रविओ गांव में 2 हजार लीटर महुआ घोल नष्ट: 100 लीटर शराब जब्त, पुलिस ने भट्ठी और सामग्री को आग के हवाले किया मॉर्डन एजुकेशन में गुरुकुल वाली फीलिंग, 100 बरस पुराने बरगद के तले गढ़ा जा रहा देश का भविष्य

वारदात कैसे हुई और कैसे खुला राज

रविओ गांव में 2 हजार लीटर महुआ घोल नष्ट: 100 लीटर शराब जब्त, पुलिस ने भट्ठी और सामग्री को आग के हवाले किया

मॉर्डन एजुकेशन में गुरुकुल वाली फीलिंग, 100 बरस पुराने बरगद के तले गढ़ा जा रहा देश का भविष्य

अमरोहा के 100 से अधिक सरकारी स्कूलों में फर्नीचर की कमी के कारण 5000 से ज्यादा बच्चे आज भी टाट-पट्टी और पढ़ें

टाट-पट्टी पर बैठकर बच्चों को पढ़ने में होती है परेशानी

संवाददाता, अमरोहा। सरकारी स्कूलों में नौनिहालों को बेहतर शिक्षा देने के तमाम दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। जिले के 100 से अधिक स्कूलों में आज भी फर्नीचर की व्यवस्था नहीं है। जिसमें गुरुजी करीब पांच हजार से अधिक नौनिहालों को टाट-पट्टी पर बैठाकर पढ़ा रहे हैं। जिससे नौनिहालों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

पुलिस जांच व बरामदगी: क्या आया सामने

  • •रविओ गांव में 2 हजार लीटर महुआ घोल नष्ट: 100 लीटर शराब जब्त, पुलिस ने भट्ठी और सामग्री को आग के हवाले किया
  • •मॉर्डन एजुकेशन में गुरुकुल वाली फीलिंग, 100 बरस पुराने बरगद के तले गढ़ा जा रहा देश का भविष्य
  • •अमरोहा के 100 से अधिक सरकारी स्कूलों में फर्नीचर की कमी के कारण 5000 से ज्यादा बच्चे आज भी टाट-पट्टी और पढ़ें
  • •टाट-पट्टी पर बैठकर बच्चों को पढ़ने में होती है परेशानी
  • •संवाददाता, अमरोहा। सरकारी स्कूलों में नौनिहालों को बेहतर शिक्षा देने के तमाम दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। जिले के 100 से अधिक स्कूलों में आज भी फर्नीचर की व्यवस्था नहीं है। जिसमें गुरुजी करीब पांच हजार से अधिक नौनिहालों को टाट-पट्टी पर बैठाकर पढ़ा रहे हैं। जिससे नौनिहालों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
  • •बेसिक शिक्षा विभाग के 1254 परीषदीय स्कूल संचालित हैं। जिसमें करीब 1्र02800 नौनिहाल पंजीकृत हैं। जिनकी पढ़ाई पर हर साल करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाया जा रहा है।
  • •उनको मुफ्त कोर्स, यूनिफार्म, मिड-डे-मील मुहैया कराने की व्यवस्था है। बच्चों को पढ़ाने के लिए विशेषज्ञ शिक्षक तैनात किए गए हैं। बावजूद इसके अभी भी 100 से अधिक ऐसे स्कूल ऐसे हैं, जिनमें सुविधाओं का अभाव है।
  • •जिसमें अभी तक फर्नीचर की व्यवस्था नहीं है और उनके बच्चों को विद्यालय में पुराने सदियों पुराने ढर्रे पर फर्श पर टाट-पट्टी पर बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। जिससे बच्चों को पढ़ने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
  • •की टीम ने नगर के स्कूलों का दौरा कर इसका जायजा लिया तो लकड़ा का प्राथमिक विद्यालय के दो कक्षों में पांच स्कूल संचालित है। जिसमें करीब 155 बच्चे पंजीकृत है। जिन्हें गुरुजी नीचे फर्श पर टाट-पट्टी बिछाकर पढ़ाते हैं।
  • •वहां के प्रधानाध्यापक दौलत ने बताया कि अभी फर्नीचर उपलब्ध ही नहीं कराया गया है। वहीं नगर के पीरजादा प्राथमिक विद्यालय में भी छह स्कूल संचालित हैं। जिसमें वर्तमान में करीब 252 बच्चे पंजीकृत हैं।

कानूनी कार्रवाई और आरोपियों की वर्तमान स्थिति

बेसिक शिक्षा विभाग के 1254 परीषदीय स्कूल संचालित हैं। जिसमें करीब 1्र02800 नौनिहाल पंजीकृत हैं। जिनकी पढ़ाई पर हर साल करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाया जा रहा है।

उनको मुफ्त कोर्स, यूनिफार्म, मिड-डे-मील मुहैया कराने की व्यवस्था है। बच्चों को पढ़ाने के लिए विशेषज्ञ शिक्षक तैनात किए गए हैं। बावजूद इसके अभी भी 100 से अधिक ऐसे स्कूल ऐसे हैं, जिनमें सुविधाओं का अभाव है।

जिसमें अभी तक फर्नीचर की व्यवस्था नहीं है और उनके बच्चों को विद्यालय में पुराने सदियों पुराने ढर्रे पर फर्श पर टाट-पट्टी पर बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। जिससे बच्चों को पढ़ने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

की टीम ने नगर के स्कूलों का दौरा कर इसका जायजा लिया तो लकड़ा का प्राथमिक विद्यालय के दो कक्षों में पांच स्कूल संचालित है। जिसमें करीब 155 बच्चे पंजीकृत है। जिन्हें गुरुजी नीचे फर्श पर टाट-पट्टी बिछाकर पढ़ाते हैं।

वहां के प्रधानाध्यापक दौलत ने बताया कि अभी फर्नीचर उपलब्ध ही नहीं कराया गया है। वहीं नगर के पीरजादा प्राथमिक विद्यालय में भी छह स्कूल संचालित हैं। जिसमें वर्तमान में करीब 252 बच्चे पंजीकृत हैं।

इसमें खास बात यह है कि कुछ कक्षाओं में तो फर्नीचर की व्यवस्था है, लेकिन कुछ कक्षाओं में बच्चे नीचे फर्श पर टाट-पट्टी पर बैठाकर पढ़ाया जा रहा है।

विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले में 100 से अधिक स्कूलों में फर्नीचर की व्यवस्था नहीं है। जिनमें करीब 500्र0 से अधिक बच्चे पंजीकृत है और उन्हें गुरुजी आज भी टाट-पट्टी पर बैठाकर पढ़ाते हैं।

ताजा स्थिति व आगे का अपडेट

इस घटनाक्रम पर संबंधित अधिकारियों और प्रशासनिक स्तर पर निरंतर समीक्षा जारी है। ताजा आधिकारिक सूचना के आधार पर विवरण को अद्यतन किया जाएगा।