सम्मेलन में महिलाओं और किशोरियों को महिला सुरक्षा, साइबर अपराधों से बचाव, घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न और बाल विवाह निषेध के बारे में जानकारी दी गई। इसके साथ ही शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और महिला सुरक्षा से जुड़ी हेल्पलाइन सेवाओं के बारे में भी बताया गया। कार्यक्रम में महिला हेल्पलाइन नंबर 1090 और 181, आपातकालीन सेवा 112, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076, साइबर हेल्पलाइन 1930 तथा चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 की जानकारी दी गई। महिलाओं और किशोरियों को जरूरत पड़ने पर इन सेवाओं का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।
घटना कैसे हुई और क्या है पूरा मामला
सम्मेलन में महिलाओं और किशोरियों को महिला सुरक्षा, साइबर अपराधों से बचाव, घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न और बाल विवाह निषेध के बारे में जानकारी दी गई। इसके साथ ही शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और महिला सुरक्षा से जुड़ी हेल्पलाइन सेवाओं के बारे में भी बताया गया।
कार्यक्रम में महिला हेल्पलाइन नंबर 1090 और 181, आपातकालीन सेवा 112, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076, साइबर हेल्पलाइन 1930 तथा चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 की जानकारी दी गई। महिलाओं और किशोरियों को जरूरत पड़ने पर इन सेवाओं का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।
मुख्य पुष्ट तथ्य और जांच के अहम बिंदु
- •सम्मेलन में महिलाओं और किशोरियों को महिला सुरक्षा, साइबर अपराधों से बचाव, घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न और बाल विवाह निषेध के बारे में जानकारी दी गई। इसके साथ ही शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और महिला सुरक्षा से जुड़ी हेल्पलाइन सेवाओं के बारे में भी बताया गया।
- •कार्यक्रम में महिला हेल्पलाइन नंबर 1090 और 181, आपातकालीन सेवा 112, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076, साइबर हेल्पलाइन 1930 तथा चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 की जानकारी दी गई। महिलाओं और किशोरियों को जरूरत पड़ने पर इन सेवाओं का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।
ताजा स्थिति व आगे का अपडेट
विशेषज्ञों और पर्यवेक्षकों के अनुसार इस कदम के महत्वपूर्ण परिणाम सामने आ सकते हैं। आगे की आधिकारिक घोषणाओं की प्रतीक्षा है।



