मार्केट एनालिस्ट ओम्डिया की नई रिपोर्ट आ गई है। इसमें बताया गया है कि भारत के स्मार्टफोन मार्केट शिपमेंट में तीसरी तिमाही (3Q26) यानी जुलाई से सितंबर के बीच 26 फीसदी ईयर ऑन ईयर की गिरावट का अनुमान है। रिपोर्ट से पता चलता है कि वीवो जिसके पास अब तक नंबर-1 का खिताब था, वह छिन गया है। वीवो अब भारत का नंबर-1 स्मार्टफोन ब्रैंड नहीं है। लगभग ढाई साल बाद सैमसंग ने पहले पायदान पर वापसी की है। हालांकि खुश होने की बात किसी भी ब्रैंड के लिए नहीं है क्योंकि त्योहारी सेल से पहले देश में स्मार्टफोन्स का शिपमेंट घटकर 3.58 करोड़ यूनिट्स पर आ गया है। यह 2016 के बाद से किसी भी तीसरे क्वॉर्टर का सबसे कम शिपमेंट लेवल है।ओम्डिया की रिपोर्ट में क्या खास? सैमसंग नंबर 1: 67 लाख यूनिट्स की शिपमेंट करके सैमसंग तीसरी तिमाही में नंबर-1 पर है। कंपनी को Galaxy A07, A17 और A27 मॉडल्स की शिपिंग से बहुत फायदा हुआ है। Galaxy S26 सीरीज, नए फोल्डेबल स्मार्टफोन्स और S26 FE ने प्रीमियम सेगमेंट में सैमसंग काे और मजबूत बनाया है। वीवो का खराब प्रदर्शन: रिपोर्ट के अनुसार, वीवो ना सिर्फ दूसरे नंबर पर खिसकी है, बल्कि टॉप-5 कंपनियों में उसका प्रदर्शन सबसे खराब है। वीवो के शिपमेंट में 34 फीसदी की ईयर ऑन ईयर गिरावट दर्ज की गई है। ओपो के महंगे फोन्स की डिमांड: रिपोर्ट में ओपो तीसरे नंबर पर है, जिसने 49 लाख यूनिट्स की शिपिंग की। हालांकि उसकी गिरावट भी 24% ईयर ऑन ईयर है। रिपोर्ट में बताया गया है कि ओपो की A सीरीज की बिक्री पर असर पड़ा, लेकिन Reno16 सीरीज ने बेहतर प्रदर्शन किया जिससे महंगे फोन्स की डिमांड बनी रही। हालांकि इसमें ऑफर्स का भी रोल रहा। शाओमी का चौथा नंबर: 47 लाख यूनिट्स की शिपमेंट करके शाओमी चौथे नंबर पर रही। कहा जाता है कि फीचर्स से समझौता करने के कारण शाओमी की पहचान पर असर पड़ा, क्योंकि लोग उसे एक ऐसे ब्रैंड के तौर पर जानते हैं जो फीचर्स खूब देता है। Redmi 15A और A7 शाओमी की शिपमेंट को बेहतर बनाया वहीं उसके इंडिपेंडेंट ब्रैंड पोको के X8 और X8 Power ने प्रीमियम कैटिगरी में अच्छी रफ्तार दिखाई।तारीफ के काबिल ऐपलरिपोर्ट की सबसे खास बात है ऐपल की ग्रोथ। प्रीमियम स्मार्टफोन बेचकर कंपनी 5वें नंबर है। उसने 39 लाख यूनिट्स की शिपमेंट की। कहा गया है कि ऐपल ने प्राइस बढ़ाने से पहले रिटेल स्टोर्स में स्टॉक जुटा लिया था। कंपनी ने आईफोन 18 लॉन्च नहीं किया लेकिन आईफोन 17 और 16 की डिमांड लगातार बनी रही जिसका उसे फायदा हुआ। सितंबर में iPhone 18 Pro और Pro Max के आने से भी ऐपल को फायदा हुआ।बढ़ती कीमतों से ग्राहक अलर्ट रिपोर्ट के अनुसार, स्मार्टफोन्स की कीमतों में बार-बार हो रही बढ़ोतरी के कारण अब ग्राहक नया फोन लेने का फैसला सोच-समझकर कर रहे हैं। ऑनलाइन सेल भी कमजोर पड़ी है और दिवाली नवंबर में होने के कारण स्मार्टफोन्स का काफी सारा स्टॉक सितंबर की जगह अक्टूबर में चला गया।आपके लिए जानने वाली प्रमुख बातें देश में स्मार्टफोन्स की डिमांड सुस्त पड़ी हुई है। शिपमेंट घटा है और लोग नया फोन खरीदने से पहले काफी सोचकर फैसला ले रहे हैं। बार-बार कीमतें बढ़ाना कंपनियों की मजबूरी हो सकती है लेकिन ग्राहकों को यह बात पसंद नहीं आ रही और वो नया फोन खरीदने से बचना चाह रहे हैं।
स्पेसिफिकेशंस और मुख्य आंकड़े
