देशभर में एक साथ 5 मौसम प्रणालियां एक्टिव हो गई हैं, जिसकी वजह से कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है Rain Alert, IMD Weather Update 14 October: देशभर में एक साथ 5 मौसम प्रणालियां एक्टिव हो गई हैं, जिसकी वजह से कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने बुधवार को बताया है कि वेस्टर्न डिस्टर्बेंस जम्मू के ऊपर निचले ट्रोपोस्फेरिक लेवल पर एक चक्रवाती परिसंचरण के रूप में मौजूद है। इसके साथ ही, मध्य ट्रोपोस्फेरिक लेवल पर लगभग उत्तर में ऊपर की ओर एक ट्रफ बनी हुई है। वहीं, उत्तरी हरियाणा और उसके आसपास के इलाकों में निचले ट्रोपोस्फेरिक लेवल पर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन मौजूद है। केरल के मध्य हिस्सों के आसपास के इलाकों में निचले ट्रोपोस्फेरिक लेवल पर ऊपरी हवा का एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन मौजूद है। इसकी वजह से मौसम में बदलाव आएगा। वहीं, उत्तर पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे सटे बिहार में निचले ट्रोपोस्फेरिक लेवल पर ऊपरी हवा का एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन मौजूद है। उत्तर भारत के लिए मौसम विभाग का कहना है कि 14-15 अक्टूबर के दौरान जम्मू कश्मीर, लद्दाख, 15 अक्टूबर को हिमाचल प्रदेश में काफी बड़े इलाके में या पूरे इलाके में बारिश होने की संभावना है। 14-15 अक्टूबर के दौरान पंजाब में, 15 अक्टूबर को हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली में काफी बड़े इलाके में या पूरे इलाके में बारिश होने की संभावना है। 16 अक्टूबर को जम्मू कश्मीर, लद्दाख, 14 अक्टूबर और 16-17 अक्टूबर के दौरान हिमाचल प्रदेश, 14-18 अक्टूबर के दौरान उत्तराखंड में कुछ जगहों पर छिटपुट बारिश होगी। वहीं, 16 अक्टूबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश, पंजाब में, 14-16 अक्टूबर को हरियाणा, 14-16 अक्टूबर के दौरान पूर्वी राजस्थान में कुछ जगहों पर बारिश होने की संभावना है। वहीं, हिमाचल प्रदेश में 14-15 अक्टूबर के दौरान कहीं कहीं आंधी तूफान और बिजली गिरने का अलर्ट है। हिमाचल प्रदेश, पश्चिमी राजस्थान में 14 अक्टूबर, पूर्वी राजस्थान, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 15 अक्टूबर, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब में 14-15 अक्टूबर को ओले गिरने की चेतावनी जारी की गई है।

मौसम का ताजा हाल: किन इलाकों में दिखा बड़ा असर?

देशभर में एक साथ 5 मौसम प्रणालियां एक्टिव हो गई हैं, जिसकी वजह से कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है Rain Alert, IMD Weather Update 14 October: देशभर में एक साथ 5 मौसम प्रणालियां एक्टिव हो गई हैं, जिसकी वजह से कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने बुधवार को बताया है कि वेस्टर्न डिस्टर्बेंस जम्मू के ऊपर निचले ट्रोपोस्फेरिक लेवल पर एक चक्रवाती परिसंचरण के रूप में मौजूद है। इसके साथ ही, मध्य ट्रोपोस्फेरिक लेवल पर लगभग उत्तर में ऊपर की ओर एक ट्रफ बनी हुई है। वहीं, उत्तरी हरियाणा और उसके आसपास के इलाकों में निचले ट्रोपोस्फेरिक लेवल पर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन मौजूद है। केरल के मध्य हिस्सों के आसपास के इलाकों में निचले ट्रोपोस्फेरिक लेवल पर ऊपरी हवा का एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन मौजूद है। इसकी वजह से मौसम में बदलाव आएगा। वहीं, उत्तर पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे सटे बिहार में निचले ट्रोपोस्फेरिक लेवल पर ऊपरी हवा का एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन मौजूद है।

