निकी ने जिम्बाब्वे को दिए दो झटके निकी प्रसाद ने इस मुकाबले में दो ओवर गेंदबाजी की और सिर्फ सात रन देकर दो विकेट हासिल किए। उन्होंने जिम्बाब्वे की पारी के 15वें ओवर में गेंद संभाली और पहली ही गेंद पर चिपो मुगेरी-तिरिपानो को विकेट के पीछे कैच आउट करा दिया। इसके बाद अगली गेंद पर न्याशा ग्वांजुरा को एलबीडब्ल्यू आउट कर निकी ने लगातार दूसरी सफलता हासिल की। इस तरह अपने स्पैल की शुरुआती दो गेंदों पर दो विकेट लेकर उन्होंने भारतीय क्रिकेट में एक नया रिकॉर्ड बना दिया। 'मुझे बहुत अच्छा लगा' अपने प्रदर्शन पर खुशी जाहिर करते हुए निकी प्रसाद ने कहा कि उन्हें गेंदबाजी करने और टीम के लिए योगदान देने का मौका मिलने पर काफी अच्छा लगा। पारी के बीच में उन्होंने कहा, 'मुझे बहुत अच्छा लग रहा है कि आज मुझे गेंदबाजी करने का मौका मिला और मैं उस अवसर का इस्तेमाल टीम की मदद करने के लिए कर सकी।' निकी हैट्रिक लेने के भी करीब पहुंच गई थीं। उनके ओवर की तीसरी गेंद पर मोडेस्टर मुपाचिकवा फ्लिक करने से चूक गईं और गेंद उनके पैड पर लगी। भारतीय खिलाड़ियों ने एलबीडब्ल्यू की जोरदार अपील की, लेकिन टीम ने डीआरएस नहीं लेने का फैसला किया। निकी को लगा कि गेंद लेग स्टंप के बाहर जा रही थी। उन्होंने कहा कि वह मैदान पर शांत रहने और अपनी बुनियादी योजनाओं पर अमल करने की कोशिश करती हैं। उनके मुताबिक, इसी से उन्हें बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिलती है। पिछले मैच में छूटा कैच, इस बार शानदार डाइव लगाकर पकड़ा निकी प्रसाद ने गेंदबाजी के साथ फील्डिंग में भी अपनी छाप छोड़ी। उन्होंने पारी के 19वें ओवर में स्री चरणी की गेंद पर मिशेल मावुंगा का शानदार लो डाइविंग कैच पकड़ा। पिछले मैच में एक कैच छूटने का जिक्र करते हुए निकी ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि अगर इस बार ऐसा मौका मिला तो वह उसे नहीं गंवाएंगी। निकी ने कहा, 'मुझे लगता है कि पिछले मैच में मेरा एक कैच छूट गया था। इसलिए मुझे पता था कि अगर आज मुझे एक और मौका मिला तो मैं उसे पकड़ लूंगी।' अंडर-19 विश्व कप की कप्तानी से सीनियर टीम तक का सफर निकी प्रसाद का यह प्रदर्शन उनके अब तक के सफर में एक और बड़ी उपलब्धि है। वह 2025 में भारत की अंडर-19 महिला टी20 विश्व कप विजेता टीम की कप्तान थीं। इसके बाद उन्होंने सीनियर भारतीय टीम में जगह बनाई और जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में नाबाद 39 रन की पारी खेलकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। डेब्यू मैच में मिली सफलता के बाद दूसरे टी20 से पहले निकी ने अपने सफर को लेकर कहा था कि वह लंबे समय से भारत के लिए खेलने का सपना देख रही थीं। उन्होंने कहा, 'मैं इस दिन का सपना देख रही थी। इस सफर की तैयारी काफी कठिन थी और मुझे लगता है कि मेरी मेहनत रंग लाई है। अब मैं यहां से आगे बढ़ना चाहती हूं।' निकी ने बताया कि महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) और भारत ए के लिए खेलने से उन्हें दबाव वाली परिस्थितियों में प्रदर्शन करने का अनुभव मिला। दिल्ली कैपिटल्स की टीम का हिस्सा रह चुकीं निकी के मुताबिक, इन मुकाबलों ने उनका आत्मविश्वास बढ़ाया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने में मदद की। पहले टी20 में नाबाद 39 रन बनाने के बाद दूसरे मैच में दो विकेट लेकर निकी ने दिखा दिया कि वह बल्ले और गेंद दोनों से टीम के लिए उपयोगी साबित हो सकती हैं।
खिलाड़ियों का प्रदर्शन और मैच के अहम आंकड़े
