मामला इतना बढ़ा कि सरकार को किराएदारों को राहत देने के लिए संसद में इमरजेंसी बिल लाने पड़े। लेकिन सरकार इन्हें पास नहीं करा सकी। इसके बाद प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज ने तय समय से करीब 8 महीने पहले आम चुनाव कराने का ऐलान कर दिया। स्पेन में 29 नवंबर 2026 को वोटिंग होगी।

## Detailed Chronological Breakdown

मामला इतना बढ़ा कि सरकार को किराएदारों को राहत देने के लिए संसद में इमरजेंसी बिल लाने पड़े। लेकिन सरकार इन्हें पास नहीं करा सकी।

इसके बाद प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज ने तय समय से करीब 8 महीने पहले आम चुनाव कराने का ऐलान कर दिया। स्पेन में 29 नवंबर 2026 को वोटिंग होगी।

2 अक्टूबर को स्पेन की संसद में वोटिंग के दौरान प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज। 70 साल से घर में रह रही थी बुजुर्ग

## Key Verified Facts

• मामला इतना बढ़ा कि सरकार को किराएदारों को राहत देने के लिए संसद में इमरजेंसी बिल लाने पड़े। लेकिन सरकार इन्हें पास नहीं करा सकी। • इसके बाद प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज ने तय समय से करीब 8 महीने पहले आम चुनाव कराने का ऐलान कर दिया। स्पेन में 29 नवंबर 2026 को वोटिंग होगी। • 2 अक्टूबर को स्पेन की संसद में वोटिंग के दौरान प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज। 70 साल से घर में रह रही थी बुजुर्ग • मामले की शुरुआत 23 सितंबर को हुई। मैड्रिड में 87 साल की मारिया डेल कार्मेन अबास्कल को उस घर से निकाल दिया गया, जहां वह करीब 70 साल से रह रही थीं। • यह घर अबास्कल परिवार के पास कई दशकों से किराए पर था। 2018 में घर के मूल मालिक ने पूरी इमारत एक रियल एस्टेट कंपनी को बेच दी। • इसके बाद कंपनी और अबास्कल में किराए को लेकर विवाद शुरू हो गया। कंपनी ने किराया 500 यूरो से बढ़ाकर 2650 यूरो कर दिया। अबास्कल की मासिक पेंशन ही करीब 1,350 यूरो थी। • यानी मांगा गया किराया उनकी पूरी मासिक आय से भी काफी ज्यादा था। इसी वजह से वह नया किराया देने की स्थिति में नहीं थीं। इसके बाद मामला कोर्ट में चला गया था। • 87 साल की बूढ़ी महिला अबास्कल स्पेन में महंगे किराए और आवास संकट का प्रतीक बन गईं। घटना के बाद पूरे देश में विरोध शुरू हुआ

## Background, Context & Disclosures

मामले की शुरुआत 23 सितंबर को हुई। मैड्रिड में 87 साल की मारिया डेल कार्मेन अबास्कल को उस घर से निकाल दिया गया, जहां वह करीब 70 साल से रह रही थीं।

यह घर अबास्कल परिवार के पास कई दशकों से किराए पर था। 2018 में घर के मूल मालिक ने पूरी इमारत एक रियल एस्टेट कंपनी को बेच दी।

इसके बाद कंपनी और अबास्कल में किराए को लेकर विवाद शुरू हो गया। कंपनी ने किराया 500 यूरो से बढ़ाकर 2650 यूरो कर दिया। अबास्कल की मासिक पेंशन ही करीब 1,350 यूरो थी।

यानी मांगा गया किराया उनकी पूरी मासिक आय से भी काफी ज्यादा था। इसी वजह से वह नया किराया देने की स्थिति में नहीं थीं। इसके बाद मामला कोर्ट में चला गया था।

87 साल की बूढ़ी महिला अबास्कल स्पेन में महंगे किराए और आवास संकट का प्रतीक बन गईं। घटना के बाद पूरे देश में विरोध शुरू हुआ

अबास्कल को घर से निकाले जाने की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से फैल गया। लोगों का कहना था कि अगर 87 साल की बुजुर्ग महिला अपनी पूरी पेंशन देने के बाद भी घर का किराया नहीं चुका सकतीं, तो यह सिर्फ एक परिवार की समस्या नहीं है।

मैड्रिड समेत कई शहरों में लोगों ने महंगे किराए और बेदखली के खिलाफ प्रदर्शन किए। अबास्कल का मामला धीरे-धीरे स्पेन के बढ़ते आवास संकट का प्रतीक बन गया।

## Verified Factual Context

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