रुबिका लियाकत News18 India पर प्राइम टाइमस शो करेंगी। इसके साथ ही वह News18 Rajasthan में मैनेजिंग एडिटर की भूमिका निभाते हुए चैनल के संपादकीय कामकाज और कंटेंट स्ट्रैटेजी को लीड करेंगी। जानी

## वारदात कैसे हुई और कैसे खुला राज

रुबिका लियाकत News18 India पर प्राइम टाइमस शो करेंगी। इसके साथ ही वह News18 Rajasthan में मैनेजिंग एडिटर की भूमिका निभाते हुए चैनल के संपादकीय कामकाज और कंटेंट स्ट्रैटेजी को लीड करेंगी।

जानी

मीडिया इंडस्ट्री से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, रुबिका लियाकत News18 India पर प्राइम टाइमस शो करेंगी। इसके साथ ही वह News18 Rajasthan में मैनेजिंग एडिटर की भूमिका निभाते हुए चैनल के संपादकीय कामकाज और कंटेंट स्ट्रैटेजी को लीड करेंगी।

Network18 में रुबिका की यह वापसी इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि वह इससे पहले News18 India की कंसल्टिंग एडिटर और प्राइम टाइम एंकर रह चुकी हैं। अपने पिछले कार्यकाल में उन्होंने कई बड़े राजनीतिक और राष्ट्रीय मुद्दों पर विशेष कार्यक्रमों और कवरेज का नेतृत्व किया था और चैनल के प्रमुख चेहरों में अपनी जगह बनाई थी।

अब Network18 ने उन्हें एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी है। India के प्राइम टाइम में वापसी के साथ वह एक बार फिर देशभर के दर्शकों से सीधे रूबरू होंगी। वहीं, समूह के News18 Rajasthan की जिम्मेदारी संभालकर वह क्षेत्रीय पत्रकारिता और संपादकीय नेतृत्व में भी अपनी भूमिका निभाएंगी।

रुबिका लियाकत के लिए राजस्थान से जुड़ी यह जिम्मेदारी खास है। मूल रूप से उदयपुर, राजस्थान की रहने वाली रुबिका ने राष्ट्रीय मीडिया में करीब दो दशक के अपने करियर में एक अलग पहचान बनाई है। अब अपने गृह राज्य से जुड़े News18 चैनल का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी उनके करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।

Network18 में वापसी से पहले रुबिका लियाकत ने टाइम्स नाउ नवभारत में सीनियर एग्जिक्यूटिव एडिटर के तौर पर काम किया था। उन्हें वहां वाइस प्रेजिडेंट (स्पेशल प्रोजेक्ट्स) की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी दी गई थी। हाल ही में उन्होंने टाइम्स नाउ नवभारत से अपनी पारी समाप्त की थी। इसके बाद से ही मीडिया इंडस्ट्री में उनके अगले कदम को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं। अब Network18 में उनकी वापसी के साथ इन चर्चाओं पर विराम लग गया है।

रुबिका लियाकत ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत Live India से की थी। इसके बाद उन्होंने News24, Zee News, ABP News, News18 India, Bharat24 और Times Now Navbharat जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों में अलग-अलग महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। रिपोर्टिंग से लेकर एंकरिंग और संपादकीय नेतृत्व तक का लंबा अनुभव रखने वाली रुबिका लियाकत अब एक बार फिर Network18 के राष्ट्रीय और क्षेत्रीय—दोनों प्लेटफॉर्म्स पर महत्वपूर्ण भूमिका में नजर आएंगी।

