किश्तवाड़ के छत्रू क्षेत्र में हुए आतंकी हमले की साजिश पाकिस्तान में रचे जाने का उल्लेख करते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शुक्रवार को 535 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया है। किश्तवाड़ के छत्रू क्षेत्र में हुए आतंकी हमले की साजिश पाकिस्तान में रचे जाने का उल्लेख करते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शुक्रवार को 535 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया है। जम्मू स्थित एनआईए की विशेष अदालत में दाखिल आरोपपत्र में गिरफ्तार आरोपी मनीर अहमद और मारे गए तीन पाकिस्तानी आतंकियों को आरोपी बनाया गया है। मनीर पर आतंकियों को शरण देने और छिपाने का आरोप है। मामला 22 फरवरी 2026 का है। किश्तवाड़ जिले के छत्रू क्षेत्र के वानी मोहल्ला, पासेर कोटे में आतंकियों ने हमला कर दिया था। एनआईए के अनुसार, करीब पांच महीने की जांच में हमले की साजिश, आतंकियों की भूमिका और उन्हें मदद पहुंचाने के पहलुओं की पड़ताल की गई। मनीर अहमद के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। वहीं, आतंकियों के खिलाफ भारत के विरुद्ध युद्ध छेड़ने और साजिश रचने की धाराएं हैं। जैश कमांडर सैफुल्ला के नेतृत्व में आए थे तीन आतंकी एनआईए के मुताबिक, हमले में शामिल तीन आतंकियों का नेतृत्व पाकिस्तानी नागरिक और प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का कमांडर सैफुल्ला कर रहा था। उसे सैफुल्ला कश्मीरी, अतीक नजीर और अतीक उर रहमान जैसे उपनामों से भी जाना जाता था। वह जैश से जुड़े कश्मीर टाइगर्स (अजरैल ग्रुप) से जुड़ा था। हमले के दौरान सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में तीनों आतंकी मारे गए थे। एजेंसी के अनुसार, किश्तवाड़ के ऊपरी पहाड़ी इलाकों में सक्रिय इस समूह पर सुरक्षा बलों के जवानों और स्थानीय लोगों की हत्या सहित कई हमलों में शामिल होने का आरोप है। जांच में मनीर अहमद की ओर से इस समूह को कथित तौर पर मदद पहुंचाने की भूमिका भी सामने आई है। एनआईए ने आरोपपत्र में जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की भूमिका का ब्योरा दिया है। एजेंसी ने कहा है कि मामले में आगे की जांच जारी है।

वारदात कैसे हुई और कैसे खुला राज

किश्तवाड़ के छत्रू क्षेत्र में हुए आतंकी हमले की साजिश पाकिस्तान में रचे जाने का उल्लेख करते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शुक्रवार को 535 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया है।

किश्तवाड़ के छत्रू क्षेत्र में हुए आतंकी हमले की साजिश पाकिस्तान में रचे जाने का उल्लेख करते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शुक्रवार को 535 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया है। जम्मू स्थित एनआईए की विशेष अदालत में दाखिल आरोपपत्र में गिरफ्तार आरोपी मनीर अहमद और मारे गए तीन पाकिस्तानी आतंकियों को आरोपी बनाया गया है। मनीर पर आतंकियों को शरण देने और छिपाने का आरोप है। मामला 22 फरवरी 2026 का है। किश्तवाड़ जिले के छत्रू क्षेत्र के वानी मोहल्ला, पासेर कोटे में आतंकियों ने हमला कर दिया था। एनआईए के अनुसार, करीब पांच महीने की जांच में हमले की साजिश, आतंकियों की भूमिका और उन्हें मदद पहुंचाने के पहलुओं की पड़ताल की गई। मनीर अहमद के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। वहीं, आतंकियों के खिलाफ भारत के विरुद्ध युद्ध छेड़ने और साजिश रचने की धाराएं हैं। जैश कमांडर सैफुल्ला के नेतृत्व में आए थे तीन आतंकी एनआईए के मुताबिक, हमले में शामिल तीन आतंकियों का नेतृत्व पाकिस्तानी नागरिक और प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का कमांडर सैफुल्ला कर रहा था। उसे सैफुल्ला कश्मीरी, अतीक नजीर और अतीक उर रहमान जैसे उपनामों से भी जाना जाता था। वह जैश से जुड़े कश्मीर टाइगर्स (अजरैल ग्रुप) से जुड़ा था। हमले के दौरान सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में तीनों आतंकी मारे गए थे। एजेंसी के अनुसार, किश्तवाड़ के ऊपरी पहाड़ी इलाकों में सक्रिय इस समूह पर सुरक्षा बलों के जवानों और स्थानीय लोगों की हत्या सहित कई हमलों में शामिल होने का आरोप है। जांच में मनीर अहमद की ओर से इस समूह को कथित तौर पर मदद पहुंचाने की भूमिका भी सामने आई है। एनआईए ने आरोपपत्र में जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की भूमिका का ब्योरा दिया है। एजेंसी ने कहा है कि मामले में आगे की जांच जारी है।

