महराजगंज। राष्ट्रीय स्तर पर हुए स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग (एसएचवीआर) 2026-27 के मूल्यांकन में महराजगंज जिले ने सूबे में पहला स्थान हासिल किया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की ओर से स्वच्छ व हरित विद्यालयों को बढ़ावा देने के लिए एसएचवीआर का प्रावधान किया गया था। इसमें बेसिक, माध्यमिक के साथ मदरसों को भी शामिल किया गया था।12 अक्तूबर को जारी जिला वार रिपोर्ट में महराजगंज 87.98 प्रतिशत फाइनल कंप्लीशन के साथ प्रदेश में अव्वल रहा है। जनपद में कुल 3519 स्कूलों में से 3172 में सर्वे कार्य हुआ, 3149 में रजिस्ट्रेशन हुआ और 3096 स्कूलों में कार्य पूरा हुआ। महराजगंज के बाद मुजफ्फरनगर 87.41 प्रतिशत के साथ दूसरे और आगरा 85.59 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर रहा। सबसे निचले पायदान पर आजमगढ़ रहा, जहां मात्र 61.48 प्रतिशत स्कूल ही लक्ष्य पूरा कर सके।राजकीय माध्यमिक स्कूल गौहरपुर, लक्ष्मीपुर के प्रधानाध्यापक अनमोल कुमार यादव ने बताया कि डीएम और सीडीओ के नेतृत्व में यह सर्वे हुआ। शिक्षा विभाग के इस सर्वेक्षण का नोडल जिला विद्यालय निरीक्षक को बनाते हुए मौजूदा शिक्षा सत्र में यह सर्वे कराया गया था। इसमें बेसिक शिक्षा अधिकारी सुरजीत कुमार सिंह, अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी तन्मय पांडेय ने भरपूर सहयोग दिया। प्रत्येक विद्यालय में स्वच्छता, किचन गार्डन, वर्षा जल संचयन, कचरा प्रबंधन और हरियाली के मानकों को देखा गया। शिक्षा विभाग की तरफ से 12 अक्तूबर को जारी रेटिंग में महराजगंज प्रदेश में पहले नंबर पर आया है।बोले अधिकारीजनपद एसएचवीआर (स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग) में पहले नंबर पर आया है। यह सभी विभागों के आपसी समन्वय व उच्चाधिकारियों के कुशल मार्गदर्शन का परिणाम है। - राम नगीना भारती, जिला विद्यालय निरीक्षक
मुख्य पुष्ट तथ्य और जांच के अहम बिंदु
- •महराजगंज। राष्ट्रीय स्तर पर हुए स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग (एसएचवीआर) 2026-27 के मूल्यांकन में महराजगंज जिले ने सूबे में पहला स्थान हासिल किया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की ओर से स्वच्छ व हरित विद्यालयों को बढ़ावा देने के लिए एसएचवीआर का प्रावधान किया गया था। इसमें बेसिक, माध्यमिक के साथ मदरसों को भी शामिल किया गया था।12 अक्तूबर को जारी जिला वार रिपोर्ट में महराजगंज 87.98 प्रतिशत फाइनल कंप्लीशन के साथ प्रदेश में अव्वल रहा है। जनपद में कुल 3519 स्कूलों में से 3172 में सर्वे कार्य हुआ, 3149 में रजिस्ट्रेशन हुआ और 3096 स्कूलों में कार्य पूरा हुआ। महराजगंज के बाद मुजफ्फरनगर 87.41 प्रतिशत के साथ दूसरे और आगरा 85.59 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर रहा। सबसे निचले पायदान पर आजमगढ़ रहा, जहां मात्र 61.48 प्रतिशत स्कूल ही लक्ष्य पूरा कर सके।राजकीय माध्यमिक स्कूल गौहरपुर, लक्ष्मीपुर के प्रधानाध्यापक अनमोल कुमार यादव ने बताया कि डीएम और सीडीओ के नेतृत्व में यह सर्वे हुआ। शिक्षा विभाग के इस सर्वेक्षण का नोडल जिला विद्यालय निरीक्षक को बनाते हुए मौजूदा शिक्षा सत्र में यह सर्वे कराया गया था। इसमें बेसिक शिक्षा अधिकारी सुरजीत कुमार सिंह, अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी तन्मय पांडेय ने भरपूर सहयोग दिया। प्रत्येक विद्यालय में स्वच्छता, किचन गार्डन, वर्षा जल संचयन, कचरा प्रबंधन और हरियाली के मानकों को देखा गया। शिक्षा विभाग की तरफ से 12 अक्तूबर को जारी रेटिंग में महराजगंज प्रदेश में पहले नंबर पर आया है।बोले अधिकारीजनपद एसएचवीआर (स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग) में पहले नंबर पर आया है। यह सभी विभागों के आपसी समन्वय व उच्चाधिकारियों के कुशल मार्गदर्शन का परिणाम है। - राम नगीना भारती, जिला विद्यालय निरीक्षक
ताजा स्थिति व आगे का अपडेट
विशेषज्ञों और पर्यवेक्षकों के अनुसार इस कदम के महत्वपूर्ण परिणाम सामने आ सकते हैं। आगे की आधिकारिक घोषणाओं की प्रतीक्षा है।





