शाहजहांपुर। उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में गठित निरीक्षण समिति ने सोमवार को जिला कारागार का निरीक्षण किया। समिति ने महिला बंदियों के साथ रह रहे छह वर्ष से कम आयु के बच्चों को मिल रही रहन-सहन, खानपान, स्वास्थ्य, शिक्षा और मनोरंजन संबंधी सुविधाओं का जायजा लिया।निरीक्षण समिति में राम औतार त्रिपाठी, मुनीश सिंह परिहार, न्यायपीठ बाल कल्याण समिति के सदस्य / मजिस्ट्रेट, जिला संरक्षण इकाई की काउंसलर प्रतिभा मिश्रा और सामाजिक कार्यकर्ता सुप्रिया अवस्थी शामिल रहीं। समिति ने शून्य से तीन वर्ष तक के बच्चों की दैनिक गतिविधियों और देखभाल की जानकारी ली।तीन से छह वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। न्यायपीठ बाल कल्याण समिति की ओर से ऐसे बच्चों का प्री-प्राइमरी और प्राथमिक विद्यालयों में नामांकन कराने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए।
मुख्य पुष्ट तथ्य और जांच के अहम बिंदु
- •शाहजहांपुर। उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में गठित निरीक्षण समिति ने सोमवार को जिला कारागार का निरीक्षण किया। समिति ने महिला बंदियों के साथ रह रहे छह वर्ष से कम आयु के बच्चों को मिल रही रहन-सहन, खानपान, स्वास्थ्य, शिक्षा और मनोरंजन संबंधी सुविधाओं का जायजा लिया।निरीक्षण समिति में राम औतार त्रिपाठी, मुनीश सिंह परिहार, न्यायपीठ बाल कल्याण समिति के सदस्य / मजिस्ट्रेट, जिला संरक्षण इकाई की काउंसलर प्रतिभा मिश्रा और सामाजिक कार्यकर्ता सुप्रिया अवस्थी शामिल रहीं। समिति ने शून्य से तीन वर्ष तक के बच्चों की दैनिक गतिविधियों और देखभाल की जानकारी ली।तीन से छह वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। न्यायपीठ बाल कल्याण समिति की ओर से ऐसे बच्चों का प्री-प्राइमरी और प्राथमिक विद्यालयों में नामांकन कराने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए।
ताजा स्थिति व आगे का अपडेट
इस विकास का सीधा प्रभाव संबंधित क्षेत्र और हितधारकों पर देखा जा रहा है। घटनाक्रम पर पैनी नजर बनी हुई है।




