बदले मौसम के बीच रोहतांग दर्रे समेत ऊंची पहाड़ियों पर बर्फबारी से चोटियां सफेद हो गई हैं, वहीं कुल्लू और चंबा में बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कुल्लू के सैंज क्षेत्र और चंबा के चुराह उपमंडल में ओलों से मटर व मक्की की फसल को नुकसान पहुंचा है। चुराह में प्रारंभिक अनुमान के अनुसार मटर की 50 से 80 फीसदी फसल प्रभावित हुई है। राजधानी शिमला के कुछ इलाकों में बारिश हुई। उधर, मौसम में आए बदलाव से प्रदेश के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। मैदानी जिलों में अधिकतम तापमान में करीब चार डिग्री और अन्य क्षेत्रों में सात डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई है। इससे प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम पहले के मुकाबले ठंडा हो गया है। भारी बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेरा उधर, खराब मौसम के बीच सिउंड से रैला सड़क भूस्खलन के कारण अवरुद्ध रही। इससे स्थानीय लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई। चंबा जिले के चुराह उपमंडल में भारी बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। बैरागढ़, देवीकोठी, घुलेई-टेपा और ग्राम पंचायत खजुआ सहित कई क्षेत्रों में ओले गिरने से मटर और मक्की की फसल प्रभावित हुई है। प्रदेश के सभी जिलों में मौसम का असर एक जैसा नहीं रहा। हमीरपुर, ऊना, कांगड़ा और मंडी में मौसम सामान्य बना रहा।
मौसम का ताजा हाल: किन इलाकों में दिखा बड़ा असर?
बदले मौसम के बीच रोहतांग दर्रे समेत ऊंची पहाड़ियों पर बर्फबारी से चोटियां सफेद हो गई हैं, वहीं कुल्लू और चंबा में बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कुल्लू के सैंज क्षेत्र और चंबा के चुराह उपमंडल में ओलों से मटर व मक्की की फसल को नुकसान पहुंचा है। चुराह में प्रारंभिक अनुमान के अनुसार मटर की 50 से 80 फीसदी फसल प्रभावित हुई है। राजधानी शिमला के कुछ इलाकों में बारिश हुई। उधर, मौसम में आए बदलाव से प्रदेश के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। मैदानी जिलों में अधिकतम तापमान में करीब चार डिग्री और अन्य क्षेत्रों में सात डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई है। इससे प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम पहले के मुकाबले ठंडा हो गया है।
भारी बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेरा उधर, खराब मौसम के बीच सिउंड से रैला सड़क भूस्खलन के कारण अवरुद्ध रही। इससे स्थानीय लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई। चंबा जिले के चुराह उपमंडल में भारी बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। बैरागढ़, देवीकोठी, घुलेई-टेपा और ग्राम पंचायत खजुआ सहित कई क्षेत्रों में ओले गिरने से मटर और मक्की की फसल प्रभावित हुई है। प्रदेश के सभी जिलों में मौसम का असर एक जैसा नहीं रहा। हमीरपुर, ऊना, कांगड़ा और मंडी में मौसम सामान्य बना रहा।
13 अक्तूबर तक मौसम खराब रहने की संभावना मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश में 13 अक्तूबर तक मौसम खराब रहने की संभावना है। इस दौरान कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी के आसार हैं। कुछ स्थानों पर अंधड़ और बिजली चमकने की चेतावनी भी जारी की गई है। मौसम केंद्र शिमला के पूर्वानुमान के मुताबिक शनिवार को भी कई क्षेत्रों में बारिश के आसार हैं। 10, 11 और 12 अक्तूबर के लिए राज्य स्तर पर कोई विशेष चेतावनी नहीं दी गई है। हालांकि, 13 अक्तूबर को कांगड़ा, मंडी और सिरमौर के कुछ स्थानों पर बारिश और अंधड़ का येलो अलर्ट जारी हुआ है।
अधिकतम तापमान(डिग्री सेल्सियस में) ऊना 31.4 कांगड़ा 29.5 बिलासपुर 29.0 चंबा 27.1 नाहन 26.7 सोलन 26.0 धर्मशाला 26.0 मनाली 20.8 शिमला 19.2
तापमान, बारिश और मौसम विभाग के आंकड़े
- •बदले मौसम के बीच रोहतांग दर्रे समेत ऊंची पहाड़ियों पर बर्फबारी से चोटियां सफेद हो गई हैं, वहीं कुल्लू और चंबा में बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कुल्लू के सैंज क्षेत्र और चंबा के चुराह उपमंडल में ओलों से मटर व मक्की की फसल को नुकसान पहुंचा है। चुराह में प्रारंभिक अनुमान के अनुसार मटर की 50 से 80 फीसदी फसल प्रभावित हुई है। राजधानी शिमला के कुछ इलाकों में बारिश हुई। उधर, मौसम में आए बदलाव से प्रदेश के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। मैदानी जिलों में अधिकतम तापमान में करीब चार डिग्री और अन्य क्षेत्रों में सात डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई है। इससे प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम पहले के मुकाबले ठंडा हो गया है।
- •भारी बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेरा उधर, खराब मौसम के बीच सिउंड से रैला सड़क भूस्खलन के कारण अवरुद्ध रही। इससे स्थानीय लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई। चंबा जिले के चुराह उपमंडल में भारी बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। बैरागढ़, देवीकोठी, घुलेई-टेपा और ग्राम पंचायत खजुआ सहित कई क्षेत्रों में ओले गिरने से मटर और मक्की की फसल प्रभावित हुई है। प्रदेश के सभी जिलों में मौसम का असर एक जैसा नहीं रहा। हमीरपुर, ऊना, कांगड़ा और मंडी में मौसम सामान्य बना रहा।
- •13 अक्तूबर तक मौसम खराब रहने की संभावना मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश में 13 अक्तूबर तक मौसम खराब रहने की संभावना है। इस दौरान कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी के आसार हैं। कुछ स्थानों पर अंधड़ और बिजली चमकने की चेतावनी भी जारी की गई है। मौसम केंद्र शिमला के पूर्वानुमान के मुताबिक शनिवार को भी कई क्षेत्रों में बारिश के आसार हैं। 10, 11 और 12 अक्तूबर के लिए राज्य स्तर पर कोई विशेष चेतावनी नहीं दी गई है। हालांकि, 13 अक्तूबर को कांगड़ा, मंडी और सिरमौर के कुछ स्थानों पर बारिश और अंधड़ का येलो अलर्ट जारी हुआ है।
- •अधिकतम तापमान(डिग्री सेल्सियस में) ऊना 31.4 कांगड़ा 29.5 बिलासपुर 29.0 चंबा 27.1 नाहन 26.7 सोलन 26.0 धर्मशाला 26.0 मनाली 20.8 शिमला 19.2
ताजा स्थिति व आगे का अपडेट
इस विकास का सीधा प्रभाव संबंधित क्षेत्र और हितधारकों पर देखा जा रहा है। घटनाक्रम पर पैनी नजर बनी हुई है।


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