## पुलिस जांच व बरामदगी: क्या आया सामने

• रुबिका लियाकत News18 India पर प्राइम टाइमस शो करेंगी। इसके साथ ही वह News18 Rajasthan में मैनेजिंग एडिटर की भूमिका निभाते हुए चैनल के संपादकीय कामकाज और कंटेंट स्ट्रैटेजी को लीड करेंगी। • जानी • मीडिया इंडस्ट्री से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, रुबिका लियाकत News18 India पर प्राइम टाइमस शो करेंगी। इसके साथ ही वह News18 Rajasthan में मैनेजिंग एडिटर की भूमिका निभाते हुए चैनल के संपादकीय कामकाज और कंटेंट स्ट्रैटेजी को लीड करेंगी। • Network18 में रुबिका की यह वापसी इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि वह इससे पहले News18 India की कंसल्टिंग एडिटर और प्राइम टाइम एंकर रह चुकी हैं। अपने पिछले कार्यकाल में उन्होंने कई बड़े राजनीतिक और राष्ट्रीय मुद्दों पर विशेष कार्यक्रमों और कवरेज का नेतृत्व किया था और चैनल के प्रमुख चेहरों में अपनी जगह बनाई थी। • अब Network18 ने उन्हें एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी है। India के प्राइम टाइम में वापसी के साथ वह एक बार फिर देशभर के दर्शकों से सीधे रूबरू होंगी। वहीं, समूह के News18 Rajasthan की जिम्मेदारी संभालकर वह क्षेत्रीय पत्रकारिता और संपादकीय नेतृत्व में भी अपनी भूमिका निभाएंगी। • रुबिका लियाकत के लिए राजस्थान से जुड़ी यह जिम्मेदारी खास है। मूल रूप से उदयपुर, राजस्थान की रहने वाली रुबिका ने राष्ट्रीय मीडिया में करीब दो दशक के अपने करियर में एक अलग पहचान बनाई है। अब अपने गृह राज्य से जुड़े News18 चैनल का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी उनके करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। • Network18 में वापसी से पहले रुबिका लियाकत ने टाइम्स नाउ नवभारत में सीनियर एग्जिक्यूटिव एडिटर के तौर पर काम किया था। उन्हें वहां वाइस प्रेजिडेंट (स्पेशल प्रोजेक्ट्स) की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी दी गई थी। हाल ही में उन्होंने टाइम्स नाउ नवभारत से अपनी पारी समाप्त की थी। इसके बाद से ही मीडिया इंडस्ट्री में उनके अगले कदम को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं। अब Network18 में उनकी वापसी के साथ इन चर्चाओं पर विराम लग गया है। • रुबिका लियाकत ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत Live India से की थी। इसके बाद उन्होंने News24, Zee News, ABP News, News18 India, Bharat24 और Times Now Navbharat जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों में अलग-अलग महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। रिपोर्टिंग से लेकर एंकरिंग और संपादकीय नेतृत्व तक का लंबा अनुभव रखने वाली रुबिका लियाकत अब एक बार फिर Network18 के राष्ट्रीय और क्षेत्रीय—दोनों प्लेटफॉर्म्स पर महत्वपूर्ण भूमिका में नजर आएंगी। • एक तरफ News18 India के प्राइम टाइम में उनका राष्ट्रीय चेहरा दर्शकों के सामने होगा, तो दूसरी तरफ News18 Rajasthan की मैनेजिंग एडिटर के रूप में वह चैनल के संपादकीय नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालेंगी। Network18 में उनकी नई पारी के लिए रुबिका लियाकत को ढेरों बधाई और शुभकामनाएं। • सुप्रीम कोर्ट ने ‘सौराष्ट्र आजतक’ की याचिका खारिज करते हुए ‘सौराष्ट्र आज तक’ नाम के इस्तेमाल पर रोक रखी और दिल्ली कोर्ट के निर्देशों का पालन करने के लिए तीन महीने दिए। • सुप्रीम कोर्ट ने गुजराती अखबार ‘सौराष्ट्र आजतक’ की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें दिल्ली हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसके तहत अखबार को ‘सौराष्ट्र आज तक’ नाम का इस्तेमाल करने से रोक दिया गया था। • मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ‘आज तक’ समाचार चैनल संचालित करने वाला टीवी टुडे नेटवर्क (TV