संदलपुर। ब्लॉक के नैपलापुर में शुक्रवार को बुखार से पीड़ित दो महिलाओं की जान चली गई। परिजन ने दोनों की डेंगू से मौत होने की बात कही है। वहीं गांव में गंदगी फैली होने से करीब 25 लोग बीमारियों की चपेट में। सीएमओ ने सीएचसी अधीक्षक को गांव में टीम लगाकर जांच व उपचार करवाने के निर्देश दिए हैं।नैपलापुर निवासी श्रीकृष्ण ने बताया कि उनकी मां रामदुलारी (60) को 11 अक्तूबर से बुखार आ रहा था। उनका उपचार गांव के एक क्लीनिक से करवा रहे थे। क्लीनिक संचालक ने संदलपुर स्थित निजी पैथोलॉजी से मां के खून की जांच करवाई थी तो डेंगू होने की बात बताई। शुक्रवार सुबह पांच बजे इलाज के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें इलाज के लिए कानपुर ले जा रहे थे लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। अनहोनी पर बेटा श्रीकृष्ण, राजेश व परिजन रोने लगे। वहीं, गांव के कौशल त्रिवेदी ने बताया कि पत्नी पुष्पा (36) को 14 अक्तूबर से बुखार आ रहा था। इस पर औरैया के सरकारी व प्राइवेट अस्पताल में जांच करवाई तो डेंगू होने की जानकारी दी गई। पत्नी का औरैया के एक निजी क्लीनिक पर उपचार हो रहा था। इलाज के दौरान शुक्रवार सुबह पत्नी की मौत हो गई। गांव के संतोष कुमार ने बताया कि गांव में जगह-जगह जलभराव और गंदगी के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। पिछले 10 दिनों से गांव के रिंकू सिंह, भगवान सिंह, काजल, आरती, मोहनी, हिमांशू, दिनेश कुमार, शिवकुमार, पंखुड़ी, नीता, अखिलेश कुमार, सुरेश कुमार, उदय समेत करीब 25 लोग तेज बुखार, बदन दर्द और प्लेटलेट्स कम होने की शिकायतों से पीड़ित हैं।फोटो-33 जल्लापुर में शिविर में मरीज देखते डॉ. आशीष मिश्रा। स्रोत स्वास्थ्य कर्मीकिशोर की मौत के बाद गांव पहुंची स्वास्थ्य टीम ने घर-घर देखें मरीजराजपुर। ब्लॉक के जल्लापुर गांव में मंगलवार को बुखार से हुई 13 साल की किशोर की मौत के बाद स्वास्थ्य महकमे की शुक्रवार को नींद टूटी। स्वास्थ्य टीम ने गांव पहुंचकर जांच की तो छह बच्चे बुखार से पीड़ित मिले। जबकि 20 लोग खांसी-जुकाम से पीड़ित मिले। जल्लापुर गांव निवासी तारिक खान के बेटे अहमद रजा (14) को कई दिनों से बुखार आ रहा था। मंगलवार को इलाज के दौरान कानपुर के एक निजी अस्पताल में उसकी मौत हो गई। किशोर की बुखार से मौत और गांव में अन्य लोगों के बीमार होने की सूचना पर शुक्रवार को राजपुर पीएचसी से डॉ. आशीष मिश्रा के नेतृत्व में स्वास्थ्य टीम गांव पहुंची। घर-घर जाकर बुखार पीड़ितों की जानकारी जुटाई। टीम को गांव निवासी अर्श (6) आसिफ (10), कासिफ (11), आर्यन (8), गोलू (5), मन्नत बुखार से पीड़ित मिलीं। जबकि अन्य 20 लोग खांसी-जुकाम से पीड़ित मिले। टीम ने सभी बुखार रोगियों के रक्त के नमूने लेने के साथ दवाइयां वितरित की हैं। टीम ने ग्रामीणों को गांव में साफ-सफाई बनाए रखने, घरों के आसपास पानी जमा न होने देने, मच्छरों से बचाव को जागरूक किया। साथ ही बीमार पड़ने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में इलाज की सलाह दी। टीम में फार्मासिस्ट सुरेश शुक्ला, एएनएम मौजूद रही।बयानजल्लापुर गांव में टीम लगाकर लोगों का उपचार करवाया गया है। नैपलापुर में दो महिलाओं की बुखार से मौत होने की जानकारी मिली है। उनको डेंगू था या नहीं इसकी जांच टीम के गांव पहुंचने के बाद ही हो सकेगी। गांव के अन्य बीमार लोगों का भी उपचार करवाया जाएगा। - डॉ. जय गोविंद, सीएमओ