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- •मार्केट एनालिस्ट ओम्डिया की नई रिपोर्ट आ गई है। इसमें बताया गया है कि भारत के स्मार्टफोन मार्केट शिपमेंट में तीसरी तिमाही (3Q26) यानी जुलाई से सितंबर के बीच 26 फीसदी ईयर ऑन ईयर की गिरावट का अनुमान है। रिपोर्ट से पता चलता है कि वीवो जिसके पास अब तक नंबर-1 का खिताब था, वह छिन गया है। वीवो अब भारत का नंबर-1 स्मार्टफोन ब्रैंड नहीं है। लगभग ढाई साल बाद सैमसंग ने पहले पायदान पर वापसी की है। हालांकि खुश होने की बात किसी भी ब्रैंड के लिए नहीं है क्योंकि त्योहारी सेल से पहले देश में स्मार्टफोन्स का शिपमेंट घटकर 3.58 करोड़ यूनिट्स पर आ गया है। यह 2016 के बाद से किसी भी तीसरे क्वॉर्टर का सबसे कम शिपमेंट लेवल है।ओम्डिया की रिपोर्ट में क्या खास? सैमसंग नंबर 1: 67 लाख यूनिट्स की शिपमेंट करके सैमसंग तीसरी तिमाही में नंबर-1 पर है। कंपनी को Galaxy A07, A17 और A27 मॉडल्स की शिपिंग से बहुत फायदा हुआ है। Galaxy S26 सीरीज, नए फोल्डेबल स्मार्टफोन्स और S26 FE ने प्रीमियम सेगमेंट में सैमसंग काे और मजबूत बनाया है। वीवो का खराब प्रदर्शन: रिपोर्ट के अनुसार, वीवो ना सिर्फ दूसरे नंबर पर खिसकी है, बल्कि टॉप-5 कंपनियों में उसका प्रदर्शन सबसे खराब है। वीवो के शिपमेंट में 34 फीसदी की ईयर ऑन ईयर गिरावट दर्ज की गई है। ओपो के महंगे फोन्स की डिमांड: रिपोर्ट में ओपो तीसरे नंबर पर है, जिसने 49 लाख यूनिट्स की शिपिंग की। हालांकि उसकी गिरावट भी 24% ईयर ऑन ईयर है। रिपोर्ट में बताया गया है कि ओपो की A सीरीज की बिक्री पर असर पड़ा, लेकिन Reno16 सीरीज ने बेहतर प्रदर्शन किया जिससे महंगे फोन्स की डिमांड बनी रही। हालांकि इसमें ऑफर्स का भी रोल रहा। शाओमी का चौथा नंबर: 47 लाख यूनिट्स की शिपमेंट करके शाओमी चौथे नंबर पर रही। कहा जाता है कि फीचर्स से समझौता करने के कारण शाओमी की पहचान पर असर पड़ा, क्योंकि लोग उसे एक ऐसे ब्रैंड के तौर पर जानते हैं जो फीचर्स खूब देता है। Redmi 15A और A7 शाओमी की शिपमेंट को बेहतर बनाया वहीं उसके इंडिपेंडेंट ब्रैंड पोको के X8 और X8 Power ने प्रीमियम कैटिगरी में अच्छी रफ्तार दिखाई।तारीफ के काबिल ऐपलरिपोर्ट की सबसे खास बात है ऐपल की ग्रोथ। प्रीमियम स्मार्टफोन बेचकर कंपनी 5वें नंबर है। उसने 39 लाख यूनिट्स की शिपमेंट की। कहा गया है कि ऐपल ने प्राइस बढ़ाने से पहले रिटेल स्टोर्स में स्टॉक जुटा लिया था। कंपनी ने आईफोन 18 लॉन्च नहीं किया लेकिन आईफोन 17 और 16 की डिमांड लगातार बनी रही जिसका उसे फायदा हुआ। सितंबर में iPhone 18 Pro और Pro Max के आने से भी ऐपल को फायदा हुआ।बढ़ती कीमतों से ग्राहक अलर्ट रिपोर्ट के अनुसार, स्मार्टफोन्स की कीमतों में बार-बार हो रही बढ़ोतरी के कारण अब ग्राहक नया फोन लेने का फैसला सोच-समझकर कर रहे हैं। ऑनलाइन सेल भी कमजोर पड़ी है और दिवाली नवंबर में होने के कारण स्मार्टफोन्स का काफी सारा स्टॉक सितंबर की जगह अक्टूबर में चला गया।आपके लिए जानने वाली प्रमुख बातें देश में स्मार्टफोन्स की डिमांड सुस्त पड़ी हुई है। शिपमेंट घटा है और लोग नया फोन खरीदने से पहले काफी सोचकर फैसला ले रहे हैं। बार-बार कीमतें बढ़ाना कंपनियों की मजबूरी हो सकती है लेकिन ग्राहकों को यह बात पसंद नहीं आ रही और वो नया फोन खरीदने से बचना चाह रहे हैं।
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