रानी इंद्रजीत कौर और पुत्रवधु पर जमीन धोखाधड़ी का आरोप 10 एकड़ जमीन के फर्जी दस्तावेज बनाने का प्रयास किया गया
वारदात कैसे हुई और कैसे खुला राज
रानी इंद्रजीत कौर और पुत्रवधु पर जमीन धोखाधड़ी का आरोप
10 एकड़ जमीन के फर्जी दस्तावेज बनाने का प्रयास किया गया
दिल्ली हाईकोर्ट के वकील अभिमन्यु चौधरी ने मामला दर्ज कराया
जींद की रामबीर कॉलोनी निवासी व दिल्ली हाईकोर्ट में वकील अभिमन्यु चौधरी ने शहर थाना पुलिस को दी शिकायत में कहा कि उनकी अपोलो रोड पर करीब 10 एकड़ जमीन है। इस जमीन पर उनका कब्जा भी है।
कुछ लोगों ने भू-अभिलेख रिकॉर्ड से छेड़छाड़ करके उनकी जमीन हड़पने का प्रयास किया है। चौधरी ने कहा कि उनके दादा बलदेव सिंह ने 1965 में 50 कनाल दो मरला का एक फार्म हाउस खरीदा था। अब यह प्रॉपर्टी उनकी तीसरी पीढ़ी के नाम आ चुकी है।
पुलिस जांच व बरामदगी: क्या आया सामने
- •रानी इंद्रजीत कौर और पुत्रवधु पर जमीन धोखाधड़ी का आरोप
- •10 एकड़ जमीन के फर्जी दस्तावेज बनाने का प्रयास किया गया
- •दिल्ली हाईकोर्ट के वकील अभिमन्यु चौधरी ने मामला दर्ज कराया
- •जींद की रामबीर कॉलोनी निवासी व दिल्ली हाईकोर्ट में वकील अभिमन्यु चौधरी ने शहर थाना पुलिस को दी शिकायत में कहा कि उनकी अपोलो रोड पर करीब 10 एकड़ जमीन है। इस जमीन पर उनका कब्जा भी है।
- •कुछ लोगों ने भू-अभिलेख रिकॉर्ड से छेड़छाड़ करके उनकी जमीन हड़पने का प्रयास किया है। चौधरी ने कहा कि उनके दादा बलदेव सिंह ने 1965 में 50 कनाल दो मरला का एक फार्म हाउस खरीदा था। अब यह प्रॉपर्टी उनकी तीसरी पीढ़ी के नाम आ चुकी है।
- •इस समय इस जमीन के मालिक उसकी मां सुधा चौधरी व बड़े भाई अभिजीत सिंह हैं। चौधरी ने कहा कि जब उसने हरियाणा सरकार की वेबसाइट पर अपनी जमीन की नौ प्रॉपर्टी आइडी और नक्शा चेक किया तो उनकी जमीन के खसरा नंबर 65/58 की जगह खसरा नंबर 65/13 अंकित किया गया।
- •वहीं उनकी जमीन को 50 कनाल दो मरला से घटाकर 18 कनाल 15 मरला कर दिया गया। इस दौरान जमीन की लोकेशन भी बदल दी गई। उनके परिवार का खसरा नंबर 65/58 घटाया गया, वहीं दूसरे खसरा नंबर (64/26/3/2) का क्षेत्रफल 79 कनाल 19 मरला से बढ़ाकर सीधे 115 कनाल 13 मरला कर दिया गया। अभिमन्यु चौधरी ने आरोप लगाए कि रिकॉर्ड से जानबूझकर छेड़छाड़ की गई है।
- •एक साथ लगती दो प्रॉपर्टी हैं। खसरा नंबर 65 शिकायतकर्ता और 64 उनका है। हमने नगर परिषद में खसरा नंबर 64 की आइडी के लिए आवेदन किया था। सेटेलाइट से फोटो लेते समय कंप्यूटर ने 65 की लोकेशन उठा ली। इसी कारण यह प्रॉपर्टी आइडी उनके नाम चढ़ गई। अब फिर से इससे हमारा नाम हट चुका है। -रानी इंद्रजीत कौर
- •वहीं, सचिव नगर परिषद सुमति दहिया ने कहा कि दो पार्टियों की आपसी बातचीत चल रही थी। एक पार्टी ने अपनी जमाबंदी जमा करवा दी। हमने प्रापर्टी आइडी पर उस पार्टी का नाम चढ़ा दिया। कुछ दिन बाद दूसरी पार्टी ने भी अपने कागजात प्रस्तुत कर दिए। इसके बाद हमने प्रापर्टी आइडी से नाम हटा दिया। इसके बाद राजस्व विभाग को इस बारे में लिख दिया था। इससे हमारे कोई लेनादेना नहीं है।
कानूनी कार्रवाई और आरोपियों की वर्तमान स्थिति
इस समय इस जमीन के मालिक उसकी मां सुधा चौधरी व बड़े भाई अभिजीत सिंह हैं। चौधरी ने कहा कि जब उसने हरियाणा सरकार की वेबसाइट पर अपनी जमीन की नौ प्रॉपर्टी आइडी और नक्शा चेक किया तो उनकी जमीन के खसरा नंबर 65/58 की जगह खसरा नंबर 65/13 अंकित किया गया।
वहीं उनकी जमीन को 50 कनाल दो मरला से घटाकर 18 कनाल 15 मरला कर दिया गया। इस दौरान जमीन की लोकेशन भी बदल दी गई। उनके परिवार का खसरा नंबर 65/58 घटाया गया, वहीं दूसरे खसरा नंबर (64/26/3/2) का क्षेत्रफल 79 कनाल 19 मरला से बढ़ाकर सीधे 115 कनाल 13 मरला कर दिया गया। अभिमन्यु चौधरी ने आरोप लगाए कि रिकॉर्ड से जानबूझकर छेड़छाड़ की गई है।
एक साथ लगती दो प्रॉपर्टी हैं। खसरा नंबर 65 शिकायतकर्ता और 64 उनका है। हमने नगर परिषद में खसरा नंबर 64 की आइडी के लिए आवेदन किया था। सेटेलाइट से फोटो लेते समय कंप्यूटर ने 65 की लोकेशन उठा ली। इसी कारण यह प्रॉपर्टी आइडी उनके नाम चढ़ गई। अब फिर से इससे हमारा नाम हट चुका है। -रानी इंद्रजीत कौर
वहीं, सचिव नगर परिषद सुमति दहिया ने कहा कि दो पार्टियों की आपसी बातचीत चल रही थी। एक पार्टी ने अपनी जमाबंदी जमा करवा दी। हमने प्रापर्टी आइडी पर उस पार्टी का नाम चढ़ा दिया। कुछ दिन बाद दूसरी पार्टी ने भी अपने कागजात प्रस्तुत कर दिए। इसके बाद हमने प्रापर्टी आइडी से नाम हटा दिया। इसके बाद राजस्व विभाग को इस बारे में लिख दिया था। इससे हमारे कोई लेनादेना नहीं है।
ताजा स्थिति व आगे का अपडेट
विशेषज्ञों और पर्यवेक्षकों के अनुसार इस कदम के महत्वपूर्ण परिणाम सामने आ सकते हैं। आगे की आधिकारिक घोषणाओं की प्रतीक्षा है।
पूरी खबर, विस्तृत घटनाक्रम और विश्लेषण पढ़ने के लिए क्लिक करें