Today Network) इस ट्रेडमार्क का पहले से इस्तेमाल करने वाला पक्ष है। मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस सूर्यकांत (CJI Surya Kant), जस्टिस जॉयमाल्या बागची (J Joymalya Bagchi) और जस्टिस वी. मोहना (J V. Mohana) की पीठ ने की। • सुनवाई के दौरान जस्टिस बागची ने कहा कि इंडिया टुडे वर्ष 1995 से इस नाम का इस्तेमाल कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस ट्रेडमार्क का ‘सेकेंडरी एसोसिएशन’ स्थापित होने की बात कही गई है, लेकिन याचिकाकर्ता की ओर से इसके समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य पेश नहीं किए गए। • याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि टीवी टुडे नेटवर्क ने लाइसेंस एग्रीमेंट (License Agreement) तक पेश नहीं किया है। इस पर जस्टिस बागची ने कहा कि इस्तेमाल से जुड़ा दस्तावेज रिकॉर्ड पर स्वीकार किया गया है। वकील ने इसका विरोध करते हुए कहा कि ऐसा कोई दस्तावेज पेश नहीं किया गया और केवल पीडब्ल्यू1 (PW1) के पक्ष में एक बोर्ड प्रस्ताव दिया गया है। • जस्टिस बागची ने पूछा कि क्या इस संबंध में गवाह से जिरह की गई है और कहा कि मामला ‘पासिंग ऑफ’ (Passing Off) से जुड़ा है। याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि टीवी टुडे को यह दिखाना चाहिए था कि वह वास्तव में इस नाम का इस्तेमाल कर रहा है। उन्होंने यह भी दलील दी कि संबंधित संस्था लिविंग मीडिया (Living Media) है, लेकिन उसे मामले में पक्षकार नहीं बनाया गया। वकील ने कहा कि वह 26 वर्षों से इस नाम का इस्तेमाल कर रहे हैं। • इस पर चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि याचिकाकर्ता किसी दूसरे नाम पर विचार कर सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों का पालन करने के लिए तीन महीने का समय दिया है। • बोधि ट्री मल्टीमीडिया लिमिटेड ने कारोबार के विस्तार और अपनी वित्तीय स्थिति मजबूत करने के लिए 200 करोड़ रुपये तक की पूंजी जुटाने की तैयारी की है। • बोधि ट्री मल्टीमीडिया लिमिटेड ने कारोबार के विस्तार और अपनी वित्तीय स्थिति मजबूत करने के लिए 200 करोड़ रुपये तक की पूंजी जुटाने की तैयारी की है। कंपनी यह रकम क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशंस प्लेसमेंट (क्यूआईपी) के जरिए जुटाना चाहती है। • इस प्रस्ताव पर शेयरधारकों की मंजूरी लेने के लिए कंपनी ने 28 अक्टूबर 2026 को शाम 4 बजे एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (ईजीएम) बुलाई है। यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग या अन्य ऑडियो-विजुअल माध्यम से होगी। • कंपनी ने 6 अक्टूबर को शेयर बाजारों को ईजीएम का नोटिस भेजा है। इसमें क्यूआईपी के जरिए इक्विटी शेयर और/या अन्य पात्र प्रतिभूतियां जारी कर 200 करोड़ रुपये तक जुटाने का प्रस्ताव रखा गया है। • कंपनी के मुताबिक, प्रस्तावित क्यूआईपी में रकम एक या एक से ज्यादा चरणों में जुटाई जा सकती है। इसमें इक्विटी शेयर, गैर-परिवर्तनीय ऋण साधन के साथ वारंट और वारंट को छोड़कर परिवर्तनीय प्रतिभूतियां या इनका कोई संयोजन शामिल हो सकता है। इन प्रतिभूतियों को क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) को जारी किया जाएगा। कंपनी के मौजूदा शेयरधारक होना इनके लिए जरूरी नहीं होगा। • कंपनी ने साफ किया है कि अभी निवेशकों की पहचान नहीं की गई है और यह भी तय नहीं किया गया है कि किस निवेशक को कितनी प्रतिभूतियां जारी की जाएंगी। इनका फैसला आगे बाजार की स्थिति और कंपनी की जरूरतों को देखते हुए बोर्ड करेगा। • कंपनी ने 200 करोड़ रुपये तक की प्रस्तावित रकम के इस्तेमाल के कई उद्देश्य बताए हैं। इनमें शामिल हैं • कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि अभी तक किसी अधिग्रहण या निवेश के लिए कोई अंतिम समझौता नहीं किया गया है। • क्यूआईपी में सिर्फ संस्थागत निवेशक होंगे

