वाट्सऐप से संपर्क में रहता था पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी की पहचान रय्यान अंसारी के रूप में हुई है। वह दिल्ली के ईस्ट दिल्ली स्थित जगतपुरी का निवासी है। पुलिस ने 15 अक्टूबर को इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के विश्लेषण और सूचना के आधार पर उसे नोएडा से गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह टेलीग्राम और वाट्सऐप के जरिए साइबर अपराधियों के संपर्क में रहता था। रुपये लेकर उन्हें बैंक खाते उपलब्ध कराता था। खाते में ठगी के 2 लाख रुपए आए इसके लिए उसने अपना बैंक खाता, पासबुक, चेकबुक और सिम कार्ड दिया था। पुलिस के अनुसार आरोपी के खाते में ठगी के 2 लाख 15 हजार 743 रुपये आए थे। खाता उपलब्ध कराने के बदले उसको 50 हजार रुपये मिले थे। पुलिस जांच में सामने आया कि साइबर ठगी में इस्तेमाल किए गए

वारदात कैसे हुई और कैसे खुला राज

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वाट्सऐप से संपर्क में रहता था पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी की पहचान रय्यान अंसारी के रूप में हुई है। वह दिल्ली के ईस्ट दिल्ली स्थित जगतपुरी का निवासी है। पुलिस ने 15 अक्टूबर को इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के विश्लेषण और सूचना के आधार पर उसे नोएडा से गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह टेलीग्राम और वाट्सऐप के जरिए साइबर अपराधियों के संपर्क में रहता था। रुपये लेकर उन्हें बैंक खाते उपलब्ध कराता था।

खाते में ठगी के 2 लाख रुपए आए इसके लिए उसने अपना बैंक खाता, पासबुक, चेकबुक और सिम कार्ड दिया था। पुलिस के अनुसार आरोपी के खाते में ठगी के 2 लाख 15 हजार 743 रुपये आए थे। खाता उपलब्ध कराने के बदले उसको 50 हजार रुपये मिले थे। पुलिस जांच में सामने आया कि साइबर ठगी में इस्तेमाल किए गए

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पुलिस जांच व बरामदगी: क्या आया सामने

  • •वाट्सऐप से संपर्क में रहता था पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी की पहचान रय्यान अंसारी के रूप में हुई है। वह दिल्ली के ईस्ट दिल्ली स्थित जगतपुरी का निवासी है। पुलिस ने 15 अक्टूबर को इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के विश्लेषण और सूचना के आधार पर उसे नोएडा से गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह टेलीग्राम और वाट्सऐप के जरिए साइबर अपराधियों के संपर्क में रहता था। रुपये लेकर उन्हें बैंक खाते उपलब्ध कराता था।
  • •खाते में ठगी के 2 लाख रुपए आए इसके लिए उसने अपना बैंक खाता, पासबुक, चेकबुक और सिम कार्ड दिया था। पुलिस के अनुसार आरोपी के खाते में ठगी के 2 लाख 15 हजार 743 रुपये आए थे। खाता उपलब्ध कराने के बदले उसको 50 हजार रुपये मिले थे। पुलिस जांच में सामने आया कि साइबर ठगी में इस्तेमाल किए गए

ताजा स्थिति व आगे का अपडेट

इस घटनाक्रम पर संबंधित अधिकारियों और प्रशासनिक स्तर पर निरंतर समीक्षा जारी है। ताजा आधिकारिक सूचना के आधार पर विवरण को अद्यतन किया जाएगा।