी के अहसास ने दिलाई सफलतालगातार गिरते विकटों के बीच जिम्मेदारी उठाने को लेकर प्रियांशु ने कहा कि जब दूसरी तरफ से विकेट गिर रहे हों, तो क्रीज पर मौजूद बल्लेबाज पर लंबी पारी खेलने और साझेदारियां बनाने की बड़ी जिम्मेदारी होती है। इसी जिम्मेदारी और संयम के अहसास ने उन्हें इस ऐतिहासिक मुकाम तक पहुंचने में मदद की।
ताजा स्थिति व आगे का अपडेट
📌 संबंधित रिपोर्ट: क्रिकेट: दीप्ति शर्मा ने रचा इतिहास, वनडे में ऐसा करने वाली बनीं पहली भारतीय महिला, सचिन के क्लब में शामिल
संबंधित विभाग और जांच एजेंसियां मामले के सभी पहलुओं का अध्ययन कर रही हैं। किसी भी नए आधिकारिक अपडेट की पुष्टि होते ही जानकारी साझा की जाएगी।