## कानूनी कार्रवाई और आरोपियों की वर्तमान स्थिति

एक तरफ News18 India के प्राइम टाइम में उनका राष्ट्रीय चेहरा दर्शकों के सामने होगा, तो दूसरी तरफ News18 Rajasthan की मैनेजिंग एडिटर के रूप में वह चैनल के संपादकीय नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालेंगी। Network18 में उनकी नई पारी के लिए रुबिका लियाकत को ढेरों बधाई और शुभकामनाएं।

सुप्रीम कोर्ट ने ‘सौराष्ट्र आजतक’ की याचिका खारिज करते हुए ‘सौराष्ट्र आज तक’ नाम के इस्तेमाल पर रोक रखी और दिल्ली कोर्ट के निर्देशों का पालन करने के लिए तीन महीने दिए।

सुप्रीम कोर्ट ने गुजराती अखबार ‘सौराष्ट्र आजतक’ की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें दिल्ली हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसके तहत अखबार को ‘सौराष्ट्र आज तक’ नाम का इस्तेमाल करने से रोक दिया गया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ‘आज तक’ समाचार चैनल संचालित करने वाला टीवी टुडे नेटवर्क (TV Today Network) इस ट्रेडमार्क का पहले से इस्तेमाल करने वाला पक्ष है। मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस सूर्यकांत (CJI Surya Kant), जस्टिस जॉयमाल्या बागची (J Joymalya Bagchi) और जस्टिस वी. मोहना (J V. Mohana) की पीठ ने की।

सुनवाई के दौरान जस्टिस बागची ने कहा कि इंडिया टुडे वर्ष 1995 से इस नाम का इस्तेमाल कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस ट्रेडमार्क का ‘सेकेंडरी एसोसिएशन’ स्थापित होने की बात कही गई है, लेकिन याचिकाकर्ता की ओर से इसके समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य पेश नहीं किए गए।

याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि टीवी टुडे नेटवर्क ने लाइसेंस एग्रीमेंट (License Agreement) तक पेश नहीं किया है। इस पर जस्टिस बागची ने कहा कि इस्तेमाल से जुड़ा दस्तावेज रिकॉर्ड पर स्वीकार किया गया है। वकील ने इसका विरोध करते हुए कहा कि ऐसा कोई दस्तावेज पेश नहीं किया गया और केवल पीडब्ल्यू1 (PW1) के पक्ष में एक बोर्ड प्रस्ताव दिया गया है।

जस्टिस बागची ने पूछा कि क्या इस संबंध में गवाह से जिरह की गई है और कहा कि मामला ‘पासिंग ऑफ’ (Passing Off) से जुड़ा है। याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि टीवी टुडे को यह दिखाना चाहिए था कि वह वास्तव में इस नाम का इस्तेमाल कर रहा है। उन्होंने यह भी दलील दी कि संबंधित संस्था लिविंग मीडिया (Living Media) है, लेकिन उसे मामले में पक्षकार नहीं बनाया गया। वकील ने कहा कि वह 26 वर्षों से इस नाम का इस्तेमाल कर रहे हैं।

इस पर चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि याचिकाकर्ता किसी दूसरे नाम पर विचार कर सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों का पालन करने के लिए तीन महीने का समय दिया है।

बोधि ट्री मल्टीमीडिया लिमिटेड ने कारोबार के विस्तार और अपनी वित्तीय स्थिति मजबूत करने के लिए 200 करोड़ रुपये तक की पूंजी जुटाने की तैयारी की है।

बोधि ट्री मल्टीमीडिया लिमिटेड ने कारोबार के विस्तार और अपनी वित्तीय स्थिति मजबूत करने के लिए 200 करोड़ रुपये तक की पूंजी जुटाने की तैयारी की है। कंपनी यह रकम क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशंस प्लेसमेंट (क्यूआईपी) के जरिए जुटाना चाहती है।

