17 साल की उम्र में नौकरी, 19 में कंपनी और 24 में अपने बलबूते दुनिया के सबसे युवा अरबपति का खिताब-यह सब एलेक्जेंडर वांग के डाटा के प्रति गहरे जुनून का ही नतीजा है। एमआईटी की पढ़ाई बीच में ही छोड़कर 'स्केल एआई' जैसी दिग्गज कंपनी खड़ी करने वाले वांग मेटा के शीर्ष नेतृत्व में शामिल होने वाले पहले जेन-जी एग्जीक्यूटिव बने। एलेक्जेंडर वांग का जन्म 19 जनवरी, 1997 को अमेरिका के न्यू मेक्सिको में हुआ था। उनके माता-पिता चीनी मूल के भौतिक विज्ञानी थे। उन्होंने लॉस अलामोस हाई स्कूल से पढ़ाई की और गणित व भौतिकी ओलंपियाड में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इसके बाद एमआईटी में गणित और कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई शुरू की, लेकिन एक साल बाद छोड़ दी। महज 17 साल की उम्र में ही वांग ने एडेपर, क्वोरा और हडसन रिवर ट्रेडिंग जैसी कंपनियों में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में काम किया। क्वोरा में उनकी मुलाकात लूसी गुओ से हुई। वर्ष 2016 में, 19 साल की उम्र में, उन्होंने गुओ के साथ मिलकर स्केल एआई की स्थापना की। हालांकि, 2018 में गुओ ने मतभेदों के चलते कंपनी छोड़ दी। वांग के दो बड़े भाई भी हैं।

नए फीचर्स और तकनीकी बदलाव: क्या है खास?

17 साल की उम्र में नौकरी, 19 में कंपनी और 24 में अपने बलबूते दुनिया के सबसे युवा अरबपति का खिताब-यह सब एलेक्जेंडर वांग के डाटा के प्रति गहरे जुनून का ही नतीजा है। एमआईटी की पढ़ाई बीच में ही छोड़कर 'स्केल एआई' जैसी दिग्गज कंपनी खड़ी करने वाले वांग मेटा के शीर्ष नेतृत्व में शामिल होने वाले पहले जेन-जी एग्जीक्यूटिव बने।

एलेक्जेंडर वांग का जन्म 19 जनवरी, 1997 को अमेरिका के न्यू मेक्सिको में हुआ था। उनके माता-पिता चीनी मूल के भौतिक विज्ञानी थे। उन्होंने लॉस अलामोस हाई स्कूल से पढ़ाई की और गणित व भौतिकी ओलंपियाड में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इसके बाद एमआईटी में गणित और कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई शुरू की, लेकिन एक साल बाद छोड़ दी। महज 17 साल की उम्र में ही वांग ने एडेपर, क्वोरा और हडसन रिवर ट्रेडिंग जैसी कंपनियों में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में काम किया। क्वोरा में उनकी मुलाकात लूसी गुओ से हुई। वर्ष 2016 में, 19 साल की उम्र में, उन्होंने गुओ के साथ मिलकर स्केल एआई की स्थापना की। हालांकि, 2018 में गुओ ने मतभेदों के चलते कंपनी छोड़ दी। वांग के दो बड़े भाई भी हैं।

एलेक्जेंडर वांग के नाम की अंग्रेजी वर्तनी में आखिरी ‘ई’ नहीं है। इसके पीछे उनके माता-पिता की एक खास सोच थी। दरअसल, चीनी संस्कृति में आठ अंक को धन, समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है। इसलिए, उन्होंने वांग के नाम की वर्तनी इस तरह रखी कि उसमें कुल आठ अक्षर हों। वांग को बचपन से ही गणित में गहरी रुचि थी। छठी कक्षा में उन्होंने पहली बार गणित की प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। दिलचस्प बात यह है कि उनका मकसद गणित में अपनी प्रतिभा साबित करना नहीं, बल्कि इनाम में डिज्नीलैंड की मुफ्त यात्रा जीतना था। वह प्रतियोगिता जीत गए और यहीं से प्रतियोगी गणित के प्रति उनकी दिलचस्पी बढ़ने लगी। वांग मेटा के शीर्ष नेतृत्व में शामिल होने वाले जनरेशन जेड (जेन जी) के पहले एग्जीक्यूटिव भी हैं। वह अंग्रेजी के अलावा मंदारिन (चीनी) और स्पैनिश भाषा में भी संवाद कर सकते हैं।