मुख्य पुष्ट तथ्य और जांच के अहम बिंदु

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  • •संदलपुर। ब्लॉक के नैपलापुर में शुक्रवार को बुखार से पीड़ित दो महिलाओं की जान चली गई। परिजन ने दोनों की डेंगू से मौत होने की बात कही है। वहीं गांव में गंदगी फैली होने से करीब 25 लोग बीमारियों की चपेट में। सीएमओ ने सीएचसी अधीक्षक को गांव में टीम लगाकर जांच व उपचार करवाने के निर्देश दिए हैं।नैपलापुर निवासी श्रीकृष्ण ने बताया कि उनकी मां रामदुलारी (60) को 11 अक्तूबर से बुखार आ रहा था। उनका उपचार गांव के एक क्लीनिक से करवा रहे थे। क्लीनिक संचालक ने संदलपुर स्थित निजी पैथोलॉजी से मां के खून की जांच करवाई थी तो डेंगू होने की बात बताई। शुक्रवार सुबह पांच बजे इलाज के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें इलाज के लिए कानपुर ले जा रहे थे लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। अनहोनी पर बेटा श्रीकृष्ण, राजेश व परिजन रोने लगे। वहीं, गांव के कौशल त्रिवेदी ने बताया कि पत्नी पुष्पा (36) को 14 अक्तूबर से बुखार आ रहा था। इस पर औरैया के सरकारी व प्राइवेट अस्पताल में जांच करवाई तो डेंगू होने की जानकारी दी गई। पत्नी का औरैया के एक निजी क्लीनिक पर उपचार हो रहा था। इलाज के दौरान शुक्रवार सुबह पत्नी की मौत हो गई। गांव के संतोष कुमार ने बताया कि गांव में जगह-जगह जलभराव और गंदगी के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। पिछले 10 दिनों से गांव के रिंकू सिंह, भगवान सिंह, काजल, आरती, मोहनी, हिमांशू, दिनेश कुमार, शिवकुमार, पंखुड़ी, नीता, अखिलेश कुमार, सुरेश कुमार, उदय समेत करीब 25 लोग तेज बुखार, बदन दर्द और प्लेटलेट्स कम होने की शिकायतों से पीड़ित हैं।फोटो-33 जल्लापुर में शिविर में मरीज देखते डॉ. आशीष मिश्रा। स्रोत स्वास्थ्य कर्मीकिशोर की मौत के बाद गांव पहुंची स्वास्थ्य टीम ने घर-घर देखें मरीजराजपुर। ब्लॉक के जल्लापुर गांव में मंगलवार को बुखार से हुई 13 साल की किशोर की मौत के बाद स्वास्थ्य महकमे की शुक्रवार को नींद टूटी। स्वास्थ्य टीम ने गांव पहुंचकर जांच की तो छह बच्चे बुखार से पीड़ित मिले। जबकि 20 लोग खांसी-जुकाम से पीड़ित मिले। जल्लापुर गांव निवासी तारिक खान के बेटे अहमद रजा (14) को कई दिनों से बुखार आ रहा था। मंगलवार को इलाज के दौरान कानपुर के एक निजी अस्पताल में उसकी मौत हो गई। किशोर की बुखार से मौत और गांव में अन्य लोगों के बीमार होने की सूचना पर शुक्रवार को राजपुर पीएचसी से डॉ. आशीष मिश्रा के नेतृत्व में स्वास्थ्य टीम गांव पहुंची। घर-घर जाकर बुखार पीड़ितों की जानकारी जुटाई। टीम को गांव निवासी अर्श (6) आसिफ (10), कासिफ (11), आर्यन (8), गोलू (5), मन्नत बुखार से पीड़ित मिलीं। जबकि अन्य 20 लोग खांसी-जुकाम से पीड़ित मिले। टीम ने सभी बुखार रोगियों के रक्त के नमूने लेने के साथ दवाइयां वितरित की हैं। टीम ने ग्रामीणों को गांव में साफ-सफाई बनाए रखने, घरों के आसपास पानी जमा न होने देने, मच्छरों से बचाव को जागरूक किया। साथ ही बीमार पड़ने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में इलाज की सलाह दी। टीम में फार्मासिस्ट सुरेश शुक्ला, एएनएम मौजूद रही।बयानजल्लापुर गांव में टीम लगाकर लोगों का उपचार करवाया गया है। नैपलापुर में दो महिलाओं की बुखार से मौत होने की जानकारी मिली है। उनको डेंगू था या नहीं इसकी जांच टीम के गांव पहुंचने के बाद ही हो सकेगी। गांव के अन्य बीमार लोगों का भी उपचार करवाया जाएगा। - डॉ. जय गोविंद, सीएमओ

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विशेषज्ञों और पर्यवेक्षकों के अनुसार इस कदम के महत्वपूर्ण परिणाम सामने आ सकते हैं। आगे की आधिकारिक घोषणाओं की प्रतीक्षा है।