कानपुर: गर्मी और बारिश का मौसम खत्म होने के बाद अब गुलाबी ठंड ने दस्तक देनी शुरू कर दी है. सुबह और शाम के समय मौसम में हल्की ठंडक महसूस होने लगी है. इसके साथ ही लोगों को सर्दी के मौसम के आने का एहसास भी होने लगा है. हालांकि, इस बार सर्दी का मिजाज पिछले वर्षों से कुछ अलग रह सकता है. कानपुर समेत उत्तर प्रदेश में इस बार कड़ाके की ठंड पड़ने के आसार कम नजर आ रहे हैं. मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, दिन में गर्मी और सुबह-शाम हल्की ठंड का दौर देखने को मिल सकता है. इससे लोगों को लंबे समय तक सामान्य से कम ठंड का एहसास होने की संभावना है. मौसम वैज्ञानिक एसएन सुनील पांडे के मुताबिक, इस बार सर्दी अधिक पड़ने की उम्मीद कम है. दुनिया के तापमान में करीब 1.5 से 2 डिग्री तक वृद्धि की बात सामने आ रही है. वहीं, समुद्र का तापमान भी सामान्य से अधिक गर्म बना हुआ है. इन परिस्थितियों का असर मौसम के मिजाज पर पड़ सकता है. इसके अलावा अल नीनो का प्रभाव भी सर्दी के मौसम को प्रभावित कर सकता है. ऐसे में इस बार कड़ाके की ठंड और शीतलहर का असर कम रहने के आसार हैं.
मौसम का ताजा हाल: किन इलाकों में दिखा बड़ा असर?
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कानपुर: गर्मी और बारिश का मौसम खत्म होने के बाद अब गुलाबी ठंड ने दस्तक देनी शुरू कर दी है. सुबह और शाम के समय मौसम में हल्की ठंडक महसूस होने लगी है. इसके साथ ही लोगों को सर्दी के मौसम के आने का एहसास भी होने लगा है. हालांकि, इस बार सर्दी का मिजाज पिछले वर्षों से कुछ अलग रह सकता है. कानपुर समेत उत्तर प्रदेश में इस बार कड़ाके की ठंड पड़ने के आसार कम नजर आ रहे हैं. मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, दिन में गर्मी और सुबह-शाम हल्की ठंड का दौर देखने को मिल सकता है. इससे लोगों को लंबे समय तक सामान्य से कम ठंड का एहसास होने की संभावना है.
मौसम वैज्ञानिक एसएन सुनील पांडे के मुताबिक, इस बार सर्दी अधिक पड़ने की उम्मीद कम है. दुनिया के तापमान में करीब 1.5 से 2 डिग्री तक वृद्धि की बात सामने आ रही है. वहीं, समुद्र का तापमान भी सामान्य से अधिक गर्म बना हुआ है. इन परिस्थितियों का असर मौसम के मिजाज पर पड़ सकता है. इसके अलावा अल नीनो का प्रभाव भी सर्दी के मौसम को प्रभावित कर सकता है. ऐसे में इस बार कड़ाके की ठंड और शीतलहर का असर कम रहने के आसार हैं.
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दिन में गर्मी, सुबह-शाम रहेगी ठंडक इस बार सर्दी के मौसम में दिन और रात के तापमान में अंतर देखने को मिल सकता है. सुबह और शाम के समय लोगों को ठंड महसूस होगी, जबकि दिन चढ़ने के साथ तापमान बढ़ने से गर्मी का एहसास हो सकता है. मौसम के इस बदलाव के कारण लोगों को कपड़ों का चयन करने में भी परेशानी हो सकती है. सुबह घर से निकलते समय ठंड महसूस होगी, लेकिन दोपहर में गर्मी के कारण राहत के लिए हल्के कपड़ों की जरूरत पड़ सकती है. मौसम में इस तरह के उतार-चढ़ाव का असर आम जनजीवन पर भी देखने को मिल सकता है.
