## Detailed Chronological Breakdown
रूस में प्लेग शोधकर्ता की मौत, ट्रंप ने कहा अमेरिका रख रहा है हालात पर नज़र
रूस ने डब्ल्यूएचओ को दी जानकारी, इरकुत्स्क शहर में प्लेग का कोई मामला नहीं
सावधान! रूस में खतरनाक वायरस की दस्तक, दुनियाभर में हड़कंप; US ने मांग ली रिपोर्ट, International Hindi News
## Key Verified Facts
• रूस में प्लेग शोधकर्ता की मौत, ट्रंप ने कहा अमेरिका रख रहा है हालात पर नज़र • रूस ने डब्ल्यूएचओ को दी जानकारी, इरकुत्स्क शहर में प्लेग का कोई मामला नहीं • सावधान! रूस में खतरनाक वायरस की दस्तक, दुनियाभर में हड़कंप; US ने मांग ली रिपोर्ट, International Hindi News • रूस: संदिग्ध प्लेग संक्रमण से हुई मौत पर चिन्ता, फैलाव का जोखिम कम • रूस में प्लेग को लेकर जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से पूछा गया कि क्या यह कोई बायोवेपन है, तो उन्होंने कहा, 'हम जल्द ही इसका पता लगा लेंगे.' ट्रंप ने आगे यह भी कहा कि हमें ऐसा नहीं लगता यह कोई बायोवेपन है. अगर आप उनकी सुनें तो स्थिति कंट्रोल में है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि लोग पहले भी कई चीजों के बारे में ऐसा कह चुके हैं. • बायोवेपन एक ऐसा खतरनाक जैविक हथियार होता है, जिसके लिए बॉर्डर पर सेना भेजने की जरूरत नहीं होती है और न ही मिसाइल चलाने की, लेकिन यह दुश्मन को पूरी तरह तबाह कर सकता है. इतना ही नहीं, इसका खौफनाक असर आने वाली कई पीढ़ियों तक बना रह सकता है. • बता दें, रूस के साइबेरिया में एक एंटी-प्लेग रिसर्च इंस्टीट्यूट में काम करने वाली 28 साल की महिला की मौत के बाद प्लेग को लेकर चिंता बढ़ गई है. जानकारी के मुताबिक महिला की मौत 2 अक्टूबर को हुई थी. उसे अज्ञात कारण से निमोनिया हुआ था. इसके बाद उसके संपर्क में आए लगभग 200 लोगों को मेडिकल निगरानी में रखा गया. हालांकि, अभी तक इनमें से किसी में प्लेग की पुष्टि नहीं हुई है. • यह भी पढ़ें: 'वादों से काम नहीं चलेगा, घटानी होगी न्यूक्लियर एनरिचमेंट कैपेसिटी', ईरान को अमेरिका की दो टूक
## Background, Context & Disclosures
रूस: संदिग्ध प्लेग संक्रमण से हुई मौत पर चिन्ता, फैलाव का जोखिम कम
रूस में प्लेग को लेकर जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से पूछा गया कि क्या यह कोई बायोवेपन है, तो उन्होंने कहा, 'हम जल्द ही इसका पता लगा लेंगे.' ट्रंप ने आगे यह भी कहा कि हमें ऐसा नहीं लगता यह कोई बायोवेपन है. अगर आप उनकी सुनें तो स्थिति कंट्रोल में है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि लोग पहले भी कई चीजों के बारे में ऐसा कह चुके हैं.
बायोवेपन एक ऐसा खतरनाक जैविक हथियार होता है, जिसके लिए बॉर्डर पर सेना भेजने की जरूरत नहीं होती है और न ही मिसाइल चलाने की, लेकिन यह दुश्मन को पूरी तरह तबाह कर सकता है. इतना ही नहीं, इसका खौफनाक असर आने वाली कई पीढ़ियों तक बना रह सकता है.
बता दें, रूस के साइबेरिया में एक एंटी-प्लेग रिसर्च इंस्टीट्यूट में काम करने वाली 28 साल की महिला की मौत के बाद प्लेग को लेकर चिंता बढ़ गई है. जानकारी के मुताबिक महिला की मौत 2 अक्टूबर को हुई थी. उसे अज्ञात कारण से निमोनिया हुआ था. इसके बाद उसके संपर्क में आए लगभग 200 लोगों को मेडिकल निगरानी में रखा गया. हालांकि, अभी तक इनमें से किसी में प्लेग की पुष्टि नहीं हुई है.
यह भी पढ़ें: 'वादों से काम नहीं चलेगा, घटानी होगी न्यूक्लियर एनरिचमेंट कैपेसिटी', ईरान को अमेरिका की दो टूक
यह मामला इसलिए चर्चा में है क्योंकि जिस इंस्टीट्यूट में महिला काम करती थी, वहां प्लेग जैसी खतरनाक बीमारियों पर रिसर्च होती है. कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, काम के दौरान प्लेग बैक्टीरिया का टेस्ट ट्यूब टूटने से महिला उसके संपर्क में आ गई थी. हालांकि, रूस के अधिकारियों ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है और अभी तक मौत की वजह प्लेग साबित नहीं हुई है. प्लेग एक बैक्टीरियल बीमारी है, जो 'येर्सिनिया पेस्टिस' नाम के बैक्टीरिया से फैलती है. यह बैक्टीरिया आमतौर पर छोटे जानवरों और उनके पिस्सुओं में पाया जाता है. इनमें 'ब्यूबोनिक प्लेग' सबसे आम है, वहीं, 'न्यूमोनिक प्लेग' सीधे फेफड़ों पर अटैक करता है. यह संक्रमित व्यक्ति के सांस के कणों के जरिए एक से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है.
## Verified Factual Context
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