उत्तर भारत के लिए मौसम विभाग का कहना है कि 14-15 अक्टूबर के दौरान जम्मू कश्मीर, लद्दाख, 15 अक्टूबर को हिमाचल प्रदेश में काफी बड़े इलाके में या पूरे इलाके में बारिश होने की संभावना है। 14-15 अक्टूबर के दौरान पंजाब में, 15 अक्टूबर को हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली में काफी बड़े इलाके में या पूरे इलाके में बारिश होने की संभावना है। 16 अक्टूबर को जम्मू कश्मीर, लद्दाख, 14 अक्टूबर और 16-17 अक्टूबर के दौरान हिमाचल प्रदेश, 14-18 अक्टूबर के दौरान उत्तराखंड में कुछ जगहों पर छिटपुट बारिश होगी। वहीं, 16 अक्टूबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश, पंजाब में, 14-16 अक्टूबर को हरियाणा, 14-16 अक्टूबर के दौरान पूर्वी राजस्थान में कुछ जगहों पर बारिश होने की संभावना है। वहीं, हिमाचल प्रदेश में 14-15 अक्टूबर के दौरान कहीं कहीं आंधी तूफान और बिजली गिरने का अलर्ट है। हिमाचल प्रदेश, पश्चिमी राजस्थान में 14 अक्टूबर, पूर्वी राजस्थान, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 15 अक्टूबर, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब में 14-15 अक्टूबर को ओले गिरने की चेतावनी जारी की गई है।

मध्य भारत की बात करें तो पश्चिमी मध्य प्रदेश में 15-20 अक्टूबर के दौरान, पूर्वी मध्य प्रदेश में 16-20 अक्टूबर के दौरान, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में 14-20 अक्टूबर के दौरान कहीं कहीं से लेकर कुछ जगहों पर बारिश होने की संभावना है। अंडमान और निकोबार द्वीप में 15-20 अक्टूबर के दौरान, उप हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम में 16-19 अक्टूबर के दौरान, गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल में 14-17 अक्टूबर के दौरान, झारखंड में 15 अक्टूबर को, बिहार में 16-18 अक्टूबर के दौरान, ओडिशा में 14-20 अक्टूबर के दौरान कहीं कहीं से लेकर कुछ जगहों पर बारिश होगी। 14-18 अक्टॅबर तक ओडिशा में आंधी तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाओं के चलने का अनुमान है।

पूर्वोत्तर भारत में अगले सात दिनों तक बारिश होने जा रही है। 14-20 अक्टूबर के दौरान अरुणाचल प्रदेश, 14-18 अक्टूबर के दौरान असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बारिश होने की संभावना है। 14 अक्टूबर को नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में कहीं कहीं आंधी तूफान और बिजली कड़कने की संभावना है। वहीं, पश्चिमी भारत के लिए मौसम विभाग का कहना है कि 15-20 अक्टूबर के दौरान कोंकण, गोवा, 14-20 अक्टूबर के दौरान मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में बारिश होगी। 15-19 अक्टूबर के दौरान कोंकण, गोवा, 15-20 अक्टूबर के दौरान मध्य महाराष्ट्र, 16-20 अक्टूबर के दौरान मराठवाड़ा में आंधी तूफान और बिजली कड़केगी।

