नई दिल्ली: भारतीय घरेलू क्रिकेट में ढेरों रन बनाने के बावजूद सरफराज खान को टीम में लगातार मौके न मिलना क्रिकेट गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। हाल ही में हिमाचल प्रदेश के खिलाफ रणजी ट्रॉफी में 154 रनों की धमाकेदार पारी खेलने वाले सरफराज का प्रथम श्रेणी रिकॉर्ड बेहद शानदार है। उन्होंने अब तक 96 पारियों में 18 शतक जड़े हैं और उनका बल्लेबाजी औसत 70.67 का है। इसके बावजूद चयनकर्ताओं की ओर से उन्हें नजरअंदाज किया जाना कई दिग्गजों को हैरान कर रहा है।2024 में खेला था आखिरी मैचअगस्त में श्रीलंका के खिलाफ खेली गई टेस्ट सीरीज के दौरान चोटिल साई सुदर्शन की जगह सरफराज को भारतीय टीम में शामिल जरूर किया गया था लेकिन उन्हें प्लेइंग 11 में खेलने का मौका नहीं मिला। सरफराज ने भारत के लिए अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला 2024 में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था। अपने देश के लिए खेले गए 6 टेस्ट मैचों में उन्होंने 37.10 की औसत से एक शतक और तीन अर्धशतक जमाए हैं। लगातार उम्दा प्रदर्शन के बाद भी टीम से बाहर रहने पर भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज वसीम जाफर ने बड़ा सवाल उठाया है।अब आईपीएल से मिल रहे खिलाड़ियों को मौकेवसीम जाफर ने अपने यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान आज के दौर में रणजी ट्रॉफी की अहमियत और चयन के बदलते पैमानों पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा, 'हमारे समय में रणजी ट्रॉफी ही सब कुछ हुआ करती थी तब आईपीएल नहीं था। रणजी में अच्छा प्रदर्शन करने पर दिलीप ट्रॉफी और फिर इंडिया 'ए' में मौका मिलता था यही टीम में पहुंचने का जरिया था। अब प्राथमिकताएं बदल गई हैं और खिलाड़ी व चयनकर्ता दोनों आईपीएल को ज्यादा तवज्जो देते हैं। आज आईपीएल के जरिए कई खिलाड़ी टीम इंडिया में जगह बना रहे हैं।'रिंकू सिंह और तिलक वर्मा जैसे खिलाड़ियों की तारीफ करते हुए जाफर ने उन्हें तीनों फॉर्मेट का खिलाड़ी बताया, लेकिन सरफराज खान के मामले में उनकी राय काफी अलग और चौंकाने वाली रही। जाफर का मानना है कि सरफराज को न चुने जाने के पीछे केवल क्रिकेट या उनका प्रदर्शन वजह नहीं है बल्कि कहानी कुछ और ही है।सेलेक्टर्स उन्हें चुनना ही नहीं चाहतेसरफराज के लगातार नजरअंदाज होने पर चिंता जताते हुए जाफर ने सीधे तौर पर कहा, 'सरफराज खान को लेकर मुझे लगता है कि मामला कुछ और है। मुझे ऐसा महसूस होता है कि चयनकर्ता उन्हें चुनना ही नहीं चाहते जबकि उनका प्रदर्शन सभी के सामने है। उन्होंने अपने आखिरी रणजी मैच में भी शतक जड़ा है और इतने छोटे करियर में 18 प्रथम श्रेणी शतक बनाए हैं। मुझे लगता है कि उन्हें न चुनने की वजह प्रदर्शन और क्रिकेट से परे कुछ और ही है।'पूर्व दिग्गज बल्लेबाज ने आगे निराशा जताते हुए कहा, 'मुझे बस इतना लगता है कि वे सरफराज को चुनना ही नहीं चाहते, चाहे वे कितने भी रन बना लें या उनका औसत कितना भी बेहतर क्यों न हो। इसके अलावा कोई और कारण नजर नहीं आता। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है लेकिन यही सच्चाई है।'
खिलाड़ियों का प्रदर्शन और मैच के अहम आंकड़े
