छात्राओं को ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी कॉल, साइबर ठगी, अनजान लिंक, फर्जी संदेश और सोशल मीडिया अपराधों की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि डिजिटल लेनदेन बढ़ने से साइबर अपराध भी बढ़ रहे हैं, इसलिए सभी को सतर्क रहकर अपनी निजी जानकारी सुरक्षित रखनी चाहिए। छात्राओं को समझाया गया कि अनजान व्यक्ति को ओटीपी, बैंक खाते की जानकारी, एटीएम पिन या गोपनीय जानकारी न दें। संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें। ऑनलाइन ठगी होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत करें, जिसका मकसद छात्राओं को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करना था।

वारदात कैसे हुई और कैसे खुला राज

💡 यह भी पढ़ें: थानाध्यक्ष राजू राय ने साइबर अपराधों से बचने के उपाय: ऑनलाइन धोखाधड़ी और सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल

छात्राओं को ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी कॉल, साइबर ठगी, अनजान लिंक, फर्जी संदेश और सोशल मीडिया अपराधों की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि डिजिटल लेनदेन बढ़ने से साइबर अपराध भी बढ़ रहे हैं, इसलिए सभी को सतर्क रहकर अपनी निजी जानकारी सुरक्षित रखनी चाहिए।

छात्राओं को समझाया गया कि अनजान व्यक्ति को ओटीपी, बैंक खाते की जानकारी, एटीएम पिन या गोपनीय जानकारी न दें। संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें। ऑनलाइन ठगी होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत करें, जिसका मकसद छात्राओं को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करना था।

📌 संबंधित रिपोर्ट: हथगाम पुलिस ने 1998 के पुराने मामले में वारंटी पकड़ा: राम सुमेर पासी को धारा 394/412 के तहत गिरफ्तार

पुलिस जांच व बरामदगी: क्या आया सामने

  • •छात्राओं को ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी कॉल, साइबर ठगी, अनजान लिंक, फर्जी संदेश और सोशल मीडिया अपराधों की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि डिजिटल लेनदेन बढ़ने से साइबर अपराध भी बढ़ रहे हैं, इसलिए सभी को सतर्क रहकर अपनी निजी जानकारी सुरक्षित रखनी चाहिए।
  • •छात्राओं को समझाया गया कि अनजान व्यक्ति को ओटीपी, बैंक खाते की जानकारी, एटीएम पिन या गोपनीय जानकारी न दें। संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें। ऑनलाइन ठगी होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत करें, जिसका मकसद छात्राओं को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करना था।

ताजा स्थिति व आगे का अपडेट

इस विकास का सीधा प्रभाव संबंधित क्षेत्र और हितधारकों पर देखा जा रहा है। घटनाक्रम पर पैनी नजर बनी हुई है।