उन्होंने आगामी चुनावी प्रक्रियाओं को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की तैयारियों का जायजा लेते हुए सजग रहकर काम करने के निर्देश दिए। एडीजी ने समीक्षा बैठक में मुख्य रूप से तीन प्रमुख बिंदुओं पर फोकस करते हुए अधिकारियों को ठोस कार्ययोजना बनाने का कहा। इस दौरान एसपी निश्चय प्रसाद एम ने जिले की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और हालिया कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत की। बैठक में चूरू एएसपी सुनील कुमार सहित जिले के सभी एएसपी व डीएसपी मौजूद रहे। सिंथेटिक ड्रग्स का बढ़ता प्रचलन बेहद चिंताजनक: हरियाणा और पंजाब की सीमा से सटे होने के कारण चूरू जिले में मादक पदार्थों की तस्करी बड़ी चुनौती है। एडीजी ने कहा कि समाज में आर्टिफिशियल/सिंथेटिक ड्रग्स का बढ़ता प्रचलन बेहद चिंताजनक है। हालांकि चूरू पुलिस द्वारा पिछले वर्ष की तुलना में आर्टिफिशियल ड्रग्स के खिलाफ छह गुना अधिक कार्रवाई करने पर संतोष जताया। अधिकारियों को बॉर्डर इलाकों में सतर्कता और गश्त और अधिक बढ़ाने के निर्देश दिए गए। एडीजी ने जिले में एक साल या उससे अधिक समय से लंबित मुकदमों की स्थिति पर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट पूछा कि अनुसंधान में इतनी देरी क्यों हो रही है? अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबे समय से पेंडिंग चल रहे मामलों का तुरंत रिव्यू कर निस्तारण की गति बढ़ाई जाए, ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके। साइबर फ्रॉड के बढ़ते मामलों को देखते हुए एडीजी ने कहा कि इस दिशा में जांच के पारंपरिक तरीके काफी नहीं हैं। साइबर क्राइम के पैटर्न और तकनीकों को गहराई से समझकर विशेष कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए। मुकदमों के त्वरित निस्तारण पर जोर दिया गया।

वारदात कैसे हुई और कैसे खुला राज

💡 यह भी पढ़ें: ढाई महीने बाद वृद्ध को वापस मिले लूटी गई रकम: कट्टे के बल पर अपराधियों ने दिया था वारदात को अंजाम, मांझी थाना पुलिस ने बरमाद की राशि

उन्होंने आगामी चुनावी प्रक्रियाओं को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की तैयारियों का जायजा लेते हुए सजग रहकर काम करने के निर्देश दिए। एडीजी ने समीक्षा बैठक में मुख्य रूप से तीन प्रमुख बिंदुओं पर फोकस करते हुए अधिकारियों को ठोस कार्ययोजना बनाने का कहा। इस दौरान एसपी निश्चय प्रसाद एम ने जिले की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और हालिया कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत की। बैठक में चूरू एएसपी सुनील कुमार सहित जिले के सभी एएसपी व डीएसपी मौजूद रहे।

सिंथेटिक ड्रग्स का बढ़ता प्रचलन बेहद चिंताजनक: हरियाणा और पंजाब की सीमा से सटे होने के कारण चूरू जिले में मादक पदार्थों की तस्करी बड़ी चुनौती है। एडीजी ने कहा कि समाज में आर्टिफिशियल/सिंथेटिक ड्रग्स का बढ़ता प्रचलन बेहद चिंताजनक है। हालांकि चूरू पुलिस द्वारा पिछले वर्ष की तुलना में आर्टिफिशियल ड्रग्स के खिलाफ छह गुना अधिक कार्रवाई करने पर संतोष जताया। अधिकारियों को बॉर्डर इलाकों में सतर्कता और गश्त और अधिक बढ़ाने के निर्देश दिए गए। एडीजी ने जिले में एक साल या उससे अधिक समय से लंबित मुकदमों की स्थिति पर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट पूछा कि अनुसंधान में इतनी देरी क्यों हो रही है? अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबे समय से पेंडिंग चल रहे मामलों का तुरंत रिव्यू कर निस्तारण की गति बढ़ाई जाए, ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके। साइबर फ्रॉड के बढ़ते मामलों को देखते हुए एडीजी ने कहा कि इस दिशा में जांच के पारंपरिक तरीके काफी नहीं हैं। साइबर क्राइम के पैटर्न और तकनीकों को गहराई से समझकर विशेष कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए। मुकदमों के त्वरित निस्तारण पर जोर दिया गया।

📌 संबंधित रिपोर्ट: Maharajganj News: थानेदार बनी मुक्ति तिवारी सुनीं फरियादियों की समस्याएं

पुलिस जांच व बरामदगी: क्या आया सामने

  • •उन्होंने आगामी चुनावी प्रक्रियाओं को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की तैयारियों का जायजा लेते हुए सजग रहकर काम करने के निर्देश दिए। एडीजी ने समीक्षा बैठक में मुख्य रूप से तीन प्रमुख बिंदुओं पर फोकस करते हुए अधिकारियों को ठोस कार्ययोजना बनाने का कहा। इस दौरान एसपी निश्चय प्रसाद एम ने जिले की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और हालिया कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत की। बैठक में चूरू एएसपी सुनील कुमार सहित जिले के सभी एएसपी व डीएसपी मौजूद रहे।
  • •सिंथेटिक ड्रग्स का बढ़ता प्रचलन बेहद चिंताजनक: हरियाणा और पंजाब की सीमा से सटे होने के कारण चूरू जिले में मादक पदार्थों की तस्करी बड़ी चुनौती है। एडीजी ने कहा कि समाज में आर्टिफिशियल/सिंथेटिक ड्रग्स का बढ़ता प्रचलन बेहद चिंताजनक है। हालांकि चूरू पुलिस द्वारा पिछले वर्ष की तुलना में आर्टिफिशियल ड्रग्स के खिलाफ छह गुना अधिक कार्रवाई करने पर संतोष जताया। अधिकारियों को बॉर्डर इलाकों में सतर्कता और गश्त और अधिक बढ़ाने के निर्देश दिए गए। एडीजी ने जिले में एक साल या उससे अधिक समय से लंबित मुकदमों की स्थिति पर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट पूछा कि अनुसंधान में इतनी देरी क्यों हो रही है? अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबे समय से पेंडिंग चल रहे मामलों का तुरंत रिव्यू कर निस्तारण की गति बढ़ाई जाए, ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके। साइबर फ्रॉड के बढ़ते मामलों को देखते हुए एडीजी ने कहा कि इस दिशा में जांच के पारंपरिक तरीके काफी नहीं हैं। साइबर क्राइम के पैटर्न और तकनीकों को गहराई से समझकर विशेष कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए। मुकदमों के त्वरित निस्तारण पर जोर दिया गया।

ताजा स्थिति व आगे का अपडेट

इस विकास का सीधा प्रभाव संबंधित क्षेत्र और हितधारकों पर देखा जा रहा है। घटनाक्रम पर पैनी नजर बनी हुई है।