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- •निकी ने जिम्बाब्वे को दिए दो झटके निकी प्रसाद ने इस मुकाबले में दो ओवर गेंदबाजी की और सिर्फ सात रन देकर दो विकेट हासिल किए। उन्होंने जिम्बाब्वे की पारी के 15वें ओवर में गेंद संभाली और पहली ही गेंद पर चिपो मुगेरी-तिरिपानो को विकेट के पीछे कैच आउट करा दिया। इसके बाद अगली गेंद पर न्याशा ग्वांजुरा को एलबीडब्ल्यू आउट कर निकी ने लगातार दूसरी सफलता हासिल की। इस तरह अपने स्पैल की शुरुआती दो गेंदों पर दो विकेट लेकर उन्होंने भारतीय क्रिकेट में एक नया रिकॉर्ड बना दिया। 'मुझे बहुत अच्छा लगा' अपने प्रदर्शन पर खुशी जाहिर करते हुए निकी प्रसाद ने कहा कि उन्हें गेंदबाजी करने और टीम के लिए योगदान देने का मौका मिलने पर काफी अच्छा लगा। पारी के बीच में उन्होंने कहा, 'मुझे बहुत अच्छा लग रहा है कि आज मुझे गेंदबाजी करने का मौका मिला और मैं उस अवसर का इस्तेमाल टीम की मदद करने के लिए कर सकी।' निकी हैट्रिक लेने के भी करीब पहुंच गई थीं। उनके ओवर की तीसरी गेंद पर मोडेस्टर मुपाचिकवा फ्लिक करने से चूक गईं और गेंद उनके पैड पर लगी। भारतीय खिलाड़ियों ने एलबीडब्ल्यू की जोरदार अपील की, लेकिन टीम ने डीआरएस नहीं लेने का फैसला किया। निकी को लगा कि गेंद लेग स्टंप के बाहर जा रही थी। उन्होंने कहा कि वह मैदान पर शांत रहने और अपनी बुनियादी योजनाओं पर अमल करने की कोशिश करती हैं। उनके मुताबिक, इसी से उन्हें बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिलती है। पिछले मैच में छूटा कैच, इस बार शानदार डाइव लगाकर पकड़ा निकी प्रसाद ने गेंदबाजी के साथ फील्डिंग में भी अपनी छाप छोड़ी। उन्होंने पारी के 19वें ओवर में स्री चरणी की गेंद पर मिशेल मावुंगा का शानदार लो डाइविंग कैच पकड़ा। पिछले मैच में एक कैच छूटने का जिक्र करते हुए निकी ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि अगर इस बार ऐसा मौका मिला तो वह उसे नहीं गंवाएंगी। निकी ने कहा, 'मुझे लगता है कि पिछले मैच में मेरा एक कैच छूट गया था। इसलिए मुझे पता था कि अगर आज मुझे एक और मौका मिला तो मैं उसे पकड़ लूंगी।' अंडर-19 विश्व कप की कप्तानी से सीनियर टीम तक का सफर निकी प्रसाद का यह प्रदर्शन उनके अब तक के सफर में एक और बड़ी उपलब्धि है। वह 2025 में भारत की अंडर-19 महिला टी20 विश्व कप विजेता टीम की कप्तान थीं। इसके बाद उन्होंने सीनियर भारतीय टीम में जगह बनाई और जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में नाबाद 39 रन की पारी खेलकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। डेब्यू मैच में मिली सफलता के बाद दूसरे टी20 से पहले निकी ने अपने सफर को लेकर कहा था कि वह लंबे समय से भारत के लिए खेलने का सपना देख रही थीं। उन्होंने कहा, 'मैं इस दिन का सपना देख रही थी। इस सफर की तैयारी काफी कठिन थी और मुझे लगता है कि मेरी मेहनत रंग लाई है। अब मैं यहां से आगे बढ़ना चाहती हूं।' निकी ने बताया कि महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) और भारत ए के लिए खेलने से उन्हें दबाव वाली परिस्थितियों में प्रदर्शन करने का अनुभव मिला। दिल्ली कैपिटल्स की टीम का हिस्सा रह चुकीं निकी के मुताबिक, इन मुकाबलों ने उनका आत्मविश्वास बढ़ाया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने में मदद की। पहले टी20 में नाबाद 39 रन बनाने के बाद दूसरे मैच में दो विकेट लेकर निकी ने दिखा दिया कि वह बल्ले और गेंद दोनों से टीम के लिए उपयोगी साबित हो सकती हैं।
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इस विकास का सीधा प्रभाव संबंधित क्षेत्र और हितधारकों पर देखा जा रहा है। घटनाक्रम पर पैनी नजर बनी हुई है।