इस प्रस्ताव पर शेयरधारकों की मंजूरी लेने के लिए कंपनी ने 28 अक्टूबर 2026 को शाम 4 बजे एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (ईजीएम) बुलाई है। यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग या अन्य ऑडियो-विजुअल माध्यम से होगी।

कंपनी ने 6 अक्टूबर को शेयर बाजारों को ईजीएम का नोटिस भेजा है। इसमें क्यूआईपी के जरिए इक्विटी शेयर और/या अन्य पात्र प्रतिभूतियां जारी कर 200 करोड़ रुपये तक जुटाने का प्रस्ताव रखा गया है।

## सिलसिलेवार घटनाक्रम और आधिकारिक खुलासे

कंपनी के मुताबिक, प्रस्तावित क्यूआईपी में रकम एक या एक से ज्यादा चरणों में जुटाई जा सकती है। इसमें इक्विटी शेयर, गैर-परिवर्तनीय ऋण साधन के साथ वारंट और वारंट को छोड़कर परिवर्तनीय प्रतिभूतियां या इनका कोई संयोजन शामिल हो सकता है। इन प्रतिभूतियों को क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) को जारी किया जाएगा। कंपनी के मौजूदा शेयरधारक होना इनके लिए जरूरी नहीं होगा।

कंपनी ने साफ किया है कि अभी निवेशकों की पहचान नहीं की गई है और यह भी तय नहीं किया गया है कि किस निवेशक को कितनी प्रतिभूतियां जारी की जाएंगी। इनका फैसला आगे बाजार की स्थिति और कंपनी की जरूरतों को देखते हुए बोर्ड करेगा।

कंपनी ने 200 करोड़ रुपये तक की प्रस्तावित रकम के इस्तेमाल के कई उद्देश्य बताए हैं। इनमें शामिल हैं

कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि अभी तक किसी अधिग्रहण या निवेश के लिए कोई अंतिम समझौता नहीं किया गया है।

क्यूआईपी में सिर्फ संस्थागत निवेशक होंगे

प्रस्ताव के मुताबिक, क्यूआईपी के तहत प्रतिभूतियों का आवंटन सिर्फ पात्र क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स को किया जाएगा। कंपनी के प्रमोटर, प्रमोटर ग्रुप के सदस्य, निदेशक और प्रमुख प्रबंधकीय अधिकारी इस क्यूआईपी में निवेश नहीं करेंगे।

किसी एक निवेशक को क्यूआईपी के कुल आकार का 50 प्रतिशत से ज्यादा आवंटित नहीं किया जाएगा और न्यूनतम दो निवेशक होंगे।

इसके अलावा, पात्र प्रतिभूतियों का कम से कम 10 प्रतिशत हिस्सा म्यूचुअल फंडों को आवंटित किया जाएगा। अगर म्यूचुअल फंड इस हिस्से की पूरी या कुछ रकम के लिए सदस्यता नहीं लेते हैं, तो यह हिस्सा अन्य क्यूआईबी को दिया जा सकता है।

कंपनी के मुताबिक, क्यूआईपी के तहत प्रतिभूतियां जारी करने की कीमत सेबी के तय नियमों के मुताबिक तय होगी। सामान्य तौर पर कीमत संबंधित फ्लोर प्राइस से कम नहीं होगी।

हालांकि, बोर्ड बाजार की स्थिति को देखते हुए और लीड मैनेजरों से सलाह लेकर फ्लोर प्राइस पर 5 प्रतिशत तक की छूट दे सकता है, या लागू नियमों के तहत जितनी अन्य छूट की अनुमति हो।

## ताजा स्थिति व आगे का अपडेट

विशेषज्ञों और पर्यवेक्षकों के अनुसार इस कदम के महत्वपूर्ण परिणाम सामने आ सकते हैं। आगे की आधिकारिक घोषणाओं की प्रतीक्षा है।