खगोलविदों का मानना है कि हमारी आकाशगंगा में एक करोड़ से ज्यादा ब्लैक होल छिपे हैं, लेकिन अभी तक केवल 70 ब्लैक होल ही मिल पाए हैं। अब 'ब्लैक होल हंटर्स' नाम का एक प्रोजेक्ट लोगों को मौका दे रहा है। वैज्ञानिक जानकारी न रखने वाले लोग भी इसमें शामिल हो सकते हैं। वे नासा के ट्रांजिटिंग एक्सोप्लैनेट सर्वे सैटेलाइट (TESS) डाटा को देखकर ऐसी जगहों की पहचान कर सकते हैं, जहां ब्लैक होल छिपे हो सकते हैं। इस तरह वे इन ब्रह्मांडीय रहस्यों को खोजने में मदद कर सकते हैं।

घटना कैसे हुई और क्या है पूरा मामला

खगोलविदों का मानना है कि हमारी आकाशगंगा में एक करोड़ से ज्यादा ब्लैक होल छिपे हैं, लेकिन अभी तक केवल 70 ब्लैक होल ही मिल पाए हैं। अब 'ब्लैक होल हंटर्स' नाम का एक प्रोजेक्ट लोगों को मौका दे रहा है।

वैज्ञानिक जानकारी न रखने वाले लोग भी इसमें शामिल हो सकते हैं। वे नासा के ट्रांजिटिंग एक्सोप्लैनेट सर्वे सैटेलाइट (TESS) डाटा को देखकर ऐसी जगहों की पहचान कर सकते हैं, जहां ब्लैक होल छिपे हो सकते हैं। इस तरह वे इन ब्रह्मांडीय रहस्यों को खोजने में मदद कर सकते हैं।

अंतरिक्ष के डाटा में कई पेचीदा पैटर्न होते हैं, जिन्हें समझने में आज भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को दिक्कत आती है। ऐसे में इंसानों की मदद बहुत मायने रखती है।

मुख्य पुष्ट तथ्य और जांच के अहम बिंदु

  • •खगोलविदों का मानना है कि हमारी आकाशगंगा में एक करोड़ से ज्यादा ब्लैक होल छिपे हैं, लेकिन अभी तक केवल 70 ब्लैक होल ही मिल पाए हैं। अब 'ब्लैक होल हंटर्स' नाम का एक प्रोजेक्ट लोगों को मौका दे रहा है।
  • •वैज्ञानिक जानकारी न रखने वाले लोग भी इसमें शामिल हो सकते हैं। वे नासा के ट्रांजिटिंग एक्सोप्लैनेट सर्वे सैटेलाइट (TESS) डाटा को देखकर ऐसी जगहों की पहचान कर सकते हैं, जहां ब्लैक होल छिपे हो सकते हैं। इस तरह वे इन ब्रह्मांडीय रहस्यों को खोजने में मदद कर सकते हैं।
  • •अंतरिक्ष के डाटा में कई पेचीदा पैटर्न होते हैं, जिन्हें समझने में आज भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को दिक्कत आती है। ऐसे में इंसानों की मदद बहुत मायने रखती है।
  • •2021 में जूनिवर्स पर लॉन्च होने के बाद से अब तक करीब 23,000 स्वयंसेवकों ने लाखों डाटा पॉइंट को छांटने में सहायता की है। इससे खगोलविदों के लिए संभावित ब्लैक होल को ढूंढना आसान और किफायती हो गया है।

ताजा स्थिति व आगे का अपडेट

इस विकास का सीधा प्रभाव संबंधित क्षेत्र और हितधारकों पर देखा जा रहा है। घटनाक्रम पर पैनी नजर बनी हुई है।