तापमान, बारिश और मौसम विभाग के आंकड़े

  • •देशभर में एक साथ 5 मौसम प्रणालियां एक्टिव हो गई हैं, जिसकी वजह से कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है Rain Alert, IMD Weather Update 14 October: देशभर में एक साथ 5 मौसम प्रणालियां एक्टिव हो गई हैं, जिसकी वजह से कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने बुधवार को बताया है कि वेस्टर्न डिस्टर्बेंस जम्मू के ऊपर निचले ट्रोपोस्फेरिक लेवल पर एक चक्रवाती परिसंचरण के रूप में मौजूद है। इसके साथ ही, मध्य ट्रोपोस्फेरिक लेवल पर लगभग उत्तर में ऊपर की ओर एक ट्रफ बनी हुई है। वहीं, उत्तरी हरियाणा और उसके आसपास के इलाकों में निचले ट्रोपोस्फेरिक लेवल पर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन मौजूद है। केरल के मध्य हिस्सों के आसपास के इलाकों में निचले ट्रोपोस्फेरिक लेवल पर ऊपरी हवा का एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन मौजूद है। इसकी वजह से मौसम में बदलाव आएगा। वहीं, उत्तर पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे सटे बिहार में निचले ट्रोपोस्फेरिक लेवल पर ऊपरी हवा का एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन मौजूद है।
  • •उत्तर भारत के लिए मौसम विभाग का कहना है कि 14-15 अक्टूबर के दौरान जम्मू कश्मीर, लद्दाख, 15 अक्टूबर को हिमाचल प्रदेश में काफी बड़े इलाके में या पूरे इलाके में बारिश होने की संभावना है। 14-15 अक्टूबर के दौरान पंजाब में, 15 अक्टूबर को हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली में काफी बड़े इलाके में या पूरे इलाके में बारिश होने की संभावना है। 16 अक्टूबर को जम्मू कश्मीर, लद्दाख, 14 अक्टूबर और 16-17 अक्टूबर के दौरान हिमाचल प्रदेश, 14-18 अक्टूबर के दौरान उत्तराखंड में कुछ जगहों पर छिटपुट बारिश होगी। वहीं, 16 अक्टूबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश, पंजाब में, 14-16 अक्टूबर को हरियाणा, 14-16 अक्टूबर के दौरान पूर्वी राजस्थान में कुछ जगहों पर बारिश होने की संभावना है। वहीं, हिमाचल प्रदेश में 14-15 अक्टूबर के दौरान कहीं कहीं आंधी तूफान और बिजली गिरने का अलर्ट है। हिमाचल प्रदेश, पश्चिमी राजस्थान में 14 अक्टूबर, पूर्वी राजस्थान, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 15 अक्टूबर, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब में 14-15 अक्टूबर को ओले गिरने की चेतावनी जारी की गई है।
  • •मध्य भारत की बात करें तो पश्चिमी मध्य प्रदेश में 15-20 अक्टूबर के दौरान, पूर्वी मध्य प्रदेश में 16-20 अक्टूबर के दौरान, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में 14-20 अक्टूबर के दौरान कहीं कहीं से लेकर कुछ जगहों पर बारिश होने की संभावना है। अंडमान और निकोबार द्वीप में 15-20 अक्टूबर के दौरान, उप हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम में 16-19 अक्टूबर के दौरान, गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल में 14-17 अक्टूबर के दौरान, झारखंड में 15 अक्टूबर को, बिहार में 16-18 अक्टूबर के दौरान, ओडिशा में 14-20 अक्टूबर के दौरान कहीं कहीं से लेकर कुछ जगहों पर बारिश होगी। 14-18 अक्टॅबर तक ओडिशा में आंधी तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाओं के चलने का अनुमान है।
  • •पूर्वोत्तर भारत में अगले सात दिनों तक बारिश होने जा रही है। 14-20 अक्टूबर के दौरान अरुणाचल प्रदेश, 14-18 अक्टूबर के दौरान असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बारिश होने की संभावना है। 14 अक्टूबर को नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में कहीं कहीं आंधी तूफान और बिजली कड़कने की संभावना है। वहीं, पश्चिमी भारत के लिए मौसम विभाग का कहना है कि 15-20 अक्टूबर के दौरान कोंकण, गोवा, 14-20 अक्टूबर के दौरान मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में बारिश होगी। 15-19 अक्टूबर के दौरान कोंकण, गोवा, 15-20 अक्टूबर के दौरान मध्य महाराष्ट्र, 16-20 अक्टूबर के दौरान मराठवाड़ा में आंधी तूफान और बिजली कड़केगी।

ताजा स्थिति व आगे का अपडेट

विशेषज्ञों और पर्यवेक्षकों के अनुसार इस कदम के महत्वपूर्ण परिणाम सामने आ सकते हैं। आगे की आधिकारिक घोषणाओं की प्रतीक्षा है।