पुलिस जांच व बरामदगी: क्या आया सामने

  • •किश्तवाड़ के छत्रू क्षेत्र में हुए आतंकी हमले की साजिश पाकिस्तान में रचे जाने का उल्लेख करते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शुक्रवार को 535 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया है।
  • •किश्तवाड़ के छत्रू क्षेत्र में हुए आतंकी हमले की साजिश पाकिस्तान में रचे जाने का उल्लेख करते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शुक्रवार को 535 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया है। जम्मू स्थित एनआईए की विशेष अदालत में दाखिल आरोपपत्र में गिरफ्तार आरोपी मनीर अहमद और मारे गए तीन पाकिस्तानी आतंकियों को आरोपी बनाया गया है। मनीर पर आतंकियों को शरण देने और छिपाने का आरोप है। मामला 22 फरवरी 2026 का है। किश्तवाड़ जिले के छत्रू क्षेत्र के वानी मोहल्ला, पासेर कोटे में आतंकियों ने हमला कर दिया था। एनआईए के अनुसार, करीब पांच महीने की जांच में हमले की साजिश, आतंकियों की भूमिका और उन्हें मदद पहुंचाने के पहलुओं की पड़ताल की गई। मनीर अहमद के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। वहीं, आतंकियों के खिलाफ भारत के विरुद्ध युद्ध छेड़ने और साजिश रचने की धाराएं हैं। जैश कमांडर सैफुल्ला के नेतृत्व में आए थे तीन आतंकी एनआईए के मुताबिक, हमले में शामिल तीन आतंकियों का नेतृत्व पाकिस्तानी नागरिक और प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का कमांडर सैफुल्ला कर रहा था। उसे सैफुल्ला कश्मीरी, अतीक नजीर और अतीक उर रहमान जैसे उपनामों से भी जाना जाता था। वह जैश से जुड़े कश्मीर टाइगर्स (अजरैल ग्रुप) से जुड़ा था। हमले के दौरान सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में तीनों आतंकी मारे गए थे। एजेंसी के अनुसार, किश्तवाड़ के ऊपरी पहाड़ी इलाकों में सक्रिय इस समूह पर सुरक्षा बलों के जवानों और स्थानीय लोगों की हत्या सहित कई हमलों में शामिल होने का आरोप है। जांच में मनीर अहमद की ओर से इस समूह को कथित तौर पर मदद पहुंचाने की भूमिका भी सामने आई है। एनआईए ने आरोपपत्र में जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की भूमिका का ब्योरा दिया है। एजेंसी ने कहा है कि मामले में आगे की जांच जारी है।

ताजा स्थिति व आगे का अपडेट

विशेषज्ञों और पर्यवेक्षकों के अनुसार इस कदम के महत्वपूर्ण परिणाम सामने आ सकते हैं। आगे की आधिकारिक घोषणाओं की प्रतीक्षा है।