रबी की फसलों पर भी पड़ सकता है असर सर्दी कम पड़ने का असर खेती-किसानी पर भी देखने को मिल सकता है. गेहूं समेत कई रबी की फसलों के लिए सर्दियों का तापमान महत्वपूर्ण होता है. यदि लंबे समय तक तापमान सामान्य से अधिक बना रहता है तो फसलों की बढ़वार और उत्पादन पर असर पड़ सकता है. हालांकि, इसका वास्तविक प्रभाव बुवाई के समय, तापमान में होने वाले बदलाव और आगे के मौसम पर निर्भर करेगा. ऐसे में किसानों को मौसम के पूर्वानुमान पर नजर रखने की जरूरत होगी.
तापमान, बारिश और मौसम विभाग के आंकड़े
- •कानपुर: गर्मी और बारिश का मौसम खत्म होने के बाद अब गुलाबी ठंड ने दस्तक देनी शुरू कर दी है. सुबह और शाम के समय मौसम में हल्की ठंडक महसूस होने लगी है. इसके साथ ही लोगों को सर्दी के मौसम के आने का एहसास भी होने लगा है. हालांकि, इस बार सर्दी का मिजाज पिछले वर्षों से कुछ अलग रह सकता है. कानपुर समेत उत्तर प्रदेश में इस बार कड़ाके की ठंड पड़ने के आसार कम नजर आ रहे हैं. मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, दिन में गर्मी और सुबह-शाम हल्की ठंड का दौर देखने को मिल सकता है. इससे लोगों को लंबे समय तक सामान्य से कम ठंड का एहसास होने की संभावना है.
- •मौसम वैज्ञानिक एसएन सुनील पांडे के मुताबिक, इस बार सर्दी अधिक पड़ने की उम्मीद कम है. दुनिया के तापमान में करीब 1.5 से 2 डिग्री तक वृद्धि की बात सामने आ रही है. वहीं, समुद्र का तापमान भी सामान्य से अधिक गर्म बना हुआ है. इन परिस्थितियों का असर मौसम के मिजाज पर पड़ सकता है. इसके अलावा अल नीनो का प्रभाव भी सर्दी के मौसम को प्रभावित कर सकता है. ऐसे में इस बार कड़ाके की ठंड और शीतलहर का असर कम रहने के आसार हैं.
- •दिन में गर्मी, सुबह-शाम रहेगी ठंडक इस बार सर्दी के मौसम में दिन और रात के तापमान में अंतर देखने को मिल सकता है. सुबह और शाम के समय लोगों को ठंड महसूस होगी, जबकि दिन चढ़ने के साथ तापमान बढ़ने से गर्मी का एहसास हो सकता है. मौसम के इस बदलाव के कारण लोगों को कपड़ों का चयन करने में भी परेशानी हो सकती है. सुबह घर से निकलते समय ठंड महसूस होगी, लेकिन दोपहर में गर्मी के कारण राहत के लिए हल्के कपड़ों की जरूरत पड़ सकती है. मौसम में इस तरह के उतार-चढ़ाव का असर आम जनजीवन पर भी देखने को मिल सकता है.
- •रबी की फसलों पर भी पड़ सकता है असर सर्दी कम पड़ने का असर खेती-किसानी पर भी देखने को मिल सकता है. गेहूं समेत कई रबी की फसलों के लिए सर्दियों का तापमान महत्वपूर्ण होता है. यदि लंबे समय तक तापमान सामान्य से अधिक बना रहता है तो फसलों की बढ़वार और उत्पादन पर असर पड़ सकता है. हालांकि, इसका वास्तविक प्रभाव बुवाई के समय, तापमान में होने वाले बदलाव और आगे के मौसम पर निर्भर करेगा. ऐसे में किसानों को मौसम के पूर्वानुमान पर नजर रखने की जरूरत होगी.
ताजा स्थिति व आगे का अपडेट
इस घटनाक्रम पर संबंधित अधिकारियों और प्रशासनिक स्तर पर निरंतर समीक्षा जारी है। ताजा आधिकारिक सूचना के आधार पर विवरण को अद्यतन किया जाएगा।