ये भी पढ़ें: ओपनएआई से तीन सुरक्षा शोधकर्ता बाहर: हगिंग फेस हैकिंग की जांच के बाद एक्शन; सुरक्षा पर सवाल उठाना पड़ा भारी?

स्पेसिफिकेशंस और मुख्य आंकड़े

  • •17 साल की उम्र में नौकरी, 19 में कंपनी और 24 में अपने बलबूते दुनिया के सबसे युवा अरबपति का खिताब-यह सब एलेक्जेंडर वांग के डाटा के प्रति गहरे जुनून का ही नतीजा है। एमआईटी की पढ़ाई बीच में ही छोड़कर 'स्केल एआई' जैसी दिग्गज कंपनी खड़ी करने वाले वांग मेटा के शीर्ष नेतृत्व में शामिल होने वाले पहले जेन-जी एग्जीक्यूटिव बने।
  • •एलेक्जेंडर वांग का जन्म 19 जनवरी, 1997 को अमेरिका के न्यू मेक्सिको में हुआ था। उनके माता-पिता चीनी मूल के भौतिक विज्ञानी थे। उन्होंने लॉस अलामोस हाई स्कूल से पढ़ाई की और गणित व भौतिकी ओलंपियाड में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इसके बाद एमआईटी में गणित और कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई शुरू की, लेकिन एक साल बाद छोड़ दी। महज 17 साल की उम्र में ही वांग ने एडेपर, क्वोरा और हडसन रिवर ट्रेडिंग जैसी कंपनियों में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में काम किया। क्वोरा में उनकी मुलाकात लूसी गुओ से हुई। वर्ष 2016 में, 19 साल की उम्र में, उन्होंने गुओ के साथ मिलकर स्केल एआई की स्थापना की। हालांकि, 2018 में गुओ ने मतभेदों के चलते कंपनी छोड़ दी। वांग के दो बड़े भाई भी हैं।
  • •एलेक्जेंडर वांग के नाम की अंग्रेजी वर्तनी में आखिरी ‘ई’ नहीं है। इसके पीछे उनके माता-पिता की एक खास सोच थी। दरअसल, चीनी संस्कृति में आठ अंक को धन, समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है। इसलिए, उन्होंने वांग के नाम की वर्तनी इस तरह रखी कि उसमें कुल आठ अक्षर हों। वांग को बचपन से ही गणित में गहरी रुचि थी। छठी कक्षा में उन्होंने पहली बार गणित की प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। दिलचस्प बात यह है कि उनका मकसद गणित में अपनी प्रतिभा साबित करना नहीं, बल्कि इनाम में डिज्नीलैंड की मुफ्त यात्रा जीतना था। वह प्रतियोगिता जीत गए और यहीं से प्रतियोगी गणित के प्रति उनकी दिलचस्पी बढ़ने लगी। वांग मेटा के शीर्ष नेतृत्व में शामिल होने वाले जनरेशन जेड (जेन जी) के पहले एग्जीक्यूटिव भी हैं। वह अंग्रेजी के अलावा मंदारिन (चीनी) और स्पैनिश भाषा में भी संवाद कर सकते हैं।
  • •ये भी पढ़ें: ओपनएआई से तीन सुरक्षा शोधकर्ता बाहर: हगिंग फेस हैकिंग की जांच के बाद एक्शन; सुरक्षा पर सवाल उठाना पड़ा भारी?

ताजा स्थिति व आगे का अपडेट

संबंधित विभाग और जांच एजेंसियां मामले के सभी पहलुओं का अध्ययन कर रही हैं। किसी भी नए आधिकारिक अपडेट की पुष्टि होते ही जानकारी साझा की जाएगी।