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- •नई दिल्ली: भारतीय घरेलू क्रिकेट में ढेरों रन बनाने के बावजूद सरफराज खान को टीम में लगातार मौके न मिलना क्रिकेट गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। हाल ही में हिमाचल प्रदेश के खिलाफ रणजी ट्रॉफी में 154 रनों की धमाकेदार पारी खेलने वाले सरफराज का प्रथम श्रेणी रिकॉर्ड बेहद शानदार है। उन्होंने अब तक 96 पारियों में 18 शतक जड़े हैं और उनका बल्लेबाजी औसत 70.67 का है। इसके बावजूद चयनकर्ताओं की ओर से उन्हें नजरअंदाज किया जाना कई दिग्गजों को हैरान कर रहा है।2024 में खेला था आखिरी मैचअगस्त में श्रीलंका के खिलाफ खेली गई टेस्ट सीरीज के दौरान चोटिल साई सुदर्शन की जगह सरफराज को भारतीय टीम में शामिल जरूर किया गया था लेकिन उन्हें प्लेइंग 11 में खेलने का मौका नहीं मिला। सरफराज ने भारत के लिए अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला 2024 में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था। अपने देश के लिए खेले गए 6 टेस्ट मैचों में उन्होंने 37.10 की औसत से एक शतक और तीन अर्धशतक जमाए हैं। लगातार उम्दा प्रदर्शन के बाद भी टीम से बाहर रहने पर भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज वसीम जाफर ने बड़ा सवाल उठाया है।अब आईपीएल से मिल रहे खिलाड़ियों को मौकेवसीम जाफर ने अपने यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान आज के दौर में रणजी ट्रॉफी की अहमियत और चयन के बदलते पैमानों पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा, 'हमारे समय में रणजी ट्रॉफी ही सब कुछ हुआ करती थी तब आईपीएल नहीं था। रणजी में अच्छा प्रदर्शन करने पर दिलीप ट्रॉफी और फिर इंडिया 'ए' में मौका मिलता था यही टीम में पहुंचने का जरिया था। अब प्राथमिकताएं बदल गई हैं और खिलाड़ी व चयनकर्ता दोनों आईपीएल को ज्यादा तवज्जो देते हैं। आज आईपीएल के जरिए कई खिलाड़ी टीम इंडिया में जगह बना रहे हैं।'रिंकू सिंह और तिलक वर्मा जैसे खिलाड़ियों की तारीफ करते हुए जाफर ने उन्हें तीनों फॉर्मेट का खिलाड़ी बताया, लेकिन सरफराज खान के मामले में उनकी राय काफी अलग और चौंकाने वाली रही। जाफर का मानना है कि सरफराज को न चुने जाने के पीछे केवल क्रिकेट या उनका प्रदर्शन वजह नहीं है बल्कि कहानी कुछ और ही है।सेलेक्टर्स उन्हें चुनना ही नहीं चाहतेसरफराज के लगातार नजरअंदाज होने पर चिंता जताते हुए जाफर ने सीधे तौर पर कहा, 'सरफराज खान को लेकर मुझे लगता है कि मामला कुछ और है। मुझे ऐसा महसूस होता है कि चयनकर्ता उन्हें चुनना ही नहीं चाहते जबकि उनका प्रदर्शन सभी के सामने है। उन्होंने अपने आखिरी रणजी मैच में भी शतक जड़ा है और इतने छोटे करियर में 18 प्रथम श्रेणी शतक बनाए हैं। मुझे लगता है कि उन्हें न चुनने की वजह प्रदर्शन और क्रिकेट से परे कुछ और ही है।'पूर्व दिग्गज बल्लेबाज ने आगे निराशा जताते हुए कहा, 'मुझे बस इतना लगता है कि वे सरफराज को चुनना ही नहीं चाहते, चाहे वे कितने भी रन बना लें या उनका औसत कितना भी बेहतर क्यों न हो। इसके अलावा कोई और कारण नजर नहीं आता। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है लेकिन यही सच्चाई है।'
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विशेषज्ञों और पर्यवेक्षकों के अनुसार इस कदम के महत्वपूर्ण परिणाम सामने आ सकते हैं। आगे की आधिकारिक घोषणाओं की प्रतीक्षा है।






