जोगिंद्रनगर की सदी पुरानी प्राथमिक पाठशाला को बंद करने की अधिसूचना पर अभिभावकों में रोषस्कूल में 32 छात्राएं और 26 छात्र कर रहे पढ़ाईसंवाद न्यूज एजेंसीजोगिंद्रनगर (मंडी)। 58 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं, छह कमरों का भवन है और डिजिटल शिक्षा के लिए स्मार्ट कक्षाओं की सुविधा भी है। इसके बावजूद जोगिंद्रनगर की सदी पुरानी प्राथमिक पाठशाला को शून्य नामांकन बताकर बंद करने की अधिसूचना जारी होने से अभिभावकों में रोष है। शिक्षा विभाग के इस फैसले के विरोध में अभिभावकों ने आदेश वापस न लेने पर धरना-प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।शुक्रवार को अभिभावक अपने बच्चों के साथ स्कूल पहुंचे और विभाग के फैसले पर नाराजगी जताई। अभिभावकों सीता देवी, ज्योति और भारती सहित स्थानीय निवासी बनिता, कमला, विनोद कुमार, संजय, पुनीत, अजय और विमल ने कहा कि जिस स्कूल को बंद करने की तैयारी की जा रही है, वहां वर्तमान में 58 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इनमें 32 छात्राएं और 26 छात्र शामिल हैं। ऐसे में स्कूल में शून्य नामांकन बताकर इसे बंद करने की अधिसूचना जारी करना समझ से परे है।प्राथमिक जिला शिक्षा संघ के महासचिव अतुल लखनपाल ने कहा कि स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ी है और सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। ऐसे में बिना वास्तविक स्थिति की पड़ताल किए स्कूल को बंद करने का आदेश जारी करना शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।प्राथमिक शिक्षक महासंघ के अध्यक्ष बलवीर ने भी फैसले पर नाराजगी जताई। वहीं, प्राथमिक पाठशाला के केंद्रीय मुख्य शिक्षक दुनी चंद ने बताया कि स्कूल की वास्तविक स्थिति से शिक्षा निदेशक को अवगत करवाया जा रहा है। इस संबंध में पत्राचार भी किया गया है।बॉक्सस्कूल को बंद करने की अधिसूचना जारी होना तर्कसंगत नहीं है। विभाग इस फैसले को निरस्त करे। -रामकली, अभिभावकबॉक्सइस स्कूल में अगर तालाबंदी हुई तो अभिभावक सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे। यह फैसला सही नहीं है। -अंजली, अभिभावक

मुख्य पुष्ट तथ्य और जांच के अहम बिंदु

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  • •जोगिंद्रनगर की सदी पुरानी प्राथमिक पाठशाला को बंद करने की अधिसूचना पर अभिभावकों में रोषस्कूल में 32 छात्राएं और 26 छात्र कर रहे पढ़ाईसंवाद न्यूज एजेंसीजोगिंद्रनगर (मंडी)। 58 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं, छह कमरों का भवन है और डिजिटल शिक्षा के लिए स्मार्ट कक्षाओं की सुविधा भी है। इसके बावजूद जोगिंद्रनगर की सदी पुरानी प्राथमिक पाठशाला को शून्य नामांकन बताकर बंद करने की अधिसूचना जारी होने से अभिभावकों में रोष है। शिक्षा विभाग के इस फैसले के विरोध में अभिभावकों ने आदेश वापस न लेने पर धरना-प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।शुक्रवार को अभिभावक अपने बच्चों के साथ स्कूल पहुंचे और विभाग के फैसले पर नाराजगी जताई। अभिभावकों सीता देवी, ज्योति और भारती सहित स्थानीय निवासी बनिता, कमला, विनोद कुमार, संजय, पुनीत, अजय और विमल ने कहा कि जिस स्कूल को बंद करने की तैयारी की जा रही है, वहां वर्तमान में 58 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इनमें 32 छात्राएं और 26 छात्र शामिल हैं। ऐसे में स्कूल में शून्य नामांकन बताकर इसे बंद करने की अधिसूचना जारी करना समझ से परे है।प्राथमिक जिला शिक्षा संघ के महासचिव अतुल लखनपाल ने कहा कि स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ी है और सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। ऐसे में बिना वास्तविक स्थिति की पड़ताल किए स्कूल को बंद करने का आदेश जारी करना शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।प्राथमिक शिक्षक महासंघ के अध्यक्ष बलवीर ने भी फैसले पर नाराजगी जताई। वहीं, प्राथमिक पाठशाला के केंद्रीय मुख्य शिक्षक दुनी चंद ने बताया कि स्कूल की वास्तविक स्थिति से शिक्षा निदेशक को अवगत करवाया जा रहा है। इस संबंध में पत्राचार भी किया गया है।बॉक्सस्कूल को बंद करने की अधिसूचना जारी होना तर्कसंगत नहीं है। विभाग इस फैसले को निरस्त करे। -रामकली, अभिभावकबॉक्सइस स्कूल में अगर तालाबंदी हुई तो अभिभावक सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे। यह फैसला सही नहीं है। -अंजली, अभिभावक

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इस घटनाक्रम पर संबंधित अधिकारियों और प्रशासनिक स्तर पर निरंतर समीक्षा जारी है। ताजा आधिकारिक सूचना के आधार पर विवरण को अद्यतन किया जाएगा।